Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

करहल

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

करहल (तहसील), मैनपुरी अक्टूबर 2022 करहल Karhal करहल India Uttar Pradesh 27.003 78.937 inline, title उत्तर प्रदेश में स्थिति देश प्रान्त उत्तर प्रदेश ज़िला मैनपुरी ज़िला 38499 2023 भाषा प्रचलित हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30 करहल (Karhal) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मैनपुरी ज़िले में स्थित एक नगर है। "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716"Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC 23 अप्रैल 2017," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975 यह नगर इटावा और मैनपुरी के मध्य मे स्थित है, यह नगर मैनपुरी जिले से 27.4  किलो-मीटर और इटावा जिले से 29.2 किलो-मीटर की दूरी पर स्थित हैl 2011 की जनगणना के अनुसार करहल ब्लॉक (सीडी) का उप-जिला कोड 00776 है। करहल तहसील का कुल क्षेत्रफल 552 वर्ग किमी है जिसमें 542.34 वर्ग किमी ग्रामीण क्षेत्र और 9.58 किमी² शहरी क्षेत्र शामिल है। करहल तहसील की आबादी 3,31,718 है, जिसमें से शहरी आबादी 38499 है जबकि ग्रामीण आबादी 3,04,017 है। करहल का जनसंख्या घनत्व 601 निवासी प्रति वर्ग किलोमीटर है। उप-जिले में लगभग 56,864 घर हैं, जिनमें 4,607 शहरी घर और 52,257 ग्रामीण घर शामिल हैं। करहल तहसील में लगभग 186 गाँव हैं, जिन्हें आप नीचे करहल तहसील गाँवों की सूची (ग्राम पंचायत की जानकारी के साथ) से देख सकते हैं। करहल को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का कार्यक्षेत्र कहा जाता है इसी नगर से मुलायम सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा ली, तथा बाद में यहीं जैन इंटर कॉलेज मे अध्यापक रहेl करहल नगर मे 7 इंटर कॉलेज तथा 3 डिग्री कॉलेज मौजूद हैं जो इस नगर की शिक्षा व्यवस्था को निरंतर बनाये हुए हैं, परंतु अभी भी यहाँ शिक्षा के क्षेत्र में और काम होने की आवश्यकता है एक आईटीआई भी नगर की सीमा पर सैफई मे स्थित हैl करहल एक तेजी से विकसित होता शहर है, लेकिन यहाँ एक समस्या बेरोज़गारी है, चूंकि आस- पास कोई इंडस्ट्री नहीं है और न ही लघु उद्योग यहाँ इतने विकसित हैं जो यहाँ के लोगों को रोजगार दे सके इसलिए यहाँ के नौजवाँन पलायन कर के दिल्ली और हरियाणा भाग रहे हैंl स्वास्थ्य सुविधा की बात की जाये तो नगर मे एक प्राथमिक स्वस्थ केंद्र स्थित है वहीं 4 किलो-मीटर दूर सैफई मे उत्तर प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी तथा अस्पताल हैl करहल नगर आस-पास के 70 से अधिक गाँवो का बाजार है यहाँ का बाजार जनपद का सब से विकसित बाजार हैl यह लगभग 38499 लोगों की बसावट वाला नगर है ,यहाँ की जनसंख्या में मुख्यतः हिंदू आबादी है जो कुल आबादी का 58% हैँ, 13% जैन तथा 27% मुस्लिम आबादी के साथ यहाँ और धर्म के लोग भी आबाद हैं,करहल के लोगों मे आपसी समन्वय व भाईचारा बहुत है यहाँ लोग एक दूसरे के त्योहारों पे बधाई देते हैं तथा बढ़ चढ़ के एक दूसरे के त्योहारों मे शरीक होते हैंl यह नगर सड़क मार्ग द्वारा देश के बाकी हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है आगरा लखनऊ एक्स्प्रेस-वे करहल से होकर गुजरता है जो इस शहर को राजधानी लखनऊ से जोड़ता हैl इटावा से कुरावली फोर लेंन भी करहल को इटावा व जनपद मैनपुरी से जोड़ता है करहल के चारों तरफ अच्छी सडकों का जाल बिछा हैl नगर मेें रेलवे स्टेशन भी स्थित है जो इसको भारतीय रेल की सेवा प्रदान करता है करहल नगर में कई मंदिर और धार्मिक स्थान भी स्थित हैं, जो नगर वासियों में आध्यात्मिक चेतना बनाए रखते हैं तथा उनकी आस्था के केंद्र हैं नगर में स्थित मुख्य मंदिर व धार्मिक स्थल: मंदिर श्री मोटामल महाराज मंदिर श्री वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर श्री बालाजी महाराज मंदिर श्री मुड़ीया जी मंदिर श्री नरसिंह भगवान(चौबे जी वाला मंदिर) मंदिर श्री बाग वृंदावन मंदिर श्री भगवान परशुराम जी (निर्माणाधीन) जामा मस्जिद(मुतबल्ली श्री शरीफ) खजूर वाली मस्जिद बाहरी मस्जिद (मुतबल्ली श्री अख्तर अली) ईदगाह मस्जिद(मुतबल्ली श्री अब्दुल नईम) दादा मियाँ दरगाह(मुतबल्ली श्री मुख्तार हुसैन) अच्छे मियाँ दरगाह मंदिर श्री नसियां जी धाम करहल एक एतिहासिक नगर है,आल्हा खंड में भी इस नगर का उल्लेख मिलता है तथा जब वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान जब कन्नौज से संयोगिता को लेकर चले तो करहल में उनकी सेना तथा कन्नौज नरेश जयचंद की सेना में भयंकर युद्ध हुआ था जिसमें भूपेंद्र पृथ्वीराज के सेनापति मोटामल ने वीरगति प्राप्त की और बाद में उसी स्थान पर महाराज पृथ्वीराज ने एक हनुमान जी के मंदिर का निर्माण करवाया था जिसे श्री मोटामल महाराज मंदिर के नाम से जाना जाता है इन्हें भी देखें मैनपुरी ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:मैनपुरी ज़िला श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर श्रेणी:मैनपुरी ज़िले के नगर