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411 समाचार
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भारत के प्रधान मंत्रियों की सूची

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thumb|नरेन्द्र मोदी, भारत के वर्तमान (14वें) प्रधानमन्त्री, 26 मई 2014 से भारत के प्रधानमन्त्री भारत गणतन्त्र की सरकार के मुखिया हैं। भारत के प्रधानमन्त्री, का पद, भारत के शासनप्रमुख (शासनाध्यक्ष) का पद है। संविधान के अनुसार, वह भारत सरकार के मुखिया, भारत के राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार, मन्त्रिपरिषद का मुखिया, तथा लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है। वह भारत सरकार के कार्यपालिका का नेतृत्व करता है। भारत की राजनैतिक प्रणाली में, प्रधानमन्त्री, मन्त्रिमण्डल में का वरिष्ठ सदस्य होता है। भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची कुंजी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जनता पार्टी जनता दल भारतीय जनता पार्टी सं. नाम कार्यकाल आरंभ कार्यकाल समाप्त राजनैतिक दल जन्म स्थान शिक्षा चुनाव क्षेत्र 01 जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 27 मई 1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश हैरो स्कूल; ट्रीनीटी कॉलेज, कैम्ब्रीज इलाहाबाद,उत्तर प्रदेश;फूलपूर (इलाहाबाद),उत्तर प्रदेश - गुलजारीलाल नंदा* 27 मई 1964 9 जून 1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सियालकोट, पंजाब इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद मुंबई, महाराष्ट्र 02 लालबहादुर शास्त्री 9 जून 1964 11 जनवरी 1966 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मुगलसराय, उत्तर प्रदेश काशी विद्यापीठ, वाराणसी इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश - गुलजारीलाल नंदा* 11 जनवरी 1966 24 जनवरी 1966 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सियालकोट, पंजाब इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद मुंबई, महाराष्ट्र 03 इन्दिरा गान्धी 24 जनवरी 1966 24 मार्च 1977 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश शांतिनिकेतन, पश्चिम बंगाल;ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंग्लैंड रायबरेली, उत्तर प्रदेश;मेडक, आंध्र प्रदेश 04 मोरारजी देसाई 24 मार्च 1977 28 जुलाई 1979 जनता पार्टी भदेली, गुजरात (अज्ञात) सूरत, गुजरात 05 चौधरी चरण सिंह 28 जुलाई 1979 14 जनवरी 1980 जनता पार्टी मेरठ, उत्तर प्रदेश आगरा विश्वविद्यालय, आगरा चरण सिंह https://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/ pmindia.gov.in 22 जनवरी 2020 https://web.archive.org/web/20191003022440/https://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/ 3 अक्तूबर 2019 dead बागपत, उत्तर प्रदेश (03) इन्दिरा गान्धी 14 जनवरी 1980 31 अक्टूबर 1984 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश शांतिनिकेतन, पश्चिम बंगाल;ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंग्लैंड रायबरेली, उत्तर प्रदेश;मेडक, आंध्र प्रदेश 06 राजीव गान्धी 31 अक्टूबर 1984 2 दिसम्बर 1989 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मुंबई, महाराष्ट्र इलाहाबाद;कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, इंग्लैंड अमेठी, उत्तर प्रदेश 07 विश्वनाथ प्रताप सिंह 2 दिसम्बर 1989 10 नवंबर 1990 जनता दल इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश इलाहाबाद विश्वविद्यालय;पुणे विश्वविद्यालय फतेहपुर, उत्तर प्रदेश 08 चंद्रशेखर 10 नवंबर 1990 21 जून 1991 जनता दल इब्राहिमपट्टी, बलिया, उत्तर प्रदेश इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद बलिया, उत्तर प्रदेश 09 नरसिंह राव 21 जून 1991 16 मई 1996 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस करीमनगर, आंध्र प्रदेशओसमानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद;मुंबई विश्वविद्यालय;नागपुर विश्वविद्यालयनंडयाल, आंध्र प्रदेश 10 अटल बिहारी वाजपेयी 16 मई 1996 1 जून 1996 भारतीय जनता