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411 समाचार
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बोरज तँवरान

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बोरज तँवरान तँवरा की बोरज जागीर, बोरज तंवरान बोरज तँवरान India Rajasthan 24.142 74.115 inline, title राजस्थान में स्थिति देश प्रान्त राजस्थान ज़िला सलूम्बर ज़िला तहसील झल्लारा ग्राम पंचायत मालपुर 259 571 2011 भाषा प्रचलित हिन्दी, मेवाड़ी भामस +5:30 पिनकोड 313027 दूरभाष कोड RJ-58 निकटतम नगर सलूम्बर Boraj Tanwaran बोरज तँवरान (Boraj Tawaran) भारत के राजस्थान राज्य के सलूम्बर ज़िले में स्थित एक गाँव है। यह झल्लारा तहसील में आता है, और सलूम्बर नगर से 8 किलोमीटर दूर पूर्व में स्थित है।"https://gramvikas.nskmultiservices.in/india/rajasthan/salumbar/jhallara/boraj-tawaran#gsc.tab=0जुलाई 2026 InternetArchiveBot "https://villagegram.in/village/rajasthan/salumbar/jhallara/boraj-tawaran/जुलाई 2026 InternetArchiveBot बोरज तँवरान पुर्व मे तँवरा की बोरज जागीर के नाम से जाना जाता था।सेटलमेंट डिपार्टमेंट डिवीजन उदयपुर, सन् 1955 इतिहास बोरज तँवरान - रावत जोधसिंह द्वितीय (1862-1901) द्वारा गांव बोरज तँवरान का पट्टा भोग , मागणा सहित तेज सिंह तँवर नामक सरदार को जागीर में संवत 1933 पौष विद 13(13 दिसंबर 1876AD) के दिन दिया गया, इसमें घोड़े रखने, घोडे सहित वक्त जरूरत नौकरी पर आने के आदेश दिए गए, यह सरदार ठाकुर राय सिंह तंवर का पुत्र था जिसकी जागीर में तीन गाँव गावड, सरवडी और वेण थे।विमला भंडारी, सलुम्बर का इतिहास, पृष्ठ 191 मेवाड़ के सलुम्बर ठिकाने में वहाँ के राजा द्वारा तँवर राजपूतो को कई गाँव मुण्डकटी और सिरकटी के बदले जागीरी में दिए।विमला भंडारी, सलूम्बर का इतिहास, पृष्ठ 366 वर्तमान में बोरज तँवरान सलुम्बर में तँवरो की जागीरी का गांव है।विमला भंडारी, सलूम्बर का इतिहास, पृष्ठ 191, 321 विद्यालय राजकीय प्राथमिक विद्यालय बोरज तँवरान राजकीय माध्यमिक विद्यालय बोरज मन्दिर मोरीला महादेवजी, का मंदिर गाँव से 4 कि.मी की दुरी पर मोरीला की पहाड़ी पर है। यह भगवान शिव का मंदिर है। कालका माता का मंदिर -इसे धमकर माता भी बोलते हैं। योगमाया(चिलाय माता) का मंदिर - यह तँवर राजपूतो की कुलदेवी का मंदिर है। अम्बा माता, का मंदिर अम्बा माता तालाब पर बना हुआ है। तालाब एवं नदियां अम्बा माता तालाब - गाँव से 1 किमी की दूरी पर दो पहाड़ियों के बीच एक बहुत ही सुंदर तालाब बना हुआ है, जिसके पानी का उपयोग नहर के माध्यम से 10-12 गाँवों में सिंचाई के लिए किया जाता है। तालाब के निर्माण का श्रेय तेज सिंह तंवर के वंशज अमर सिंह तंवर को जाता है। नदियाँ- गाँव में दो नदियाँ हैं जो साल भर बहती हैं। शिकारगाह जंगलों और पहाड़ों के कारण यहां कई जंगली जानवर पाए जाते हैं, जिसके कारण पहले यह शिकार के लिए सबसे पसंदीदा जगह थी। त्यौहार दिवाली- इस त्योहार पर विशेषकर आदिवासी समुदाय द्वारा घर घर जाकर केसिया गाया जाता हैं। होली- इस त्यौहार पर ग्रामीणों द्वारा गैर नृत्य किया जाता हैं। मकर संक्रांति-पहले इस त्योहार पर ग्रामीण गेड़िया खेल खेलते थे। कृषि एवं पशुपालन कृषि में मुख्यतः गेहूँ एवं मक्के की खेती की जाती है। ज्यादातर लोग पशुपालन का काम भी करते हैं जिसमें गाय, भैंस और बकरियां पाली जाती हैं। इन्हें भी देखें सलूम्बर उदयपुर ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:राजस्थान के गाँव श्रेणी:उदयपुर ज़िला श्रेणी:उदयपुर ज़िले के गाँव