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कोच्चि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
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कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
Cochin University of Science and Technology
चित्र:Cochin University of Science and Technology Logo.png
तेजस्वि नावधीतमस्तु (संस्कृत)
हमारा अर्जित ज्ञान हम दोनों को प्रकाशित करे
1971 07 10
राज्य विश्वविद्यालय
केरल के राज्यपालhttps://cusat.ac.in/office/chancellor Cochin University of Science and Technology कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय en
डॉ. एम. जुनैद बुशिरी (प्रभारी)https://cusat.ac.in/office/vc Cochin University of Science and Technology कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय en
प्रति-कुलाधिपति
(उच्च शिक्षा मंत्री)https://www.cusat.ac.in/office/pro-chancellor Pro-Chancellor प्रति-कुलाधिपति कुसैट July 2026 en
यूनिवर्सिटी रोड, दक्षिण कलमस्सेरी
कोच्चि
केरल
भारत
10.0443 N 76.3282 E inline,title
शहरी, 180 acre
www.cusat.ac.in
#c0ffff हल्का हरा darkgray धूसर
UGC, NAAC, AICTE, AIU, ACU, NBA
thumb|प्रशासनिक कार्यालयhttp://www.cusat.ac.in Cochin University of Science and Technology-Home Page कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय-मुख्य पृष्ठ cusat.ac.in 25 September 2016 en|261x261px
thumb|कोचीन परिसर का मुख्य द्वार|259x259px
कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Cochin University of Science and Technology), जिसे संक्षेप में कुसैट कहा जाता है, भारत के केरल राज्य के कोच्चि में स्थित एक राज्य सरकार के स्वामित्व वाला स्वायत्त विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना 1971 में हुई थी। इसके तीन परिसर हैं: दो कोच्चि में (कलमस्सेरी और एर्नाकुलम) और एक कोच्चि से लगभग 66 कि॰मी॰ दूर आलाप्पुड़ा ज़िले के कुट्टनाड में स्थित है।
इस विश्वविद्यालय की स्थापना 1971 में केरल विधानमंडल के एक अधिनियम के माध्यम से 'कोचीन विश्वविद्यालय' के रूप में की गई थी, जो राज्य में स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए चलाए गए एक अभियान का परिणाम था। फरवरी 1986 में इसका नाम बदलकर 'कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय' कर दिया गया। इसके मुख्य लक्ष्यों में अनुप्रयुक्त विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्योग, वाणिज्य, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन तथा उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देना शामिल है।http://cusat.ac.in/cusatoverall.PDF Cusat -overall कुसैट -समग्र 2008-06-23 21 December 2008 https://web.archive.org/web/20081221031546/http://cusat.ac.in/cusatoverall.PDF dead en
स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश 'सामान्य प्रवेश परीक्षा' के आधार पर होता है। कुछ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 'विभागीय प्रवेश परीक्षा' भी आयोजित की जाती है। 2019 तक, विश्वविद्यालय में अध्ययन और अनुसंधान के 29 विभाग हैं, जो अभियांत्रिकी, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, मानविकी, विधि और प्रबंधन के विभिन्न विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करते हैं। विश्वविद्यालय के दुनिया भर के कई संस्थानों के साथ शैक्षणिक संबंध और विनिमय कार्यक्रम हैं।2023-10-20 Cusat to collaborate with global varsities for research and exchange programmes अनुसंधान और विनिमय कार्यक्रमों के लिए वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करेगा कुसैट https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/cusat-to-collaborate-with-global-varsities-for-research-and-exchange-programmes/article67442902.ece द हिन्दू en-IN 0971-751X
2018 में कोचीन बैकवाटर्स से एकत्र की गई एम्फिपोड की एक नई प्रजाति का नाम विश्वविद्यालय के नाम पर विक्टोरियोपिसा कुसैटेन्सिस रखा गया था।http://www.marinespecies.org/aphia.php?p=taxdetails&id=1261511 WoRMS - World Register of Marine Species - Victoriopisa cusatensis Ph. Joseph, Abhishek Sharma, P.R. Jayachandran, 2018 WoRMS - विश्व समुद्री प्रजाति रजिस्टर - विक्टोरियोपिसा कुसैटेन्सिस पीएच. जोसेफ, अभिषेक शर्मा, पी.आर. जयचंद्रन, 2018 marinespecies.org en 2018-07-25
विश्वविद्यालय का आदर्श वाक्य तेजस्वि नावधीतमस्तु है, जिसे वेदों से लिया गया है। इसका अर्थ है "हमारा अर्जित ज्ञान हम दोनों को प्रकाशित करे और अपनी समग्रता में ब्रह्मांड में व्याप्त हो।"https://www.cusat.ac.in/about#vision Vision and Mission दृष्टिकोण और मिशन 7 September 2017 enhttps://www.cusat.ac.in/about The University: About CUSAT विश्वविद्यालय: कुसैट के बारे में 26 September 2009 https://web.archive.org/web/20090619092942/https://www.cusat.ac.in/about 19 June 2009 dead en
परिसर
