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संगणक
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2 / 2 / 2 300 Babbage Difference Engine (Setting the input parameters).jpg प्रवेशीय प्राचल प्रविष्ट करने वाला मनुष्य Colossus.jpg कॉलोसस मार्क २ संगणक ENIAC-changing_a_tube.jpg निर्वात नलिका परिवर्तित करने वाला पुरुष LYF WATER 2 Smartphone.JPG स्मार्टफ़ोन Gamecube-console.jpg वीडियो गेम कॉनसोल (चलचित्रक्रीडा यंत्र) Summit (supercomputer).jpg संगणकों की पंक्ति विभिन्न संगणक युगों से संगणक उपकरण ऊपरी पंक्ति: स्वचालित यांत्रिक गणक (१८२०) (डिफ़रेंस इंजन), प्रथम पीढ़ी का संगणक (कॉलोसस मार्क २ संगणक) मध्य पंक्ति: प्रारम्भिक निर्वात नलिका संगणक (एनिऐक), महासंगणक (आईबीएम सम्मिट) निचली पंक्ति: चलचित्रक्रीड़ा संयंत्र (निनटेंडो गेमक्यूब), बुद्धिमान दूरभाष यंत्र (लाइफ़ वॉटर २)
सङ्गणक, संगणक, कम्प्यूटर, या कंप्यूटर (अंग्रेज़ी: Computer) एक यन्त्र है जिसे अंकगणित या तर्क से जुड़े कार्य को अपनेआप पूरा करने के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है। आधुनिक अंकीय इलेक्ट्रॉनिक संगणक प्रोग्राम के तरह जाने जानेवाले कार्य के सामान्य सेट कर सकते हैं। यह प्रोग्राम संगणक को तरह-तरह के कार्यों को करने में सक्षम बनाते हैं। संगणक प्रणाली एक नाम के लिए संगणक है जिसमें हार्डवेयर, प्रचालन तन्त्र (मुख्य सॉफ्टवेयर), और परिधीय यन्त्र शामिल हैं जो ज़रूरी हैं और पूरे गणना के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये शब्द उन संगणकों के ग्रुप को भी इशारा कर सकता है जो लिंक किए गए हैं और एक साथ कार्य करते हैं, जैसे संगणक सञ्जाल या संगणक क्लस्टर।
कई उद्योगिक और ग्राहक प्रोडक्ट संगणक का उपयोग नियन्त्रण प्रणाली के तरह करते है। इसमें सूक्ष्मतरंग चूल्हा और दूरस्थ नियन्त्रण जैसे खास कार्य के लिए बने डिवाइस तो शामिल हैं ही, उद्योगिक रोबोट और संगणक से बने डिज़ाइन के कारखानों के डिवाइस भी शामिल है, और पर्सनल संगणक जैसे सामान्य कार्य के लिए बने डिवाइस और स्मार्टफोन जैसे मोबाइल डिवाइस भी शामिल हैं। संगणक अंतरजाल को चलाता हैं, जो अरबों संगणकों और उपयोगकर्ताओं को जोड़ता है।
शुरुआती संगणक सिर्फ गणना के लिए उपयोग किए जाते थे। गिनतारा जैसे सरल मैनुअल डिवाइसों ने प्राचीनकाल से गणना करने में लोगों की मदद की है। उद्योगिक क्रांति की शुरुआत में, कुछ मशीनी डिवाइसों को लम्बे, थकाऊ कार्यों को अपनेआप करने के लिए बनाया गया था, जैसे कि करघे के लिए पैटर्न दिखाना। ज़्यादा जटिल इलेक्ट्रिक मशीनों ने 20वीं शताब्दी की शुरुआत में ऐनलॉग (अनुरूप) गणना में माहरत पाई। पहले अंकीय इलेक्ट्रॉनिक गणना मशीनें दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान विकसित की गई थीं। 