पार्टी ग्वालियर, मध्य प्रदेश लक्ष्मीबाई कॉलेज, ग्वालियर;डीएवी कॉलेज, कानपुर लखनऊ, उत्तर प्रदेश 11 एच डी देवगौड़ा 1 जून 1996 21 अप्रैल 1997 जनता दलहरदानाहल्ली, कर्नाटक हसन, कर्नाटक कनकपुरा; हसन, कर्नाटक 12 इंद्रकुमार गुज़राल 21 अप्रैल 1997 19 मार्च 1998 जनता दल झेलम (अब पाकिस्तान में) डीएवी कॉलेज, हैली कामर्स कॉलेज, लाहौर जलंधर, पंजाब (10) अटल बिहारी वाजपेयी 19 मार्च 1998 19 अक्टूबर 1999 भारतीय जनता पार्टी ग्वालियर, मध्य प्रदेश लक्ष्मीबाई कॉलेज, ग्वालियर;डीएवी कॉलेज, कानपुर लखनऊ, उत्तर प्रदेश 19 अक्टूबर 1999 22 मई 2004 13 मनमोहन सिंह 22 मई 2004 22 मई 2009 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पंजाब प्रान्त के एक गाँव (अब पाकिस्तान में) पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ;कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय;ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय असम राज्यसभा से 22 मई 2009 17 मई 2014 14 नरेन्द्र मोदी** 26 मई 2014 30 मई 2019 भारतीय जनता पार्टी वड़नगर, गुजरात, भारत (अज्ञात) वाराणसी, उत्तर प्रदेश,वडोदरा, गुजरात 30 मई 2019 पदस्थ वाराणसी, उत्तर प्रदेश * कार्यकारी ** कार्यकाल जारी *** भारतीय नैशनल कांग्रेस बन गयी कांग्रेस आई (आई, इंदिरा के लिए) कालखण्ड-अनुसार प्रधानमंत्रीपद का इतिहास समयरेखा width:800 height:auto barincrement:20 PlotArea = top:10 bottom:50 right:130 left:20 AlignBars = late Define $today = Colors = id:SJP value:kelleygreen legend:सजपा id:JD value:green legend:जद id:INC(R) value:brightblue legend:इंका(र) id:INC value:rgb(0.435,0.85,0.866) legend:इंका id:JP value:darkblue legend:जप id:BJP value:orange legend:भाजपा id:JPS value:rgb(0.153,0.204,0.255) legend:जपा(स) id:gray1 value:gray(0.8) id:gray2 value:gray(0.9) DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1945 till:$today TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMinor = gridcolor:gray2 unit:year increment:1 start:1945 ScaleMajor = gridcolor:gray1 unit:year increment:5 start:1945 Legend = columns:4 left:150 top:24 columnwidth:200 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text: Political Party BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:S shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 15/08/1947 till: 27/05/1964 color:INC text:"जवाहरलाल नेहरू" fontsize:10 from: 27/05/1964 till: 09/06/1964 color:INC text:"गुल्ज़ारीलाल नन्दा(कार्यकारी)" fontsize:10 from: 09/06/1964 till: 11/01/1966 color:INC text:"लाल बहादुर शास्त्री" fontsize:10 from: 11/01/1966 till: 24/01/1966 color:INC text:"गुल्ज़ारीलाल नन्दा(कार्यकारी)" fontsize:10 from: 24/01/1966 till: 24/03/1977 color:INC text:"इन्दिरा गांधी" fontsize:10 from: 24/03/1977 till: 28/07/1979 color:JP text:"मोरारजी देसाई" fontsize:10 from: 28/07/1979 till: 14/01/1980 color:JPS text:"चरण सिंह" fontsize:10 from: 14/01/1980 till: 31/10/1984 color:INC(R) text:"इन्दिरा गांधी" fontsize:10 from: 31/10/1984 till: 02/12/1989 color:INC text:"राजीव गांधी" fontsize:10 from: 02/12/1989 till: 10/11/1990 color:JD text:"विश्वनाथ प्रताप सिंह" fontsize:10 from: 10/11/1990 till: 21/06/1991 color:SJP text:"चन्द्र शेखर" fontsize:10 from: 21/06/1991 till: 16/05/1996 color:INC text:"पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव" fontsize:10 from: 16/05/1996 till: 01/06/1996 color:BJP text:"अटल बिहारी वाजपेयी" fontsize:10 from: 01/06/1996 till: 21/04/1997 color:JD text:"ऍच॰ डी॰ देवगौड़ा" fontsize:10 from: 21/04/1997 till: 19/03/1998 color:JD text:"इन्द्र कुमार गुजराल" fontsize:10 from: 19/03/1998 till: 22/05/2004 color:BJP text:"अटल बिहारी वाजपेयी" fontsize:10 from: 22/05/2004 till: 26/04/2014 color:INC text:"मनमोहन सिंह" fontsize:10 from: 26/04/2014 till: