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शल्ककंद
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thumb|right|250px|हिप्पेस्ट्रम का शल्ककंद
वनस्पति विज्ञान में, शल्ककंद (अंग्रेज़ी: Bulb) एक प्रकार का छोटा, रूपांतरित भूमिगत प्ररोह या तना है, जो मांसल शल्कपत्रों से घिरा होता है।Bell, A.D. 1997. Plant form: an illustrated guide to flowering plant morphology. Oxford University Press, Oxford, U.K. पौधे की सुप्तावस्था या प्रतिकूल मौसम के दौरान यह एक महत्वपूर्ण संचयन अंग के रूप में कार्य करता है, जिसमें पौधे के जीवित रहने और वृद्धि के लिए आवश्यक भोजन व जल संचित रहता है। प्याज, लहसुन और ट्यूलिप इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
यद्यपि वानस्पतिक दृष्टि से 'सच्चे शल्ककंद' केवल कुछ विशिष्ट पौधों में ही पाए जाते हैं, लेकिन बागवानी की सामान्य भाषा में अन्य प्रकार के भूमिगत संचयन अंगों (जैसे- कंद, प्रकंद आदि) वाले सजावटी पौधों को भी अक्सर व्यापक रूप से "बल्ब" या 'सजावटी शल्ककंद पादप' कह दिया जाता है।
विवरण
thumb|शल्ककंद का अनुदैर्ध्य काट
thumb|प्याज के शल्ककंद का अनुप्रस्थ काट
शल्ककंद के पत्ती आधार (पर्ण-आधार) प्रतिकूल परिस्थितियों में पौधे को जीवित रखने के लिए भोजन संचित करते हैं। इसके केंद्र में एक कायिक प्ररोह होता है। इसका आधार एक अत्यधिक छोटे और चपटे तने से बना होता है; इसी भाग से नीचे की ओर जड़ें और ऊपर की ओर नए प्ररोह निकलते हैं। 'कंचुकित' शल्ककंदों में सूखी, झिल्लीदार बाहरी परत होती है जो मांसल शल्कपत्रों की रक्षा करती है।https://books.google.co.in/books?id=giqdNdoJNQsC&redir_esc=y Plant Reproduction Mishra S. R. 2005 Discovery Publishing House 978-81-7141-955-5 120-135 en एलियम, नार्सिसस, और ट्यूलिप कंचुकित शल्ककंद के उदाहरण हैं। जबकि लिलियम जैसे 'अकंचुकित' या 'शल्की' शल्ककंदों में यह बाहरी आवरण नहीं होता।http://archive.org/details/taylorsguidetobu00elli Taylor's guide to bulbs : how to select and grow 480 species of spring and summer bulbs Ellis Barbara W. 2001 Boston : Houghton Mifflin Internet Archive 978-0-618-06890-6 3
शल्ककंद कायिक और जनन चरणों से गुजरते हैं। कायिक चरण में यह आकार में बढ़ता है और जनन चरण में इसमें फूल आते हैं। एक बार जब फूल खिलने की अवधि समाप्त हो जाती है, तो पौधा पत्तियों के माध्यम से अगले वर्ष के लिए ऊर्जा अवशोषित करता है।
शल्ककंद बनाने वाले पौधे
भूमिगत संचयन अंग बनाने वाले पौधों को 'भू-उद्भिद' कहा जाता है। लगभग सभी सच्चे शल्ककंद बनाने वाले पौधे एकबीजपत्री होते हैं:
एमरिलिडेसी कुल: प्याज, लहसुन, डैफोडिल आदि।
लिलिएसी कुल: लिली, ट्यूलिप आदि।
इरिडेसी कुल: आइरिस की कुछ प्रजातियां।
केवल कुछ ही द्विबीजपत्री पौधे (जैसे- ऑक्सालिस की कुछ प्रजातियां) सच्चे शल्ककंद बनाते हैं।http://archive.org/details/plantpropagation00hart Plant propagation : principles and practices Hartmann Hudson Thomas Hartmann Hudson Thomas 2002 Upper Saddle River, N.J. : Prentice Hall Internet Archive 978-0-13-679235-2 560-561Oberlander K.C. Emshwiller E. Bellstedt D.U. Dreyer L.L. 2009-04-01 A model of bulb evolution in the eudicot genus Oxalis (Oxalidaceae) https://linkinghub.elsevier.com/retrieve/pii/S105579030800540X Molecular Phylogenetics and Evolution en 51 1 54–63 10.1016/j.ympev.2008.11.022
पत्रप्रकलिका (Bulbil)
पत्रप्रकलिका एक छोटा द्वितीयक शल्ककंद होता है। यह अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर विकसित होकर एक नया पौधा या पूर्ण शल्ककंद बना सकता है। कुछ पौधे (जैसे 'टाइगर लिली') अपनी पत्तियों के कक्ष में पत्रप्रकलिकाएँ बनाते हैं। वहीं, लहसुन जैसे कुछ पौधे फूलों के शीर्ष में इनका निर्माण करते हैं।
इन्हें भी देखें
पादप शारीरिकी
संदर्भ
Bulbs Bulbs left
श्रेणी:पादप आकारिकी
श्रेणी:पादप जनन