1940 के दशक के आखिर में सैमीकंडक्टर ट्रांज़िस्टर के बनने के बाद 1950 के दशक के आखिर में सिलिकॉन-आधारित मॉसफेट (मॉस ट्रांज़िस्टर) और मोनोलिथिक इंटीग्रेटेड सर्किट चिप बने, जिससे 1970 के दशक में माइक्रोप्रोसेसर और माइक्रोसंगणक क्रांति हुई। तब से संगणक की रफ्तार, ताकत, और प्रतिभा बहुत तेज़ी से बढ़ रही है, और साथ में ट्रांज़िस्टर रफ्तार तेज़ रफ्तार से बढ़ रही है (जैसा मूर नियम ने भविष्यवाणी की थी), जिससे 20वीं शताब्दी के आखिर से 21वीं की शुरुआत के दौरान अंकीय क्रांति हुई।
इतिहासिक रूप से, एक आधुनिक संगणक में कम-से-कम एक प्रोसेसिंग हिस्सा होता है, जो आमतौर पर माइक्रोप्रोसेसर के तरह एक सीपीयू होता है, जिसके साथ किसी तरह का संगणक मेमोरी, आमतौर पर सैमीकंडक्टर मेमोरी चिप, भी होता है। प्रोसेसिंग हिस्सा अंकगणित और तर्क से जुड़े कार्य करता है, और सीक्विंस और कंट्रोल यूनिट रखे गए डाटा के जवाब में कार्य के कतार को बदल सकती है। पैरीफैरल डिवाइसों में इनपुट डिवाइस (कीबोर्ड, जॉयस्टिक, वगैरह), आउटपुट डिवाइस (मॉनिटर स्क्रीन, प्रिंटर, वगैरह), और इनपुट/आउटपुट डिवाइस जो दोनों कार्य करता हैं (उदाहरण के लिए, 2000-युग टचस्क्रीन) शामिल हैं। पैरीफेरल डिवाइस जानकारी को बाहरी जगह से लाने की अनुमति देते हैं और कार्य के नतीजे को सेव करने और वापस लाने में सक्षम बनाते हैं।
शब्द व्युत्पत्ति
हिन्दी के संगणक (या सङ्गणक) शब्द का उत्पत्ति संस्कृत से हुआ है। यह सम्- उपसर्ग (अर्थात् साथ), गण् धातु (अर्थात् गणना) एवं अक प्रत्यय (कर्तावाचक) के मेल से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ है- 'जिस के साथ गणना किया जा सके।'
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रकाशित कंप्यूटर विज्ञान शब्दावली में अभिकलित्र या अभिकलक शब्द का प्रयोग किया गया है जो कलन क्रिया से बनता है, जिसका अर्थ है 'विभिन्न प्रकार की गाणितिक क्रियाएं करना'। शब्दावली के अनुसार 'अभिकलित्र' शब्द को अधिक सटीक माना जाता है, क्योंकि यह शब्द यंत्र की जटिल गणितीय संक्रियाओं की क्षमता को प्रदर्शित करता है, जबकि 'संगणक' शब्द का अर्थ केवल गणना तक सीमित प्रतीत होता है।https://www.cstt.education.gov.in/sites/default/files/glossary-computer-science-eng-hin.pdf?hl=en-IN कंप्यूटर विज्ञान शब्दावली 1995 4-5 वैज्ञानिक तथा तकनीकी व शब्दावली आयोग (CSTT), मानव संसाधन विकास मंत्रालय (शिक्षा विभाग), भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय (भारत)
thumb|upright=1.15|एक मानव संगणक, सूक्ष्मदर्शी और परिकलक के साथ, 1952|alt=एक मानव संगणक
ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार, अंग्रेज़ी शब्द कंप्यूटर का पहला ज्ञात उपयोग 1613 में अंग्रेज लेखक रिचर्ड ब्रेथवेट द्वारा लिखित पुस्तक द यंग मैन्स ग्लीनिंग्स में मानव संगणक के संदर्भ में किया गया था, अर्थात वह व्यक्ति जो गणना या परिकलन या गणना करता था। compute(कंप्यूट अर्थात् गणना, क्रिया) से संज्ञा कंप्यूटर (computer) बना। 20वीं शताब्दी के मध्य तक यह शब्द इसी अर्थ में बना रहा। इस काल के अंतिम भाग में, महिलाओं को अक्सर 'कंप्यूटर' के रूप में काम पर रखा जाता था क्योंकि उन्हें उनके पुरुष समकक्षों की तुलना में कम वेतन दिया जा सकता था।Evans 2018 23 1943 तक, अधिकांश मानव संगणक महिलाएँ ही थीं।Smith 2013 6 ऑनलाइन एटिमोलॉजी डिक्शनरी के अनुसार 1897 से यह शब्द किसी भी 'गणना करने वाली मशीन' के प्रयोग होना शुरू हुआ। आधुनिक अर्थ में 'प्रोग्राम करने योग्य डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर' के रूप में इस शब्द का प्रयोग 1945 से मिलता है; जबकि सैद्धांतिक रूप से 1937 से इसे ट्यूरिंग मशीन के रूप में जाना जाता है।computer (n.) http://www.etymonline.com/index.php?term=computer live 2021-08-19 Online Etymology Dictionary en-US 16 November 2016 https://web.archive.org/web/20161116065135/http://www.etymonline.com/index.php?term=computer हालांकि आधुनिक कंप्यूटर कहीं अधिक उच्च-स्तरीय कार्य करने में सक्षम हैं, लेकिन इनका नाम आज भी यही बना हुआ है।
इतिहास
20वीं शताब्दी से पहले
thumb|right|100px|इशांगो हड्डी, हज़ारों साल पुराना हड्डी औज़ार
डिवाइसों का उपयोग हजारों सालों से गणना में मदद के लिए किया गया है, ज़्यादातर वक्त उंगलियों के साथ एक-से-एक का संपर्क रखे। सबसे शुरुआती गिनती डिवाइस एक टैली स्टिक के तरह होना चाहिए। बाद में उर्वर अर्धचंद्र में रिकॉर्ड रखनेवाले डिवाइसों में कैल्कुली (मिट्टी के गोले, टोपी, वगैरह) शामिल थे, जो चीज़ो की संख्या बताते थे। ये चीज़ें, जो खोखले बिना पके हुए मिट्टी के कंटेनरों में रखे जाते थे, जानवर या अनाज होने चाहिए।Mathematics in Ancient Iraq Robson Eleanor 2008 978-0-691-09182-2 5 Eleanor Robson: calculi were in use in Iraq for primitive accounting systems as early as 3200–3000 BCE, with commodity-specific counting representation systems. Balanced accounting was in use by 3000–2350 BCE, and a sexagesimal number system was in use 2350–2000 BCE. "छड़ गिनती" का उपयोग इसका एक उदाहरण है।
thumb|left|चीनी सुअनपान (गिनतारा पर 6,30,27,15,408 दिख रहा है)
गिनतारा का उपयोग शुरू में अंकगणित कार्यों के लिए किया गया था। रोमन गिनतारा को 2400 ईसा पूर्व की शुरुआत में बेबीलोनिया में उपयोग किए जानेवाले डिवाइसों से बनाया गया था। तब से, गणना बोर्ड या तालिका के कई दूसरे रूपों का आविष्कार किया गया है। एक मध्ययुग के यूरोपीय गिनती घर में, एक चेक किया हुआ कपड़ा मेज़ पर रखा जाता था, और मार्करों को कुछ नियमों के हिसाब से उस पर चारों तरफ घुमाया जाता, जिससे पैसे के रकम की गणना करने में मदद होती।Flegg, Graham. Numbers through the ages https://archive.org/details/numbersthroughag0000unse 1989 Macmillan Education 0-333-49130-0 Houndmills, Basingstoke, Hampshire en-US 24660570