end color:BJP text:"नरेन्द्र मोदी" fontsize:10 १९४७-१९८० thumb|right|200px|प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू(दाए) और अगले प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री(बाएँ), के० कामराज(मध्य) के साथ, १९५५ से पूर्व की तस्वीर thumb|right|200px|इंदिरा गांधी, १९७७ वर्ष १९४७ से २०१७ तक, प्रधानमन्त्री के इस पद पर कुल १४ पदाधिकारी अपनी सेवा दे चुके हैं। और यदि गुलज़ारीलाल नन्दा को भी गिनती में शामिल किया जाए, गुलज़ारीलाल नंद की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191702/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%be/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ) जो कि दो बार कार्यवाही प्रधानमन्त्री के रूप में अल्पकाल हेतु अपनी सेवा दे चुके हैं, तो यह आंकड़ा १५ तक पहुँचता है। १९४७ के बाद के, कुछ दशकों तक. भारतीय राजनैतिक मानचित्र पर, कांग्रेस पार्टी का लगभग चुनौती विहीन, निरंतर राज रहा। इस काल के दौरान भारत ने, कांग्रेस के नेतृत्व में कई मज़बूत सरकारों का राज देखा, जिनका नेतृत्व कई शक्तिशाली व्यक्तित्व के प्रधान-मन्त्री-गणों ने किया। भारत के पहले प्रधानमन्त्री, जवाहरलाल नेहरू थे, जिन्होंने १५ अगस्त १९४७ में, भारत के स्वाधीनता समारोह के साथ, अपने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने अविरल १७ वर्षों तक भारत को अपनी सेवायें दी। वे ३ पूर्ण और एक खण्डित कार्यकाल तक इस पद पर विराजमान रहे। उनका कार्यकाल, मई १९६४ में उनकी मृत्यु के साथ समाप्त हुआ। वे अब तक के, सबसे लंबे समय तक शासन संभालने वाले प्रधानमन्त्री हैं। जवाहरलाल नेहरू की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191651/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%82/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद, उन्हीके पार्टी के, लाल बहादुर शास्त्री इस पद पर विद्यमान हुए, जिनके लघुकालिक १९-महीने के कार्यकाल में भारत ने वर्ष १९६५ का कश्मीर युद्ध और उसमे पाकिस्तान की पराजय देखी। युद्ध के पश्चात्, ताशकन्द के शांति-समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, ताशकन्द में ही उनकी अकारण व अकस्मात् मृत्यु हो गयी।प्रधानमन्त्री शास्त्री-प्रधानमन्त्री वीडियो सीरीज, यूट्यूब (वीडियो)प्रधानमन्त्री शास्त्री के मृत्यु के बाद-प्रधानमन्त्री, यूट्यूब वीडियो सीरियसकी संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191635/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट शास्त्री के बाद, प्रधानमन्त्री पद पर, ज ला नेहरू की पुत्री, इंदिरा गांधी इस पद पर, देश की पहली महिला प्रधानमन्त्री के तौर पर निर्वाचित हुईं। इंदिरा के पहले दो कार्यकाल ११ वर्षों तक चले, जिसमें उन्होंने, बैंकों का राष्ट्रीयकरण और पूर्व राजपरिवारों को मिलने वाले शाही भत्ते और राजकीय उपाधियों की समाप्ती, जैसे कठोर कदम उठाये। साथ ही पाकिस्तान से १९७१ का युद्ध और बांग्लादेश की स्थापना, जनमत-संग्रह द्वारा सिक्किम का भारत में अभिगमन, पोखरण में भारत के पहले परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक घटनाएँ भी इंदिरा गांधी के इस शासनकाल में हुआ। परंतु इन तमाम उपलब्धियों के बावजूद, १९७५ से १९७७ तक का कुख्यात आपातकाल भी इंदिरा गांधी ने ही लगवाया था। यह समय सरकार द्वारा, आंतरिक उथल-पुथल और अराजकता को "नियंत्रित" करने हेतु, लोकतांत्रिक नागरिक अधिकारों की समाप्ती और 'राजनैतिक विपक्ष के दमन' के लिए कुख्यात रहा।