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411 समाचार
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हिन्दी

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हिन्दी आधुनिक मानक हिन्दी hi ˈɦɪndiː भारत हिन्दी पट्टी (पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली) बोलनेवाले मातृभाषा: ५२.८३ करोड़हिन्दी और उससे संबंधित विभिन्न भाषाओं के वक्ता जिन्होंने अपनी भाषा 'हिन्दी' बताई २०११ जनगणना द्वितीय भाषा: २५ करोड़ (२०११)hinकुल: ७७.८३ करोड़ (२०११)hinशुद्ध हिंदी ५२ करोड़ निर्धारित भाषाएँ वक्ताओं की संख्या के अनुसार - 2011 http://www.censusindia.gov.in/2011Census/Language-2011/Statement-1.pdf भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त 29 जून 2018hin Indo-european हिन्द-ईरानी भाषाएँ हिन्द-आर्य भाषाएँ मध्य हिन्द-आर्य भाषाएँ पश्चिमी हिन्दी भाषाएँ हिन्दुस्तानी भाषाHindustani शौरसेनी प्राकृत अपभ्रंश पुरानी हिन्दी हिन्दुस्तानी भाषा रेख़्ता *देवनागरी (आधिकारिक) कैथी लिपि (ऐतिहासिक) महाजनी लिपि (ऐतिहासिक) लण्डा (ऐतिहासिक)Gangopadhyay Avik Glimpses of Indian Languages Evincepub publishing 2020 978-93-90197-82-8 43 देवनागरी ब्रेल en Devanagari Braille लातिनी (हिंग्लिश) *भारत अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह बिहार चण्डीगढ़ छत्तीसगढ़ दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव दिल्ली गुजरात हरियाणा हिमाचल प्रदेश जम्मू और कश्मीर झारखण्ड लद्दाख़ मध्य प्रदेश महाराष्ट्र (अतिरिक्त) राजस्थान उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड पश्चिम बंगाल (अतिरिक्त) फ़िजी दक्षिण अफ़्रीका (संरक्षित भाषा)दक्षिण अफ्रीका का संविधान, 1996 – अध्याय 1: मूल प्रावधान http://www.gov.za/documents/constitution/chapter-1-founding-provisions www.gov.za 6 दिसम्बर 2014 संयुक्त अरब अमीरात (आधिकारिक न्यायालय भाषा)https://www.thehindu.com/news/international/abu-dhabi-includes-hindi-as-third-official-court-language/article26229023.ece अबू धाबी ने हिन्दी को तीसरी आधिकारिक न्यायालय भाषा बनाया The Hindu 10 फरवरी 2019 www.thehindu.com मॉरीशस (सांस्कृतिक भाषा के रूप में) Hindi Speaking Union Act https://culture.govmu.org/Pages/Legislations/The%20Hindi%20Speaking%20Union%20%20Act%201994.pdf www.culture.govmu.org केन्द्रीय हिन्दी निदेशालयhttp://hindinideshalaya.nic.in/english/aboutus/aboutus.html हमारे बारे में केंद्रीय हिन्दी निदेशालय https://web.archive.org/web/20120504043836/http://hindinideshalaya.nic.in/english/aboutus/aboutus.html 4 मई 2012 18 फरवरी 2014 hi hin hin 59-AAF-qf Hindi (हिंदी) 1.0 देवनागरी लिपि में "हिन्दी" शब्द Hindi 2011 Indian Census by district.svg भारत में २०११ जनगणना के अनुसार हिन्दी मातृभाषा वक्ताओं का वितरण भारतीय भारतीय हस्ताक्षर प्रणाली hind1269 हिन्दी NE आधुनिक मानक हिन्दी, जिसे सामान्यतः हिन्दी या हिंदी कहा जाता है, विश्व की एक प्रमुख भाषा और भारत की राजभाषा है। केन्द्रीय स्तर पर अंग्रेज़ी सह-आधिकारिक भाषा है। आधुनिक मानक हिन्दी में संस्कृत के तत्सम और तद्भव शब्दों का प्रयोग अधिक होता है, जबकि अरबी–फ़ारसी शब्द अपेक्षाकृत कम हैं। भारत का संविधान हिन्दी को राजभाषा के रूप में मान्यता देता है और यह भारत में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। संविधान में 'राष्ट्रभाषा' शब्द का उल्लेख नहीं है, इसलिए हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं बल्कि राजभाषा है।https://www.firstpost.com/india/why-hindi-isnt-the-national-language-6733241.html Why Hindi isn't the national language https://web.archive.org/web/20190603135908/https://www.firstpost.com/india/why-hindi-isnt-the-national-language-6733241.html 3 जून 2019 3 जून 2019 deadhttp://timesofindia.indiatimes.com/india/Theres-no-national-language-in-India-Gujarat-High-Court/articleshow/5496231.cms There's no national language in India: Gujarat High Court Khan Saeed 25 January 2010 Ahmedabad 5 May 2014 द टाइम्स ऑफ इण्डिया टाइम्स समूह live https://web.archive.org/web/20140318040319/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Theres-no-national-language-in-India-Gujarat-High-Court/articleshow/5496231.cms 18 March 2014 dmy-all ऍथनोलॉग के अनुसार, हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।http://www.newsonair.com/News?title=Hindi-is-3rd-most-spoken-language-in-the-world-with-615-million-speakers-after-English%2C-Mandarin&id=381514 Hindi is 3rd most spoken language in the world with 615 million speakers after English, Mandarin 18 फरवरी 2020 14 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20200414045450/http://www.newsonair.com/News?title=Hindi-is-3rd-most-spoken-language-in-the-world-with-615-million-speakers-after-English%2C-Mandarin&id=381514 dead विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है।https://www.weforum.org/agenda/2016/12/these-are-the-most-powerful-languages-in-the-world/ These are the most powerful languages in the world World Economic Forum 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190324152019/https://www.weforum.org/agenda/2016/12/these-are-the-most-powerful-languages-in-the-world/ 24 मार्च 2019 live २०११ में ५७.१% भारतीय जनसंख्या हिन्दी जानती है, जिसमें से ४३.६३% भारतीय लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा या मातृभाषा घोषित किया था।https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms Hindi mother tongue of 44% in India, Bangla second most spoken 27 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180720174858/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms 20 जुलाई 2018 livehttps://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823 What India speaks: South Indian languages are growing, but not as fast as Hindi 29 जून 2018 https://web.archive.org/web/20190216003937/https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823 16 फरवरी 2019 deadhttps://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms Only 12% Hindi speakers bilingual: Census 13 नवंबर 2018 https://web.archive.org/web/20181113172718/https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms 13 नवंबर 2018 live इसके अतिरिक्त भारत, पाकिस्तान और अन्य देशों में १४.१ करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली उर्दू, व्याकरण के आधार पर हिन्दी के समान है, एवं दोनों ही हिन्दुस्तानी भाषा की परस्पर सुबोध रूप हैं। एक विशाल संख्या में लोग हिन्दी और उर्दू दोनों को ही समझ सकते थे। भारत में हिन्दी, विभिन्न भारतीय राज्यों की १४ आधिकारिक भाषाओं और क्षेत्र की बोलियों का उपयोग करने वाले लगभग १ अरब लोगों में से अधिकांश की दूसरी भाषा है। हिन्दी भारत में संपर्क भाषा का कार्य करती है https://www.hindustantimes.com/india-news/how-languagesintersect-in-india/story-g3nzNwFppYV7XvCumRzlYL.html How languages intersect in India Hindustan Times 26 नवंबर 2018 https://web.archive.org/web/20181122091352/https://www.hindustantimes.com/india-news/how-languagesintersect-in-india/story-g3nzNwFppYV7XvCumRzlYL.html 22 नवंबर 2018 livehttps://www.hindustantimes.com/static/iframes/language_probability_interactive/index.html How many Indians can you talk to? www.hindustantimes.com 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20181122133636/https://www.hindustantimes.com/static/iframes/language_probability_interactive/index.html 22 नवंबर 2018 live और कुछ हद तक पूरे भारत में सामान्यतः एक सरल रूप में समझी जाने वाली भाषा है। कभी कभी 'हिन्दी' शब्द का प्रयोग नौ भारतीय प्रदेशों के संदर्भ में भी उपयोग किया जाता है, जिन की आधिकारिक भाषा हिन्दी है और हिन्दी भाषी बहुमत है, अर्थात् बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर (२०२० से) उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का। हिन्दी और इस बोलियाँ संपूर्ण भारत के विविध राज्यों में बोली जाती हैं। भारत और अन्य देशों में भी लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं।https://indianexpress.com/article/research/hindi-diwas-2018-hindi-travelled-to-these-five-countries-from-india/ Hindi Diwas 2018: Hindi travelled to these five countries from India 14 सितंबर 2018 https://web.archive.org/web/20190403145939/https://indianexpress.com/article/research/hindi-diwas-2018-hindi-travelled-to-these-five-countries-from-india/ 3 अप्रैल 2019 1 मार्च 2019 live फिजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम, नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात में भी हिन्दी या इस की मान्य बोलियों का उपयोग करने वाले लोगों की बड़ी संख्या मौजूद है। अपनी पहचान बनाती हिंदी, वैश्विक मंच पर भारत की मजबूती से ही देश की भाषाओं को मिलेगा सम्मानफरवरी २०१९ में अबू धाबी में हिन्दी को न्यायालय की तीसरी भाषा के रूप में मान्यता मिली।https://www.prabhasakshi.com/literaturearticles/abu-dhabi-recognises-hindi-language वसंत पंचमी पर अबू धाबी से हिन्दी भाषा के लिए आया सुखद संदेश https://web.archive.org/web/20190215053440/https://www.prabhasakshi.com/literaturearticles/abu-dhabi-recognises-hindi-language 15 फ़रवरी 2019 1 मार्च 2019 deadhttps://hindi.timesnownews.com/world/article/hindi-to-become-third-language-used-in-abu-dhabi-dubai-court-system/363296 मुस्लिम देश अबू धाबी का ऐतिहासिक फैसला, हिन्दी को बनाया अदालतों में तीसरी आधिकारिक भाषा hindi.timesnownews.com https://web.archive.org/web/20190215050340/https://hindi.timesnownews.com/world/article/hindi-to-become-third-language-used-in-abu-dhabi-dubai-court-system/363296 15 फरवरी 2019 1 मार्च 2019 dead[ https://hindi.oneindia.com/news/india/the-abu-dhabi-judicial-department-acknowledged-hindi-language-as-official-language-492820.html https://web.archive.org/web/20190215050353/https://hindi.oneindia.com/news/india/the-abu-dhabi-judicial-department-acknowledged-hindi-language-as-official-language-492820.html 15 फ़रवरी 2019 अबू धाबी में हिन्दी अब न्यायपालिका की आधिकारिक भाषा, सुषमा स्वराज ने कहा शुक्रिया 'देशी', 'भाखा' (भाषा), 'देशना वचन' (विद्यापति), 'हिन्दवी', 'दक्खिनी', 'रेख्ता' (रेख़ता), 'आर्यभाषा' (दयानंद सरस्वती), 'हिन्दुस्तानी', 'खड़ी बोली',http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80 हिन्दी - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर bharatdiscovery.org 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190311030857/http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80 11 मार्च 2019 dead 'भारती' आदि हिन्दी के अन्य नाम हैं, जो विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में एवं विभिन्न संदर्भों में प्रयुक्त हुए हैं। हिन्दी, यूरोपीय भाषा-परिवार के अंदर आती है। ये हिन्द ईरानी शाखा की हिन्द आर्य उपशाखा के अंतर्गत वर्गीकृत है। एथ्नोलॉग (२०२२, २५वाँ संस्करण) की प्रतिवेदन के अनुसार विश्वभर में हिन्दी को प्रथम और द्वितीय भाषा के रूप में बोलने वाले लोगों की संख्या के आधार पर हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।https://www.ethnologue.com/insights/eth nologue200/ What are the top 200 most spoken languages? Ethnologue (Free All) en 2023-03-31 हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र संघ की गैर आधिकारिक भाषाओं की सूची में सम्मिलित किया गया है।विश्व हिन्दी दिवस : वैश्विक भाषाई कुंजी के रूप में हिन्दी की महत्ता नामोत्पत्ति हिंदी के नाम की उत्पत्ति,हिन्दी शब्द का संबंध संस्कृत शब्द 'sa सिन्धु' (मानक हिन्दी : सिंधु) से माना जाता है। 'सिंधु', सिंधु नदी को कहते थे और उसी आधार पर उसके आस पास की भूमि को सिंधु कहने लगे। यह सिंधु शब्द ईरानी में जाकर ‘हिन्दू’, हिन्दी और फिर ‘हिन्द’ हो गया। बाद में ईरानी धीरे धीरे भारत के अधिक भागों से परिचित होते गए और इस शब्द के अर्थ में विस्तार होता गया तथा हिन्द शब्द पूरे भारत का वाचक हो गया। इसी में ईरानी का ईक प्रत्यय लगने से (हिन्द+ईक) ‘हिन्दीक’ बना जिसका अर्थ है ‘हिन्द का’। यूनानी शब्द ‘इंडिका’ या लातिन 'इंडेया' या अंग्रेज़ी शब्द ‘इण्डिया’ आदि इस ‘हिन्दीक’ के ही दूसरे रूप हैं। हिन्दी भाषा के लिए इस शब्द का प्राचीनतम प्रयोग शरफुद्दीन यज्दी’ के ‘ज़फरनामा’(१४२४) में मिलता है। प्रमुख उर्दू लेखक १९वीं सदी तक अपनी भाषा को हिन्दी या हिन्दवी ही कहते थे।https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu A Historical Perspective of Urdu National Council for Promotion of Urdu Language 2022-10-15 web.archive.org 2022-10-25 15 अक्तूबर 2022 https://web.archive.org/web/20221015162643/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu bot: unknown प्रोफेसर महावीर सरन जैन ने अपने "हिन्दी एवं उर्दू का अद्वैत" शीर्षक आलेख में हिन्दी की व्युत्पत्ति पर विचार करते हुए कहा है कि ईरान की प्राचीन भाषा अवेस्ता में 'स्' ध्वनि नहीं बोली जाती थी बल्कि 'स्' को 'ह्' की तरह बोला जाता था। जैसे संस्कृत शब्द 'असुर' का अवेस्ता में सजाति समकक्ष शब्द 'अहुर' था। अफ़ग़ानिस्तान के बाद सिंधु नदी के इस पार हिन्दुस्तान और ईरान के प्राचीन फ़ारसी साहित्य में भी 'हिन्द', 'हिन्दुश' के नामों से पुकारा गया है तथा यहाँ की किसी भी वस्तु, भाषा, विचार को विशेषण के रूप में 'हिन्दीक' कहा गया है जिसका मतलब है 'हिन्द का' या 'हिन्द से'। यही 'हिन्दीक' शब्द अरबी से होता हुआ ग्रीक में 'इंडिके', 'इंडिका', लातिन में 'इंडेया' तथा अंग्रेज़ी में 'इण्डिया' बन गया। दूसरा एक भावना के मुताबिक, अरबी هندية हिन्दीया लफ्ज के साधारण लातिनी कृत रूप है इण्डिया India. जैसे Hindiyyah (मूल अरबी) > Hindia साधारणीकृत > India लातिनीकृत. अरबी एवं फ़ारसी साहित्य में भारत (हिन्द) में बोली जाने वाली भाषाओं के लिए 'ज़ुबान-ए-हिन्दी' पद का उपयोग हुवा है। भारत आने के बाद अरबी-फ़ारसी भाषा बोलने वालों ने 'जुबान-ए-हिन्दी', 'हिन्दी ज़ुबान' अथवा 'हिन्दी' का प्रयोग दिल्ली आगरा के चारों ओर बोली जाने वाली भाषा के अर्थ में किया। भाषायी उत्पत्ति और इतिहास हिन्दी भाषा का इतिहास हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक सहस्र वर्ष पुराना माना जाता है। इसकी एक लम्बी साहित्यिक परंपरा भी रही है। हिन्दी भाषा व साहित्‍य के जानकार अपभ्रंश की अंतिम अवस्‍था 'अवहट्ठ' से हिन्दी का उद्भव स्‍वीकार करते हैं। हिन्दी के विकास की यात्रा, हिन्दी कैसे बनी भारत के हृदय की भाषा (2019) चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' ने इसी अवहट्ट को 'पुरानी हिन्दी' नाम दिया। अपभ्रंश की समाप्ति और आधुनिक भारतीय भाषाओं के जन्मकाल के समय को संक्रांतिकाल कहा जा सकता है। हिन्दी का स्वरूप शौरसेनी और अर्धमागधी अपभ्रंशों से विकसित हुआ है। 