thumb|प्राचीन यूनान का 150-100 ईसा पूर्व में बना अनथिखिथीरा मशीन दुनिया के सबसे पुराने अनुरूप संगणकों में शामिल हैं।
डेरेक जे. डी सोला प्राइस के हिसाब से, अनथिखिथीरा को सबसे पुराना ज्ञात अनुरूप संगणक माना जाता है।The Antikythera Mechanism Research Project https://web.archive.org/web/20080428070448/http://www.antikythera-mechanism.gr/project/general/the-project.html 28 April 2008 , The Antikythera Mechanism Research Project. Retrieved 1 July 2007. इसे खगोल में गणना करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। ये 1901 में ग्रीक द्वीप अनथिखिथीरा के अनथिखिथीरा मलबे में खोजा गया था। ये लगभग 100 ईसा पूर्व का था। अनथिखिथीरा मशीन के जैसे जटिल डिवाइस 14वीं शताब्दी तक फिर नहीं हुए।Marchant Jo 1 November 2006 In search of lost time Nature 444 7119 534–538 10.1038/444534a 17136067 2006Natur.444..534M 4305761 free 0028-0836
प्राचीन और मध्ययुग में खगोलीय और नौसंचालन गणनाओं के लिए कई एनालॉग संगणकों को बनाया गया था। प्लेनिस्फीयर एक स्टार चार्ट था जिसका आविष्कार 11वीं शताब्दी की शुरुआत में अल-बिरुनी ने किया था।G. Wiet, V. Elisseeff, P. Wolff, J. Naudu (1975). History of Mankind, Vol 3: The Great medieval Civilisations, p. 649. George Allen & Unwin Ltd, UNESCO.
हिस्सा
right|thumb|250px|निजी अभिकलित्र (पीसी) के प्रमुख भाग
एक अभिकलित्र (संगणक) निम्नलिखित चार भागों से मिलकर बनता है : निविष्ट यन्त्र , संसाधन यन्त्र , निर्गम यन्त्र और भंडारण यन्त्र।
(युक्ति को यन्त्र भी कहा जता है।)
निविष्ट यन्त्र(इनपुट डिवाइस)
निविष्ट यन्त्र या इनपुट डिवाइस उन उपकरणों को कहते हैं जिसके द्वारा निर्देशो और आंकडों को संगणक में भेजा जाता है। जैसे- कुन्जी पटल (की-बोर्ड), माउस, जॉयस्टिक, ट्रैक बाल आदि।
कीबोर्ड
माउस
माइक्रोफ़ोन या माइक
क्रमवीक्षक (स्कैन्नर), अंकीय कैमेरा
टच-स्क्रीन, टच-पैड
जॉयस्टिक,
केंद्रीय प्रक्रमन इकाई
केंद्रीय प्रक्रमन इकाई (सीपीयू), संसाधन युक्ति या विचार युक्ति - यह अभिकलित्र की मूल संक्रियात्मक इकाई है जो आगम उपकरणों द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुरूप कार्य कर उसे निर्गत इकाई को भेजती है। इसके तीन भाग होते हैं:
बही या पंजी (रजिस्टर) - सबसे पहले जिन आंकड़ों या सूचनाओं पर कार्य करना होता है, उन्हें अभिकलित्र स्मृति से बही में अंकित किया जाता है। अलग अलग प्रक्रियाओं के लिए अलग अलग बही होते हैं आंकिक एवं तर्क इकाई की संक्रिया के बाद सूचनाएं पुनः बही में दर्ज होती हैं और वापस स्मृती में भेजी जाती हैं।
आंकिक एवं तर्क इकाई - यह इकाई बही में दर्ज सूचनाओं पर निर्देशों के अनुसार कार्य करती है तथा परिणाम को पुनः उपयुक्त बही में दर्ज कर देता है।