इंदिरा गांधी की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191654/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-2/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइटhttp://www.pravakta.com/emergency-banaras-hindu-university-and-the-memories-part-1 आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-१ 30 नवंबर 2016 https://web.archive.org/web/20150627164209/http://www.pravakta.com/emergency-banaras-hindu-university-and-the-memories-part-1 27 जून 2015 live इमरजेंसी: लोकतंत्र का काला अध्याय https://web.archive.org/web/20150627202404/http://rajasthanpatrika.patrika.com/news/emergency-black-chapter-of-democracy/1161267.html 27 जून 2015 (राजस्थान पत्रिका)आपातकाल और लोकतंत्र https://web.archive.org/web/20150619090456/http://www.pravakta.com/emergency-and-democracy 19 जून 2015 (प्रवक्ता डॉट कॉम) thumb|left|170px|प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, "दिल्ली धोषणा" के मसौदे पर हस्ताक्षर करते हुएthumb|left|170px|प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, सोवियत संघ के कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव, शर्बित्स्की के साथ, १९८२ इस आपातकाल के कारण, इंदिरा के खिलाफ उठी विरोध की लहर के कारण, आपातकाल के समापन के बाद, १९७७ के चुनावों में, विपक्ष के तमाम राजनैतिक दलों ने, संगठित रूप से जनता पार्टी के छत्र के नीचे, कांग्रेस के खिलाफ एकजुट होकर लड़ा, और कांग्रेस को बुरी तरह पराजित करने में सफल रही। जनता पार्टी की गठबंधन के तरफ से मोरारजी देसाई देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमन्त्री बने। प्रधानमन्त्री मोरारजी देसाई की सरकार अत्यंत विस्तृत एवं कई विपरीत विचारधाराओं की राजनीतिक दलों द्वारा रचित थी, जिनका एकजुट होकर, विभिन्न राजनैतिक निर्णयों पर एकमत ना हो पाने से समन्वय बनाकर रखना बहुत कठिन था। अंततः ढाई वर्षों के शासन के बाद, २८ जुलाई १९७९ को मोरारजी के इस्तीफ़े के साथ ही उनकी सरकार गिर गई। मोरारजी देसाई की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191645/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/shri-morarji-desai/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट तत्पश्चात्, क्षणिक समय के लिए, मोरारजी की सरकार में उपप्रधानमन्त्री रहे, चौधरी चरण सिंह ने कांग्रेस के समर्थन से, बहुमत सिद्ध किया और प्रधानमन्त्री की शपथ ली। उनका कार्यकाल केवल ५ महीनों तक चला (जुलाई १९७९ से जनवरी १९८०)। उन्हें भी घटक दलों के साथ समन्वय बना पाना कठिन रहा, अंततः कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के कारण उनहोंने भी बहुमत खो दिया, और उन्हें भी इस्तीफा देना पड़ा।चरण सिंह की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191637/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट इन तकरीबन ३ वर्षों की सत्ता से बेदखली के बाद, कांग्रेस पुनः भरी बहुमत के साथ सत्ता में आई, और इंदिरा गांधी को अपने दुसरे कार्यकाल के लिए निर्वाचित किया गया। इस दौरान, उनके द्वारा की गयी सबसे कठोर एवं विवादस्पद कदम था ऑपरेशन ब्लू स्टार, जिसे अमृतसर के हरिमंदिर साहिब में छुपे हुए खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ किया गया था। अंत्यतः,उनका कार्यकाल, ३१ दिसंबर १९८४ की सुबह को उनकी हत्या के साथ समाप्त हो गया। १९८०-२००० thumb|right|200px|प्रधानमंत्री राजीव गांधी, वर्ष १९८९ thumb|right|200px| प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह इंदिरा के बाद, भारत के प्रधानमन्त्री बने, उनके ज्येष्ठ पुत्र, राजीव गांधी, जिन्हें, ३१ अक्टूबर की शाम को ही कार्यकाल की शपथ दिलाई गयी। उन्होंने पुनः निर्वाचन करवाया और इस बार, कांग्रेस ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त कर, विजयी हुई। १९८४ के चुनाव में कांग्रेस ने लोकसभा में ४०१ सांसद संख्या का विशाल बहुमत प्राप्त किया था, जो कि किसी भी दल द्वारा प्राप्त किया गये बहुमत में से विशालतम संख्या है। ४० वर्ष की युवा आयु में प्रधानमन्त्री पद की शपथ लेने वाले राजीव गांधी, इस पद पर विराजमान होने वाले सबसे युवा व्यक्ति हैं।