Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

कालाढूंगी

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

कालाढूंगी Kaladhungi Carl Gustaf Wittenströms Indien C15068.jpg कालाढूंगी में लौहोद्योग, सन् 1862/1863 का चित्र कालाढूंगी India Uttarakhand 29.28 79.35 inline, title उत्तराखण्ड में स्थिति देश प्रान्त उत्तराखण्ड ज़िला नैनीताल ज़िला 7611 2011 भाषा प्रचलित हिन्दी, कुमाऊँनी कालाढूंगी (Kaladhungi) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के नैनीताल ज़िले में स्थित एक नगर है।http://morth.nic.in/writereaddata/sublink2images/NH_StartEnding_Station8634854396.htm Start and end points of National Highways 23 April 2009 https://web.archive.org/web/20080922011802/http://morth.nic.in/writereaddata/sublink2images/NH_StartEnding_Station8634854396.htm 22 सितंबर 2008 live "Uttarakhand: Land and People," Sharad Singh Negi, MD Publications, 1995"Development of Uttarakhand: Issues and Perspectives," GS Mehta, APH Publishing, 1999, ISBN 9788176480994 विवरण कालाढूंगी हल्द्वानी-रामनगर तथा बाजपुर-नैनीताल सड़कों के चौराहे पर हल्द्वानी से २६ किलोमीटर, नैनीताल से ३० किलोमीटर तथा बाजपुर से १९ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कालाढूंगी नैनीताल जनपद की ८ तहसीलों में से एक भी है। कालाढूंगी जिम कार्बेट का शीतकालीन आवास भी था। अब उनके कालाढूंगी स्थित बंगले को म्यूजियम बना दिया गया है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध शिकारी और बाद में जिम कार्बेट वन्य जीव अभ्यारण्य की स्थापना के हिमायती जिम कार्बेट ने अपनी पुस्तकों "कुमाऊं के आदमखोर" " रुद्रप्रयाग का आदमखोर तेंदुआ" "कहानी जंगल की" "माई इंडिया" आदि पुस्तकों में कालाढूंगी का विवरण दिया है। उनके विवरणों में लिखा है कि कालाढूंगी पर्वतीय ढालों के अंत में स्थित गांव था। जो कि नैनीताल की कठोर सर्दियों से बचने का उपयुक्त स्थान था, क्योंकि यहां की जलवायु तराई के इलाकों की भांति उष्ण थी। खेती हेतु पर्याप्त जमीन थी। चारों ओर घने जंगल थे। जो विविध वन्यजीवों से भरे थे। जहां अक्सर शिकारी अपने भोजन व मनोरंजन हेतु शिकार करने जाते थे। कभी कभी एक मील से भी पास कोई बाघ या तेंदुआ विचरण करता पाया जाता था। जो स्थानीय निवासियों को कोई हानि पहुंचाए बिना फिर जंगल में भाग जाते थे। इन्हें भी देखें नैनीताल ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:उत्तराखण्ड के नगर श्रेणी:नैनीताल जिला श्रेणी:नैनीताल ज़िले के नगर श्रेणी:कुमाऊँ मण्डल के नगर