नियन्त्रण इकाई - यह केंद्रिय प्रसाधन इकाई की सभी क्रियाओं का नियन्त्रण करती है। जैसे कि स्मृति से सूचनाएं बही में वहाँ से आंकिक एवं तर्क इकाई में, वापस बही में तथा वहाँ से स्मृति में वापस जाने की प्रक्रिया पर यह इकाई नियन्त्रण रखती है।
सूचना भंडारण उपकरण
right|thumb|250px|पीसी में प्रयुक्त 64MB एसडीरैम (SDRAM)
सूचना भंडारण उपकरण या सुरक्षण उपकरण - यह अभिकलित्र में प्रयुक्त सूचनाएं सहेजती है।
अल्पकालिक भंडारण उपकरण - कम समय तक सूचना के भंडारण के लिये
यादृच्छिक अभिगम स्मृति या रैम (RAM)|रैंडम एक्सैस मैमोरी (रैम)
पठन स्मृति या रीड ओन्ली मेमोरी (रौम)
दीर्घकालिक भंडारण उपकरण - लम्बे समय तक सूचना के भंडारण के लिये
हार्ड ड्राइव या हार्ड डिस्क
हटाये जा सकने वाला भंडारण उपकरण
नम्यिका (फ्लॉपी डिस्क)
कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी)
अंकीय वीडियो डिस्क (डीविडी)
चपला स्मृति भंडारण युक्ति या फ्लैश मेमोरी स्तोरेज डिवाइस
यूऍसबी फ्लैश ड्राइव या फ्लैश मेमोरी ड्राइव
फ्लैश मेमोरी कार्ड या फ्लैश मेमोरी स्तिक
ब्ल्यू-रे डिस्क
निर्गम यन्त्र
निर्गम यन्त्र (आउटपुट डिवाइस)- इसमें वे सभी उपकरण शामिल हैं जिनसे प्रसाधित सूचनाएं या सामग्री मानवीय उपयोगी उत्पाद के रूप में बाहर आती हैं॥ जैसे-
प्रदर्शक (मॉनिटर) - इसकी सहायता से प्रसाधित सामग्री दृश्य रूप में प्रकट होती है॥
स्क्रीन स्क्रीन पर चित्र य चल्चित्र प्रकट होते है। ये प्रदर्शक से जुड़ा होता है।
मुद्रक- इसकी सहायता से निर्गत सामग्री को कागज़ पर मुद्रित किया जाता है। इसे अन्ग्रेजी भाषा में प्रिंटर भी कहते है।
भोंपू - इसे स्पीकर भी कह्ते है, जैसा कि नाम से ही पता चलता है, ये आवाज निकालने का कार्य करता है। इसका उपयोग अभिकलित्र में चालू किसी भी प्रक्रिया से उत्पन्न आवाज को उपयोगकर्ता तक पहुंचाने के लिये किया जाता है।
प्रकार
अभिकलित्र का मुख्य कार्य दिये गये आंकड़े को जमा कर उसपर दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्य कर परिणाम देना है॥ कार्यक्षमता के आधार पर इसे निम्नलिकित श्रेणियों में बाँटा गया है- सुपर संगणक, मेनफ्रेम संगणक मिनी संगणक, एव माइक्रो संगणक आदि। सुपर संगणक इनमें सबसे बडी श्रेणी होती है, तथा माइक्रो संगणक सबसे छोटी।
सुपर संगणक सबसे तेज गति से कार्य करने वाले संगणक होते हैं। वह बहुत अधिक डाटा को काफी कम समय में इंफार्मेशन में बदलने में सक्षम होते हैं। इनका प्रयोग बड़े-बड़े कार्य करने में होता है, जैसे मौसम की भविष्यवाणी, डाटा माइनिंग, जटिल सिमुलेशन, मिसाइलों के डिजाइन आदि। इनमें अनेक माइक्रोप्रोसेसर [एक विशेष छोटी मशीन जो कम्प्यूटिंग के कार्य को काफी सरली से तथा बहुत ही कम समय में कर सकने में सक्षम होती है।] लगे होते हैं। किसी जटिल गणना को कम समय में पूरा करने के लिये बहुत से प्रोसेसर एकसाथ (पैरेलेल) कार्य कराने पडते हैं। इसे पैरेलेल प्रोसेसिंग कहा जाता है। इसके अन्तर्गत जटिल कार्य को छोटे-छोटे टुकडों में इस प्रकार बाँटा जाता है कि ये छोटे-छोटे कार्य एक साथ अलग-अलग प्रोसेसरों द्वारा स्वतन्त्र रूप से किये जा सकें।
