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डाइप्टेरोकारपेसिए
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डाइप्टेरोकारपेसिएDipterocarpaceae Hopea ponga.jpg भारत के केरल राज्य में परों जैसे खोल से ढके हुए होपीआ पोंगा की फलियाँ पादप पुष्पी पादप (Angiosperms) युडिकॉट (Eudicots) ऐस्टरिड (Asterids) मैलवेलीस (Malvales) डाइप्टेरोकारपेसिए (Dipterocarpaceae) ब्लूम वंश :en:Anisoptera
:en:Cotylelobium
:en:Dipterocarpus
:en:Dryobalanops
:en:Hopea
:en:Marquesia
:en:Monotes
:en:Neobalanocarpus
:en:Parashorea
:en:Pseudomonotes
:en:Shorea
:en:Stemonoporus
:en:Upuna
:en:Vateria
:en:Vateriopsis
:en:Vatica
डाइप्टेरोकारपेसिए (Dipterocarpaceae) विश्व के ऊष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों और वर्षावनों में मिलने वाले वृक्षों का एक जीववैज्ञानिक कुल है। इसमें १६ वंश और लगभग ७०० ज्ञात जातियाँ सम्मिलित हैं। यह कुल मुख्यतः उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है, विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया, भारत के पश्चिमी घाट, श्रीलंका और अफ्रीका के कुछ भागों में। इन वृक्षों के फल अक्सर दो पर-जैसे छिलकों से ढके रहते हैं।Ashton, P.S. Dipterocarpaceae. Flora Malesiana, 1982 Series I, 92: 237-552Maury-Lechon, G. and Curtet, L. Biogeography and Evolutionary Systematics of Dipterocarpaceae. In A Review of Dipterocarps: Taxonomy, ecology and silviculture, 1998. Appanah, S. and Turnbull, J. M. eds. Center for International Forestry Research, Bogor, Indonesia. ISBN 979-8764-20-X
विशेषताएँ
यह कुल मुख्य रूप से ऊँचे सदाबहार वृक्षों से बना है, जिनकी ऊँचाई 40 से 70 मीटर तक हो सकती है।
इनके पत्ते सरल (simple), सदाबहार और वैकल्पिक (alternate) होते हैं।
फूल द्विलिंगी (bisexual) होते हैं और गुच्छों में लगते हैं।
फलों में प्रायः दो या अधिक पंखनुमा पंख (wing-like structures) होते हैं, जिनसे बीज हवा के सहारे दूर तक फैलता है। इसी कारण कुल का नाम Dipterocarpaceae पड़ा, जिसमें "Diptero" का अर्थ है ‘दो पंख’ और "carp" का अर्थ है ‘फल’।https://www.britannica.com/plant/Dipterocarpaceae Dipterocarpaceae plant family Encyclopedia Britannica 2 अक्टूबर 2025
वितरण
दक्षिण-पूर्व एशिया: मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड और म्यांमार में यह कुल सर्वाधिक समृद्ध है।
भारत: विशेषकर पश्चिमी घाट और अंडमान-निकोबार द्वीपों में पाई जाती है।
अफ्रीका: मेडागास्कर और मध्य अफ्रीका में भी कुछ वंश उपस्थित हैं।Ashton P.S. Dipterocarpaceae of Asia and Africa Botanical Journal of the Linnean Society 58 1 1965 1–44 10.1111/j.1095-8339.1965.tb00820.x
प्रमुख वंश
शोरिया (Shorea) – सबसे बड़ा वंश, इसमें लगभग 200 प्रजातियाँ आती हैं।
डाइप्टेरोकार्पस (Dipterocarpus)
होपिया (Hopea)
वाटिका (Vatica)
पैराशोरिया (Parashorea)
आर्थिक महत्त्व
लकड़ी – डाइप्टेरोकारपेसिए कुल की लकड़ी (विशेषकर शोरिया और डाइप्टेरोकार्पस) बहुत कठोर, टिकाऊ और भवन, जहाज़ एवं फर्नीचर निर्माण में उपयोगी है।
रेज़िन और तेल – डाइप्टेरोकार्पस वृक्ष से रेज़िन (गुड़लक, डमरू आदि) प्राप्त होता है, जिसका उपयोग वार्निश, औषधि और सुगंधी उद्योग में होता है।
पारिस्थितिक महत्त्व – ये वृक्ष वर्षावनों की छत्रछाया बनाते हैं और जैवविविधता को बनाए रखते हैं।
