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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मेरी आवारगी

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पारुत्तिवीरन (பருத்திவீரன்) सन् 2007 की तमिल भाषा की रोमांटिक एक्शन ड्रामा फिल्म है। इसे हिन्दी में मेरी आवारगी नाम से जारी किया गया है।साउथ सुपरस्टार कार्तिक शिवकुमार की वो 9 बेस्ट फ़िल्में जिनकी रेटिंग बनाती उन्हें IMDb का किंग https://www.indiatimes.com/hindi/entertainment/best-movies-of-south-superstar-karthi-565878.html 11 जुलाई 2024 IndiaTimes 1 अप्रैल 2022 hi-IN यह निर्देशक अमीर द्वारा लिखित और निर्देशित फिल्म है। इससे कार्ति ने अपने फिल्म करियर की शुरुआत की।'Paruthiveeran' producer Gnanavel apologises to director Ameer amid legal issues https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/paruthiveeran-producer-gnanavel-apologises-to-director-ameer-amid-legal-issues-2468940-2023-11-29 11 जुलाई 2024 इण्डिया टुडे 29 नवम्बर 2023 en इसमें प्रियमणि भी मुख्य भूमिका में हैं। यह अमीर द्वारा ही निर्मित है। इसमें युवान शंकर राजा द्वारा रचित संगीत, रामजी द्वारा छायांकन और राजा मोहम्मद द्वारा संपादन शामिल हैं। मेरी आवारगी को पूरी तरह से मदुरै और उसके आसपास के इलाकों में फिल्माया गया था। दो साल के निर्माण के बाद इस को फिल्म को 23 फरवरी 2007 में जारी किया गया। इसे सार्वभौमिक आलोचनात्मक प्रशंसा मिली। इस फिल्म के लिए प्रियमणि को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला।Priya Mani recalls 'Paruthiveeran' days: I and Karthi didn't have vanity vans; we used to take rest in our respective Ambassador cars - Exclusive! https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/news/priya-mani-recalls-paruthi-veeram-days-i-and-karthi-didnt-have-vanity-vans-we-used-to-take-rest-in-our-respective-ambassador-cars-exclusive/articleshow/107752723.cms 11 जुलाई 2024 टाइम्स ऑफ़ इंडिया 17 फरवरी 2024 इस फिल्म ने भारत में प्रमुख फ़िल्म पुरस्कार समारोहों में कई पुरस्कार जीते। इसमें दो राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, छह दक्षिण फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार और दो तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कार शामिल हैं। कहानी कहानी 2005 में तमिल नाडु के एक गांव की है जहाँ आज भी जातिगत भेदभाव होता है। विजय (कार्ति) एक देहाती व्यक्ति है। उसके अंतरजातीय माता-पिता को गाँव वालों ने बहिष्कृत कर दिया था। उसके उच्च जाति वाले पिता ने निचली जाति की माँ से विवाह किया था। अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद, विजय का पालन-पोषण उसके लाड़ले चाचा श्रवण और दादी ने किया है। विजय उसे खुश रखने के लिए हर दुर्व्यवहार में उसका साथ देता है। विजय को अक्सर छोटे-मोटे अपराधों के लिए गिरफ्तार किया जाता है। जीवन में उसकी बस एक महत्वाकांक्षा है कि वह इतनी बदनामी हासिल करे कि वह टीवी न्यूज़ पर आए और उसे तिहाड़ जेल में डाला जाए। वह अक्सर पैसे और मौज-मस्ती के लिए गाँव वालों को धमकाता है। पूजा (प्रियमणि) बचपन से ही विजय से प्यार करती है। लेकिन वह उससे दूर ही रहता है। जब वे बच्चे थे, विजय ने पूजा को एक कुएं में डूबने से बचाया था। उसने उससे शादी करने और हमेशा उसके साथ रहने का कसम खा ली है। वह अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध उससे प्यार करती रहती है। किसी और के साथ अपनी शादी में देरी करने के लिए, वह जानबूझकर स्कूल में अपनी परीक्षाओं में फेल हो जाती है। ऐसा इसलिये ताकि वह उसी कक्षा में रहे। क्योंकि अगर वह स्कूल खत्म कर लेती है तो उसकी शादी हो सकती है। कभी-कभी, विजय उसके प्रति हिंसक होता है। लेकिन वह अभी भी उससे प्यार करती है। जब विजय आखिरकार पूजा के प्यार को स्वीकार करता है और उससे शादी करने का फैसला करता है। तो दोनों परिवारों के बीच झगड़ा आड़े आता है। सन्दर्भ श्रेणी:2007 की फ़िल्में श्रेणी:तमिल फ़िल्में