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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नसीम मिर्ज़ा चंगेज़ी

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नसीम मिर्ज़ा चंगेज़ी 200px पुरानी दिल्ली, ब्रिटिश भारत 1910 पुरानी दिल्ली, भारत 12 अप्रैल 2018 बिल्क़िस नसीम मिर्ज़ा चंगेज़ी (نسیم مرزا چنگیزی) (जन्म 1910 - मृत्यु 12 अप्रैल, 2018) City Obituary – Old Delhi’s Living Encyclopedia, Naseem Mirza Changezi, Dies at 108, 1910-2018 https://web.archive.org/web/20180617044019/http://www.thedelhiwalla.com/2018/04/12/city-obituary-old-delhis-living-encyclopedia-naseem-mirza-changezi-dies-at-108-1910-2018/ 17 जून 2018 The Delhi Walla, Published 22 April 2018, Retrieved 14 April 2018 नसीम मिर्जा एक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक स्वतंत्रता सेनानी व क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे। इन का कहना था की यह चंगेज ख़ान की संतानों में से थे। यह भी माना जाता था कि वह उनकी मृत्यु के समय भारत के सबसे पुराने जीवित व्यक्तियों में से एक थे। Young at 106: Mirza Changezi, the grand old man of Delhi's Walled City https://web.archive.org/web/20171226092842/http://www.hindustantimes.com/delhi-news/young-at-106-the-grand-old-man-of-the-walled-city/story-aq6iG28BhFaBfvvzJjOcGL.html 26 दिसंबर 2017 Hindustan Times (newspaper), Updated 29 May 2016, Retrieved 21 December 2017 इन का निवास पुरानी दिल्ली मे था। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा 2016 में, नसीम मिर्जा चेंज़ी ने 106 वर्ष का होने का दावा किया था। नसीम मिर्जा चेंज़ी मुगल सम्राट शाहजहां के समय से पुरानी दिल्ली में अपने परिवार की जड़ों का पता लगाते हैं जिन्होंने आगरा से अपनी राजधानी को 'पुरानी दिल्ली' क्षेत्र में स्थानांतरित करने का फैसला किया था और 1628 से 1658 तक भारत पर शासन किया था। 'पुरानी दिल्ली' को तब शाहजहानाबाद के नाम से जाना जाता था। मिर्जा नसीम कहते हैं कि उनके पूर्वजों और परिवार अब कई पीढ़ियों के लिए क्षेत्र में रह रहे हैं। वह ऐतिहासिक ' एंग्लो अरबी कॉलेज में शिक्षित थे जिसे अब जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज कहा जाता है। वर्षों से, उन्होंने उर्दू भाषा और फारसी भाषा में बड़ी संख्या में किताबें एकत्र की हैं। पारिवारिक जीवन 2016 में, वह अभी भी अपनी 90 वर्षीय पत्नी अम्ना खानुम और पुरानी दिल्ली क्षेत्र में 60 वर्षीय बेटे मिर्जा सिकंदर बेग चंगेजी के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी और बेटे दोनों ने उनका खूब खयाल रखा। उनके सबसे छोटे बेटे मिर्जा तारिक बेग कराची, पाकिस्तान में रहते हैं। श्री चंगेजी की सात बेटियां और दो बेटे थे। उनमें से कई अभी भी पुरानी दिल्ली क्षेत्र में रहते हैं। उनके पास कुल 20 पोते थे। भगत सिंह के साथ एसोसिएशन उन्होंने 1929 में क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह से मुलाकात की। एक कांग्रेस नेता ने उन्हें देखने के लिए भगत सिंह को भेजा था। भगत सिंह ने उन्हें केंद्रीय विधान सभा पर बम लगाने के अपने इरादे से कहा और छिपाने के लिए 'सुरक्षित घर' खोजने में उनकी मदद मांगी। उन्होंने भगत सिंह की मदद की और फिर खुद को ख़तरा होने की वजह से नसीम स्वयं ग्वालियर में छिपने के लिए गए और भगत सिंग ने अंततः अपना मिशन पूरा किया। http://www.thedelhiwalla.com/2016/10/24/the-biographical-dictionary-of-delhi-naseem-mirza-changezi-b-old-delhi-1910/comment-page-1/ The Biographical Dictionary Of Delhi – Naseem Mirza Changezi , Born Old Delhi, 1910 – The Delhi Walla Thedelhiwalla.com website 24 October 2016 21 December 2017 https://web.archive.org/web/20171222053440/http://www.thedelhiwalla.com/2016/10/24/the-biographical-dictionary-of-delhi-naseem-mirza-changezi-b-old-delhi-1910/comment-page-1/ 22 दिसंबर 2017 live स्मारक बस्ट का अनावरण मार्च 2016 में, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में प्रसिद्ध शहीदों के तीन चित्रों का अनावरण किया जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन - भगत सिंह, जय राजगुरु और सुखदेव के साथ क्रांती मे अपना जीवन दिया। आधिकारिक समारोह में सभा को संबोधित करने के लिए नसीम मिर्जा चंगेजी का चयन किया गया था। उन्होंने टिप्पणी की कि शहीद भगत सिंह भारत में सभी धर्मों और संप्रदायों को एकता में एक साथ रहने के लिए चाहते थे। Bhagat Singh wanted all religions, sects to coexist: Naseem Mirza Changezi https://web.archive.org/web/20171222053013/http://indianexpress.com/article/cities/delhi/bhagat-singh-wanted-all-religions-sects-to-coexist-naseem-mirza-changezi/ 22 दिसंबर 2017 The Indian Express (newspaper), Published 24 March 2016, Retrieved 21 December 2017 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की क्रांती में सभी लोगों ने बढ चढ कर हिस्सा लिया अपने प्राणों का बलिदान दिया था। विरासत अपने जीवनकाल में नसीम चंगेज़ी ने दावा किया कि भारतीय और विश्व इतिहास में कई घटनाएं देखी गई हैं - पहला विश्व युद्ध, जालियांवाला बाग़ नरसंहार, सत्याग्रह (अहिंसक प्रतिरोध), खिलाफत आंदोलन, नई दिल्ली का निर्माण, द्वितीय विश्व युद्ध, भारत छोड़ो आंदोलन और अंत में भारत की आजादी कुछ लोगों ने उन्हें 'भारत का जीवित विश्वकोश' कहा है। इनके बारे में दुनिया को उस वक्त पता चला जब उनकी जीवन कहानी कई समाचार पत्रों द्वारा कवर की गई है और इसमें कई टीवी वृत्तचित्रियां बनाई गई हैं। इन्हें भी देखें भगत सिंह सन्दर्भ श्रेणी:1910 में जन्मे लोग श्रेणी:२०१८ में निधन श्रेणी:भारतीय क्रांतिकारी श्रेणी:भारतीय शताब्दी भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता का क्रांतिकारी आंदोलन श्रेणी:भारतीय मुस्लिम श्रेणी: ब्रिटिश भारत के लोग श्रेणी:उत्तर प्रदेश के लोग