विश्वविद्यालय के तीन परिसर हैं: दो कोच्चि में हैं, और एक केरल राज्य में कोच्चि से लगभग 65 किमी दक्षिण में आलप्पुषा ज़िले के कुट्टनाड के पुलिनकुन्नू में स्थित है।https://cusat.ac.in/campus-life Campus Life कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी en परिसर जीवन 2025-04-26
मुख्य परिसर
दाएँ|अंगूठाकार|कलमस्सेरी स्थित अतिथि गृह
दाएँ|अंगूठाकार|संगोष्ठी कक्ष
दाएँ|अंगूठाकार|छात्र सुविधा केंद्र का आंतरिक दृश्य
मुख्य परिसर दक्षिण कलमस्सेरी में राष्ट्रीय राजमार्ग 47 से 1.5 कि॰मी॰ दूर स्थित है। 180 एकड़ के इस परिसर में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, कुंजाली मराक्कर स्कूल ऑफ मरीन इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़, विभिन्न विज्ञान विभाग और स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़ शामिल हैं।
लेकसाइड परिसर
लेकसाइड परिसर मुख्य परिसर से लगभग 12 कि॰मी॰ दूर, कोचीन शहर में फ़ाइन आर्ट्स एवेन्यू पर मुहाने के तट पर स्थित है। इसमें स्कूल ऑफ मरीन साइंसेज, स्कूल ऑफ इंडस्ट्रियल फिशरीज, भौतिक समुद्र विज्ञान विभाग, वायुमंडलीय विज्ञान विभाग, रासायनिक समुद्र विज्ञान विभाग, समुद्री जीव विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान व जैव रसायन विज्ञान विभाग और समुद्री भूविज्ञान व भूभौतिकी विभाग शामिल हैं।
स्कूल ऑफ मरीन साइंसेज का पुस्तकालय एशिया के सबसे बड़े समुद्री विज्ञान पुस्तकालयों में से एक है। तटीय जल के अध्ययन के लिए इस स्कूल के पास एक शोध पोत भी है, और इसका भारत व विदेशों के अन्य विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ शैक्षणिक संपर्क भी है।http://www.newsexperts.in/marine-science-niigata-university-co-operate-cusat/ Marine Science: Niigata University to Co-operate with Cusat 2 December 2017 न्यूज़ एक्सपर्ट्स en-US समुद्री विज्ञान: निगाटा विश्वविद्यालय कुसैट के साथ सहयोग करेगा 2019-02-21
पुलिनकुन्नू परिसर
आलप्पुषा ज़िले के कुट्टनाड में स्थित पुलिनकुन्नू परिसर मुख्य परिसर से 65 कि॰मी॰ दूर है। यहाँ 'कोचीन यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कुट्टनाड' स्थित है।
संकाय
कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को नौ संकायों में विभाजित किया गया है:Cochin University of Science and Technology https://cusat.ac.in/academics.php https://web.archive.org/web/20250317193526/https://cusat.ac.in/academics.php 2025-03-17 2025-04-26 cusat.ac.in en
thumb|right|विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों को दर्शाने वाला साइनबोर्ड।
विज्ञान
प्रौद्योगिकी
इंजीनियरिंग
पर्यावरण अध्ययन
मानविकी
विधि
समुद्री विज्ञान
चिकित्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी
सामाजिक विज्ञान
विज्ञान संकाय
भौतिकी विभाग
कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की स्थापना 1963 में केरल विश्वविद्यालय के एर्नाकुलम केंद्र के भौतिकी विभाग के रूप में प्रो॰ के॰ वेंकटेश्वरलू द्वारा की गई थी। यह अब एक उत्कृष्टता केंद्र है, जो प्रायोगिक और सैद्धांतिक भौतिकी दोनों में शिक्षण और अनुसंधान में अपने योगदान के लिए भारत और विदेशों में काफी प्रसिद्ध है। इसके अध्ययन और रुचि के क्षेत्रों में नैनोविज्ञान और प्रौद्योगिकी, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरण, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर उपकरण, सौर सेल, होलोग्राफिक सामग्री, उच्च घनत्व वाली स्टोरेज बैटरी, एस्ट्रोबायोलॉजी और क्वांटम ऑप्टिक्स शामिल हैं। इसके शोध कार्यों को यू॰जी॰सी॰, ए॰आई॰सी॰टी॰ई॰, आयुका, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, डीआरडीओ, सी॰एसआई॰आर॰, आई॰यू॰एसी॰, परमाणु ऊर्जा विभाग और के॰एस॰सी॰एस॰टी॰ई॰ जैसी एजेंसियों द्वारा प्रायोजित किया जाता है। विभाग के पास उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला है, जिसे मामूली शुल्क पर बाहरी उपयोगकर्ताओं के लिए भी उपलब्ध कराया जाता है।
यह विभाग एम॰एससी॰, एम॰फिल॰ और पीएच॰डी॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है।
भौतिकी विभाग, आयुका रिसोर्स सेंटर, कुसैट और एडुमित्रा इंटेलेक्चुअल सर्विसेज के सहयोग से भौतिकी में एक विज्ञान जागरूकता कार्यक्रमPhysics - scope and awareness for school students http://ibnlive.in.com/news/physicsacope-and-awareness-workshop-at-cusat/238251-60-122.html https://web.archive.org/web/20121104170924/http://ibnlive.in.com/news/physicsacope-and-awareness-workshop-at-cusat/238251-60-122.html dead 2012-11-04Physics: Scope and Awareness http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-kerala/workshop-for-physics-students/article703979.ece The Hindu 6 February 2010 अक्तूबर 2026 InternetArchiveBot और राष्ट्रीय अंतरिक्ष ओलंपियाडCusat to host National Space Olympiad http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-kerala/cusat-to-host-national-space-olympiad/article5589041.ece The Hindu 18 January 2014http://www.newindianexpress.com/states/kerala/National-SPACE-Olympiad-at-Cusat-on-February-8/2014/01/16/article2001860.ece https://web.archive.org/web/20141221113310/http://www.newindianexpress.com/states/kerala/National-SPACE-Olympiad-at-Cusat-on-February-8/2014/01/16/article2001860.ece dead 21 December 2014 National Space Olympiad at CUSATNational Space Olympiad 2014 http://education.mathrubhumi.com/php/news_events_details.php?nid=33023 30 October 2014 30 October 2014 https://web.archive.org/web/20141030115654/http://education.mathrubhumi.com/php/news_events_details.php?nid=33023 dead आयोजित करता है।