1000 ई. के आसपास इसकी स्वतन्त्र सत्ता का परिचय मिलने लगा था, जब अपभ्रंश भाषाएँ साहित्यिक संदर्भों में प्रयोग में आ रही थीं। यही भाषाएँ बाद में विकसित होकर आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं के रूप में अभिहित हुईं। अपभ्रंश का जो भी कथ्य रूप था - वही आधुनिक बोलियों में विकसित हुआ। अपभ्रंश के संबंध में ‘देशी’ शब्द की भी बहुधा चर्चा की जाती है। वास्तव में ‘देशी’ से देशी शब्द एवं देशी भाषा दोनों का बोध होता है। भरत मुनि ने नाट्यशास्त्र में उन शब्दों को ‘देशी’ कहा है जो संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव रूपों से भिन्न हैं। ये ‘देशी’ शब्द जनभाषा के प्रचलित शब्द थे, जो स्वभावतः अप्रभंश में भी चले आए थे। जनभाषा व्याकरण के नियमों का अनुसरण नहीं करती, परंतु व्याकरण को जनभाषा की प्रवृत्तियों का विश्लेषण करना पड़ता है। प्राकृत-वैयाकरणों ने संस्कृत के ढाँचे पर व्याकरण लिखे और संस्कृत को ही प्राकृत आदि की प्रकृति माना। अतः जो शब्द उनके नियमों की पकड़ में न आ सके, उनको देशी संज्ञा दी गयी। मध्य काल में भारत में फारसी भले ही राजभाषा थी, किंतु जनता में व्यवहार की भाषा तो हिन्दी ही थी, जिसे 'भाखा' या 'भाषा' कहा गया। मुसलमानों के आगमन से इसे 'हिंदूई', 'हिंदवी' और फिर 'हिंदी' नाम दिया गया। दक्षिण में जाकर यही 'दक्खिनी हिंदी' कहलाई। साधु-संतों और सूफियों ने इसी भाषा को अपने प्रचार का माध्यम बनाया और यह एक संपर्क भाषा के रूप में ढलती चली गई। उत्तर भारत के संत सूरदास, तुलसीदास तथा मीराबाई, दक्षिण भारत के प्रमुख संत वल्लभाचार्य, रामानंद, महाराष्ट्र के संत नामदेव, राजस्थान के संत दादू दयाल तथा पंजाब के गुरु नानक आदि संतों ने अपने धर्म तथा संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए हिन्दी को ही सशक्त माध्यम बनाया । अंग्रेज़ी काल में भारतेंदु हरिश्चंद के समय हिन्दी के विकास में एक नयी चेतना आयी। गुजरात के ऋषि दयानंद सरस्वती ने हिन्दी को आर्ष भाषा कहा और अपना प्रसिद्ध ग्रन्थ सत्यार्थ प्रकाश की रचना हिन्दी में ही की। आगे चलकर उनके अनुयायियों ने भी हिन्दी के प्रचार-प्रसार में महती भूमिका निभायी। २०वीं शताब्दी में भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन के समय महात्मा गाँधी सहित अनेक नेताओं ने भारतीय एकता के लिये हिन्दी के विकास का समर्थन किया। काशी नागरी प्रचारिणी सभा और हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के प्रयासों से हिन्दी को एक नयी ऊँचाई मिली। भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात संविधान निर्माताओं ने हिन्दी को भारत की राजभाषा स्वीकार किया। हिन्दी भाषा का इतिहास और हिन्दी भाषा का विकास भारत के संविधान में देवनागरी लिपि के साथ यही हिंदी राजभाषा के पद पर आसीन होकर केन्द्रीय सरकार में प्रशासन की भाषा के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह कर रही है। १९८० के दशक में ओशो ने अपने प्रवचनों का माध्यम अपनी स्वाभाविक हिन्दी को ही बनाया और अत्यन्त लोकप्रिय हुए।How Osho taught Hindi to think भारत के संविधान में हिन्दी को राजभाषा स्वीकार किए जाने के बाद अब केवल साहित्यिक क्षेत्र तक ही सीमित न रह कर हिन्दी देश की प्रशासनिक, न्यायिक, वाणिज्यिक और विधायी क्षेत्र की भाषा के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हिन्दी अब मात्र उत्तर के एक विशेष क्षेत्र की ही भाषा नहीं, वरन् सम्पूर्ण भारत संघ की राजभाषा समस्त देश की सम्पर्क भाषा और राष्ट्र भाषा है। इस प्रकार हिन्दी को ही यह श्रेय प्राप्त है कि वह विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की राजभाषा है। हिन्दी भारत में ही नहीं, भारत के बाहर भी विश्व के अनेक देशों में बोली, समझी और पढ़ाई जाती है। आज विश्व के लगभग 150 विश्वविद्यालयों में हिन्दी के पठन-पाठन की व्यवस्था है। विदेशों में बसे करोड़ों की संख्या में प्रवासी भारतीयों और भारत मूल के लोगों के बीच आत्मीयता के सम्बन्ध सूत्र स्थापित करने और उन्हें भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति से निरन्तर जोड़े रखने में हिन्दी एक सशक्त माध्यम का काम कर रही है। शैलियाँ भाषाशास्त्र के अनुसार हिन्दी के चार प्रमुख रूप या शैलियाँ हैं। १. मानक हिन्दी - हिन्दी का मानकीकृत रूप, जिस की लिपि देवनागरी है। इस में संस्कृत भाषा के कई शब्द है, जिन्होंने फ़ारसी और अरबी के कई शब्दों का स्थान ले लिया है। इसे 'शुद्ध हिन्दी' भी कहते हैं। यह खड़ीबोली पर आधारित है, जो दिल्ली और उसके आस पास के क्षेत्रों में बोली जाती थी। २. दक्षिणी हिन्दी - उर्दू हिन्दी का वह रूप जो हैदराबाद और उस के आस पास के स्थानों में बोला जाता है। इस में फ़ारसी अरबी के शब्द उर्दू की अपेक्षा कम होते हैं। ३. रेख्ता - उर्दू का वह रूप जो शायरी में प्रयुक्त होता था। ४. उर्दू - हिन्दी का वह रूप जो देवनागरी लिपि के बजाय फ़ारसी अरबी लिपि में लिखा जाता है। इस में संस्कृत के शब्द कम होते हैं, और फ़ारसी अरबी के शब्द अधिक। यह भी खड़ीबोली पर ही आधारित है।Concise Encyclopedia of Languages of the World दुनिया की भाषाओं का संक्षिप्त विश्वकोश https://books.google.co.in/books?id=F2SRqDzB50wC कीथ ब्राउन, सारा ओगिल्वी एल्सेवियर २०१० 9780080877754 498 18 नवंबर 2015 https://web.archive.org/web/20151119103527/https://books.google.co.in/books?id=F2SRqDzB50wC 19 नवंबर 2015 live हिन्दी और उर्दू दोनों को मिलाकर हिन्दुस्तानी भाषा कहा जाता है। हिन्दुस्तानी मानकीकृत हिन्दी और मानकीकृत उर्दू के बोलचाल की भाषा है। इस में शुद्ध संस्कृत और शुद्ध फ़ारसी अरबी दोनों के शब्द कम होते हैं और तद्भव शब्द अधिक। उच्च हिन्दी भारतीय संघ की राजभाषा है (अनुच्छेद ३४३, भारतीय संविधान)। यह इन भारतीय राज्यों की भी राजभाषा है : उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली। इन राज्यों के अतिरिक्त महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, पंजाब और हिन्दी भाषी राज्यों से लगते अन्य राज्यों में भी हिन्दी भाषा बोलने वालों की संख्या है। उर्दू पाकिस्तान की और भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर की राजभाषा है, इस के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना और दिल्ली में द्वितीय राजभाषा है। यह लगभग सभी ऐसे राज्यों की सह राजभाषा है जिन की मुख्य राजभाषा हिन्दी है। हिन्दी एवं उर्दू हिन्दी एवं उर्दू भाषाविद् हिन्दी एवं उर्दू को एक ही भाषा समझते हैं। हिन्दी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है और शब्दावली के स्तर पर अधिकांशतः संस्कृत के शब्दों का प्रयोग करती है। उर्दू, नस्तालिक लिपि में लिखी जाती है और शब्दावली के स्तर पर फ़ारसी और अरबी भाषाओं का प्रभाव अधिक है। हालाँकि व्याकरणिक रूप से उर्दू और हिन्दी में कोई अंतर नहीं है परंतु कुछ विशेष क्षेत्रों में शब्दावली के स्रोत (जैसा कि ऊपर लिखा गया है) में अंतर है। कुछ विशेष ध्वनियाँ उर्दू में अरबी और फ़ारसी से ली गयी हैं और इसी प्रकार फ़ारसी और अरबी की कुछ विशेष व्याकरणिक संरचनाएँ भी प्रयोग की जाती हैं। उर्दू और हिन्दी खड़ी बोली की दो आधिकारिक शैलियाँ हैं। मानकीकरण हिन्दी वर्तनी मानकीकरण स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद से हिन्दी और देवनागरी के मानकीकरण की दिशा में निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रयास हुये हैं - हिन्दी व्याकरण का मानकीकरण। वर्तनी का मानकीकरण। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय द्वारा देवनागरी का मानकीकरण। वैज्ञानिक ढंग से देवनागरी लिखने के लिये एकरूपता के प्रयास। यूनिकोड का विकास। बोलियाँ हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य हिन्दी का क्षेत्र विशाल है तथा हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं। इनमें से कुछ में अत्यन्त उच्च श्रेणी के साहित्य की रचना भी हुई है। ऐसी बोलियों में ब्रजभाषा और अवधी प्रमुख हैं। ये बोलियाँ हिन्दी की विविधता हैं और उसकी शक्ति भी। वे हिन्दी की जड़ों को गहरा बनाती हैं। हिन्दी की बोलियाँ और उन बोलियों की उपबोलियाँ हैं जो न केवल अपने में एक बड़ी परंपरा, इतिहास, सभ्यता को समेटे हुए हैं वरन स्वतन्त्रता संग्राम, जनसंघर्ष, वर्तमान के बाजारवाद के विरुद्ध भी उसका रचना संसार सचेत है। http://hindi.webduniya.com/miscellaneous/special07/hindiday/0709/13/1070913069_1.htm अपने घर में कब तक बेगानी रहेगी हिन्दी 9 जून 2008 एचटीएम वेब दुनिया जून 2021 InternetArchiveBot हिन्दी की बोलियों में प्रमुख हैं- अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी, छत्तीसगढ़ी, मालवी, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया, कुमाउँनी, मगही आदि। किंतु हिन्दी के मुख्य दो भेद हैं - पश्चिमी हिन्दी तथा पूर्वी हिन्दी। लिपि देवनागरी हिन्दी को देवनागरी लिपि में लिखा जाता है। इसे नागरी के नाम से भी जाना जाता है। देवनागरी में 11 स्वर और 33 व्यंजन हैं। इसे बाईं से दाईं ओर लिखा जाता है। शब्दावली हिन्दी शब्दावली में मुख्यतः चार( कुछ व्याकरण के अनुसार अब छः )वर्ग हैं। तत्सम शब्द – ये वे शब्द हैं जिनको संस्कृत से बिना कोई रूप बदले ले लिया गया है। जैसे अग्नि, दुग्ध, दंत (दन्त), मुख। (परंतु हिन्दी में आने पर ऐसे शब्दों से विसर्ग का लोप हो जाता है जैसे संस्कृत 'नामः' हिन्दी में केवल 'नाम' हो जाता है।Masica, p. 65) (अर्ध तत्सम शव्द)- ये वो शब्द हैं जो संस्कृत के तत्सम शब्द से थोड़ा परिवर्तित होकर हिंदी में आए हैं। जैसे कार्य से कारज, धैर्य से धीरज आदि। तद्भव शब्द – ये वे शब्द हैं जिनका जन्म संस्कृत या प्राकृत में हुआ था, लेकिन उनमें बहुत ऐतिहासिक बदलाव आया है। जैसे आग, दूध, दाँत, मुँह। देशज शब्द – देशज का अर्थ है 'जो देश में ही उपजा या बना हो'। तो देशज शब्द का अर्थ हुआ जो न तो विदेशी भाषा का हो और न किसी दूसरी भाषा के शब्द से बना हो। ऐसा शब्द जो न संस्कृत का हो, न संस्कृत-शब्द का अपभ्रंश हो। ऐसा शब्द किसी प्रदेश (क्षेत्र) के लोगों द्वारा बोल-चाल में यूँ ही बना लिया जाता है। जैसे खटिया, लुटिया। विदेशी शब्द – इसके अतिरिक्त हिन्दी में कई शब्द अरबी, फ़ारसी, तुर्की, अंग्रेज़ी आदि से भी आये हैं। इन्हें विदेशी शब्द कहते हैं। वर्ण संकर शब्द' - दो भाषाओं के योग से बनने वाले शब्द वर्ण संकर शब्द कहलाते हैं। जैसे: रेलगाड़ी, सुल्तानपुर, मोहिउद्दीन नगर आदि। जिस हिन्दी में अरबी, फ़ारसी और अंग्रेज़ी के शब्द लगभग पूर्ण रूप से हटा कर तत्सम शब्दों को ही प्रयोग में लाया जाता है, उसे "शुद्ध हिन्दी" या "मानकीकृत हिन्दी" कहते हैं। हिन्दी स्वरविज्ञान स्वनविज्ञान देवनागरी लिपि में हिन्दी की ध्वनियाँ इस प्रकार हैं : स्वर ये स्वर आधुनिक हिन्दी (खड़ीबोली) के लिये दिये गये हैं। {|align="center" border="2" class=wikitable width=100% ! वर्णाक्षर||"प" के साथ मात्रा||अ॰ध॰व॰ उच्चारण||"प्" के साथ उच्चारण||ISO समतुल्य||अंग्रेज़ी समतुल्य |-align="center" | अ||प||/ ə /||/ pə /||a|| बीच का मध्य प्रसृत स्वर | |-align="center" | आ||पा||/ ɑ: /||/ pɑ: /||ā|| दीर्घ विवृत पश्व प्रसृत स्वर |-align="center" | इ||पि||/ ɪ /||/ pɪ /||i|| ह्रस्व संवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ई||पी||/ i: /||/ pi: /||ī|| दीर्घ संवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | उ||पु||/ ʊ /||/ pʊ /||u|| ह्रस्व संवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | ऊ||पू||/ u: /||/ pu: /||ū|| दीर्घ संवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | ए||पे||/ e: /||Aa/ pe: /||e|| दीर्घ अर्धसंवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ऐ||पै||/ ɛ: /||/ pɛ: /||ai|| दीर्घ लगभग-विवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ओ||पो||/ ο: /||/ pο: /||o|| दीर्घ अर्धसंवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | औ||पौ||/ ɔ: /||/ pɔ: /||au|| दीर्घ अर्धविवृत पश्व वर्तुल स्वर | |- |} इसके अलावा हिन्दी और संस्कृत में ये वर्णाक्षर भी स्वर माने जाते हैं : ऋ — इसका उच्चारण संस्कृत में /r̩/ था मगर आधुनिक हिन्दी में इसे /ɻɪ/ उच्चारित किया जाता है । अं — पंचम वर्ण - ङ्, ञ्, ण्, न्, म् का नासिकीकरण करने के लिए (अनुस्वार) अँ — स्वर का अनुनासिकीकरण करने के लिए (चंद्र बिंदु) अः — अघोष "ह्" (निःश्वास) के लिए (विसर्ग) व्यंजन जब किसी स्वर प्रयोग ना हो तो वहाँ पर डिफॉल्ट रूप से 'अ' स्वर माना जाता है। स्वर के ना होना व्यंजन के नीचे हलंत् या विराम लगाके दर्शाया जाता है। जैसे क्‌ /k/, ख्‌ /kʰ/, ग्‌ /g/ और घ्‌ /gʱ/। स्पर्श (प्लोसिव) अल्पप्राणअघोष महाप्राणअघोष अल्पप्राणघोष महाप्राणघोष नासिक्यकंठ्यक / kə /ख / khə /ग / gə /घ / gɦə /ङ / ŋə /तालव्यच / tʃə /छ /tʃhə/ज / dʒə /झ / dʒɦə /ञ / ɲə /मूर्धन्यट / ʈə /ठ / ʈhə /ड / ɖə /ढ / ɖɦə /ण / ɳə /दंत्यत / t̪ə /थ / t̪hə /द / d̪ə /ध / d̪ɦə /न / nə /ओष्ठ्यप / pə /फ / phə /ब / bə /भ / bɦə /म / mə / स्पर्शरहित (नॉन-प्लोसिव)तालव्यमूर्धन्यदंत्य/वर्त्स्यकंठोष्ठ्य/काकल्यअंतस्थय / jə /र / rə /ल / lə /व / ʋə /ऊष्म/संघर्षीश / ʃə /ष / ʂə /स / sə /ह / ɦə / ध्यातव्य इनमें से ळ (मूर्धन्य पार्विक अंतस्थ) एक अतिरिक्त व्यंजन है जिसका प्रयोग हिन्दी में नहीं होता हैं। मराठी और वैदिक संस्कृत में सभी का प्रयोग किया जाता है। संस्कृत में ष का उच्चारण ऐसे होता था : जीभ की नोक को मूर्धा (मुँह की छत) की ओर उठाकर श जैसी आवाज करना। शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिनि शाखा कुछ वाक्यात में ष का उच्चारण ख की तरह करना मान्य था। आधुनिक हिन्दी में ष का उच्चारण पूरी तरह श की तरह होता है। हिन्दी में ण का उच्चारण