राजीव गांधी की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191659/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-2/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट राजीव गांधी की हत्या के बाद, राष्ट्रीय मंच पर उभरे, विश्वनाथ प्रताप सिंह, जोकि राजीव गांधी की कैबिनेट में, वित्तमंत्री और रक्षामंत्री के पद पर थे। अपनी साफ़ छवि के लिए जाने जाने वाले विश्वनाथ प्रताप सिंह ने अपने वित्तमंत्रीत्व और रक्षामंत्रीत्व के समय, भ्रष्टाचार, कला-बाज़ारी और टैक्स-चोरी जैसी समस्याओं के खिलाफ कई कदम उठाये थे, कहा जाता है कि इसीलिए विश्वनाथ प्रताप सिंह के बढ़ते प्रभाव को खतरा मान राजीव गांधी ने उन्हें मंत्रिमंडल से १९८७ में निष्कासित कर दिया था। १९८८ में उन्होंने जनता दल नमक राजनैतिक दल की स्थापना की, और अनेक कांग्रेस-विरोधी दलों की मदद से नेशनल फ्रंट नमक गठबंधन का गठन किया। १९८९ के चुनाव में कांग्रेस ६४ सीटों तक सीमित रह गयी, जबकि नेशनल फ्रंट, सबसे बड़ा गठबंधन बन कर उभरा। भारतीय जनता पार्टी और वामपंथी दलों के बाहरी समर्थन के साथ नेशनल फ्रंट ने सरकार बनाई, जिसका नेतृत्व विश्वनाथ प्रताप सिंह को दिया गया। वी.पी. सिंह के कार्यकाल में सामाजिक न्याय की दिशा में कई कदम उठाये गए , जिनमे से एक विवादास्पद निर्णय भी था, वी पी सिंह ने अनारक्षितों के राष्ट्रव्यापी उग्र विरोध को, सामाजिक समानता की तुलना में वरीयता देते हुए, अनदेखा कर, मंडल आयोग के अन्य पिछड़ी जातियों को भी आरक्षण देने के सुझावों को मानते हुए, अन्य पिछड़े वर्ग में आने वाले लोगो के लिए भी नौकरी और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का प्रावधान पारित कराया। इसके अलावा, उन्होंने, राजीव गांधी के काल में, श्रीलंका में तमिल आतंकवादियों के खिलाफ जारी भारतीय शांति सेना की कार्रवाई पर भी रोक लगा दी। अमृतसर के हरमिंदर साहिब में ऑपरेशन ब्लू स्टार हेतु क्षमा-याचना के लिए उनकी यात्रा, और उसके बाद के घटनाक्रमों ने बीते बरसों से पंजाब में तनाव को लगभग पूरी तरह शांत कर दिया था। परंतु अयोध्या में "कारसेवा" के लिए जा रहे लालकृष्ण आडवाणी की "रथ यात्रा" को रोक, आडवानी की गिरफ़्तारी के बाद, भाजपा ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। तब वी.पी.सिंह ने ७ नवंबर १९९० को अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया। बोफोर्स घोटाले की कहानी-प्रधानमन्त्रीमंडल कमीशन और वी पी सिंह का अंत-प्रधानमन्त्री वीडियो सीरीज, यूट्यूबविश्वनाथ प्रताप सिंह http://politics.jagranjunction.com/2011/08/09/former-prime-minister-vishwa-nath-pratap-singh/ http://politics.jagranjunction.com/ जागरण जंक्शन 17 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150720212729/http://politics.jagranjunction.com/2011/08/09/former-prime-minister-vishwa-nath-pratap-singh/ 20 जुलाई 2015 deadवी पी सिंह की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191640/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/1665-2/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट वी पी सिंह के इस्तीफे के बाद, उनके पुर्व साथी, चंद्रशेखर ने ६४ सांसदों के साथ समाजवादी जनता पार्टी गठित की और कांग्रेस के समर्थन के साथ, लोकसभा में बहुमत सिद्ध किया। परंतु उनका प्रधानमन्त्री काल, अधिक समय तक नहीं चल सका। कांग्रेस की समर्थन वापसी के कारण, नवंबर १९९१ में चंद्रशेखर का एक वर्ष से भी कम का कार्यकाल समाप्त हुआ, और नए चुनाव घोषित किये गए।प्रधानमन्त्री चंद्रशेखर की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191643/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%b0/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट thumb|left|180px|राष्ट्रीय विज्ञानं केंद्र में प्रधानमंत्री नरसिंह राव प्रधानमन्त्री चंद्रशेखर के ६ महीनों के शासनकाल के पश्चात्, कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, इस बार, पमुलापति वेंकट नरसिंह राव के नेतृत्व में। नरसिंह राव, दक्षिण भारतीय मूल के पहले प्रधानमन्त्री थे। साथ ही वे न केवल नेहरू-गांधी परिवार से बहार के पहले कांग्रेसी प्रधानमन्त्री थे, बल्कि वे नेहरू-गांधी परिवार के बाहर के पहले ऐसे प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने अपना पूरे पाँच वर्षों का कार्यकाल पूरा किया। नरसिंह राव जी का कार्यकाल, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक एवं ऐतिहासिक परिवर्तन का समय था। अपने वित्तमंत्री, मनमोहन सिंह के ज़रिये, नरसिंह राव ने भारतीय अर्थव्यवस्था की उदारीकरण की शुरुआत की, जिसके कारण, भारत की अबतक सुस्त पड़ी, खतरों से जूझती अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया। इन उदारीकरण के निर्णयों से भारत को एक दृढतः नियंत्रित, कृषि-उद्योग मिश्रित अर्थव्यवस्था से एक बाज़ार-निर्धारित अर्थव्यवस्था में तब्दील कर दिया गया। इन आर्थिक नीतियों को, आगामी सरकारों ने भी जारी रखा, जिनने भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व की सबसे गतिशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाया।देश की आर्थिक आजादी के मसीहा: नरसिंह राव https://web.archive.org/web/20161201012523/http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=48745 1 दिसंबर 2016 , बिज़नस-स्टॅण्डर्डनरसिंह राव की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20170512050142/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/shri-p-v-narasimha-rao/ 12 मई 2017 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट इन आर्थिक परिवर्तनों के आलावा, नरसिंह राव के कार्यकाल में भारत ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि के विवादित ढांचे का विध्वंस और भारतीय जनता पार्टी का एक राष्ट्रीय स्तर के दल के रूप में उदय भी देखा। नरसिंह राव जी का कार्यकाल, मई १९९६ को समाप्त हुआ, जिसके बाद, देश ने अगले तीन वर्षों में चार, लघुकालीन प्रधानमन्त्रीयों को देखा: पहले अटल बिहारी वाजपेयी का १३ दिवसीय शासनकाल, तत्पश्चात्, प्रधानमन्त्री एच डी देवगौड़ा (1 जून, 1996 से 21 अप्रेल, 1997) और इंद्रकुमार गुज़राल(21 अप्रेल, 1997 से 19 मार्च, 1998), दोनों की एक वर्ष से कम समय का कार्यकाल एवं तत्पश्चात्, पुनः प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी की १९ माह की सरकार।देवगौड़ा जी की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191656/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%9a-%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइटगुजराल जी की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20161130191648/http://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b2/ 30 नवंबर 2016 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट १९९८ में निर्वाचित हुए प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने कुछ अत्यंत ठोस और चुनौती पूर्ण कदम उठाए। मई १९९८ में सरकार के गठन के एक महीने के बाद, सरकार ने पोखरण में पाँच भूतालिया परमाणु विस्फोट करने की घोषणा की। इन विस्फोटों के विरोध में अमरीका समेत कई पश्चिमी देशों ने भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए, परंतु रूस, फ्रांस, खाड़ी देशों और कुछ अन्य के समर्थन के कारण, पश्चिमी देशों का यह प्रतिबंध, पूर्णतः विफल रहा।http://www.britannica.com/EBchecked/topic/621705/Atal-Bihari-Vajpayee भारत के प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिक 25 दिसंबर 1924 24 नवंबर 2012 https://web.archive.org/web/20150507144124/http://www.britannica.com/EBchecked/topic/621705/Atal-Bihari-Vajpayee 7 मई 2015 live enभारत का परमाणु परिक्षण https://web.archive.org/web/20131015105419/http://cns.miis.edu/other/indbomb.pdf 15 अक्तूबर 2013 en इस आर्थिक प्रतिबंध की परिस्थिति को बखूबी संभालने को अटल सरकार की बेहतरीन कूटनीतिक जीत के रूप में देखा गया। भारतीय परमाणु परीक्षण के जवाब में कुछ महीने बाद, पाकिस्तान ने भी परमाणु परीक्षण किया।