प्रौद्योगिकी संकाय
इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग
इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की स्थापना 1975 में हुई थी। इसके अनुसंधान क्षेत्रों में माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोप्रोसेसर, पानी के नीचे ध्वनिकी, महासागर इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोवेव प्रसार एंटेना, माइक्रोवेव इमेज प्रोसेसिंग, पैटर्न रिकग्निशन, सिग्नल प्रोसेसिंग में माइक्रोप्रोसेसर अनुप्रयोग और डिस्प्ले डिवाइस शामिल हैं। इसके शोध कार्यों को डी॰एस॰टी॰, इसरो, ए॰आई॰सी॰टी॰ई॰, डी॰ओई॰, डी॰आर॰डी॰ओ॰, एम॰ओ॰डी॰ और राज्य सरकार सहित बाहरी एजेंसियों द्वारा प्रायोजित किया जाता है। विभाग का डेल्फ़्ट विश्वविद्यालय (नीदरलैंड), पोलारिज़वन कॉर्पोरेशन (मलेशिया), केंट विश्वविद्यालय (यू॰के॰) और सरे विश्वविद्यालय (यू॰के॰) के साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग है।http://cusat.ac.in/02Academic/01Departments/Electronics Department of Electronics 5 January 2012 https://web.archive.org/web/20120513215709/http://cusat.ac.in/02Academic/01Departments/Electronics 13 May 2012 dead
यह विभाग माइक्रोवेव और रडार इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में विशेषज्ञता के साथ एम॰एससी॰, एम॰टेक॰ और पीएच॰डी॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है।
विभाग द्विवार्षिक आयोजनों के रूप में दो राष्ट्रीय संगोष्ठियां आयोजित करता है: एंटेना और प्रसार पर राष्ट्रीय संगोष्ठी,http://www.doe.cusat.edu/apsym/ APSYM-Antennas and propagation Symposium 5 January 2012 https://web.archive.org/web/20111103174648/http://www.doe.cusat.edu/apsym/ 3 November 2011 dead और महासागर इलेक्ट्रॉनिक्स पर संगोष्ठी।http://sympol.cusat.ac.in/index.html SYMPOL – International Symposium on Ocean Electronics 5 January 2012 https://web.archive.org/web/20100103093538/http://sympol.cusat.ac.in/index.html 3 January 2010 dead
इंस्ट्रुमेंटेशन विभाग
इंस्ट्रुमेंटेशन विभाग की स्थापना 1995 में यूनिवर्सिटी साइंस इंस्ट्रुमेंटेशन सेंटर के विस्तार के रूप में की गई थी, जो विश्वविद्यालय के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभागों तथा बाहरी संगठनों को डिजाइन और निर्माण, ग्लास ब्लोइंग और बढ़ईगीरी सहित इंस्ट्रुमेंटेशन सेवाएं प्रदान करता है। एक अकादमिक विभाग के रूप में, अब इसमें इंस्ट्रुमेंटेशन और एप्लाइड भौतिकी के क्षेत्र में शोध कार्यक्रम हैं, जिन्हें डी॰एस॰टी॰, परमाणु ऊर्जा विभाग, यू॰जी॰सी॰, ए॰आई॰सी॰टी॰ई॰, के॰एस॰सी॰एस॰टी॰ई॰ और टी॰डब्ल्यू॰ए॰एस॰ जैसी बाहरी फंडिंग एजेंसियों द्वारा प्रायोजित किया जाता है। यह शिक्षण, अनुसंधान, अंशांकन और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए प्रायोगिक प्रणालियों के डिजाइन और निर्माण के लिए परामर्श भी प्रदान करता है।http://din.cusat.ac.in/about-us/ Department Of Instrumentation, CUSAT 2 अगस्त 2026 28 जुलाई 2026 https://web.archive.org/web/20260728172822/https://din.cusat.ac.in/about-us dead यह विभाग इंस्ट्रुमेंटेशन टेक्नोलॉजी में चार वर्षीय बी॰टेक॰ पाठ्यक्रम, इंस्ट्रुमेंटेशन टेक्नोलॉजी में दो वर्षीय एम॰टेक॰ पाठ्यक्रम और इंस्ट्रुमेंटेशन में दो वर्षीय एम॰एससी॰ पाठ्यक्रम प्रदान करता है।http://din.cusat.ac.in/courses/ 4 December 2019 Academic programs at Department of Instrumentationअगस्त 2026 InternetArchiveBot
इंस्ट्रुमेंटेशन विभाग के प्रोफेसर के॰एन॰ मधुसूदनन को 25 अप्रैल 2019 को राज्यपाल पी॰ सदाशिवम द्वारा कुसैट का कुलपति नियुक्त किया गया था।https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2019/apr/25/k-n-madhusoodhanan-appointed-cusat-vc-1968709.html 25 April 2019 K N Madhusoodhanan appointed Cusat VC
पॉलिमर विज्ञान और रबर प्रौद्योगिकी विभाग
1971 में स्थापित पॉलिमर विज्ञान और रबर प्रौद्योगिकी विभाग, पॉलिमर विज्ञान और इंजीनियरिंग में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी है। इसका बी॰टेक॰ कार्यक्रम 1972 में रबर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से शुरू हुआ था। इसे नुफ़िक (नीदरलैंड), वॉक्सवैगन फाउंडेशन (जर्मनी), मानव संसाधन विकास मंत्रालय, ए॰आई॰सी॰टी॰ई॰, डी॰आर॰डी॰ओ॰, डी॰एस॰टी॰ और यू॰जी॰सी॰ जैसी एजेंसियों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है।