कभी-कभी ड़ँ की तरह होता है, यानी कि जीभ मुँह की छत को एक जोरदार ठोकर मारती है। परंतु इसका शुद्ध उच्चारण जिह्वा को मूर्धा (मुँह की छत जहाँ से 'ट' का उच्चार करते हैं) पर लगा कर न' की तरह का अनुनासिक स्वर निकालकर होता है। विदेशी ध्वनियाँ ये ध्वनियाँ मुख्यत: अरबी और फ़ारसी भाषाओं से लिये गये शब्दों के मूल उच्चारण में होती हैं। इनका स्रोत संस्कृत नहीं है। देवनागरी लिपि में ये सबसे करीबी देवनागरी वर्ण के नीचे बिंदु (नुक्ता) लगाकर लिखे जाते हैं, परंतु उन्हीं शब्दों मे नुक्ता लगाया जाता है जो हिन्दी में विदेशी शब्द माने जाते हैं और जिनका उच्चारण नुक्ते के बिना मूल भाषा के अनुरूप नहीं होता। वर्णाक्षर (अ॰ध॰व॰ उच्चारण) उदाहरण वर्णन क़ (/ q /) क़त्ल अघोष अलिजिह्वीय स्पर्श ख़ (/ x /) ख़ास अघोष अलिजिह्वीय या कंठ्य संघर्षी ग़ (/ ɣ /) ग़ैर घोष अलिजिह्वीय या कंठ्य संघर्षी फ़ (/ f /) फ़र्क अघोष दंत्यौष्ठ्य संघर्षी ज़ (/ z /) ज़ालिम घोष वर्त्स्य संघर्षी व्याकरण हिन्दी व्याकरण अन्य सभी भारतीय भाषाओं की तरह हिन्दी में भी कर्ता-कर्म-क्रिया वाला वाक्यविन्यास है। हिन्दी में दो लिंग होते हैं — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। नपुंसक वस्तुओं का लिंग भाषा परंपरानुसार पुल्लिंग या स्त्रीलिंग होता है। क्रिया के रूप कर्ता के लिंग पर निर्भर करता है। हिन्दी में दो वचन होते हैं — एकवचन और बहुवचन। क्रिया वचन-से भी प्रभावित होती है। विशेषण विशेष्य-के पहले लगता है। कहीं कहीं विशेषण विशेष्य के बाद भी लगता है।जैसे - किताब नई है। +कारक दर्शानेवाले परसर्गकारकपरसर्गउदाहरणविवरणकर्ता—लड़काक्रिया का करनेवाला/वाली व्यक्ति या चीज Ergativeनेलड़के नेperfective aspect में सकर्मक क्रियाओं के लिए वाक्यों का विषय चिह्नित करता हैकर्मकोलड़के को प्रत्यक्ष वास्तु को चिह्नित करता है। संप्रदानप्रत्यक्ष वस्तु को चिह्नित करता है मगर वाक्य के विषय को भी दर्शा सकता है।Bhatt, Rajesh (2003). Experiencer subjects. Handout from MIT course “Structure of the Modern Indo-Aryan Languages”.dative subjects; dative subjectकरण सेलड़के सेक्रिया जिस वस्तु या जिस व्यक्ति के साथ की गयी है उसे चिह्नित करता है। अपादानदिखता है कि कोई चीज किसी दुसरे चीज से दूर मूवमेंट है। संबंधका, की, केलड़के कादिखता है कि कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु/व्यक्ति की है। Inessiveमेंलड़के मेंदिखाता है कि कोई चीज किसी चीज के अन्दर है। Adessiveपे / परलड़के पेदिखता है कि कोई चीज किसी चीज के ऊपर (सतह पर) है। Terminativeतकलड़के तकदिखता है कि कोई चीज दूसरे चीज तक गयी है। Semblativeसालड़के साकिसी चीज की दूसरे चीज से समानता दिखाता है। +लिंग और वचन सूचककारक♂♀एकवचनबहुवचनएकवचनबहुवचनकर्ताका के कीपरोक्षके LatinabcdefghijklmnopqrstuvwxyzSynesthesianoꙩϙσòɵꝋɸópþbɓɗōᶑɖdƍδŏϱбꝯꝺðDevanagariअब्च्द्एफ़्ग्ह्इज्क्ल्म्न्ओप्क़्र्स्त्उव्व्ख़्य्ज़् जनसांख्यिकी left horizontal right Hindi 2011 Indian Census by district.svg 176 Colored dice with white background हिन्दी भाषा के स्वघोषित प्रथम भाषा वक्ता Hindi languages 2011 Indian Census by district.svg 160 Colored dice with checkered background मानक हिन्दी समेत अन्य "हिन्दी बोलियों" के स्वघोषित प्रथम भाषा वक्ताओं का भौगोलिक विस्तार भौगोलोक विस्तार भारतीय 2011 जनगणना में जिला अनुसार)#eeeeee ०%#d82520 १००% सन २०११ की भारतीय जनगणना के अनुसार भारत के 57.1% लोग हिन्दी जानते हैं तथा 43.63% लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा या मातृभाषा घोषित किया था।https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms Hindi mother tongue of 44% in India, Bangla second most spoken 27 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180720174858/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms 20 जुलाई 2018 livehttps://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823 What India speaks: South Indian languages are growing, but not as fast as Hindi 29 जून 2018 https://web.archive.org/web/20190216003937/https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823 16 फरवरी 2019 deadhttps://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms Only 12% Hindi speakers bilingual: Census 13 नवंबर 2018 https://web.archive.org/web/20181113172718/https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms 13 नवंबर 2018 live भारत के बाहर, हिन्दी बोलने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका में 8,63,077https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-most-spoken-indian-language-in-us-telugu-speakers-up-86-in-8-years/articleshow/65893224.cms Hindi most spoken Indian language in US, Telugu speakers up 86% in 8 years - Times of India The Times of India 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190405023735/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-most-spoken-indian-language-in-us-telugu-speakers-up-86-in-8-years/articleshow/65893224.cms 5 अप्रैल 2019 livehttp://www.census.gov/prod/2013pubs/acs-22.pdf संग्रहीत प्रति 18 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160205101044/http://www.census.gov/prod/2013pubs/acs-22.pdf 5 फरवरी 2016 live ; मॉरीशस में 6,85,170; दक्षिण अफ्रीका में 8,90,292; यमन में 2,32,760; युगांडा में 1,47,000; सिंगापुर में 5000; नेपाल में 8 लाख; जर्मनी में 30,000 हैं। न्यूजीलैंड में हिन्दी चौथी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है।https://www.livehindustan.com/international/story-hindi-is-the-fourth-most-spoken-language-in-new-zealand-syas-envoy-jonna-kempres-1685052.html न्यूजीलैंड में हिन्दी चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा https://www.livehindustan.com 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20180921114758/https://www.livehindustan.com/international/story-hindi-is-the-fourth-most-spoken-language-in-new-zealand-syas-envoy-jonna-kempres-1685052.html 21 सितंबर 2018 dead भारत में उपयोग संपर्क भाषा भिन्न-भिन्न भाषा-भाषियों के मध्य परस्पर विचार-विनिमय का माध्यम बनने वाली भाषा को संपर्क भाषा कहा जाता है। अपने राष्ट्रीय स्वरूप में ही हिन्दी पूरे भारत की संपर्क भाषा बनी हुई है।https://goastreets.com/goa-rise-hindi/ Goa and the rise of Hindi 10 सितंबर 2021 10 सितंबर 2021 https://web.archive.org/web/20210910104212/https://goastreets.com/goa-rise-hindi/ dead अपने सीमित रूप –प्रशासनिक भाषा के रूप – में हिन्दी व्यवहार में भिन्न भाषाभाषियों के बीच परस्पर संप्रेषण का माध्यम बनी हुई है। संपूर्ण भारतवर्ष में बोली और समझी जाने वाली (बॉलीवुड के कारण) देशभाषा हिन्दी है, यह राजभाषा भी है तथा सारे देश को जोड़ने वाली संपर्क भाषा भी। राजभाषा भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी right|thumb|200px|हिन्दी संघ की राजभाषा है। इसके अलावा पीले रंग में दिखाये गये क्षेत्रों (राज्यों) की राजभाषा भी है। हिन्दी भारत की राजभाषा है। 