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411 समाचार
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कोटेश्वर महादेव

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कोटेश्वर महादेव Koteshwar1.jpg उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में कोटेश्वर महादेव मंदिर के बगल से अलकनंदा नदी बहती है India Uttarakhand Location in Uttarakhand 30.28 N 78.98 E type:landmark_region:IN-UL inline भारत उत्तराखंड रुद्रप्रयाग कोटेश्वर 885 शिव महाशिवरात्रि गुफा (कृत्रिम) अज्ञात अज्ञात alt=Idols of Koteshwar|thumb|कोटेश्वर महादेव मंदिर की मूर्तियां कोटेश्वर महादेव मंदिर, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी के किनारे, शांत और आध्यात्मिक वातावरण में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और रुद्रप्रयाग शहर से मात्र 3 किलोमीटर (3,000 मीटर) की दूरी पर स्थित है।Rudraprayag Temples – Temples in Rudraprayaghttp://www.holidayiq.com/Koteshwar-Mahadev-Temple-Rudraprayag-Sightseeing-621-121.html Koteshwar Mahadev Temple Koteshwar Mahadev Temple Photos Rudraprayag Tourist Places 5 September 2012 12 January 2013 https://web.archive.org/web/20130112004016/http://www.holidayiq.com/Koteshwar-Mahadev-Temple-Rudraprayag-Sightseeing-621-121.html dead लेकिन इसकी वास्तविक दूरी केवल भौगोलिक नहीं — यह पौराणिक युगों की गहराइयों तक फैली हुई है। पौराणिक पृष्ठभूमि किंवदंती है कि जब शिव भस्मासुर के प्रकोप से बचने के लिए भाग रहे थे, तब वे केदारनाथ की ओर जा रहे थे और इसी मार्ग में कोटेश्वर की इस गुफा में रुके थे। यह गुफा शिव के ध्यान और विश्राम का स्थान बनी। भस्मासुर एक ऐसा राक्षस था जिसे वरदान मिला था कि वह जिस किसी के सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा। अहंकार में अंधा होकर उसने शिव को ही निशाना बना लिया। अपनी ही कृपा का दुरुपयोग देख शिव घबरा गए और उन्होंने हिमालय की ओर भागना शुरू किया। कहते हैं कि कोटेश्वर की गुफा वह स्थान है जहाँ भागते हुए शिव ने कुछ समय के लिए विश्राम किया, ध्यान लगाया और शक्ति संचित की। इसी ध्यान के दौरान, उन्होंने अपने भीतर समाधान का बीज रोपा — जिससे आगे चलकर विष्णु ने मोहिनी रूप में भस्मासुर को छलपूर्वक नष्ट किया। इस कथा की प्रतिध्वनि हिमाचल के श्रीखंड महादेव और किन्नर कैलाश जैसी पौराणिक स्थलों में भी मिलती है, जो यह दिखाती है कि शिव की यह लीलाएं पूरे हिमालय क्षेत्र में फैली हुई हैं। अस्पताल मंदिर से जुड़ा एक आधुनिक 60 बिस्तरों वाला अस्पताल है जो स्थानीय आबादी की सेवा करता है। इस अस्पताल का प्रबंधन ज्योतिषपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।[3] [4]Shankaracharya Madhvasharm Ji Maharaj Hospital Rudraprayag – YouTube माधवाश्रम अस्पताल को मिला राजकीय चिकित्सालय का दर्जा https://www.jagran.com/uttarakhand/rudraprayag-madhwashram-hospital-meet-goverment-hospital-17968822.html जागरण 18 मई 2018 कोटेश्वर में 200 बैड का माधवाश्रम अस्पताल तैयार https://www.livehindustan.com/uttarakhand/rudraprayag/story-200-bed-madhavashram-hospital-in-koteshwar-ready-3171880.html हिन्दुस्तान, रुद्रप्रयाग 24 अप्रैल 2020 सन्दर्भ श्रेणी:उत्तराखण्ड में हिन्दू मन्दिर श्रेणी:रुद्रप्रयाग जिला श्रेणी:उत्तराखण्ड में शिव मन्दिर