औषधीय उपयोग – कुछ प्रजातियों से औषधीय तेल और हर्बल उपचार के घटक प्राप्त होते हैं।Soerianegara I. Timber trees: Major commercial timbers FAO 1993 150
पारिस्थितिक भूमिका
डाइप्टेरोकारपेसिए वृक्ष उष्णकटिबंधीय वर्षावनों का प्रमुख घटक हैं।
इनकी ऊँचाई और छाया के कारण यह कैनोपी संरचना बनाते हैं, जिससे अनेक पक्षी, कीट और स्तनधारी प्रजातियों का आवास सुरक्षित होता है।
इनके बीज और फल कई जीवों के भोजन का स्रोत हैं।
हाल के वैज्ञानिक अध्ययन
हाल के जीनोमिक अध्ययनों में पाया गया है कि डाइप्टेरोकार्प वृक्षों की कई विशेषताएँ (जैसे ऊँचाई, व्यास, छाया सहनशीलता) वंशानुक्रमिक संकेत (phylogenetic signal) दर्शाती हैं।Malik A. Phylogenetic conservatism in Dipterocarpaceae Evolutionary Applications 2025 18 1–12 10.1002/eva.4567
2022 में प्रकाशित एक अध्ययन ने 13 प्रजातियों के जीनोम अनुक्रमण से इनके विकास, लकड़ी निर्माण और वनस्पति रसायन शास्त्र पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।Tian X. Genomes of Dipterocarpoideae provide insights into wood formation and diversification Plant Communications 2022 3 5 100301 10.1016/j.xplc.2022.100301
2024 में प्रकाशित समीक्षा में 16 नए जीनोम अनुक्रमों के आधार पर इस कुल की रेज़िन (oleoresin) उत्पादन प्रणाली पर प्रकाश डाला गया।Luo Y. Dipterocarpaceae genomics: recent advances and prospects Gene 2024 895 147523 10.1016/j.gene.2024.147523
Hopea hainanensis पर 2024 का संरक्षण जीनोमिक अध्ययन दिखाता है कि इसकी आबादी में जीन विविधता काफी घट गई है।Tang Y. Genomic insights into the endangered tree Hopea hainanensis Frontiers in Plant Science 2024 15 1442807 10.3389/fpls.2024.1442807
2023 में प्रकाशित शोध से यह भी पता चला कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय दबावों के कारण निम्नभूमि डाइप्टेरोकार्प वनों की संरचना और पुनर्जनन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।Prohaska N. Long-term ecological responses of lowland Dipterocarp forests New Phytologist 2023 237 4 1399–1415 10.1111/nph.19169
संरक्षण
अत्यधिक दोहन और वनों की कटाई के कारण इस कुल की कई प्रजातियाँ संकटग्रस्त हो गई हैं।
IUCN रेड लिस्ट में शोरिया तथा डाइप्टेरोकार्पस की कई प्रजातियाँ संकटग्रस्त या सुभेद्य (Vulnerable) श्रेणी में सूचीबद्ध हैं।https://www.iucnredlist.org/ IUCN Red List of Threatened Species IUCN 2 अक्टूबर 2025
2023 में BGCI की रिपोर्ट में बताया गया कि संरक्षण शोध का ध्यान अब केवल आर्थिक उपयोग से हटकर दीर्घकालीन अस्तित्व की ओर केंद्रित है।https://www.bgci.org/wp/wp-content/uploads/2023/03/RL-Dipterocarpaceae-MedRes.pdf Red List of Dipterocarpaceae BGCI 2023 2 अक्टूबर 2025
इन वृक्षों के संरक्षण हेतु सतत वानिकी (Sustainable Forestry) और पुनर्वनीकरण (Reforestation) कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
चित्रावली
thumb|Shorea robusta - (सालवृक्ष) की पत्तियाँ
thumb|Dipterocarpus alatus is the most beautiful tree on the world ;
thumb|Hopea_odorata-pohon-A2613
thumb|White Seraya की छत्रछाया
संदर्भ
इन्हें भी देखें
साल (वृक्ष)
मैलवेलीस
सन्दर्भ
*
श्रेणी:मैलवेलीस कुल
श्रेणी:अखिल ऊष्णकटिबन्धीय वनस्पति