14 सितंबर १९४९ को हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। भारत के स्वतन्त्र होने के बहुत पहले और स्वतन्त्रता आंदोलन के समय ही वह राष्ट्रभाषा की भूमिका का निर्वहन करने लगी थी। गाँधी जी कई मंचों पर बोल चुके थे कि भारत के स्वतन्त्र होने पर हिन्दी ही राष्ट्रभाषा होगी। राष्ट्रभाषा भारत की स्वतन्त्रता के पहले और उसके बाद भी बहुत से लोग हिन्दी को 'राष्ट्रभाषा' कहते आये हैं (उदाहरणतः, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा, महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे आदि) किंतु भारतीय संविधान में 'राष्ट्रभाषा' का उल्लेख नहीं हुआ है और इस दृष्टि से हिन्दी को राष्ट्रभाषा कहने का अर्थ वैधानिक दृष्टि से नहीं लगाया जाना चाहिये। हिन्दी को राष्ट्रभाषा कहने के एक हिमायती महात्मा गाँधी भी थे, जिन्होंने 29 मार्च 1918 को इंदौर में आठवें हिन्दी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। उस समय उन्होंने अपने सार्वजनिक उद्बोधन में पहली बार आह्वान किया था कि हिन्दी को ही भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिये। उन्होने यह भी कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। https://www.hindikunj.com/2016/10/gandhi-and-hindi.html गाँधीजी और हिन्दी 21 फरवरी 2020 https://web.archive.org/web/20190504231928/http://www.hindikunj.com/2016/10/gandhi-and-hindi.html 4 मई 2019 dead उन्होने तो यहाँ तक कहा था कि हिन्दी भाषा का प्रश्न स्वराज्य का प्रश्न है। आजाद हिन्द फौज का राष्ट्रगान 'शुभ सुख चैन' भी "हिन्दुस्तानी" में था। उनका अभियान गीत 'कदम कदम बढ़ाए जा' भी इसी भाषा में था, परंतु सुभाष चंद्र बोस हिन्दुस्तानी भाषा के संस्कृतकरण के पक्षधर नहीं थे, अतः शुभ सुख चैन को जनगणमन के ही धुन पर, बिना कठिन संस्कृत शब्दावली के बनाया गया था। पूर्वोत्तर भारत में पूर्वोत्तर भारत में अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं जिनकी अपनी-अपनी भाषाएँ तथा बोलियाँ हैं। इनमें बोड़ो, कछारी, जयंतिया, कोच, त्रिपुरी, गारो, राभा, देउरी, दिमासा, रियांग, लालुंग, नागा, मिजो, त्रिपुरी, जामातिया, खासी, कार्बी, मिसिंग, निशी, आदी, आपातानी, इत्यादि प्रमुख हैं। पूर्वोत्तर की भाषाओं में से केवल असमिया, बोड़ो और मणिपुरी को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिला है। सभी राज्यों में हिन्दी भाषा का प्रयोग अधिकांश प्रवासी हिन्दी भाषियों द्वारा आपस में किया जाता है।http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%9A%E0%A4%AE_%E0%A4%AB%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80_%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80_/_%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE_%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95 पूर्वोत्तर में परचम फहराती हिन्दी / सपना मांगलिक - Gadya Kosh - हिन्दी कहानियाँ, लेख, लघुकथाएँ, निबंध, नाटक, कहानी, गद्य, आलोचना, उपन्यास, बाल कथाएँ, प्रेरक कथाएँ, गद्य कोश gadyakosh.org hi 2020-12-23मई 2026 InternetArchiveBot पूर्वोत्तर में हिन्दी का औपचारिक रूप से प्रवेश वर्ष 1934 में हुआ, जब महात्मा गाँधी 'अखिल भारतीय हरिजन सभा' की स्थापना हेतु असम आये। उस समय गड़मूड़ (माजुली) के सत्राधिकार (वैष्णव धर्मगुरू) एवं स्वतन्त्रता सेनानी पीतांबर देव गोस्वमी के आग्रह पर गाँधी जी संतुष्ट होकर बाबा राघव दास को हिन्दी प्रचारक के रूप में असम भेजा। वर्ष 1938 में असम हिन्दी प्रचार समिति की स्थापना गुवाहाटी में हुई। यह समिति आगे चलकर असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति बनी। आम लोगों में हिन्दी भाषा तथा साहित्य के प्रचार-प्रसार करने हेतु- प्रबोध, विशारद, प्रवीण, आदि परीक्षाओं का आयोजन इस समिति के द्वारा होता आ रहा है। पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति दिनों-दिन सबल होती जा रही है और यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। आजकल अरुणाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर हिन्दी बोली जाने लगी है। सितंबर 2021 InternetArchiveBotअगस्त 2021 InternetArchiveBotहिन्दी का प्रचार-प्रसार तथा उसकी लोकप्रियता एवं व्यावहारिकता टी. वी. (धारावाहिक, विज्ञापन), सिनेमा, आकाशवाणी, पत्रकारिता, विद्यालय, महाविद्यालय तथा उच्च शिक्षा में हिन्दी भाषा के प्रयोग द्वारा बढ़ रही है।https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/ पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति एवं संभावनाएँ PurvottarSamwad 2020-12-22 Purvottar Samwad en-US 2020-12-23 17 अप्रैल 2021 https://web.archive.org/web/20210417173304/https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/ deadhttps://hindivivek.org/335 पूर्वोत्तर में हिन्दी 2015-11-05 हिन्दी विवेक en-US 2020-12-23 भारत के बाहर हिन्दी सन् 1998 के पूर्व, मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं के जो आँकड़े मिलते थे, उनमें हिन्दी को तीसरा स्थान दिया जाता था। सन् 1997 में 'सैंसस ऑफ इण्डिया' का भारतीय भाषाओं के विश्लेषण का ग्रंथ प्रकाशित होने तथा संसार की भाषाओं की रिपोर्ट तैयार करने के लिए यूनेस्को द्वारा सन् 1998 में भेजी गई यूनेस्को प्रश्नावली के आधार पर उन्हें भारत सरकार के केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के तत्कालीन निदेशक प्रोफेसर महावीर सरन जैन द्वारा भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट के बाद अब विश्व स्तर पर यह स्वीकृत है कि मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से संसार की भाषाओं में चीनी भाषा के बाद हिन्दी का दूसरा स्थान है। चीनी भाषा के बोलने वालों की संख्या हिन्दी भाषा से अधिक है किंतु चीनी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा सीमित है। अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा अधिक है किंतु मातृभाषियों की संख्या अंग्रेज़ी भाषियों से अधिक है। विश्वभाषा बनने के सभी गुण हिन्दी में विद्यमान हैं।हिन्दी का वैश्विक परिदृश्य https://web.archive.org/web/20181119171322/http://www.abhivyakti-hindi.org/parikrama/delhi/2011/09_12_11.htm 19 नवंबर 2018 (डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय) बीसवीं सदी के अंतिम दो दशकों में हिन्दी का अंतर्राष्ट्रीय विकास बहुत तेज़ से हुआ है।https://gshindi.com/category/articles/hindi-in-age-of-globalisation विश्व स्तर पर प्रभावशाली भाषा बनकर उभरी है हिन्दी 6 जून 2019 https://web.archive.org/web/20180205032623/http://gshindi.com/category/articles/hindi-in-age-of-globalisation 5 फरवरी 2018 dead हिन्दी एशिया के व्यापारिक जगत में धीरे-धीरे अपना स्वरूप बिंबित कर भविष्य की अग्रणी भाषा के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही है।