मेनफ्रेम संगणक, सुपर संगणक से कार्यक्षमता में छोटे परंतु फिर भी बहुत शक्तिशाली होते हैं। इन संगणकों पर एक समय में २५६ से अधिक व्यक्ति एक साथ कार्य कर सकते हैं। अमरीका की आईबीएम कंपनी मेनफ्रेम कंप्युटरों को बनाने वाली सबसे बडी कंपनी है।
मिनी संगणक मेनप्रेम संगणकों से छोटे परन्तु माइक्रो संगणकों से बड़े होते हैं। मिनी कंप्मियूटर की कर्यछामता और कीमत माइक्रो संगणक से अधिक होती है | मिनी संगणक की स्पीड 10 से 30 MIPS होती है |
माइक्रो संगणक (पर्सनल संगणक) सबसे छोटे होते हैं तथा इन्हीं को वैयक्तिक संगणक या पर्सनल संगणक भी कहा जाता है। इसका प्रथम संस्करण १९८१ में विकिसित हुआ था, जिसमे ८०८८ माइक्रोप्रोसेसर प्रयुक्त हुआ था।
मेज के ऊपर रखने लायक संगणक (डेस्कटॉप)
गोद के ऊपर रखने लायक संगणक (लैपटॉप)
हथेली के ऊपर रखने लायक संगणक (पाल्म्टॉप) - स्मार्टफोन, संगीत खिलाड़ी (म्यूजिक प्लयेर), वीडियो खिलाड़ी (वीडियो प्लेयर)
टैबलेट संगणक
भाषा
अभिकलित्र जिस भाषा को समझता है उसे द्विआधारी भाषा कहते हैं। वास्तव में यह यन्त्र केवल विद्युत धारा के चालू या बंद होने को ही समझता है॥ विद्युत प्रवाह होने एवं रुकने को 0 या 1 के जरिए व्यक्त किया जाता है।
इसलिए इसपर कोइ कार्य करने के लिए इसे इस भाषा में निर्देश या सूचना देना होता है।
यन्त्र भाषा
शुरूआती दिनों में अभिकलित्र को सीधे द्विआधारी भाषा में निर्देश या सूचना दी जाती थी। यन्त्र से सीधा संपर्क रहने के कारण इसे यन्त्र भाषा (मशीन लैंग्वेज) भी कहा जाता था। इस तरह से निर्देश या सूचना देने की यह प्रक्रिया काफी जटिल थी।
संयोजन भाषा
यन्त्र भाषा की जटिलता को कम करने के लिए संयोजक (असेंबलर) की सहायता ली गई। यह ऐसा प्रोग्राम था जो कुछ खास शब्दों को द्विआधारी संकेतों के समूह में बदल देता था। इस भाषा में प्रत्येक प्रक्रिया के लिए एक सरल शब्द चुन लिए गए थे। इससे द्विआधारी संकेत समूह के बजाय केवल संकेत शब्द लिखकर कार्य हो जाता था। इस संकेतों द्वारा संयोजित तथा संयोजक की सहायता से कार्य करने वाली भाषा को संयोजन भाषा (असेंबली लैंग्वेज) कहा गया।
उच्च स्तरीय भाषाएँ
असेम्बली लैंग्वेज के आने से संगणक प्रोग्रामर्स को सुविधा जरूर मिली, किन्तु इसके लिए प्रोग्रामर को संगणक के हार्डवेयर तथा इसकी कार्य प्रणाली का सम्पूर्ण ज्ञान होना आवश्यक होता था। अतः अब और भी सरल भाषायों का विकास किया गया, जिन्हें उच्च स्तरीय भाषा कहा गया। इनमे से कुछ प्रमुख आरंभिक भाषाए कोबोल (COBOL), बेसिक (BASIC), सी (C) थी।