श्री-अटल-बिहारी-वाजपेयी की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20190714042520/https://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a5%80/ 14 जुलाई 2019 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट दोनों देशों के बीच बिगड़ते हालातों को देखते हुए, सरकार ने रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की। फ़रवरी १९९९ में दोनों देशों ने लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किये, जिसमें दोनों देशों ने आपसी रंजिश खत्म करने, व्यापार बढ़ने और अपनी परमाणु क्षमता को शांतिपूर्ण कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की घोषणा की। २०००-वर्त्तमान thumb|right|200px|अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ प्रधानमंत्री वाजपेयी १७ अप्रैल १९९९ को जयललिता की पार्टी आइएदमक ने सरकार से अपना समर्थन है दिया, और नए चुनावों की घोषणा करनी पड़ी। http://news.bbc.co.uk/2/hi/special_report/1998/india_elections/61761.stm Atal Bihari Vajpayee: India's new prime minister 3 मार्च 1998 बीबीसी न्यूज़ 3 March 1998 https://web.archive.org/web/20161205150717/http://news.bbc.co.uk/2/hi/special_report/1998/india_elections/61761.stm 5 दिसंबर 2016 live http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/322065.stm South Asia Vajpayee's thirteen months 17 अप्रैल 1999 बीबीसी न्यूज़ 17 April 1999 https://web.archive.org/web/20161130192857/http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/322065.stm 30 नवंबर 2016 live तथा अटल सरकार को चुनाव तक, सामायिक शासन के स्तर पर घटा दिया गया। इस बीच, कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठ की खबर आई, और अटलजी की सरकार ने सैन्य कार्रवाई के आदेश दे दिए। यह कार्रवाई सफल रही और करीब २ महीनों के भीतर, भारतीय सऐना ने पाकिस्तान पर विजय प्राप्त कर ली। १९९९ के चुनाव में भाजपा के नेतृत्व की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बहुमत प्राप्त की, और प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी अपनी कुर्सी पर बरकरार रहे। अटल ने आर्थिक उदारीकरण की प्रक्रिया को बरक़रार रखा और उनके शासनकाल में भारत ने अभूतपूर्व आर्थिक विकास दर प्राप्त किया। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सहूलियतों के विकास के लिए सरकार ने कई निर्णायक कदम उठाए, जिनमें, राजमार्गों और सडकों के विकास के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना और प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाएँ शामिल हैं।http://news.in.msn.com/National/independenceday09/article.aspx?cp-documentid=3131559&page=4 Vajpayee, the right man in the wrong party – ,Vajpayee, the right man in the wrong party – 4 – ,4 – National News – News – MSN India MSN 24 नवंबर 2012 https://archive.today/20130104050819/http://news.in.msn.com/National/independenceday09/article.aspx?cp-documentid=3131559&page=4 4 जनवरी 2013 dead enMahapatra Dhananjay NDA regime constructed 50% of national highways laid in last 30 years: Centre http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-07-02/india/40328372_1_national-highways-state-highways-total-road-network 26 नवम्बर 2013 द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया 2 जुलाई 2013 https://web.archive.org/web/20131202231111/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-07-02/india/40328372_1_national-highways-state-highways-total-road-network 2 दिसंबर 2013 live en परंतु, उनके शासनकाल के दौरान, वर्ष २००२ में, गुजरात में गोधरा कांड के बाद भड़के हिन्दू-मुस्लिम दंगों ने विशेष कर गुजरात एवं देश के अन्य कई हिस्सों में, स्वतंत्रता-पश्चात् भारत के सबसे हिंसक और दर्दनाक सामुदायिक दंगों को भड़का दिया। सरकार पर और गुजरटी के तत्कालीन मुख्यमंत्री , नरेंद्र मोदी, पर उस समय, दंगो के दौरान रोक-थाम के उचित कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया गया था। प्रधानमन्त्री वाजपेयी का कार्यकाल मई २००४ को समाप्त हुआ। वे देश के पहले ऐसे ग़ैर-कांग्रेसी प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने अपना पूरे पाँच वर्षों का कार्यकाल पूर्ण किया था। २००४ के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, लोकसभा में बहुमत प्राप्त करने में अक्षम रहा, और कांग्रेस सदन में सबसे बड़ी दल बन कर उबरी। वामपंथी पार्टियों और कुछ अन्य दलों के समर्थन के साथ, कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए(संयुक्त विकासवादी गठबंधन) की सरकार स्थापित हुई, और प्रधानमन्त्री बने, मनमोहन सिंह। वे देश के पहले सिख प्रधानमन्त्री थे। उन्होंने, दो पूर्ण कार्यकालों तक इस पद पर अपनी सेवा दी थी। उनके कार्यकाल में, देश ने प्रधानमन्त्री वाजपेयी के समय हासिल की गए आर्थिक गति को बरक़रार रखा।