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411 REFERENCE · Wikipedia

अप्सरा नृत्य (कम्बोडिया)

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अप्सरा नृत्य, कम्बोडिया का प्रसिद्ध नृत्य है जिसमें स्त्रियाँ सुन्दर और सुरुचिपूर्ण भावभंगिमाएँ प्रदर्शित करतीं हैं। इसकी वेशभूषा, अंकोरवाट के मन्दिर पर बने चित्रों से प्रेरित होती हैं। अप्सरा नृत्य कम्बोडिया की सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन शास्त्रीय नृत्य परंपराओं में से एक है। यह नृत्य खमेर सभ्यता की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है और इसकी जड़ें अंगकोर काल तक पहुँचती हैं। अंगकोर वाट तथा अन्य प्राचीन मंदिरों की दीवारों पर उकेरी गई अप्सराओं की सुंदर मूर्तियाँ इस नृत्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाती हैं। हिन्दू और बौद्ध परंपराओं में अप्सराओं को स्वर्ग की दिव्य नर्तकियाँ माना गया है, जिनकी सुंदरता, सौम्यता और कलात्मक अभिव्यक्ति से प्रेरित होकर इस नृत्य शैली का विकास हुआ। अप्सरा नृत्य की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अत्यंत नियंत्रित और भावपूर्ण मुद्राएँ हैं। नर्तकियाँ हाथों, उँगलियों, पैरों और आँखों की सूक्ष्म गतियों के माध्यम से भाव, कथाएँ और आध्यात्मिक संदेश प्रस्तुत करती हैं। इस नृत्य में प्रत्येक मुद्रा और प्रत्येक अंग-संचालन का अपना विशिष्ट अर्थ होता है। पारंपरिक वाद्ययंत्रों के मधुर संगीत की संगति में प्रस्तुत किया जाने वाला यह नृत्य दर्शकों को कम्बोडिया की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से परिचित कराता है। अप्सरा नृत्य की वेशभूषा भी अत्यंत आकर्षक और भव्य होती है। नर्तकियाँ रेशमी परिधान, सुनहरे आभूषण तथा ऊँचे मुकुट धारण करती हैं, जो मंदिरों में अंकित अप्सराओं की छवियों से प्रेरित होते हैं। उनकी वेशभूषा, आभूषण और श्रृंगार नृत्य की गरिमा और सौंदर्य को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। इस कला के प्रशिक्षण में वर्षों का कठोर अभ्यास आवश्यक होता है, क्योंकि प्रत्येक मुद्रा और संतुलन को पूर्णता के साथ प्रस्तुत करना आसान नहीं होता। बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कम्बोडिया के संघर्षपूर्ण इतिहास के दौरान इस कला पर गंभीर संकट आया, किंतु अनेक कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रयासों से इसका पुनर्जीवन संभव हुआ। आज अप्सरा नृत्य न केवल कम्बोडिया की राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण अंग है, बल्कि विश्वभर में उसकी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व भी करता है। यह नृत्य देश के प्रमुख राष्ट्रीय समारोहों, धार्मिक उत्सवों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत किया जाता है। अपनी आध्यात्मिक गहराई, कलात्मक उत्कृष्टता और ऐतिहासिक महत्व के कारण अप्सरा नृत्य कम्बोडिया की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत माना जाता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। == सन्दर्भ ==