शिप टेक्नोलॉजी विभाग
शिप टेक्नोलॉजी विभाग की स्थापना 1974 में हुई थी और यह भारत में नेवल आर्किटेक्चर शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणियों में से एक है। नेवल आर्किटेक्चर और शिप बिल्डिंग में इसका बी॰टेक॰ कार्यक्रम 1975 में शुरू हुआ था। नेवल आर्किटेक्चर कार्यक्रम जर्मनी के रोस्टॉक विश्वविद्यालय के सहयोग से चलाया जाता है, और इसके स्नातकों की जहाज निर्माण उद्योग, जहाज वर्गीकरण सोसाइटियों, अनुसंधान व विकास संगठनों और भारतीय नौसेना में काफी मांग रहती है। पोत परिवहन मंत्रालय (भारत सरकार) ने एम॰ओ॰टी॰ प्रमाणपत्र परीक्षा के लिए बी॰टेक॰ पाठ्यक्रम को मंजूरी दी है, और भारतीय नौसेना ने इस विभाग को अपने अधिकारियों की उच्च शिक्षा के लिए एक केंद्र के रूप में मान्यता दी है।
विभाग में नेवल आर्किटेक्चर के छात्रों की सोसायटी एक वार्षिक तकनीकी पत्रिका 'शिप्सटेक्निक' प्रकाशित करती है।
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फोटोनिक्स
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फोटोनिक्स की स्थापना 1995 में हुई थी। अनुसंधान गतिविधियों में विभिन्न लेजर प्रणालियों और लेजर घटकों का डिजाइन व निर्माण, फोटोथर्मल, फोटोएकॉस्टिक और संबंधित तकनीकों का उपयोग करके विभिन्न सामग्रियों में गैर-रेखीय घटनाओं की जांच, लेजर-प्रेरित प्लाज्मा पर समय और स्थान-संकल्पित अध्ययन, फाइबर-ऑप्टिक सेंसर का डिजाइन व लक्षण वर्णन, पॉलिमर फाइबर का निर्माण, फोटोनिक सामग्रियों की तैयारी और फोटोनिक्स सिद्धांत पर अध्ययन शामिल हैं। इसे डी॰एस॰टी॰, ए॰आई॰सी॰टी॰ई॰ और यू॰जी॰सी॰ जैसी फंडिंग एजेंसियों द्वारा प्रायोजित किया जाता है।http://photonics.cusat.ac.in/ International School of Photonics CUSAT International School of Photonics en-US 2016-09-29 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मार्च 2002 में कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को "लेजर और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता की क्षमता वाले विश्वविद्यालय" के रूप में नामित किया, और 5 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया, जिसका उपयोग लेजर और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स विज्ञान में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए किया गया था। बाद में इस केंद्र का इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फोटोनिक्स में विलय हो गया।
यह विभाग एम॰टेक॰ और पीएच॰डी॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है।
कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग
कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग की स्थापना 1994 में हुई थी। यह यू॰जी॰सी॰ और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विभाग, भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से एम॰सी॰ए॰ कार्यक्रम प्रदान करता है। अनुसंधान क्षेत्रों में सूचना सुरक्षा, सिमुलेशन और मॉडलिंग, क्रिप्टोग्राफी और कोडिंग सिद्धांत, भाषा कंप्यूटिंग, एल्गोरिदम, पैटर्न रिकग्निशन, वेब माइनिंग, ग्राफ थ्योरी के अनुप्रयोग, इमेज प्रोसेसिंग, डेटा माइनिंग, नेटवर्किंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग शामिल हैं।Department of Computer Application http://dca.cusat.ac.in यह विभाग 2016 से सॉफ्ट कंप्यूटिंग में विशेषज्ञता के साथ एम॰एससी॰ कंप्यूटर साइंस भी प्रदान करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सॉफ्ट कंप्यूटिंग में सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह की मजबूत नींव के साथ तैयार करना है। पाठ्यक्रम में मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा एनालिटिक्स आदि जैसी वर्तमान तकनीकों का समावेश शामिल है।
कंप्यूटर विज्ञान विभाग
कंप्यूटर विज्ञान विभाग सूचना प्रणाली में अकादमिक कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करता है, लेकिन इसके अंतर्गत हाई-स्पीड कंप्यूटिंग, मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन, सूचना सुरक्षा, नेटवर्क एम्बेडेड सिस्टम, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और वी॰एल॰एस॰आई॰ पर शोध भी शामिल है। यह विश्वविद्यालय के कंप्यूटर केंद्र और कुसैट इंट्रानेट की स्थापना में सहायक था।
यह विभाग एम॰टेक॰, एम॰टेक॰ और एम॰टेक॰, एम॰एससी॰ कंप्यूटर साइंस तथा पीएच॰डी॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है।
अनुसंधान प्रयोगशालाओं में शामिल हैं:
1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर विजन लेबोरेटरी
2. बायोइनफॉरमैटिक्स लेबोरेटरी
3. साइबर फिजिकल सिस्टम्स लेबोरेटरी
4. नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग लेबोरेटरी
5. सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग लेबोरेटरी
इंजीनियरिंग संकाय
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, त्रिक्काकरा
