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411 समाचार
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केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

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घना पक्षी अभयारण्य वार्ता:घना पक्षी अभयारण्य#प्रस्तावित विलय केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के साथ घना पक्षी अभयारण्य जुलाई 2022 केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान II India 225 Keoladeo Ghana National Park, Bharatpur, Rajasthan, India.jpg केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान धुळे right राजस्थान, भारत भरतपुर, आगरा, अलवर 27 09 32 N 77 30 31 E 28.73 km² 1982 केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान प्राकृतिक x 340 एशिया-प्रशांत 1985 नवम http://whc.unesco.org/en/list/340 Note. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान या केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान भारत के राजस्थान में स्थित एक विख्यात पक्षी अभयारण्य है। इसको पहले भरतपुर पक्षी विहार के नाम से जाना जाता था। इसमें हजारों की संख्या में दुर्लभ और विलुप्त जाति के पक्षी पाए जाते हैं, जैसे साईबेरिया से आये सारस, जो यहाँ सर्दियों के मौसम में आते हैं। यहाँ २३० प्रजाति के पक्षियों ने भारत के राष्ट्रीय उद्यान में अपना घर बनाया है। अब यह एक बहुत बड़ा पर्यटन स्थल और केन्द्र बन गया है, जहाँ पर बहुतायत में पक्षीविज्ञानी शीत ऋतु में आते हैं। इसको १९७१ में संरक्षित पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया था और बाद में १९८५ में इसे 'विश्व धरोहर' भी घोषित किया गया है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान या केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान भारत के राजस्थान में स्थित एक विख्यात पक्षी अभयारण्य है। इसको पहले भरतपुर पक्षी विहार के नाम से जाना जाताn था। इसमें हजारों की संख्या में दुर्लभ और विलुप्त जाति के पक्षी पाए जाते हैं, जैसे साईबेरिया से आये सारस, जो यहाँ सर्दियों के मौसम में आते हैं। यहाँ २३० प्रजाति के पक्षियों ने भारत के राष्ट्रीय उद्यान में अपना घर बनाया है। अब यह एक बहुत बड़ा पर्यटन स्थल और केन्द्र बन गया है, जहाँ पर बहुतायत में पक्षीविज्ञानी शीत ऋतु में आते हैं। इसको १९७१ में संरक्षित पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया था और बाद में १९८५ में इसे 'विश्व धरोहर' भी घोषित किया गया है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में गंभीर, बाणगंगा नदी बहती हैं। इतिहास इस पक्षीविहार का निर्माण २५० वर्ष पहले किया गया था और इसका नाम केवलादेव (शिव) मंदिर के नाम पर रखा गया था। यह मंदिर इसी पक्षी विहार में स्थित है। यहाँ प्राकृतिक ढ़लान होने के कारण, अक्सर बाढ़ का सामना करना पड़ता था। भरतपुर के शासक महाराज सूरजमल (१७२६ से १७६३) ने यहाँ अजान बाँध का निर्माण करवाया, यह बाँध दो नदियों गँभीर और बाणगंगा के संगम पर बनाया गया था। यह उद्यान भरतपुर के महाराजाओं की पसंदीदा शिकारगाह था, जिसकी परम्परा १८५० से भी पहले से थी। यहाँ पर ब्रिटिश वायसराय के सम्मान में पक्षियों के सालाना शिकार का आयोजन होता था। १९३८ में करीब ४,२७३ पक्षियों का शिकार सिर्फ एक ही दिन में किया गया मेलोर्ड एवं टील जैसे पक्षी बहुतायत में मारे गये। उस समय के भारत के गवर्नर जनरललिनलिथ्गो थे, जिनने अपने सहयोगी विक्टर होप के साथ इन्हें अपना शिकार बनाया। भारत की स्वतंत्रता के बाद भी १९७२ तक भरतपुर के पूर्व राजा को उनके क्षेत्र में शिकार करने की अनुमति थी, लेकिन १९८२ से उद्यान में चारा लेने पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया गया जो यहाँ के किसानों और सरकार के बीच हिंसक लड़ाई का कारण बना। जंतु समूह यह पक्षीशाला शीत ऋतु में दुर्लभ जाति के पक्षियों का 'दूसरा घर' बन जाती है। साईबेरियाई सारस, घोमरा, उत्तरी शाह चकवा, जलपक्षी, लालसर बत्तख आदि जैसे विलुप्तप्राय जाति के अनेकानेक पक्षी यहाँ अपना बसेरा करते है खतरा सन 2004 के आखिर में वसुंधरा राजे की सरकार ने किसानों की ज़बरदस्ती के सामने घुटने टेक दिये और पक्षीशाला के लिए भेजे जाने वाले पानी को रोक दिया गया, जिसका परिणाम ये हुआ कि उद्यान के लिए पानी की आपूर्ति घट कर ५४०,०००,००० से १८,०००,००० घनफुट (15,000,000 to 510,000 मी³). रह गई। यह कदम यहाँ के पर्यावरण के लिए बहुत ही भयावह साबित हुआ। यहाँ की दलदली धरती सूखी एवं बेकार हो गई, ज्यादातर पक्षी उड़ कर दूसरी जगहों पर प्रजनन के लिए चले गए। बहुत सी पक्षी प्रजातियां नई दिल्ली से करीब 90 कि॰मी॰ की दूरी पर गंगा नदी पर स्थित उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर तक चली गयीं। पक्षियों के शिकार को पर्यावरण विशेषज्ञों ने निन्दनीय करार देते हुए इसके विरोध में उन्होंने न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल की / इन्हें भी देखें घना पक्षी अभयारण्य भारत के अभयारण्य भारत में विश्व धरोहर स्थल बाहरी कडियाँ Keoladeo National Park केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान का घना अभयारण्य (वेबदुनिया) केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भारतकोश) Birds in Keoladeo National park Keoladeo National Park in UNESCO List Wildlife in India | Keoladeo National Park (Bharatpur) Birding in India Keoladeo National Park official site WCMC Reuters: Drought-ridden Indian bird park loses its birds. Version of 2007-Feb-25. Retrieved 2007-Feb-27. उद्यान, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, केवलादेव राष्ट्रीय श्रेणी:भारत के वन्य अभयारण्य श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय उद्यान श्रेणी:भारत में रामसर स्थल श्रेणी:भरतपुर के दर्शनीय स्थल