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डलहौज़ी
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डलहाउज़ी Dalhousie डलहाउज़ी India Himachal Pradesh 32.53 75.98 inline, title हिमाचल प्रदेश में स्थिति ज़िला चम्बा ज़िला प्रान्त हिमाचल प्रदेश देश 1970 7051 2011 भाषाएँ प्रचलित पहाड़ी, हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30 Dalhousie 2.jpg डलहाउज़ी का एक दृश्य
डलहाउज़ी (Chowari) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के चम्बा ज़िले में स्थित एक नगर है।"Himachal Pradesh, Development Report, State Development Report Series, Planning Commission of India, Academic Foundation, 2005, ISBN 9788171884452"Himachal Pradesh District Factbook," RK Thukral, Datanet India Pvt Ltd, 2017, ISBN 9789380590448
विवरण
डलहाउज़ी धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य में स्थित एक बहुत ही ख़ूबसूरत पर्यटक स्थल है। पाँच पहाड़ों (कठलौंग, पोट्रेन, तेहरा, बकरोटा और बलुन) पर स्थित यह पर्वतीय स्थल चम्बा ज़िले का हिस्सा है। अंग्रेज़ों ने 1854 में इसे बसाया और विकसित किया तथा तत्कालीन वाइसरॉय लॉर्ड डलहाउज़ी के नाम पर इस जगह का नाम डलहाउज़ी रखा गया। अंग्रेज़ सैनिक और नौकरशाह यहाँ अपनी गर्मी की छुट्टियाँ बिताने आते थे। मनमोहक वादियों और पहाड़ों के अलावा यहाँ के अन्य आकर्षण प्राचीन मंदिर, चंबा और पांगी घाटी हैं।
पर्यटन
डलहौजी एक बहुत ही ख़ूबसूरत और मनमोहक पर्वतीय स्थल है। पर्वतों से घिरी इस जगह पर देखने को बहुत कुछ है।
पर्यटन आकर्षण
सैंट पैट्रिक चर्च - यह चर्च मुख्य बस स्टैंड से 2 किलॉमीटर्स दूर डलहाउज़ी कैंट की मिलिटरी हॉस्पिटल रोड पर है। सैंट पैट्रिक चर्च डलहौजी का सबसे बड़ा चर्च है। यहाँ के मुख्य हॉल में 300 लोग एक साथ बैठ सकते हैं। इस चर्च का निर्माण 1909 में किया गया था। यह चर्च ब्रिटिश सेना के अफ़सरों के सहयोग से बनाया गया था। वर्तमान में इस चर्च की देखरेख जालंधर के कैथलिक डायोसिस द्वारा की जाती है। इस चर्च के चारों ओर प्रकृति का सौंदर्य बिखरा हुआ है। यह उत्तर भारत के ख़ूबसूरत चर्चों में से एक है। पत्थर से बनी हुई बिल्डिंग भी कुछ अलग तरह की है।
मणिमहेश यात्रा - अगस्त/सितंबर के महीने में चंबा के लक्ष्मीनारायण मंदिर से मणिमहेश की प्रसिद्ध यात्रा शुरु होती है। इस दौरान छड़ी को पवित्र मणिमहेश झील तक ले जाते हैं। यह झील ज़िले का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। एक अनुमान के अनुसार प्रतिवर्ष यहाँ करीब एक लाख श्रद्धालु आते हैं और पवित्र कुंड में डुबकी लगाते हैं। समुद्र तल से 13500 फ़ीट ऊपर स्थित यह झील मणि महेश कैलाश चोटी के नीचे है। झील से थोड़ी ही दूरी पर संगमरमर से बना एक शिवलिंग भी है, जिसे चौमुख कहा जाता है।
लक्ष्मीनारायण मंदिर - लक्ष्मीनारायण मंदिर सुभाष चौक से 200 मीटर्स दूर सदर बाज़ार में है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। 150 साल पुराने इस मंदिर में भगवान विष्णु की सुंदर प्रतिमा देखी जा सकती है। इस मंदिर में स्थानीय लोग नियमित रूप से दर्शन करने आते रहते हैं। इसी मंदिर से अगस्त/सितंबर के महीने में मणि महेश यात्रा की शुरुआत होती है।
कालाटोप वन्यजीव अभयारण्य - समुद्र तल से 2440 मीटर्स की ऊँचाई पर स्थित यह जंगल बहुत ही घना है। विभिन्न प्रकार के पक्षियों को देखने के लिए यह जगह बिल्कुल उपयुक्त है। यहाँ की ख़ूबसूरती भी देखते ही बनती है। जो पर्यटक यहाँ रात भर रुकना चाहते हैं उनके लिए एक रेस्ट हाउस भी है। यहाँ ठहरने के लिए डलहाउज़ी में आरक्षण कराना होता है। इस जंगल के पास ही लक्कड़ मंडी है।
पंचफुल्ला - स्वतंत्रता सेनानी और शहीद भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह की मृत्यु भारत की आज़ादी के दिन हुई थी। उनकी समाधि डलहाउज़ी के पंचफुल्ला में बनाई गई है। इस ख़ूबसूरत जगह पर एक प्राकृतिक कुंड और छोटे-छोटे पुल हैं, जिनके नाम पर इस जगह का नाम रखा गया है। पंचफुल्ला जाने के रास्ते में सतधारा है। यही से डलहाउज़ी और बहलून को पानी की आपूर्ति होती है। इस पानी के बारें में यह भी कहा जाता है कि इसमें कुछ रोगों को दूर करने की क्षमता है।
प्रवेश
वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा गग्गल है। (124 किलोमीटर)
रेल मार्ग: नज़दीकी रेल जंक्शन चक्की बैंक है। (58 किलोमीटर)
सड़क मार्ग: दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग 1 से जालंधर, वहाँ से राष्ट्रीय राजमार्ग 1ए से पठानकोट, यहां से डलहाउज़ी सिर्फ़ 68 किलॉमीटर्स दूर है।
इन्हें भी देखें
चम्बा ज़िला
हिमाचल प्रदेश
सन्दर्भ
श्रेणी:हिमाचल प्रदेश के शहर
श्रेणी:चंबा ज़िला
श्रेणी:चंबा ज़िले के नगर
श्रेणी:हिमाचल प्रदेश में हिल स्टेशन