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की स्थापना 1979 में कोच्चि और उसके आसपास काम करने वाले इंजीनियरों के लिए इंजीनियरिंग के प्रमुख विषयों (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग) में अंशकालिक एम॰टेक॰ कार्यक्रम पेश करने के लिए की गई थी। 1995 में स्कूल ने सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी में बी॰टेक॰ कार्यक्रम शुरू किए। 1996 में सेफ्टी एंड फायर इंजीनियरिंग और 2003 में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग को जोड़ा गया।
1981 में स्कूल ने पीएच॰डी॰ कार्यक्रम भी जोड़े। 2019 तक, स्कूल ने 53 पीएच॰डी॰ तैयार किए थे और 250 से अधिक उम्मीदवार शोध छात्रों के रूप में पंजीकृत थे। अनुसंधान गतिविधियों के लिए बाहरी वित्तपोषण डी॰एस॰टी॰, केंद्रीय जल आयोग, इसरो, ए॰आई॰सी॰टी॰ई॰, कॉयर बोर्ड और केरल राज्य कॉयर निगम जैसी एजेंसियों द्वारा प्रदान किया जाता है।
स्कूल द्वारा पेश किए जाने वाले बी॰टेक॰ कार्यक्रम टियर-I प्रणाली के तहत राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।http://www.cusat.ac.in/view_news.php?id=1294 Cochin University of Science and Technology-News cusat.ac.in 2016-09-28 12 August 2016 https://web.archive.org/web/20160812232930/http://www.cusat.ac.in/view_news.php?id=1294 dead राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड वाशिंगटन एकॉर्ड का एक स्थायी हस्ताक्षरकर्ता है जो कई देशों में इंजीनियरिंग स्नातक डिग्री के लिए मानक निर्धारित करता है।
स्नातक बी॰टेक॰ पाठ्यक्रम (कोष्ठक में छात्रों की प्रवेश संख्या)Academic Admission CUSAT https://admissions.cusat.ac.in/?tag=ug_course https://web.archive.org/web/20250406021538/https://admissions.cusat.ac.in/?tag=ug_course 2025-04-06 2025-04-26 admissions.cusat.ac.in en
सिविल इंजीनियरिंग (90)
कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (90)
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (60)
इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग (90)
सूचना प्रौद्योगिकी (90)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग (90)
सेफ्टी और फायर इंजीनियरिंग (60)
thumb|259x259px|सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग ब्लॉक
स्नातकोत्तर एम॰टेक॰ पाठ्यक्रमAcademic Admission CUSAT https://admissions.cusat.ac.in/?tag=pgeng_course https://web.archive.org/web/20250401032640/https://admissions.cusat.ac.in/?tag=pgeng_course 2025-04-01 2025-04-26 admissions.cusat.ac.in en
पूर्णकालिक
सूचना प्रौद्योगिकी (18)
कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (18)
सिविल इंजीनियरिंग (18)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग (18)
इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग (18)
अंशकालिक
सिविल इंजीनियरिंग (18)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग (18)
केमिकल इंजीनियरिंग (18)
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (18)
उपरोक्त सभी क्षेत्रों में पीएच॰डी॰ कार्यक्रम उपलब्ध हैं।
कुंजलि मरक्कर स्कूल ऑफ मरीन इंजीनियरिंग
कुंजलि मरक्कर स्कूल ऑफ मरीन इंजीनियरिंग मरीन इंजीनियरिंग में बी॰टेक॰ कार्यक्रम प्रदान करता है। यह एक पूर्णकालिक अनिवार्य आवासीय कार्यक्रम है। कक्षाओं के लिए छात्र मर्चेंट नेवी कैडेट की वर्दी पहनते हैं। कैडेटों के लिए शारीरिक प्रशिक्षण अनिवार्य है।
बी॰टेक॰ मरीन इंजीनियरिंग के लिए प्रति वर्ष 80 छात्रों का प्रवेश होता है। 2014 में, मरीन इंजीनियरिंग में एक पूर्णकालिक दो-वर्षीय एम॰टेक॰ कार्यक्रम (80 छात्र) भी जोड़ा गया था।http://kmsme.cusat.ac.in/ Kunjali Marakkar School of Marine Engineering kmsme.cusat.ac.in 2016-09-28 यह स्कूल नौवहन महानिदेशालय द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए इंजन रूम सिम्युलेटर में अल्पकालिक पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है।
कोचीन यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कुट्टनाड
कोचीन यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कुट्टनाड की स्थापना 1999 में हुई थी और यह कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्वामित्व में है। यह त्रिक्काकरा के मुख्य परिसर से लगभग 75 किमी दूर पुलिनकुन्नू, कुट्टनाड में 42 एकड़ के परिसर में स्थित है। यह कुसैट का एकमात्र परिसर है जो एर्नाकुलम जिले के बाहर स्थित है। बी॰टेक॰ कार्यक्रम निम्नलिखित विषयों में प्रदान किए जाते हैं:
कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग
सूचना प्रौद्योगिकी
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
सिविल इंजीनियरिंग
कंप्यूटर एप्लीकेशन
पर्यावरण अध्ययन संकाय
पर्यावरण अध्ययन स्कूल
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को समर्पित उच्च शिक्षा का यह केंद्र, पर्यावरण अध्ययन स्कूल, 1983 में स्थापित किया गया था। इस स्कूल को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से प्राप्त अनुदान द्वारा वित्त पोषित किया जाता है।
