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तारकीय संघ
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तारकीय संघ (Stellar association) खगोल विज्ञान में तारों के एक ऐसे समूह को कहा जाता है जो गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक-दूसरे से बहुत मजबूती से बंधे नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी अंतरिक्ष में एक साथ यात्रा करते हैं। इस समूह के सभी तारे मूल रूप से एक ही विशाल आणविक बादल से एक ही समय पर उत्पन्न होते हैं। चूँकि ये तारे एक ही स्थान पर पैदा होते हैं, इसलिए इनकी रासायनिक संरचना, आयु और अंतरिक्ष में बढ़ने की दिशा व गति बिल्कुल समान होती है। समय के साथ, गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण ये तारे धीरे-धीरे एक-दूसरे से दूर बिखर जाते हैं और आकाशगंगा के सामान्य तारों की पृष्ठभूमि में विलीन हो जाते हैं।Ambartsumian Victor A. Stellar Associations and the Problem of Star Formation Academy of Sciences of the Armenian SSR 1947 10-15"Discovery: New Moving Group in the Local Arm of the Milky Way"अगस्त 2026 InternetArchiveBot
खोज और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तारकीय संघों की पहचान और उनके भौतिक महत्व की खोज सबसे पहले 1947 में सोवियत-आर्मेनियाई खगोल भौतिकीविद् विक्टर अंबरत्सुमियन ने की थी।
अंबरत्सुमियन से पहले, खगोलविदों का मानना था कि आकाशगंगा में तारे केवल 'तारागुच्छों' के रूप में ही समूहों में रह सकते हैं। लेकिन अंबरत्सुमियन ने ध्यान दिया कि आकाशगंगा के कुछ क्षेत्रों में बहुत गर्म और विशाल तारे असामान्य रूप से एक साथ पाए जाते हैं, जो किसी बंद तारागुच्छ का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने गणितीय रूप से सिद्ध किया कि ये समूह गुरुत्वाकर्षण रूप से अस्थिर हैं और इनकी आयु बहुत कम (कुछ करोड़ वर्ष) होनी चाहिए। उनकी इस खोज ने 'तारे के निर्माण' के सिद्धांतों में एक नई क्रांति ला दी, क्योंकि इससे यह साबित हो गया कि आकाशगंगा में तारों का जन्म आज भी लगातार जारी है।Blaauw Adriaan The O-B Associations in the Solar Neighborhood Annual Review of Astronomy and Astrophysics 2 1964 213-246 10.1146/annurev.aa.02.090164.001241"R associations. I - UBV photometry and MK spectroscopy of stars in southern reflection nebulae"
तारकीय संघों के प्रमुख प्रकार
खगोलविदों ने इन समूहों में पाए जाने वाले तारों की विशेषताओं और उनके स्पेक्ट्रम के आधार पर इन्हें तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया है:
OB संघ: यह सबसे प्रसिद्ध और विशाल तारकीय संघ है। इसमें मुख्य रूप से अत्यधिक गर्म, चमकदार और विशाल O और B वर्णक्रमीय प्रकार के तारे शामिल होते हैं। ये तारे बहुत कम समय (कुछ दसियों लाख वर्ष) तक जीवित रहते हैं और मुख्य अनुक्रम पर सबसे युवा होते हैं। ओरियन OB1 संघ इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
T संघ इन समूहों में कम द्रव्यमान वाले युवा तारे पाए जाते हैं, जिन्हें टी टॉरी तारे कहा जाता है। ये तारे अभी भी अपने निर्माण के प्रारंभिक चरण में होते हैं और पूरी तरह से परिपक्व नहीं हुए होते हैं। ये समूह आमतौर पर घने धूल और गैस के बादलों के करीब पाए जाते हैं।
R संघ: इन संघों की विशेषता यह है कि इनके युवा तारे अपने आसपास मौजूद धूल के बादलों को रोशन करते हैं, जिससे सुंदर परावर्तन नीहारिकाओं का निर्माण होता है। 'R' शब्द यहाँ रिफ्लेक्शन को दर्शाता है।Herbig George H. The Properties and Structure of Stellar Associations Publications of the Astronomical Society of the Pacific 74 1962 393-407
यद्यपि खुले तारागुच्छ और तारकीय संघ दोनों ही युवा तारों के समूह हैं, लेकिन इनके बीच स्पष्ट गतिशील अंतर होता है:
गुरुत्वाकर्षण बंधन: एक खुले तारागुच्छ में तारों का घनत्व अधिक होता है और वे 'गुरुत्वाकर्षण बंधन ऊर्जा' द्वारा आपस में बंधे होते हैं, जिससे वे अरबों वर्षों तक एक साथ रह सकते हैं। इसके विपरीत, तारकीय संघ में तारों के बीच की दूरी बहुत अधिक होती है और उनमें गुरुत्वाकर्षण बल इतना कमजोर होता है कि वे कुछ ही करोड़ वर्षों में बिखर जाते हैं।
तारों की संख्या: खुले तारागुच्छों में हज़ारों तारे हो सकते हैं, जबकि एक तारकीय संघ में आमतौर पर कुछ दर्जन से लेकर कुछ सौ मुख्य तारे ही होते हैं।https://science.nasa.gov/milky-way/stars/ Stars and Stellar Groups - NASA Science NASAअगस्त 2026 InternetArchiveBot "New proper motions of pre-main sequence stars in Taurus-Auriga"
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
नासा (NASA) - आकाशगंगा और तारों के समूह का अन्वेषण
श्रेणी:तारे
श्रेणी:खगोल विज्ञान