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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

बाचा ख़ान विश्वविद्यालय हमला

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20 जनवरी 2016 को सुबह 9:30 बजे पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर प्रांत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा की राजधानी पेशावर के पास चरसद्दा में स्थित बाचा खान विश्वविद्यालय पर 4 आतंकियों ने आक्रमण कर दिया। परिसर में आते ही आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसके साथ ही अभी तक परिसर में सात धमाके भी सुने गए। हमले में पहले एक प्रोफेसर समेत 4 लोगों के मारे जाने की खबर थी लेकिन अब 60 से 70 छात्रों को आतंकियों द्वारा गोली मारने की खबर है। हमले के वक्त विश्वविद्यालय में बाचा खान जिन्हें खान अब्दुल गफ्फार खान के नाम से भी जाना जाता है की बरसी के मौके पर काव्यगोष्ठी के लिए अनेक लोग यहां आए थे। खान का निधन 20 जनवरी 1988 को हुआ था। यह यूनिवर्सिटी इन्ही की याद में बनाई गई है। इस यूनिवर्सिटी का अपना ऐतिहासिक महत्व है। समाचार चैनल जियो के मुताबिक यूनिवर्सिटी के पीछे के रास्ते से जहां गेस्ट हाउस है, वहां से आतंकी घुसे। हमले की खबर के साथ ही छात्रों को निकल जाने का ऐलान किया गया जिसके बाद भगदड़ मची। == पृष्ठभूमि == 2014 में पेशावर के आर्मी स्कूल पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 100 से अधिक बच्चे मारे गए थे। 19 जनवरी 2016 को ही पेशावर में हुए बम धमाके में 11 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। == हमला == पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, सुबह की धुंध का फायदा उठाकर कुछ सशस्त्र व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में घुस गए। तभी इमारत के अंदर से दो विस्फोटों की आवाज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार 3 हथियारबंद व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में घुसे। द्वार पर तैनात दो गार्ड जख्मी हो गए जबकि एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ। यूनिवर्सिटी में 3000 से अधिक स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। हमले के समय कैंपस 2100 से अधिक स्टूडेंट्स के साथ 600 से अधिक अतिथि भी मुशायरे(सभा) में मौजूद थे। पाकिस्तान सरकार ने विशेष बल की एक टुकड़ी तैनात कर दी। पाकिस्तान सेना अधिकारी असीम बाजवा ने ट्वीट करके जानकारी दी कि सेना के स्नाइपर्स ने दो और आतंकियों को मार गिराया। कुल 4 आतंकी मारे गए। यूनिवर्सिटी में सभी ब्लॉकों को एक-एक करके खाली करवाया गया। छत और बिल्डिंग पर सेना ने अपना कब्जा कर लिया है पर आतंकियों ने यूनिवर्सिटी के दो ब्लॉकों पर अपना कब्जा कर रखा था। == हताहत == पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता और प्रांतीय सांसद शौकत यूसुफजई ने 30 लोगों के मरने व 60 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना दी। == प्रतिक्रिया == === घरेलू === पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कड़े शब्दों में हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि बच्चों की ये कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। उनके अनुसार बच्चों को मारने वालों का कोई धर्म नहीं होता। === अंतर्राष्ट्रीय === भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अच्छे और बुरे आतंकवादियों के बीच कोई अंतर नहीं हो सकता और सभी तरह के आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की अपनी ट्वीट में उन्होंने कहा, " मैं पाकिस्तान के बाचा खान विश्वविद्यालय पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। मृतकों व घायलों के परिवार वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं व प्रार्थनायें। " अमेरिका के व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, "ये निंदनीय हमले आतंकियों के कारण क्षेत्र पर मंडराने वाले खतरे को रेखांकित करते हैं। हम जिस शांतिपूर्ण एवं समृद्ध भविष्य का एक साथ मिलकर निर्माण करना चाहते हैं, ये हमले उस भविष्य पर मंडराने वाले खतरे की ओर भी इशारा करते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री के उपप्रवक्ता मार्क टोनर ने भी हमलों की निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की व आतंकवाद व कट्टरता को समाप्त करने के प्रति हर प्रकार का समर्थन देने को कहा। == सन्दर्भ ==