https://books.google.co.in/books?id=eDtbDwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false Hindi Ki Vishwavyapti Ganga Prasad Vimal 1 मार्च 2018 Prabhat Prakashan 1 मार्च 2019 Google Books https://web.archive.org/web/20181009092743/https://books.google.co.in/books?id=eDtbDwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false 9 अक्तूबर 2018 live वेब, विज्ञापन, संगीत, सिनेमा और बाजार के क्षेत्र में हिन्दी की माँग जिस तेज़ी से बढ़ी है वैसी किसी और भाषा में नहीं। विश्व के लगभग 150 विश्वविद्यालयों तथा सैकड़ों छोटे-बड़े केंद्रों में विश्वविद्यालय स्तर से लेकर शोध स्तर तक हिन्दी के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था हुई है। विदेशों में 25 से अधिक पत्र-पत्रिकाएँ लगभग नियमित रूप से हिन्दी में प्रकाशित हो रही हैं। यूएई के 'हम एफ-एम' सहित अनेक देश हिन्दी कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं, जिनमें बीबीसी, जर्मनी के डॉयचे वेले, जापान के एनएचके वर्ल्ड और चीन के चाइना रेडियो इंटरनेशनल की हिन्दी सेवा विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। दिसंबर 2016 में विश्व आर्थिक मंच ने 10 सर्वाधिक शक्तिशाली भाषाओं की जो सूची जारी की है उसमें हिन्दी भी एक है। इसी प्रकार 'कोर लैंग्वेजेज' नामक साइट ने 'दस सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाषाओं'[http://corelanguages.com/top-ten-important-languages/ https://web.archive.org/web/20161220080733/http://corelanguages.com/top-ten-important-languages/ 20 दिसंबर 2016 Top Ten Most Important Languages में हिन्दी को स्थान दिया था। के-इंटरनेशनल ने वर्ष 2017 के लिये सीखने योग्य सर्वाधिक उपयुक्त नौ भाषाओंhttps://www.k-international.com/blog/learn-a-language/ The Top Languages to Learn in 2018 Alison Kroulek 14 दिसंबर 2017 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190331194050/https://www.k-international.com/blog/learn-a-language/ 31 मार्च 2019 dead में हिन्दी को स्थान दिया है। हिन्दी का एक अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने और विश्व हिन्दी सम्मेलनों के आयोजन को संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से 11 फरवरी 2008 को विश्व हिन्दी सचिवालय की स्थापना की गयी थी। संयुक्त राष्ट्र रेडियो अपना प्रसारण हिन्दी में भी करना आरंभ किया है। हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा बनाये जाने के लिए भारत सरकार प्रयत्नशील है। अगस्त 2018 से संयुक्त राष्ट्र ने साप्ताहिक हिन्दी समाचार बुलेटिन आरंभ किया है। https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/hindi-weekly-news-bulletin-from-un-has-begun-sushma-swaraj/articleshow/65358965.cms Hindi weekly news bulletin from UN has begun: Sushma Swaraj 11 अग॰ 2018 1 मार्च 2019 The Economic Times https://web.archive.org/web/20190328104607/https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/hindi-weekly-news-bulletin-from-un-has-begun-sushma-swaraj/articleshow/65358965.cms 28 मार्च 2019 live हिन्दी का प्रचार प्रसार हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये अनेक संस्थाएँ कार्यरत हैं। इनमें से कई तो भारत की स्वतंत्रता के पूर्व से काम कर रहीं हैं। कुछ संस्थाएँ तो भारतीय उपमहाद्वीप के उस भाग में भी थीं जो अब भारत में नहीं हैं। हिन्दी भाषा के उत्थान के लिये स्थापित कुछ प्रमुख संस्थागत प्रयास निम्नलिखित हैं: 30em काशी नागरी प्रचारिणी सभा हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा (महात्मा गांधी द्वारा १९१८ में स्थापित) केरल हिन्दी प्रचार सभा राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, पुणे] महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति (१९३८ में स्थापित) राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ़, राजस्थान (1 जनवरी 1961 को स्थापित) अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन, भोपाल श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर भारतीय भाषा सम्मेलन, इन्दौर हिन्दी अकादमी, दिल्ली भारतीय भाषा समिति, नयी दिल्ली ओडिशा राष्ट्रभाषा परिषद, पुरी उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ नागरी लिपि परिषद् अंकीयकरण और संगणक क्रांति संगणक और अंतरजाल ने पिछले वर्षों में विश्व में सूचना क्रांति ला दी है। आज कोई भी भाषा संगणक (तथा संगणक सदृश अन्य उपकरणों) से दूर रहकर लोगों से जुड़ी नहीं रह सकती। संगणक के विकास के आरंभिक काल में अंग्रेज़ी को छोड़कर विश्व की अन्य भाषाओं के संगणक पर प्रयोग की दिशा में बहुत कम ध्यान दिया गया जिसके कारण सामान्य लोगों में यह गलत धारणा फैल गयी कि संगणक अंग्रेज़ी के सिवा किसी दूसरी भाषा (लिपि) में काम ही नहीं कर सकता। किंतु यूनिकोड (Unicode) के पदार्पण के बाद स्थिति बहुत तेज़ी से बदल गयी।https://www.hindionnet.com/2018/11/blog-post_91.html#more राजभाषा कार्यान्वयन में तकनीकी की भूमिका 16 जुलाई 2019 27 सितंबर 2020 https://web.archive.org/web/20200927040027/https://www.hindionnet.com/2018/11/blog-post_91.html#more dead 19 अगस्त 2009 में गूगल ने कहा की हर 5 वर्षों में हिन्दी की सामग्री में 94% बढ़ोतरी हो रही है।हिन्दी सामग्री का उपयोग अंतरजाल पर 94% बढ़ा: गूगल http://www.jagran.com/technology/tech-news-hindi-content-consumption-on-internet-growing-at-94-google-12754900.html 19 अगस्त 2015 दैनिक जागरण 19 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150819085032/http://www.jagran.com/technology/tech-news-hindi-content-consumption-on-internet-growing-at-94-google-12754900.html 19 अगस्त 2015 live इतना ही नहीं, अप्रैल २०२५ से भारत सरकार ने भारतीय भाषाओं में यू०आर०एल० (वेबसाइट पता) का प्रयोग शुरू किया है।केंद्र सरकार की साइटों ने हिन्दी वेब एड्रेस अपनाना शुरू किया सूचना प्रौद्योगिकी ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में क्रांति ला दी है और दुनिया भर में अरबों लोगों को जोड़ दिया है तथा हिंदी भाषा के प्रसार में सहायता की है।ROLE OF COMPUTERS AND INFORMATION TECHNOLOGY INPROPAGATION OF HINDI LANGUAGE आज हिन्दी की अंतरजाल पर अच्छी उपस्थिति है। गूगल सहित लगभग सभी सर्च इंजन हिन्दी को प्राथमिक भारतीय भाषा के रूप में पहचानते हैं। इसके साथ ही अब अन्य भाषा के चित्र में लिखे शब्दों का भी अनुवाद हिन्दी में किया जा सकता है।फोटो देखकर हिन्दी में अनुवाद कर देगा गूगल http://www.jagran.com/news/national-google-will-translate-photographs-into-hindi-12670257.html 19 अगस्त 2015 दैनिक जागरण 30 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20160818151350/http://www.jagran.com/news/national-google-will-translate-photographs-into-hindi-12670257.html 18 अगस्त 2016 live फरवरी 2018 में एक सर्वेक्षण के हवाले से खबर आयी कि अंतरजाल की दुनिया में हिन्दी ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच अंग्रेज़ी को पछाड़ दिया है। यूथ4वर्क की इस सर्वेक्षण रिपोर्ट ने इस आशा को सही साबित किया है कि जैसे-जैसे अंतरजाल का प्रसार छोटे शहरों की ओर बढ़ेगा, हिन्दी और भारतीय भाषाओं की दुनिया का विस्तार होता जाएगा। https://www.amarujala.com/columns/opinion/hindi-beat-english-in-internet नेट में अंग्रेज़ी को पछाड़ती हिन्दी- Amarujala Amar Ujala 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190302090523/https://www.amarujala.com/columns/opinion/hindi-beat-english-in-internet 2 मार्च 2019 live इस समय हिन्दी में सजाल (वेबसाइट), चिट्ठे (ब्लॉग), विपत्र (ईमेल), गपशप (चैट), खोज (वेब-सर्च), सरल मोबाइल संदेश (एसएमएस'') तथा अन्य हिन्दी सामग्री उपलब्ध हैं। इस समय अंतरजाल पर हिन्दी में संगणन (कंप्यूटिंग) के संसाधनों की भी भरमार है और नित नये कंप्यूटिंग उपकरण आते जा रहे हैं।https://www.microsoft.com/en-in/bhashaindia/downloads.aspx https://www.jagran.com/news/national-hindi-spreading-speedy-all-over-the-world-due-to-technology-revolution-hindi-market-also-booms-jagran-special-19576338.html तकनीक क्रांति से दुनिया में बढ़ी हिन्दी की धमक, बाजार ने भी माना लोहा 18 सितंबर 2019 https://web.archive.org/web/20190918001129/https://www.jagran.com/news/national-hindi-spreading-speedy-all-over-the-world-due-to-technology-revolution-hindi-market-also-booms-jagran-special-19576338.html 18 सितंबर 2019 live https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/lucknow/story-hindi-day-2019-hindi-is-becoming-the-language-of-employment-with-technology-2745515.html तकनीक से रोजगार की भाषा बन रही हिन्दी 18 सितंबर 2019 https://web.archive.org/web/20190918020053/https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/lucknow/story-hindi-day-2019-hindi-is-becoming-the-language-of-employment-with-technology-2745515.html 18 सितंबर 2019 dead लोगों में इनके बारे में जानकारी देकर जागरूकता पैदा करने की जरूरत है ताकि अधिकाधिक लोग संगणक पर हिन्दी का प्रयोग करते हुए अपना, हिन्दी का और पूरे हिन्दी समाज का विकास करें। शब्दनगरी जैसी नई सेवाओं का प्रयोग करके लोग अच्छे हिन्दी साहित्य का लाभ अब अंतरजाल पर भी उठा सकते हैं।https://www.jagran.com/uttar-pradesh/gorakhpur-city-14693757.html अंतरजाल पर चमक रही हमारी ¨हदी Dainik Jagran 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190302090559/https://www.jagran.com/uttar-pradesh/gorakhpur-city-14693757.html 2 मार्च 2019 live https://www.amarujala.com/india-news/role-of-web-media-in-development-hindi वेब मीडिया ने बढ़ाया हिन्दी का दायरा - Amarujala Amar Ujala 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190302024602/https://www.amarujala.com/india-news/role-of-web-media-in-development-hindi 2 मार्च 2019 live चैटजीपीटी और जेमिनी सहित प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमान समग्री सर्जकों से हिन्दी में प्रश्न पूछा जा सकता हैं और वे हिन्दी में उत्तर भी देते हैं। जनसंचार हिन्दी के संचार माध्यम हिन्दी सिनेमा मुंबई में स्थित "बॉलीवुड" हिन्दी चलचित्र उद्योग पर भारत के करोड़ों लोगों की धड़कनें टिकी रहती हैं। हर चलचित्र में कई गाने होते हैं। हिन्दी और उर्दू (खड़ीबोली) के साथ साथ अवधी, बंबइया हिन्दी, भोजपुरी, राजस्थानी जैसी बोलियाँ भी संवाद और गानों में प्रयुक्त होती हैं। प्यार, देशभक्ति, परिवार, अपराध, भय, इत्यादि मुख्य विषय होते हैं। अब मोबाइल कंपनियाँ ऐसे हैंडसेट बना रही हैं जो हिन्दी और भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ हिन्दी जानने वाले कर्मचारियों को वरीयता दे रही हैं। हॉलीवुड की चलचित्रें हिन्दी में डब हो रही हैं और हिन्दी चलचित्रें देश के बाहर देश से अधिक कमाई कर रही हैं। हिन्दी, विज्ञापन उद्योग की पसंदीदा भाषा बनती जा रही है। गूगल, ट्रांसलेशन, ट्रांस्लिटरेशन, फोनेटिक टूल्स, गूगल असिस्टेंट आदि के क्षेत्र में नई नई रिसर्च कर अपनी सेवाओं को बेहतर कर रहा है। हिन्दी और भारतीय भाषाओं की पुस्तकों का अंकीयीकरण जारी है। कृत्रिम बुद्धि के आज के युग में अधिकांश विशाल-भाषा-मॉडल (LLM) जैसे गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी, डीपसीक आदि हिन्दी लिखते बोलते और समझते हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप हिन्दी और भारतीय भाषाओं के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। सोशल मीडिया ने हिन्दी में लेखन और पत्रकारिता के नए युग का सूत्रपात किया है और कई जनांदोलनों को जन्म देने और चुनाव जिताने-हराने में उल्लेखनीय और हैरान करने वाली भूमिका निभाई है। सितंबर 2018 में प्रकाशित हुई एक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार हिन्दी में ट्वीट करना अत्यन्त लोकप्रिय हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष सबसे अधिक पुनः ट्वीट किए गये 15 संदेशों में से 11 हिन्दी के थे।https://www.livehindustan.com/gadgets/story-hindi-tweets-are-becoming-famous-in-india-2182671.html भारत में हिन्दी के ट्वीट करना हो रहा है लोकप्रिय, रिसर्च में आया सामने https://www.livehindustan.com 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190328142306/https://www.livehindustan.com/gadgets/story-hindi-tweets-are-becoming-famous-in-india-2182671.html 28 मार्च 2019 dead हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं का बाजार इतना बड़ा है कि अनेक कंपनियाँ अपने उत्पाद और वेबसाइटें हिन्दी और स्थानीय भाषाओं में ला रहीं हैं।How online vernacular market is becoming the next big battle ground for tech cos https://web.archive.org/web/20181009131956/https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/how-online-vernacular-market-is-becoming-the-big-battle-ground-for-tech-cos/articleshow/63248994.cms 9 अक्तूबर 2018 (मार्च २०१८)https://www.indiatoday.in/education-today/jobs-and-careers/story/top-5-career-options-for-hindi-speaking-professionals-1613420-2019-10-28 Hindi as the new in-demand skill : 5 career opportunities that you can look at 21 फरवरी 2020 https://web.archive.org/web/20191031115200/https://www.indiatoday.in/education-today/jobs-and-careers/story/top-5-career-options-for-hindi-speaking-professionals-1613420-2019-10-28 31 अक्तूबर 2019 live आजकल भारत के सभी प्रकार के विज्ञापनों की प्रमुख भाषा हिन्दी ही है। इन्हें भी देखें 30em हिन्दी साहित्य का इतिहास हिन्दी व्याकरण भारत की भाषाएँ हिन्दको भाषा फिजी हिन्दी हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य हिन्दी भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची हिन्दी से सम्बन्धित प्रथम भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी संदर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ हिन्दी पर महापुरुषों के विचार हिन्दी फ्रेजबुक दक्षिण भारत में तेज़ी से बढ़ रहे हिन्दी बोलने वाले, देश के 44 फीसदी लोगों की बनी भाषा (२०११ जनसंख्या के आंकड़ों के अनुसार) हिन्दी भाषा एवं लिपि https://web.archive.org/web/20240714194916/http://rguir.inflibnet.ac.in/bitstream/123456789/16480/1/9788132355045.PDF 14 जुलाई 2024 (रघुवर सिंह) हिन्दी विक्षनरी - हिंदी में डिक्शनरी का विकिमीडिया प्रकल्प विकिसूक्ति - हिंदी में सूक्तियों का विकिमीडिया प्रकल्प हिन्दी विकिस्रोत - हिन्दी के कापीराइट-मुक्त पुस्तकों का संग्रह हिन्दी श्रेणी:हिन्द-आर्य भाषाएँ श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं श्रेणी:भारत की भाषाएँ