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अल्फ़ा लीब्राए तारा
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अल्फ़ा लीब्राए (Alpha Librae) या α लीब्राए (α Librae) या दक्षिण विशाख (South Vishakha) या ज़ुबन अल-जनुबी (Zubenelgenubi) तुला तारामंडल का दूसरा सबसे रोशन तारा है। आँखों से एक दिखने वाला अल्फ़ा लीब्राए वास्तव में एक बहु तारा मंडल है, जिसमें चार या पाँच तारे सम्मिलित हैं। यह हमारे सौर मंडल से अनुमानित 77 प्रकाशवर्ष की दूरी पर स्थित है।
== पारम्परिक भारतीय नाम ==
अल्फ़ा लीब्राए और बीटा लीब्राए संस्कृत में विशाख नामक नक्षत्र कहलाते हैं। अथर्व वेद में यह दो तारे समृद्धि के प्रतीक माने गए हैं।
== बहुतारा मंडल ==
अल्फ़ा लीब्राए को दूरबीन से देखने पर पहले एक द्वितारा दिखता है, जिसके कम रोशन सदस्य को α1 लीब्राए (α1 Librae) और अधिक रोशन सदस्य को α2 लीब्राए (α2 Librae) बुलाया जाता है। यह दोनों एक दूसरे से 5400 खइ की दूरी रखते हैं। अधिक शक्तिशाली दूरबीन से α1 लीब्राए और α2 लीब्राए दोनों स्वयं द्वितारे ज्ञात होते हैं, यानि यह एक चतुर्तारा मंडल है। एक अन्य तारा केयू लीब्राए (KU Librae) भी इन तारों के साथ गुरुत्वाकर्षक रूप से बंधा हुआ प्रतीत होता है और यदि यह सत्य है तो यह कुल मिलाकर एक पंचतारा मंडल है। मंडल के दो सर्वाधिक तेजस्वी तारों में एक A3-श्रेणी का श्वेत तारा और दूसरा F4-श्रेणी का एक तारा है। सम्भव है कि यह सभी तारे लगभग 20 करोड़ वर्ष पूर्व एक साथ ही विकसित हुए थे।
== इन्हें भी देखें ==
बहुतारा
तुला तारामंडल
बीटा लीब्राए तारा
== सन्दर्भ ==