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411 समाचार
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डुमना प्रकृति अभयारण्य उद्यान

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डुमना प्रकृति अभयारण्य उद्यान Khandari_Dam.jpg 380 मध्य प्रदेश, जबलपुर 23 17 N 80 016 E inline, title India Madhya Pradesh#India yes १८८३ 1800 acres km2 जबलपुर नगर निगम डुमना प्रकृति अभयारण्य (en Dumna Nature Reserve; डी॰एन॰आर॰) जबलपुर, मध्यप्रदेश, भारत के समीप स्थित एक पर्यावरण-पर्यटन स्थल है। इसका संचालन जबलपुर नगर निगम द्वारा किया जाता है। यह लगभग १,८०० एकड़ वनभूमि पर विस्तृत है, जो नगर से लगभग ४० मीटर ऊँचे पठार पर स्थित है। इसे प्रान्तीय शासन द्वारा जुब्बुलपुर नगरपालिका समिति को खण्डारी झील के जलग्रहण क्षेत्र के रूप में हस्तांतरित किया गया था। खण्डारी बाँध का निर्माण फ़रवरी १८८३ में तत्कालीन मुख्य आयुक्त जे॰ एच॰ मॉरिस के अधीन सम्पन्न हुआ। तभी से यह वनक्षेत्र वर्षा-जल द्वारा खण्डारी जलाशय को पोषित करता है। इस क्षेत्र का उल्लेख कैप्टन जेम्स फ़ॉर्सिथ की कृति हाइलैण्ड्स ऑफ़ सेंट्रल इंडिया में ब्रिटिश अधिकारियों के लिए बाघ-शिकार के प्रिय स्थल के रूप में किया गया है। यह वन शुष्क पतझड़ी प्रकार का है, जो मध्य भारत के मिश्रित वनों का सामान्य रूप है। यहाँ देशज वृक्षों, पौधों, झाड़ियों, औषधियों, लताओं, बेलों तथा घासों की अनेक जातियाँ पाई जाती हैं। उद्यान में विविध पारिस्थितिक तन्त्र विद्यमान हैं, वनभूमि, घासभूमि तथा आर्द्रभूमि। डुमना में ९ तेन्दुए, लगभग २,००० हिरण (चीतल, भौंकने वाला हिरण, चौसिंगा), जंगल-बिल्ली, जंगली सूअर, मगरमच्छ आदि निवास करते हैं। यहाँ ३०० से अधिक पक्षी-प्रजातियाँ, प्रवासी एवं स्थायी दोनों, अभिलिखित की गई हैं। यह जनसामान्य के लिए खुला पर्यावरण-पर्यटन स्थल है, जो जबलपुर जनपद में स्थित है।http://www.jabalpurwala.com/index.php Welcome to City Portal of Jabalpur Jabalpurwala.com https://web.archive.org/web/20090531091831/http://jabalpurwala.com/index.php 2009-05-31 2013-10-20 dead इसमें बाँध, वन तथा वन्यजीव सम्मिलित हैं और यह १,०५८ हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। चीतल, जंगली सूअर, साही, गीदड़ तथा अनेक पक्षी-प्रजातियाँ यहाँ निवास करती हैं। उद्यान में तथा उसके आसपास तेन्दुओं के दर्शन भी हुए हैं।http://www.jabalpurwala.com/index.php Welcome to City Portal of Jabalpur Jabalpurwala.com https://web.archive.org/web/20090531091831/http://jabalpurwala.com/index.php 2009-05-31 2013-10-20 dead यहाँ बाल-उद्यान तथा भोजनालय उपलब्ध हैं। समीपवर्ती खण्डारी बाँध पर झूलता पुल, तम्बू-मंच, विश्रामगृह, मत्स्य-शिकार मंच, खिलौना रेलगाड़ी तथा नौकायन अन्य आकर्षण हैं। मगरमच्छों की उपस्थिति के कारण जल में स्नान अथवा तैराकी निषिद्ध है। डुमना की जैवविविधता स्तनधारी स्तनधारी पृथ्वी पर सर्वाधिक अनुकूलनशील जीव हैं। ये स्थल, जल तथा आकाश—सभी में पाए जाते हैं। विश्व में लगभग ५,५०० स्तनधारी-प्रजातियाँ विद्यमान हैं, जिनमें नीली व्हेल (सबसे बड़ी), बाघ, तेन्दुआ, चमगादड़, छछूँदर आदि सम्मिलित हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली ४२२ स्तनधारी-प्रजातियों में से ५७ (१३.