1960 के दशक में, संकलक या कंपाइलर का उपयोग करने वाली उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं को आमतौर पर ऑटोकोड कहा जाता था। ऑटोकोड के उदाहरण COBOL और फोरट्रान हैं। संगणक के लिए डिज़ाइन की गई पहली उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा प्लैंकल्कल (Plankalkül) थी, जो कोनराड ज़्यूस द्वारा बनाई गई थी। हालांकि, यह उनके समय में लागू नहीं किया गया था।
उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं के बारे में एक बात ध्यान देने योग्य है कि ये भाषाएँ प्रोग्रामर को मशीन से अलग करने और अलग करने की अनुमति देती हैं। अर्थात्, असेंबली या मशीन भाषा जैसी निम्न-स्तरीय भाषाओं के विपरीत, उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग प्रोग्रामर के निर्देशों को बढ़ा सकते हैं और उनकी जानकारी के बिना पृष्ठभूमि में बहुत सारे डेटा आंदोलनों को ट्रिगर कर सकते हैं। निर्देश को निष्पादित करने की जिम्मेदारी और शक्ति प्रोग्रामर से मशीन को सौंप दी गई है।
उच्च स्तरीय भाषायों या हाई लेवल लैंग्वेजों को मशीन भाषा में परिवर्तित करने के लिए संकलक (Compiler) और व्याख्याता (Interpreter) की जरूरत पड़ती है। संकलक या कंपाइलर उच्च स्तरीय भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को स्थायी रूप से मशीन भाषा में परिवर्तित करता है, जबकि व्याख्याता या इंटरप्रेटर एक एक पंक्ति करके परिवर्तित करता है।
संगणक के प्रकार
संगणकों को उनकी क्षमता, आकार और उपयोग के आधार पर विभिन्न प्रकारों में बाँटा गया है। मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:iTechEzy – पुनर्नवीनीकृत संगणक और लैपटॉप प्रदाता (प्रवेश तिथि: 31 अक्टूबर 2025)
सुपर संगणक — ये सबसे तेज़ और शक्तिशाली संगणक होते हैं, जिनका उपयोग मौसम पूर्वानुमान, वैज्ञानिक अनुसंधान और बड़े डेटा विश्लेषण में किया जाता है।
मेनफ्रेम संगणक — बड़े संगठनों और बैंकों द्वारा एक साथ लाखों लेन-देन को संसाधित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
मिनीसंगणक — मध्यम आकार के संगठनों में सीमित उपयोगकर्ताओं के लिए उपयुक्त होते हैं।
माइक्रो संगणक या पर्सनल संगणक (PC) — व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाए गए संगणक, जिनमें डेस्कटॉप और लैपटॉप शामिल हैं।
एम्बेडेड संगणक — अन्य मशीनों या उपकरणों में अंतर्निहित संगणक, जैसे मोबाइल फोन, टीवी या वाहनों में प्रयुक्त सिस्टम।
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
माइक्रोप्रोसेसर
सॉफ्टवेयर
प्रोग्रामिंग भाषाएं
प्रचालन तन्त्र (आपरेटिंग सिस्टम)
अनुरूप संगणक (एनालॉग संगणक)
क्रमानुदेशन (प्रोग्रामिंग)
संगणक विज्ञान
बाहरी कड़ियाँ
संगणक परिचय (अटल विहारी वाजपेयी सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, ग्वालियर)
संगणक सामान्य ज्ञान (महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय)
श्रेणी:संगणक
श्रेणी:संगणक तकनीक