पर्यावरण अध्ययन स्कूल से जुड़ा 'जलीय पशु स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय केंद्र', जैव प्रौद्योगिकी में मानव संसाधन विकास में अपने नेटवर्क कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रायोजित दो वर्षीय एम॰टेक॰ कार्यक्रम आयोजित करता है।
पर्यावरण प्रौद्योगिकी में एम॰एससी॰ दो विषयों में विशेषज्ञता के साथ पेश की जाती है:
स्ट्रीम 1: पर्यावरण इंजीनियरिंग
स्ट्रीम 2: पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी
डॉक्टरेट कार्यक्रम इन क्षेत्रों में पेश किए जाते हैं: पर्यावरण जीव विज्ञान, पर्यावरण रसायन विज्ञान, पर्यावरण फोटोकैटलिसिस और सोनोफोटोकैटलिसिस, पर्यावरण सूक्ष्म जीव विज्ञान, पर्यावरण प्रबंधन, पर्यावरण विष विज्ञान, पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण इंजीनियरिंग और रिमोट सेंसिंग।
यह स्कूल विश्वविद्यालय और कॉलेज के शिक्षकों के लिए यू॰जी॰सी॰ प्रायोजित रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करता है, और जलवायु लचीलापन, पर्यावरण सर्वेक्षण, प्रदूषण निगरानी, जल गुणवत्ता प्रबंधन, जल उपचार, रोग निदान और जलीय कृषि प्रणालियों के प्रबंधन, और पर्यावरणीय प्रभाव आकलन में परामर्श सेवाएं प्रदान करता है। स्कूल ने कोच्चि शहर के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन में भी भाग लिया था।
मानविकी संकाय
हिंदी विभाग
1963 में स्थापित हिंदी विभाग, विश्वविद्यालय के सबसे पुराने विभागों में से एक है। यह मूल रूप से केरल विश्वविद्यालय का हिस्सा था, लेकिन 1971 में कोचीन विश्वविद्यालय में आ गया। यह दक्षिण भारत का एकमात्र विभाग है जिसे हिंदी में यू॰जी॰सी॰ द्वारा समर्थित विभाग अनुसंधान सहायता और विभाग विशेष सहायता कार्यक्रम प्राप्त हैं।
thumb|right|हिंदी विभाग
विभाग के शोध में प्राचीन और आधुनिक कविता, कथा साहित्य, नाटक और रंगमंच अध्ययन, आलोचना, व्याकरण, भाषा विज्ञान, भाषाओं और साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन, लोक साहित्य, अनुवाद और कंप्यूटर-सहायता प्राप्त भाषा शिक्षण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
अध्ययन और शोध के कार्यक्रम:
एम॰ए॰ हिंदी भाषा और साहित्य
एम॰फिल॰ अनुवाद और कार्यात्मक हिंदी में पीजी डिप्लोमा
पीएच॰डी॰
हिंदी में कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण और शिक्षण में शॉर्ट टर्म कोर्स
अंग्रेजी और विदेशी भाषा विभाग
अंग्रेजी और विदेशी भाषा विभाग को शुरुआत में 1976 में विदेशी भाषा विभाग के रूप में स्थापित किया गया था। विभाग का मुख्य ध्यान अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, इतालवी, जापानी और रूसी सहित भाषाओं के शिक्षण पर है। 2012 में अंग्रेजी भाषा शिक्षण के विशेष महत्व को दर्शाने के लिए विभाग का नाम बदलकर अंग्रेजी और विदेशी भाषा विभाग कर दिया गया।
विधि संकाय
स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज
स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज की स्थापना शुरुआत में 1962 में केरल विश्वविद्यालय के कानून के स्नातकोत्तर विभाग के रूप में की गई थी। विभाग के पहले अध्यक्ष दिवंगत डॉ॰ ए॰टी॰ मार्कोस थे, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित न्यायविद, भारतीय कानून संस्थान के संस्थापक निदेशक और अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में उप न्यायाधीश थे।
यह स्कूल मानव संसाधन विकास मंत्रालय की मदद से दुर्लभ पुस्तकों और पत्रिकाओं से युक्त एक बौद्धिक संपदा अधिकार रिपॉजिटरी का रखरखाव करता है। संयुक्त राष्ट्र की एक घटक एजेंसी, विश्व बौद्धिक संपदा संगठन ने इस रिपॉजिटरी को अपने प्रमुख प्रकाशन दान किए हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बौद्धिक संपदा अध्ययन के लिए एक चेयर को भी मंजूरी दी है।
मानवाधिकारों में अंतःविषय अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूल में दिवंगत न्यायमूर्ति वी॰आर॰ कृष्ण अय्यर के नाम पर एक मानवाधिकार चेयर की स्थापना की गई है।
यह स्कूल 3-वर्षीय एलएल॰बी॰ कार्यक्रम, 5-वर्षीय बी॰बी॰ए॰, एलएल॰बी॰ (ऑनर्स) कार्यक्रम, और बी॰कॉम॰ एलएल॰बी॰ (ऑनर्स) कार्यक्रम प्रदान करता है।
बौद्धिक संपदा अधिकार अध्ययन के लिए अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र
कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज में 2003 में स्थापित आईपीआर अध्ययन केंद्र को 2009 में बौद्धिक संपदा अधिकारों के क्षेत्र में बहु-विषयक शिक्षण और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए एक अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र में बदल दिया गया। यह केरल सरकार द्वारा स्थापित कुसैट में एक स्वायत्त केंद्र है जिसे एक शोध केंद्र और संसाधन केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है जो केरल और बाहर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं के बीच बातचीत की सुविधा प्रदान करता है। यह शिक्षा विभाग, केरल सरकार द्वारा कल्पित और कार्यान्वित अंतर-विश्वविद्यालय केंद्रों में से एक है।
