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411 समाचार
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श्योपुर ज़िला

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श्‍योपुर मध्य प्रदेश चंबल श्योपुर MP Sheopur district map.svg 6606 ६८७,९९२Districts of India - Madhya Pradesh http://india.gov.in/knowindia/districts/andhra1.php?stateid=MP india.gov.in website 4 फरवरी 2011 https://web.archive.org/web/20110205124839/http://india.gov.in/knowindia/districts/andhra1.php?stateid=MP 5 फ़रवरी 2011 live २०११ 104 ५८.० ९०२ muraina http://sheopur.nic.in श्योपुर जिला मध्य भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक जिला है। यह राज्य के उत्तरी भाग में स्थित है और चंबल संभाग का हिस्सा है। राजस्थान की सीमा से लगे होने के कारण जिले की संस्कृति, भाषा और लोक परंपराओं पर राजस्थान का स्पष्ट प्रभाव देखा जा सकता है। जिले का प्रशासनिक मुख्यालय श्योपुर नगर है। अन्य प्रमुख नगरों और कस्बों में विजयपुर, कराहल तथा बड़ौदा शामिल हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार श्योपुर जिले की जनसंख्या 6,87,861 थी, जबकि इसका क्षेत्रफल लगभग 6,606 वर्ग किलोमीटर है।Districts of India - Madhya Pradesh http://india.gov.in/knowindia/districts/andhra1.php?stateid=MP india.gov.in website 4 फरवरी 2011 जनसंख्या की दृष्टि से यह मध्य प्रदेश के सबसे कम आबादी वाले जिलों में से एक है और हरदा ज़िला तथा उमरिया ज़िला के बाद राज्य का तीसरा सबसे कम जनसंख्या वाला जिला माना जाता है।2011 District Census Handbook: Sheopur https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/756/download/2674/DH_2011_2301_PART_A_DCHB_SHEOPUR.pdf भारत की जनगणना भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त श्योपुर को मध्य प्रदेश के प्रमुख आदिवासी बहुल जिलों में भी गिना जाता है और यह राज्य के 21 अनुसूचित जनजाति-प्रधान जिलों में से एक है।http://www.tribalportal.mp.nic.in/Payrolls/Public/List_of_TribalDistricts.aspx Tribal Districts, Government of Madhya Pradesh 27 नवंबर 2011 7 अगस्त 2018 https://web.archive.org/web/20180807065616/http://tribalportal.mp.nic.in/Payrolls/Public/List_of_TribalDistricts.aspx dead भूगोल श्योपुर जिला मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित चंबल संभाग का एक महत्वपूर्ण जिला है। इसकी सीमाएँ उत्तर में मुरैना ज़िला, पूर्व में ग्वालियर ज़िला, दक्षिण-पूर्व में शिवपुरी ज़िला तथा दक्षिण और उत्तर-पश्चिम में राजस्थान से मिलती हैं। जिले का भू-भाग मुख्यतः चंबल नदी की घाटियों और बीहड़ों से प्रभावित है। चंबल नदी जिले की उत्तर-पश्चिमी सीमा के साथ बहते हुए राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच प्राकृतिक सीमा का निर्माण करती है। इस क्षेत्र की विशिष्ट भू-आकृति गहरी कटी हुई घाटियों, बीहड़ों और अपरदित भूभाग से निर्मित है। चम्बल नदी के दक्षिण-पूर्व में एक विस्तृत पठारी क्षेत्र फैला हुआ है। यह पठार आगे चलकर जिले के पूर्वी भाग में वनाच्छादित पहाड़ियों की श्रृंखला में परिवर्तित हो जाता है। इसी वन क्षेत्र में कूनो राष्ट्रीय उद्यान (पूर्व में कूनो वन्यजीव अभयारण्य) स्थित है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और भारत की चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए प्रसिद्ध है। इतिहास श्योपुर तथा उसके किले का इतिहास मध्यकालीन और आधुनिक भारत की अनेक राजनीतिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है। परंपरा के अनुसार नगर और किले की स्थापना 1537 में इंद्र सिंह गौर ने की थी, जो जयपुर से संबद्ध गौर राजपूतों के सामंत थे। इस क्षेत्र का प्रारंभिक ऐतिहासिक उल्लेख नीमत उल्लाह के लेखन में मिलता है, जिसमें सिकंदर लोदी के एक सैन्य अभियान का वर्णन है। यह अभियान स्थानीय शासक राज डूंगर के समर्थन में चलाया गया था, जिन्होंने बाद में इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था। 