https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/geos/in.html#Econ CIA – वर्ल्ड फॅक्टबूक Cia.gov 15 फ़रवरी 2011 https://web.archive.org/web/20080611033144/https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/geos/in.html#Econ 11 जून 2008 live enhttp://www.ukibc.com/ukindia2/files/India60.pdf द इण्डिया रिपोर्ट ऍस्टेयर रिपोर्ट dead https://web.archive.org/web/20090114195859/http://www.ukibc.com/ukindia2/files/India60.pdf 14 जनवरी 2009 en इसके अलावा, सरकार ने आधार(विशिष्ट पहचान पत्र), और सूचना अधिकार जैसी सुविधाएँ पारित की। इसके अलावा, मनमोहन सिंह के कार्यकाल में अनेक सामरिक और सुरक्षा-संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ा। २६ नवंबर २००८ को मुम्बई पर हुए आतंकवादी हमले के बाद, देश में कई सुरक्षा सुधर कार्यान्वित किये गए। उनके पहले कार्यकाल के अंत में अमेरिकाके के साथ, नागरिक परमाणु समझौते के मुद्दे पर, लेफ़्ट फ्रंट के समर्थन वापसी से सरकार लगभग गिरने के कागार पर पहुँच चुकी थी, परंतु सरकार बहुमत सिद्ध करने में सक्षम रही। २००९ के चुनाव में कांग्रेस, और भी मज़बूत जनादेश के साथ, सदन में आई, और प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह प्रधानमन्त्री के आसान पर विद्यमान रहे।डॉ-मनमोहन-सिंह की संक्षिप्त जीवनी https://web.archive.org/web/20190714054824/https://www.pmindia.gov.in/hi/former_pm/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/ 14 जुलाई 2019 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह का दूसरा कार्यकाल, अनेक उच्चस्तरीय घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही। साथ ही आर्थिक उदारीकरण के बाद आई प्रशंसनीय आर्थिक गति भी सुस्त पद गयी, और अनेक महत्वपूर्ण परिस्थितियों में ठोस व निर्णायक कदम न उठा पाने के कारण सरकार सरकार की छवि काफी ख़राब हुई थी। प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह का कार्यकाल, २०१४ में समाप्त हो गया।India's Manmohan Singh to step down as PM http://www.theguardian.com/world/2014/jan/03/india-manmohan-singh-rahul-gandhi-narendra-modi 20 April 2015 द गार्डियन ३ जनवरी २०१४ https://web.archive.org/web/20150427111604/http://www.theguardian.com/world/2014/jan/03/india-manmohan-singh-rahul-gandhi-narendra-modi 27 अप्रैल 2015 live en २०१४ के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, जिसने भ्रस्टाचार और आर्थिक विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था, ने अभूतपूर्व बहुमत प्राप्त किया, और नरेंद्र मोदी को प्रधानमन्त्री नियुक्त किया गया। वे पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमन्त्री हैं, जोकि पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता पर विद्यमान हुए हैं। साथ ही वे पहले ऐसे प्रधानमन्त्री हैं, जोकि आज़ाद भारत में जन्मे हैं।प्रधानमन्त्री मोदी के बारे में... https://web.archive.org/web/20190810042953/https://www.pmindia.gov.in/hi/%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8-2/ 10 अगस्त 2019 , प्रधानमन्त्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट कालक्रम इन्हें भी देखें भारत के प्रधान मंत्री भारत का केन्द्रीय मंत्रिमंडल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पीएम केयर्स फंड सन्दर्भ 3 बाहरी कड़ियाँ भारत के प्रधानमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट) प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट-पूर्व प्रधानमंत्रीगण के बारे में "प्रधानमंत्री"- भारतीय प्रधानमंत्रीपद के इतिहास पर विशेष वीडियो सिरीज़सितंबर 2021 InternetArchiveBot , यूट्यूब(हिंदी वीडियो सिरीज़) *