आईपीआर अध्ययन केंद्र की स्थापना मूल रूप से डॉ॰ के॰एन॰ चंद्रशेखरन पिल्लई, डीन, विधि संकाय को निदेशक और डॉ॰ एन॰एस॰ गोपालकृष्णन को समन्वयक बनाकर की गई थी। इस केंद्र को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार का भी समर्थन प्राप्त है, जिसने 2003 में ही कुसैट में बौद्धिक संपदा अधिकारों पर एक चेयर स्थापित की थी।
यह केंद्र विभिन्न विषयों जैसे कानून, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी आदि के शोधकर्ताओं को नीतिगत अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आईपीआर से संबंधित क्षेत्रों में छात्रवृत्ति के साथ बहु-विषयक पीएच॰डी॰ कार्यक्रम प्रदान कर रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कई शोधकर्ता काम कर रहे हैं। रिपॉजिटरी में प्राथमिक शोध सामग्री की उपलब्धता शोधकर्ताओं के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विषयों पर माइमोग्राफ लाना संभव बनाती है। यह केंद्र, स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज के सहयोग से, स्कूल के एलएल॰एम॰ कार्यक्रम के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों पर पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है।
इस केंद्र का प्रशासन एक गवर्निंग काउंसिल द्वारा किया जाता है जिसमें केरल सरकार के शिक्षा और संस्कृति के माननीय मंत्री अध्यक्ष होते हैं। केंद्र की प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों का प्रबंधन करने के लिए कुसैट के कुलपति के अध्यक्ष के रूप में एक कार्यकारी समिति और एक संकाय समिति है। डॉ॰ एम॰ भासी केंद्र के निदेशक हैं।
प्रस्तावित पाठ्यक्रम
1. एलएल॰एम॰ (आईपीआर) पीएच॰डी॰ इंटीग्रेटेड (5 वर्ष)
2. एलएल॰एम॰ (आईपी) पीएच॰डी॰ इंटीग्रेटेड (5 वर्ष)
3. एलएल॰एम॰ (आईपीआर, 1 वर्ष)
4. बी॰बी॰ए॰ एलएल॰बी॰ (5 वर्ष)
5. बी॰कॉम॰ एलएल॰बी॰ (5 वर्ष)
डीडीयू कौशल केंद्र
यू॰जी॰सी॰ ने सामुदायिक कॉलेजों और बी॰वोक॰ कार्यक्रमों को शुरू करने की अपनी पहल को जारी रखते हुए व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डीडीयू कौशल केंद्र की शुरुआत की है, ताकि छात्रों के बीच कौशल विकसित करने के महत्व और आवश्यकता को महसूस किया जा सके, और बड़े पैमाने पर काम के लिए तैयार जनशक्ति तैयार की जा सके।
यह देश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा में अग्रणी संस्थानों में से एक है। डीडीयू कौशल केंद्र कुसैट का उद्देश्य व्यावसायिक घरानों में इंटर्नशिप और उद्योग के जानकारों के अनुभव साझा करने के साथ-साथ कक्षा-केंद्रित औपचारिक शिक्षा और प्रशिक्षण के संयोजन से गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है।Deen Dayal Kendra to Start Career-oriented Courses https://www.newindianexpress.com/cities/kochi/2015/dec/09/deen-dayal-kendra-to-start-career-oriented-courses-853559.html 10 September 2021 The New Indian Express December 9, 2015Online Mathrubhumi Education Courses under DDUKK at CUSAT https://english.mathrubhumi.com/education/news/news-updates/courses-under-ddukk-at-cusat-english-news-1.673796 https://web.archive.org/web/20210905171424/https://english.mathrubhumi.com/education/news/news-updates/courses-under-ddukk-at-cusat-english-news-1.673796 dead 5 September 2021 10 September 2021 Mathrubhumu Nov 16, 2015 इसका मुख्य ध्यान रोजगार योग्य युवाओं का एक नया वर्ग बनाने की दिशा में ज्ञान प्राप्ति और मानव कौशल के उन्नयन को एकीकृत करने की ओर है।With eye on job market, Cusat's DDUKK enters into tie-ups with Infopark, Kitco https://www.thehindu.com/news/national/kerala/with-eye-on-job-market-cusats-ddukk-enters-into-tieups-with-infopark-kitco/article7956859.ece 10 September 2021 The Hindu March 24, 2016 इसके तहत पेश किए जाने वाले पाठ्यक्रमों की शिक्षण और प्रशिक्षण पद्धति इसी के अनुसार डिजाइन की गई है।
डीडीयू कौशल केंद्र की स्थापना मूल रूप से वर्ष 2015 में संस्थापक निदेशक के रूप में डॉ॰ जकारिया के॰ए॰ (प्रोफेसर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, कुसैट) के साथ की गई थी।
प्रस्तावित पाठ्यक्रम:
1. प्रौद्योगिकी और प्रबंधन परामर्श में एम॰वोक॰
2. मोबाइल फोन एप्लीकेशन डेवलपमेंट में एम॰वोक॰
3. बिजनेस प्रोसेस और डेटा एनालिटिक्स में बी॰वोक॰
समुद्री विज्ञान संकाय
औद्योगिक मत्स्य पालन स्कूल
औद्योगिक मत्स्य पालन विभाग की स्थापना 1976 में हुई थी और इसकी शैक्षणिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए 1995 में इसे एक स्कूल में अपग्रेड किया गया था। इसके पांच प्रभाग हैं:
एक्वाकल्चर और कैप्चर फिशरीज़
मत्स्य पालन प्रौद्योगिकी
मछली प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी
मत्स्य अर्थशास्त्र
मत्स्य पालन प्रबंधन।
वायुमंडलीय विज्ञान विभाग
thumb|326x326px|कुसैट में वायुमंडलीय रडार अनुसंधान के लिए उन्नत केंद्र
वायुमंडलीय विज्ञान विभाग मौसम विज्ञान/वायुमंडलीय विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षण और अनुसंधान में उत्कृष्टता का केंद्र है। यह कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के लेकसाइड परिसर में स्थित है।
