411 REFERENCE · Wikipedia
नारायण प्रसाद शुक्ल
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
नारायण प्रसाद शुक्ल NK SHUKLA INDORE.jpg 250px नारायण प्रसाद शुक्ल 10 नवंबर 1929 सागर, मध्य प्रदेश, भारत 15 जून 2014 भारतीय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राजनेता, पत्रकार, समाजसेवी नर्मदा मैया चलो आंदोलन उपाध्यक्ष, मध्य प्रदेश विधानसभा 28 जुलाई 1972 7 जनवरी 1976 राज्य मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार 8 जनवरी 1976 30 अप्रैल 1977 सदस्य, मध्य प्रदेश विधानसभा इंदौर–4 1972 1977 महापौर, इंदौर 2 वर्ष उपमहापौर, इंदौर 12 वर्ष
अंगूठाकार|पूर्व मुख्यमंत्री Dwarka Prasad Mishra के साथ नारायण प्रसाद शुक्ल।|270x270px
नारायण प्रसाद शुक्ल (10 नवंबर 1929 – 15 जून 2014) मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ भारतीय राजनेता, पत्रकार और समाजसेवी थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और इंदौर तथा मध्य प्रदेश के राजनीतिक एवं नागरिक विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने इंदौर नगर निगम के महापौर, मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य, राज्य मंत्री तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।PTI (15 जून 2014). "Senior Congress Leader Narayan Prasad Shukla Passes Away". The New Indian Express. प्राप्त किया गया: 7 मार्च 2024."विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री नारायणप्रसाद शुक्ला का निधन". नई दुनिया. 15 जून 2014. प्राप्त किया गया: 7 मार्च 2024."मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण प्रसाद शुक्ल का निधन". नवभारत टाइम्स. प्राप्त किया गया: 7 मार्च 2024."MP Legislative Assembly". mpvidhansabha.nic.in. प्राप्त किया गया: 7 मार्च 2024.
सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन
होल्कर कॉलेज इन्दौर में अध्ययन तथा छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया. यू.पी. आई. संवाद समिति में सम्पादन कार्य किया. 15 वर्षों तक प्रमुख समाचार पत्रों की संवाद समिति में कार्यरत रहे. इन्दौर कॉरपोरेशन में 12 वर्षों तक सदस्य, डिप्टी मेयर तथा 2 वर्षों तक मेयर रहे. अखिल भारतीय मेयर्स कौन्सिल की 7 सदस्यीय कार्यकारिणी के निर्वाचित सदस्य रहे. खेलकूद संस्थाओं के पदाधिकारी रहे. सन् 1972 के आम चुनाव में इन्दौर-4 निर्वाचन क्षेत्र से प्रथम बार विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा दिनांक 28 जुलाई, 1972 को मध्यप्रदेश विधान सभा के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुये तथा दिनांक 07.01.1976 तक इस पद को सुशोभित करते रहे. इसके पश्चात् दिनांक 08.01.76 से 30.4.77 तक श्री श्यामाचरण शुक्ल के मंत्री-मंडल में राज्यमंत्री रहे।अपने राजनीतिक जीवन के दौरान, शुक्ला को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्र का करीबी सहयोगी माना जाता था और उन्होंने राज्य में संगठनात्मक तथा विकासात्मक पहलों पर उनके साथ निकटता से कार्य किया। समकालीन विवरणों और बाद के संस्मरणों में उल्लेख मिलता है कि मिश्र ने शुक्ला की राजनीतिक परिपक्वता और प्रशासनिक दृष्टिकोण की सराहना की, विशेष रूप से शहरी विकास और जन आंदोलनों से जुड़े मामलों में। शुक्ला, मिश्र के राजनीतिक परिवेश से जुड़े वरिष्ठ नीति-निर्माताओं के संपर्क में भी रहे, जिनमें ब्रजेश मिश्र शामिल थे, जिनके साथ उनके घनिष्ठ व्यक्तिगत और पेशेवर संबंधों का उल्लेख क्षेत्रीय स्रोतों में किया गया है।वे 27 वर्ष की आयु में इंदौर के महापौर बने और क्षेत्रीय स्रोतों में उन्हें इंदौर नगर निगम के इतिहास के सबसे कम आयु के महापौरों में गिना जाता है।https://hindi.webdunia.com/history-of-indore-municipal-corporation-election/mayor-of-indore-municipal-corporation-122062900068_1.html इंदौर नगर निगम के मेयर (महापौर) Webduniya Hindi
नर्मदा मैया चलो आंदोलन