५%) डुमना में निवास करती हैं। विकास-इतिहास के अनुसार इन्हें ७ गणों (टैक्सोनॉमिक वर्गीकरण) में विभाजित किया गया है। पक्षी पक्षी पृथ्वी के प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाते हैं। सभी पक्षियों के पास पंख होते हैं, यद्यपि सभी उड़ नहीं सकते। विश्व में लगभग १०,००० पक्षी-प्रजातियाँ हैं, जिनमें से लगभग १,३०० भारत में पाई जाती हैं (४२ उपमहाद्वीप की स्थानिक)। डुमना के विविध वन-प्रकार वर्ष भर पक्षी-विविधता को सहारा देते हैं। यहाँ २९६ पक्षी-प्रजातियाँ अभिलिखित हैं, जिनमें से १०२ (३४.५%) प्रवासी हैं, जो शीत, ग्रीष्म अथवा मार्ग-यात्रा के समय आते हैं। सरीसृप सरीसृप जीवन-जाल के लिए शिकार तथा शिकारी दोनों रूपों में महत्त्वपूर्ण घटक हैं। विश्व में ११,१३६ सरीसृप-प्रजातियाँ हैं, जिनमें से ६१० भारत में पाई जाती हैं और इनमें से ५०% स्थानिक हैं। देश में पाई जाने वाली ७% प्रजातियाँ डुमना में अभिलिखित हैं। सरीसृप-अध्ययन की दृष्टि से डुमना अभी भी अपर्याप्त रूप से अन्वेषित है। यहाँ ४३ प्रजातियों में से २९ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम १९७२ की अनुसूची I, II एवं IV में संरक्षित हैं तथा ४ प्रजातियाँ अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की संकटग्रस्त सूची में सम्मिलित हैं। कीट विविधता एवं जनसंख्या की दृष्टि से कीट पृथ्वी पर सर्वाधिक प्रचुर हैं। यद्यपि अधिकांश कीट हानिकारक माने जाते हैं, अनेक अपने रंगीन पंखों के कारण स्वागतयोग्य भी हैं। डुमना में १२५ पतंगा-प्रजातियाँ, ६१ ओडोनेटा, २२ चींटी-प्रजातियाँ तथा २० ततैया-प्रजातियाँ अभिलिखित हैं। लेपिडोप्टेरा (तितलियाँ) दुर्लभ एनॉमलस नवाब (Polyura agrarius) का अभिलेख डुमना में किया गया है। भारत में पाई जाने वाली १,३०० तितली-प्रजातियों में से १२७ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची I में संरक्षित हैं, जिन्हें बाघ के समकक्ष उच्चतम संरक्षण-प्राथमिकता प्राप्त है। इनमें से ११ प्रजातियाँ डुमना में अभिलिखित हैं। वनस्पति अंगूठाकार|खंडारी जलाशय डुमना में १०९ प्रकार के वृक्ष अभिलिखित हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र को जीवित रखते हैं। खण्डारी बाँध अंगूठाकार|खण्डारी बाँध खण्डारी बाँध एक स्पिल-प्रकार का बाँध है, जिसका निर्माण तत्कालीन मध्यप्रान्त एवं बरार के मुख्य आयुक्त जे॰ एच॰ मॉरिस द्वारा कराया गया। इसका निर्माण २६ फ़रवरी १८८३ को पूर्ण हुआ, जिसका उद्देश्य जबलपुर नगर के लगभग १/३ भाग को जल-आपूर्ति करना था। बाँध की क्षमता ६३ लाख घन मीटर है तथा इसकी जल-आपूर्ति क्षमता ६.७५ से ९ लाख लीटर प्रतिदिन है।http://www.jabalpurwala.com/index.php Welcome to City Portal of Jabalpur Jabalpurwala.com https://web.archive.org/web/20090531091831/http://jabalpurwala.com/index.php 2009-05-31 2013-10-20 परिवहन जबलपुर से इसकी दूरी लगभग १० किलोमीटर है। यह अभयारण्य जबलपुर विमानक्षेत्र के समीप स्थित है। जबलपुर विमानक्षेत्र से प्रतिदिन मुम्बई तथा नयी दिल्ली के लिए सेवा उपलब्ध है। जबलपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन इलाहाबाद–मुम्बई रेलमार्ग पर स्थित है। जबलपुर नगर राष्ट्रीय राजमार्ग ७ तथा राष्ट्रीय राजमार्ग १२ए पर अवस्थित है। सन्दर्भ 30em बाह्य कड़ियाँ http://jabalpur.nic.in/tourism_dumnanaturepark.htm डुमना प्रकृति अभयारण्य उद्यान जबलपुर जनपद, जालस्थल दुमना प्रकृति आरक्षित जैव विविधता प्रतिवेदन https://web.archive.org/web/20240708054436/https://issuu.com/dumnanaturereserve/docs/dumna_nature_reserve-_biodiversity_report__septemb 8 जुलाई 2024 श्रेणी:मध्य प्रदेश के संरक्षित क्षेत्र श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक