411 REFERENCE · Wikipedia
रॉबस्पियर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
250px|अंगूठाकार|रोबेस्पियेर
माक्सिमिलियें फ़्राँस्वा मारी इज़िदोर द रोबेस्पियेर (fr Maximilien François Marie Isidore de Robespierre no; 6 मई 1758 – 28 जुलाई 1794) एक फ़्रांसीसी वकील और राजनीतिज्ञ थे। इन्हें फ़्रान्सीसी क्रान्ति से जुड़े सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्रभावशाली लोगों में गिना जाता है। रोबेस्पियेर, स्टेट्स जेनरल, फ्रांस की राष्ट्रीय संविधान सभा, और जैकोबिन क्लब के सदस्य थे।
आर्रा प्रांत के वकील, रोबेस्पियेर स्वभाव से अंतर्मुखी और रूसो के अनन्य भक्त थे। उन्होंने ने फ्रांस में सार्वत्रिक पुरुष मताधिकार लागू करने और दास प्रथा को पूर्णतया समाप्त करने के लिए आन्दोलन का नेतृत्व किया। स्वयं हिंसक न होते हुए भी इन्होने हिंसा को प्रश्रय दिया, इनके विरोधियों को इनका विरोध करना काफी महँगा पड़ा। ये फ्रांस में सद्गुणों का गणतंत्र (रिपब्लिक ऑफ वर्च्यू)http://www.historyguide.org/intellect/virtue.html संग्रहीत प्रति 24 अप्रैल 2017 https://web.archive.org/web/20170425023923/http://www.historyguide.org/intellect/virtue.html 25 अप्रैल 2017 live स्थापित करना चाहते थे और इनका यह कथन काफी प्रसिद्ध है कि "बिना आतंक के सद्गुण और बिना सद्गुण के आतंक निरर्थक होते हैं।"वर्मा
लाल बहादुर
आधुनिक विश्व इतिहास की झलक
2009
अभिव्यक्ति प्रकाशन
इलाहाबाद
38-40
इन्होने क्रान्ति के समय लुई सोलहवें के मृत्युदण्ड की व्यवस्था कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।
रोब्सपियर को लेंकोरेप्तिब्ल (l'Incorruptible) अर्थात जिसे भ्रष्ट न किया जा सके की उपाधि दी गयी थी।
रोब्स्पियर ने नियंत्रण एवं दंड की सख्त नीती अपनाई। रोब्स्पियर ने अपनी नीतियों को इतनी सख्ती से लागू किया कि उसके समर्थक भी त्राहि-त्राहि करने लगे। अंततः जुलाई 1794 में न्यायालय द्वारा उसे दोषी ठहराया गया और गिरफ्तार करके अगले ही दिन उसे गिलोटिन पर चढ़ा दिया गया।
सन्दर्भ
श्रेणी:फ़्रांस के लोग
श्रेणी:1758 में जन्मे लोग
श्रेणी:१७९४ में निधन
श्रेणी:फ़्रांस का इतिहास
श्रेणी:फ्रांसीसी क्रान्ति