1960 और 1970 के दशक में इंदौर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए नारायण प्रसाद शुक्ल ने 5 जुलाई से 23 अगस्त 1970 तक चले नर्मदा मैया चलो आंदोलन का नेतृत्व किया। इस जन आंदोलन का उद्देश्य इंदौर को नर्मदा नदी से जल आपूर्ति उपलब्ध कराना था। यह आंदोलन व्यापक जन सहभागिता के लिए जाना जाता है और इसे इंदौर के जल प्रबंधन इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।"55 साल पहले गूंजा था नर्मदा मैया इंदौर चलो का नारा, नारायण प्रसाद शुक्ला ने रखी थी नींव". Ghamasan News. 17 जून 2022.Shukla, Ankur (8 अप्रैल 2024). "Narmada Maiya Chalo, a 23 day-long movement in Indore led by local politician". R9 News.https://www.bhaskarhindi.com/state/madhya-pradesh/the-architect-of-modern-indore-the-inspiring-story-of-narayan-prasad-shukla-1279976 आधुनिक इंदौर के शिल्पकार: नारायण प्रसाद शुक्ल की प्रेरक विकासगाथाअंगूठाकार|274x274पिक्सेल|'''नारायण प्रसाद शुक्ल''' जनसभा को संबोधित करते हुए।
संगठनात्मक भूमिका
1970 से 1972 के बीच नारायण प्रसाद शुक्ल को मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस समिति का महासचिव नियुक्त किया गया। वे उस समय नियुक्त किए गए चार महासचिवों में से एक थे। यह नियुक्ति तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान हुई। इस अवधि में वे संगठनात्मक कार्यों, चुनावी रणनीति तथा खरगोन जिले में चुनाव प्रभारी की भूमिका से जुड़े रहे।Soni, Harsh (8 नवंबर 2024). "नारायण प्रसाद शुक्ला: एक समर्पित राजनीतिज्ञ और समाजसेवी". Yuva Press."स्व. शुक्ला से जुड़े प्रसंगों को याद किया". दैनिक भास्कर.
साहित्य एवं सांस्कृतिक योगदान
नारायण प्रसाद शुक्ल हिंदी भाषा और साहित्य के प्रोत्साहन से भी जुड़े रहे। वे इंदौर स्थित श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष रहे, जिसकी आधारशिला महात्मा गांधी द्वारा रखी गई थी। उनके कार्यकाल में समिति द्वारा अनेक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
व्यक्तिगत जीवन
नारायण प्रसाद शुक्ल का जन्म सागर, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनका पारिवारिक जीवन सामाजिक मूल्यों और सार्वजनिक सेवा से जुड़ा रहा। उनका विवाह कुसुम शुक्ला से हुआ था। उनके चार संतानें थीं—दो पुत्र और दो पुत्रियाँ। उनके पुत्र शैलेन्द्र शुक्ला व्यवसाय से जुड़े रहे, जबकि प्रदीप शुक्ला एक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत रहे। उनकी पुत्रियाँ अर्चना जोशी और सुषमा ठाकुर हैं।
उनके परिवार के कई सदस्य सामाजिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उनके पौत्र आदित्य शुक्ला शिक्षा, युवा नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सामाजिक विकास से संबंधित पहलों में सक्रिय रहे हैं। वे संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध विभिन्न सामाजिक विकास कार्यक्रमों में कार्य कर चुके हैं तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में स्थान मिला है। वर्तमान में वे ग्लोबल यूथ लीडरशिप इनिशिएटिव के अध्यक्ष हैं। अन्य पौत्रों में अपूर्व शुक्ला और शैलजा शुक्ला भी सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। इस प्रकार सार्वजनिक सेवा की परंपरा उनकी अगली पीढ़ियों तक निरंतर बनी रही।https://hindi.news18.com/news/entertainment/digital-divide-a-major-reason-for-social-and-economic-backwardness-aditya-shukla-8088625.html डिजिटल डिवाइड सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन का एक बड़ा कारणः आदित्य शुक्लाजून 2026 InternetArchiveBot
अंगूठाकार|शुक्ला, भारत के सेनाध्यक्ष जयंतो नाथ चौधरी तथा डेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जुलसी के साथ।
निधन
अंगूठाकार|पूर्व मुख्यमंत्री Dwarka Prasad Mishra के साथ नारायण प्रसाद शुक्ल।
नारायण प्रसाद शुक्ल का निधन 15 जून 2014 को हुआ। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।"Senior Congress leader Narayan Prasad Shukla passes away". Zee News. 15 जून 2014. प्राप्त किया गया: 7 मार्च 2024."Senior Congress leader Narayan Prasad Shukla passes away". DNA India. प्राप्त किया गया: 7 मार्च 2024.
संदर्भ
https://mpvidhansabha.nic.in/house%20proceedings/hp300614.pdf
"27 साल की उम्र में मेयर बन गए थे शुक्ल". दैनिक भास्कर.
श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