411 REFERENCE · Wikipedia
महागुच्छ
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
महागुच्छ छोटे मंदाकिनी गुच्छों या मंदाकिनी झुंडों का एक बड़ा समूह है; http://www.universetoday.com/30286/local-group/ Local Group Cain Fraser 4 May 2009 Universe Today 6 December 2015 वे ब्रह्मांड में सबसे बड़ी ज्ञात संरचनाओं में से हैं। हमारी आकाशगंगा स्थानीय समूह का भाग है (जिसमें 54 से अधिक मंदाकिनीयाँ हैं), जो बदले में कन्या महागुच्छ का भाग है, जो लानियाके महागुच्छ का भाग है, जो मीन-सेटस महागुच्छ कॉम्प्लेक्स का भाग है। Gibney Elizabeth 2014-09-03 Earth's new address: 'Solar System, Milky Way, Laniakea' https://www.nature.com/articles/nature.2014.15819 Nature en 10.1038/nature.2014.15819 1476-4687 124323774 महागुच्छ के बड़े आकार और कम घनत्व का अर्थ है कि वे, मंदाकिनी झुंड के विपरीत, हबल विस्तार के साथ विस्तारित होते हैं। प्रेक्षणीय ब्रह्मांड में महागुच्छों की संख्या 1 करोड़ होने का अनुमान है। http://www.atlasoftheuniverse.com/universe.html The Universe within 14 billion Light Years Atlas of the Universe 6 December 2015
अस्तित्व
महागुच्छों का अस्तित्व इस तथ्य की ओर संकेत करता है कि ब्रह्माण्ड में मंदाकिनीयाँ समान रूप से वितरित नहीं हैं; इनमें से अधिकांश मंदाकिनीयाँ आपस में खिंचकर गुच्छों और समूहों में संगठित होती हैं। समूहों (groups) में कुछ दर्जनों मंदाकिनीयाँ होती हैं, जबकि गुच्छों (clusters) में कई हज़ार मंदाकिनीयाँ हो सकती हैं। ये समूह, गुच्छ और अतिरिक्त एकाकी मंदाकिनीयाँ मिलकर और भी बड़े ढाँचे बनाते हैं, जिन्हें महागुच्छ कहा जाता है।
thumb|left|अबेल 901/902 महागुच्छ पृथ्वी से लगभग दो अरब प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है।An Intergalactic Heavyweight http://www.eso.org/public/images/potw1304a/ 12 February 2013 ESO Picture of the Week|200x200px
उनका अस्तित्व सर्वप्रथम जॉर्ज एबेल ने 1958 में अपने एबेल सूची में प्रस्तावित किया था, जिसमें मंदाकिनी गुच्छों का संकलन किया गया था। उन्होंने इन्हें "द्वितीय-कोटि के गुच्छ" (second-order clusters) अथवा गुच्छों के गुच्छ कहा।Abell George O. 1958 The distribution of rich clusters of galaxies. A catalogue of 2,712 rich clusters found on the National Geographic Society Palomar Observatory Sky Survey https://thesis.library.caltech.edu/1581/1/Abell_go_1957.pdf The Astrophysical Journal Supplement Series 3 211–288 1958ApJS....3..211A 10.1086/190036 26 अगस्त 2025 21 जुलाई 2018 https://web.archive.org/web/20180721190654/https://thesis.library.caltech.edu/1581/1/Abell_GO_1957.pdf dead
महागुच्छ, मंदाकिनियों की विशाल संरचनाएँ बनाते हैं, जिन्हें "सूतकाएँ (filaments)", "महागुच्छ परिसंहतियाँ" (supercluster complexes), "भित्तियाँ" (walls) या "पत्रक" (sheets) कहा जाता है। इनका विस्तार कई करोड़ प्रकाश-वर्ष से लेकर 10 अरब प्रकाश-वर्ष तक हो सकता है, जो प्रेक्षणीय ब्रह्माण्ड (observable universe) का 5% से अधिक भाग आच्छादित करता है। ये अब तक ज्ञात सबसे बड़ी संरचनाएँ हैं।
महागुच्छों का अध्ययन ब्रह्माण्ड की प्रारम्भिक अवस्था के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है, जब इनका निर्माण हुआ था। महागुच्छों के भीतर मंदाकिनियों की घूर्णन धुरियों की दिशाओं का अध्ययन वे खगोलशास्त्री करते हैं, जो मानते हैं कि इससे ब्रह्माण्ड के इतिहास में मंदाकिनियों की आद्य-निर्माण प्रक्रिया के बारे में गहन अंतर्दृष्टि और जानकारी प्राप्त हो सकती है।Hu, F. X. etal 2006 Orientation of Galaxies in the Local Supercluster: A Review Astrophysics and Space Science 302 1–4 43–59 astro-ph/0508669 2006Ap&SS.302...43H 10.1007/s10509-005-9006-7 18837475
महागुच्छों के बीच-बीच में अन्तरिक्ष के विशाल रिक्त क्षेत्र (voids) पाए जाते हैं, जहाँ बहुत कम मंदाकिनियाँ विद्यमान होती हैं। महागुच्छों को प्रायः छोटे-छोटे गुच्छों के समूहों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें मंदाकिनी समूह और गुच्छ कहा जाता है।
यद्यपि साम्यसिद्धान्त के अनुसार महागुच्छों को ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी संरचनाएँ माना जाता है, तथापि सर्वेक्षणों में इनसे भी बड़े ढाँचे देखे गए हैं, जिनमें स्लोएन महाभित्ति प्रमुख है।Nurmi P. Heinamaki P. Martinez V. J. Einasto J. Enkvist I. Einasto P. Tago E. Saar E. Tempel E. 2011-05-09 The Sloan Great Wall. Morphology and galaxy content The Astrophysical Journal 736 1 51 en 10.1088/0004-637X/736/1/51 1105.1632 2011ApJ...736...51E 119215944