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गोली मारकर मृत्युदंड
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अंग्रेज़ी सितंबर 2026
गोली मारकर मृत्युदंड (execution by firing squad) मृत्युदंड के निष्पादन की एक विधि है, जिसमें दोषसिद्ध व्यक्ति को एक फायरिंग स्क्वाड द्वारा गोली चलाकर मृत्युदंड दिया जाता है। यह विधि विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में सैन्य तथा नागरिक न्याय व्यवस्थाओं में प्रयुक्त हुई है। आधुनिक काल में इसका प्रयोग अपेक्षाकृत सीमित है और कई देशों में मृत्युदंड के उन्मूलन या इसके प्रयोग में कमी के साथ इसका उपयोग भी कम हुआ है। संयुक्त राज्य अमेरिका में फायरिंग स्क्वाड ऐतिहासिक रूप से मृत्युदंड की प्रमुख विधियों में से एक रहा है और कुछ राज्यों में आज भी कानून द्वारा अधिकृत है।Methods of Execution https://deathpenaltyinfo.org/executions/methods-of-execution Death Penalty Information Center 15 सितंबर 2026
इतिहास
फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड का संबंध लंबे समय से सैन्य न्याय व्यवस्था से रहा है। विभिन्न देशों में युद्धकालीन अपराधों, सैन्य अनुशासन से संबंधित गंभीर अपराधों तथा अन्य मामलों में इस विधि का उपयोग किया गया। समय के साथ कुछ देशों ने इसे नागरिक न्याय व्यवस्था में भी मृत्युदंड के निष्पादन की एक विधि के रूप में अपनाया।
संयुक्त राज्य अमेरिका में आधुनिक काल के फायरिंग स्क्वाड निष्पादनों का विशेष संबंध उटाह राज्य से रहा है। 1976 में Gregg v. Georgia के निर्णय के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में मृत्युदंड के निष्पादन पुनः शुरू हुए। 17 जनवरी 1977 को उटाह में गैरी गिलमोर को फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड दिया गया। वह 1976 के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में निष्पादित किया जाने वाला पहला व्यक्ति था।Utah https://deathpenaltyinfo.org/state-and-federal-info/state-by-state/utah Death Penalty Information Center 15 सितंबर 2026
उटाह में इसके बाद जॉन टेलर को 1996 में और रॉनी ली गार्डनर को 18 जून 2010 को फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड दिया गया। गार्डनर का निष्पादन इस विधि से संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 वर्षों के अंतराल के बाद हुआ था। वह उटाह में फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड दिए जाने वाला अंतिम व्यक्ति था।Utah Reaches Ten Years With No Executions https://deathpenaltyinfo.org/utah-reaches-ten-years-with-no-executions Death Penalty Information Center 18 जून 2020 15 सितंबर 2026
संयुक्त राज्य अमेरिका
संयुक्त राज्य अमेरिका में फायरिंग स्क्वाड वर्तमान में कुछ राज्यों में मृत्युदंड के निष्पादन की वैधानिक विधि है। राज्यों के कानूनों में इसकी स्थिति अलग-अलग है और कई राज्यों में इसे वैकल्पिक विधि के रूप में रखा गया है। सितंबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार इडाहो, मिसिसिपी, ओक्लाहोमा, दक्षिण कैरोलाइना और उटाह उन पाँच राज्यों में हैं जहाँ फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड कानून द्वारा अधिकृत है।Authorized Methods by State https://deathpenaltyinfo.org/executions/methods-of-execution/authorized-methods-by-state Death Penalty Information Center 15 सितंबर 2026
इडाहो में मार्च 2025 में गवर्नर ब्रैड लिटल द्वारा संबंधित कानून पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद फायरिंग स्क्वाड राज्य की प्राथमिक निष्पादन विधि बन गया। यह प्रावधान 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुआ। कानून में घातक इंजेक्शन को निष्पादन की वैकल्पिक विधि के रूप में रखा गया है।Idaho Governor Signs Legislation Authorizing Firing Squad as State's Primary Execution Method https://deathpenaltyinfo.org/idaho-governor-signs-legislation-authorizing-firing-squad-as-states-primary-execution-method Death Penalty Information Center 17 मार्च 2025 15 सितंबर 2026
दक्षिण कैरोलाइना में फायरिंग स्क्वाड निष्पादन की उपलब्ध विधियों में शामिल है। 7 मार्च 2025 को ब्रैड सिग्मन को फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड दिया गया। यह 2010 में रॉनी ली गार्डनर के निष्पादन के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में फायरिंग स्क्वाड द्वारा किया गया पहला निष्पादन था।South Carolina Preparing for State's First Firing Squad Execution, Marking First Firing Squad Execution in U.S. in 15 Years https://deathpenaltyinfo.org/south-carolina-preparing-for-states-first-firing-squad-execution-marking-first-firing-squad-execution-in-u-s-in-15-years Death Penalty Information Center 4 मार्च 2025 15 सितंबर 2026
2025 में दक्षिण कैरोलाइना में फायरिंग स्क्वाड द्वारा कुल तीन निष्पादन किए गए, जो 1976 के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में एक वर्ष में इस विधि से किए गए सबसे अधिक निष्पादन थे।The Death Penalty in 2025: Legislation https://deathpenaltyinfo.org/research/analysis/reports/year-end-reports/the-death-penalty-in-2025/legislation Death Penalty Information Center 15 सितंबर 2026
विधि
फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड में सामान्यतः कई प्रशिक्षित निशानेबाजों का एक दल शामिल होता है। निष्पादन की व्यवस्था, स्थान, अधिकारियों की भूमिका तथा अन्य प्रक्रियाएँ संबंधित क्षेत्र के कानून और प्रशासनिक नियमों पर निर्भर करती हैं। विभिन्न देशों और राज्यों में इस विधि के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं में अंतर पाया जाता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका में निष्पादन की विधियों को लेकर संवैधानिक प्रश्न भी उठते रहे हैं। विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान के आठवें संशोधन में निहित cruel and unusual punishment के निषेध के संदर्भ में न्यायालयों ने विभिन्न निष्पादन विधियों की संवैधानिकता पर विचार किया है।Wilkerson v. Utah, 99 U.S. 130 (1879) https://supreme.justia.com/cases/federal/us/99/130/ Justia U.S. Supreme Court Center 15 सितंबर 2026
1879 में Wilkerson v. Utah मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने गोली मारकर मृत्युदंड तथा आठवें संशोधन के अंतर्गत क्रूर और असामान्य दंड से संबंधित संवैधानिक प्रश्न पर विचार किया। बाद के दशकों में अमेरिकी न्यायालयों ने मृत्युदंड के अन्य तरीकों तथा उनके निष्पादन से उत्पन्न संवैधानिक प्रश्नों पर भी निर्णय दिए।Bucklew v. Precythe, 587 U.S. 119 (2019) https://supreme.justia.com/cases/federal/us/587/17-8151/ Justia U.S. Supreme Court Center 15 सितंबर 2026
भारत
भारत में सामान्य आपराधिक न्याय व्यवस्था में मृत्युदंड के निष्पादन की निर्धारित विधि फाँसी है। हालांकि, सशस्त्र बलों से संबंधित कानूनों में गोली मारकर मृत्युदंड देने का प्रावधान मौजूद है।
सेना अधिनियम, 1950 की धारा 166 के अनुसार, मृत्युदंड देने वाला कोर्ट-मार्शल अपने विवेक से निर्देश दे सकता है कि दोषी को फाँसी देकर या गोली मारकर मृत्युदंड दिया जाए।The Army Act, 1950 https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/1930/1/AAA1950____46.pdf India Code Government of India 15 सितंबर 2026
वायुसेना अधिनियम, 1950 की धारा 163 में भी कोर्ट-मार्शल द्वारा दिए गए मृत्युदंड को फाँसी या गोली मारकर निष्पादित किए जाने का प्रावधान है।The Air Force Act, 1950 https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/1819/1/AAA1950____45.pdf India Code Government of India 15 सितंबर 2026
नौसेना अधिनियम, 1957 की धारा 147 मृत्युदंड के स्वरूप से संबंधित प्रावधान करती है।The Navy Act, 1957 https://www.indiacode.nic.in/handle/123456789/1400?view_type=browse India Code Government of India 15 सितंबर 2026
मानवाधिकार और विवाद
फायरिंग स्क्वाड द्वारा मृत्युदंड पर होने वाली बहस व्यापक रूप से मृत्युदंड की वैधता, नैतिकता और मानवीयता से जुड़े प्रश्नों से जुड़ी है। इसके समर्थक इसे गंभीर अपराधों के लिए कानून द्वारा निर्धारित दंड के रूप में देखते हैं, जबकि इसके विरोधी मृत्युदंड की अपरिवर्तनीय प्रकृति, न्यायिक भूल की संभावना और मानवाधिकारों से संबंधित प्रश्नों को प्रमुखता देते हैं।
मृत्युदंड की विभिन्न विधियों को लेकर यह प्रश्न भी उठाया जाता रहा है कि क्या किसी निष्पादन विधि से अनावश्यक पीड़ा या क्रूर व्यवहार का जोखिम उत्पन्न हो सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में ऐसे प्रश्न आठवें संशोधन के अंतर्गत न्यायिक विचार का विषय रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मृत्युदंड के प्रयोग की स्थिति देशों के बीच काफी भिन्न है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, 2025 में कम-से-कम 17 देशों में कुल 2,707 निष्पादन दर्ज किए गए। यह संख्या चीन में किए गए उन हजारों निष्पादनों को शामिल नहीं करती जिन्हें संगठन सार्वजनिक आँकड़ों के अभाव में अलग से अनुमानित करता है। संगठन के अनुसार 2025 में दर्ज निष्पादनों में विभिन्न विधियों का उपयोग किया गया, जिनमें गोली मारकर निष्पादन भी शामिल था।Death penalty in 2025 – Facts and figures https://www.amnesty.org/en/latest/news/2026/05/death-penalty-in-2025-facts-and-figures/ Amnesty International 18 मई 2026 15 सितंबर 2026
एमनेस्टी इंटरनेशनल मृत्युदंड का सभी परिस्थितियों में विरोध करता है और इसे मानवाधिकारों से संबंधित गंभीर प्रश्नों से जोड़ता है।Death penalty https://www.amnesty.org/en/what-we-do/death-penalty/ Amnesty International 15 सितंबर 2026
यह भी देखें
मृत्युदंड
फाँसी
घातक इंजेक्शन
विद्युत कुर्सी
मृत्युदंड का इतिहास
मृत्युदंड की विधियाँ
संदर्भ