इस विभाग को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा मानसून-संबंधित भविष्यवाणियों के लिए मेसोस्केल मॉडलिंग पर भारत सरकार की नई सहस्राब्दी भारतीय प्रौद्योगिकी नेतृत्व पहल के उत्कृष्टता केंद्रों में से एक के रूप में पहचाना गया था, जिसमें अन्य प्रमुख केंद्र जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली; भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे; भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर; टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान मुंबई; सी-एमएमएसीएस बैंगलोर और राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाएँ बैंगलोर शामिल हैं।
यह विभाग एम॰एससी॰ और एम॰टेक॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
रासायनिक समुद्र विज्ञान विभाग
रासायनिक समुद्र विज्ञान विभाग जलीय प्रणालियों के रसायन विज्ञान पर शिक्षण और अनुसंधान पर केंद्रित है। यह समुद्री विज्ञान के विभिन्न विषयों में अनुसंधान के लिए एक मुख्य विषय है।
समुद्री जीव विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान और जैव रसायन विभाग
समुद्री जीव विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान और जैव रसायन विभाग देश में समुद्री जीव विज्ञान के अग्रणी शैक्षणिक केंद्रों में से एक है। इसकी स्थापना 1938 में हुई थी और तुरंत ही एक शोध कार्यक्रम स्थापित किया गया था। इस विभाग से 100 से अधिक पीएच॰डी॰ छात्र स्नातक हो चुके हैं।
यह विभाग एम॰एससी॰ और एम॰फिल॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
विभाग के शोधकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के नाम पर एक नई प्रजाति का नाम रखा है, Victoriopisa cusatensis।
समुद्री भूविज्ञान और भूभौतिकी विभाग
समुद्री भूविज्ञान और भूभौतिकी विभाग पर्यावरण और विकासात्मक मुद्दों में भूविज्ञान और भूभौतिकी के महत्व को पहचानने वाले देश के पहले विभागों में से एक था। समुद्री भूविज्ञान में स्नातकोत्तर कार्यक्रम 1976 में शुरू हुआ था।
यह विभाग एम॰एससी॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
भौतिक समुद्र विज्ञान विभाग
भौतिक समुद्र विज्ञान विभाग केरल विश्वविद्यालय के समुद्री जीव विज्ञान और समुद्र विज्ञान विभाग का एक विस्तार था। समुद्र विज्ञान में एक स्नातकोत्तर कार्यक्रम 1965 में शुरू हुआ, जो बाद में कोचीन विश्वविद्यालय के भौतिक समुद्र विज्ञान और मौसम विज्ञान प्रभाग में चला गया। 1996 में, भौतिक समुद्र विज्ञान विभाग की स्थापना की गई थी।
यह विभाग एम॰एससी॰ और एम॰टेक॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
चिकित्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी संकाय
जैव प्रौद्योगिकी विभाग
वर्ष 1991 में स्थापित जैव प्रौद्योगिकी विभाग, माइक्रोबायोलॉजी, वायरोलॉजी, माइक्रोबियल इकोलॉजी, न्यूरोबायोलॉजी, सेल और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, मेडिकल बायोकैमिस्ट्री, जेनेटिक इंजीनियरिंग, प्लांट बायोटेक्नोलॉजी, बायो-इलेक्ट्रोकेमिकल सिस्टम और माइक्रोबियल जेनेटिक्स में शोध पर केंद्रित है।
यह विभाग एम॰एससी॰ माइक्रोबायोलॉजी, एम॰एससी॰, जैविक विज्ञान में एकीकृत एम॰एससी॰ और जैव प्रौद्योगिकी में पीएच॰डी॰ की डिग्री के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है। प्रो॰ पार्वती ए॰ वर्तमान में विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
सामाजिक विज्ञान संकाय
व्यावहारिक अर्थशास्त्र विभाग
व्यावहारिक अर्थशास्त्र विभाग प्रौद्योगिकी के अर्थशास्त्र, अर्थमिति और संचालन अनुसंधान पर केंद्रित है। कोच्चि शहर में एक औद्योगिक बेल्ट और एक तटीय क्षेत्र है जो मछली पकड़ने का समर्थन करता है। उद्योग और मछली पकड़ने ने इस क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण में काफी योगदान दिया है। इसलिए, यह विभाग उद्योग और मत्स्य पालन क्षेत्र की तकनीकी समस्याओं, और पर्यावरण के अर्थशास्त्र में विशेष रुचि लेता है।
यह विभाग एम॰ए॰ की डिग्री के साथ-साथ एम॰फिल॰ और पीएच॰डी॰ कार्यक्रमों के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज विश्वविद्यालय की सबसे पुरानी शैक्षणिक इकाइयों में से एक है और देश में स्थापित होने वाले पहले पांच प्रबंधन स्कूलों में से एक था। इसकी स्थापना अक्टूबर 1964 में केरल विश्वविद्यालय के एक भाग के रूप में, एमेरिटस प्रोफेसर एम॰वी॰ पायली के नेतृत्व में की गई थी, और यह फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड के परिसर में स्थित था। यह 1971 में कोचीन विश्वविद्यालय का हिस्सा बन गया, जो बाद में कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बन गया। यह स्कूल अकादमिक गतिविधि के चार क्षेत्रों को आगे बढ़ाता है: शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान और परामर्श।May 2021
यह स्कूल निम्नलिखित डिग्रियों के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है: एम॰बी॰ए॰, एम॰फिल॰ और पीएच॰डी॰।
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
https://www.cusat.ac.in
श्रेणी:केरल के विश्वविद्यालय
श्रेणी:कोच्चि