16वीं शताब्दी में अकबर ने चित्तौड़गढ़ अभियान के दौरान इस क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लिया। इसके बाद श्योपुर को रणथंभौर सरकार के अंतर्गत एक महल (राजस्व एवं प्रशासनिक इकाई) का मुख्यालय बनाया गया। 1808 में दौलत राव सिंधिया ने श्योपुर पर अधिकार कर लिया और इसे अपने फ्रांसीसी मूल के सेनापति जीन बैप्टिस्ट फिलोज़ को जागीर के रूप में प्रदान किया। फिलोज़ ने किले में शेष बचे गौर राजपूतों को पराजित कर 1809 में उन्हें किला छोड़ने पर विवश कर दिया। सिंधिया शासन के दौरान श्योपुर एक महत्वपूर्ण टकसाल (मिंट) के रूप में भी कार्य करता था, जहाँ सिक्कों का निर्माण किया जाता था। जब फिलोज़ राघोगढ़ के शासक जय सिंह के क्षेत्र पर अभियान चला रहा था, तब जय सिंह ने अवसर का लाभ उठाकर श्योपुर किले और फिलोज़ के परिवार को अपने कब्जे में ले लिया। 1818 के बाद फिलोज़ पुनः श्योपुर लौटा और इसे अपनी जागीर के रूप में संचालित करता रहा। ब्रिटिश काल और रियासती युग में श्योपुर ग्वालियर राज्य का हिस्सा बना रहा। 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद यह भारत संघ में सम्मिलित हुआ। बाद में 1956 में राज्यों का पुनर्गठन 1956 के अंतर्गत ग्वालियर राज्य सहित अन्य क्षेत्रों का विलय मध्य प्रदेश में कर दिया गया। प्रशासनिक दृष्टि से वर्तमान श्योपुर जिला का गठन 1998 में मुरैना ज़िला से अलग करके किया गया था।http://shodhganga.inflibnet.ac.in:8080/jspui/bitstream/10603/14393/12/11_chapter%205.pdf shodhganga.inflibnet.ac.in Displacement from wildlife protected areas and its impact on poverty and livelihood security: a study of Kuno wildlife sanctuary, Madhya Pradesh - Chapter 5 Kabha, Asmita अर्थव्यवस्था 2006 में पंचायती राज मंत्रालय ने श्योपुर जिला को देश के 640 जिलों में से 250 सबसे पिछड़े जिलों की सूची में शामिल किया था। यह वर्गीकरण मुख्यतः सामाजिक-आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका संबंधी संकेतकों के आधार पर किया गया था। श्योपुर उन 24 जिलों में से एक था जिन्हें पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि कार्यक्रम (बीआरजीएफ) के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त होती थी।पंचायती राज मंत्रालय सितंबर 8, 2009 A Note on the Backward Regions Grant Fund Programme राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान http://www.nird.org.in/brgf/doc/brgf_BackgroundNote.pdf सितंबर 27, 2011 dead https://web.archive.org/web/20120405033402/http://www.nird.org.in/brgf/doc/brgf_BackgroundNote.pdf अप्रैल 5, 2012 इस कार्यक्रम का उद्देश्य अपेक्षाकृत अविकसित क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाना तथा क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना था। शैक्षणिक संस्थान शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पाली रोड पर स्थित है। श्‍योपुर में एक पॉलीटैक्निक कॉलेज भ्‍ाी है जो श्‍योपुर शिवपुरी बायपास पर स्थित है। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय विजयपुर। शासकीय औद्योगिक शिक्षण संस्थान विजयपुर आकर्षक स्थल कुनो वाइल्ड लाइफ सेंचुरी डोब कुंड मोरडूंगरी त्रिवेणी संगम पर स्थित रामेश्वर श्‍योपुर दुर्ग स्थित सहरिया जनजाति का संग्रालय विजयपुर का किला दर्शनीय स्थल ध्रुवकुंड उठनवाड के शिवनाथ निमोदा का मठ पनवारा देवी का मंदिर सिरोनी हनुमान मंदिर जल मंदिर बरौदा खेत्रपाल जैनी का मंदिर पार्वती माता मंदिर जाटखेडा छिम छिमा हनुमान मंदिर विजयपुर गुसाई जी महाराज मन्दिर ग्राम पंचायत पांडोली जगन्नाथ जी मंदिर बागल्दा : अहेली नदी के किनारे स्थित प्राचीन मंदिर है। श्रेणी:मध्य प्रदेश के जिले *