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गद्दी
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जून 2025
गद्दी भारत का एक पारंपरिक समुदाय है, ये समुदाय इतिहासिक रूप से अर्ध घुमंतू पशुपालन और कृषि से जुड़ रहा है। गद्दी समुदाय में भेड़ बकरी चराने वाले लोगो को गद्दी पाल बोला जाता है। हालंकी गद्दी और गद्दी पाल में अंतर होता है। गद्दी पुरा एक समुदाय का नाम है जबकी गद्दी पाल भेड़ बकरी चराने वाले गद्दी लोगो को बोला जाता है। यह समुदाय हिमाचल प्रदेश की पश्चिमी सीमा पर पाई जाती है। इनकी क़द-काठी राजस्थान की मरुभूति के राज पूत समाज से मिलती है। समुदाय का विश्वास है कि विदेशी आक्रमणकारियों से हारने के बाद धर्म एवं समाज की पवित्रता बनाये रखने के लिए यह राजस्थान छोड़कर पवित्र हिमालय की शरण में यहाँ के सुरक्षित भागों में आकर बस गये। गद्दी लोग मुख्य रूप से भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के भरमौर क्षेत्र, जिला चम्बा में रहते हैं। शब्द "गद्दी" संस्कृत शब्द "गब्दिका" से लिया गया है, जो पाणिनि द्वारा वर्णित एक सिन्धवादी जनपद था, जिसे साहिल वर्मन (700 ई.) के शासनकाल के दौरान "गदबिका-अहेरन" कहा जाता था और आज इसे "गद्देरन" के रूप में लिखा जाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश में गद्दी समुदाय की जनसंख्या लगभग 1,78,130 थी, जो राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 1.5% है। जम्मू-कश्मीर में इनकी जनसंख्या लगभग 46,489 पाई गई थी। हिमाचल की अधिकतर जनता क्षत्रिय है। क्षत्रियों के अंतर्गत राज पूत, रा णा, मि यां, ठा कुर, रा ठी, खश, गद्दी, कनैत और राहू आते हैं। राज पूत , रा णा और मि यां क्षत्रियों की पंक्ति में प्रथम स्थान पर हैं। ठा कुर, रा ठी, गद्दी, खश और खासिया क्षत्रिय व्यवस्था में दूसरे स्थान पर हैं। इसका मुख्य व्यवसाय कृषि है। कनैत और राहू को क्षत्रिय व्यवस्था में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
वर्गीकरण
भारत सरकार द्वारा गद्दी समुदाय को हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, जबकि राज्य के अन्य क्षेत्रों में इस समुदाय की राज पूत ,खत्री और ब्राह्मण जाति वर्ग को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और समुदाय की बाकी जातियों को अनुसूचित जाति श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। गद्दी समुदाय में अनेक जातियाँ आती है इनमें से गद्दी ब्राह्मण , गद्दी राज पूत , गद्दी खत्री लोगों को अनुसुचित जनजाति तथा समुदाय की बाकी जातीय गद्दी सिप्पी, गद्दी लोहार, गद्दी होली, गद्दी धोगरी, गद्दी रहाइदा, गद्दी कोली और गद्दी डूम अनुसुचित जाति के अतंरगत आती हैं।
हिमालयन गद्दी यूनियन की मांग
हिमालयन गद्दी यूनियन के लोगों के अनुसार गद्दी ब्राह्मण और गद्दी राज पूत ,खत्री जाति से संबंधित लोगों को 2003 में अनुसूचित जनजाति का आरक्षण सरकार द्वार दिया गया। हलांकी गद्दी ब्राह्मण और गद्दी राज पूत ,खत्री जातियां पहले सामान्य वर्ग में ये आती थीं। इन्हें आरक्षण देकर समुदाय की बाकी जातियों को अनुसूचित जनजाति का अधिकार न देने पर इस यूनियन का निर्माण हुआ। इस संघ के अनुसार गद्दी कोई जाति का नाम नहीं बल्की एक समुदाय है और इस समुदाय में सिर्फ राज पूत ,खत्री, ब्राह्मण जाति वर्ग को ही आरक्षण देकर समुदाय की बाकी जातियों को अनुसूचित जाति में ही रखा गया है। हिमालयन गद्दी यूनियन के लोगों के अनुसार सारा दोष सरकार दवारा 2003 में हुआ उनको समुदाय में ब्राह्मण और राज पूत ,खत्री जाति से संबंधित लोगों को ही आरक्षण मिला। जबकी समुदाय की बाकी जातियों को अनुसूचित जनजाति का अधिकार न देकर उन्हें इस समुदाय से अलग रखा ।
भाषा
गद्दी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली भाषा को गद्दी या भरमौरी भाषा कहा जाता है, जो पश्चिमी पहाड़ी भाषाओं की श्रेणी में आती है। कई लोग पहाड़ी भाषा की अन्य उपभाषाएं भी बोलते हैं।Gaddi language – English Wikipedia
संस्कृति और त्यौहार
गद्दी समुदाय की संस्कृति में शिव भक्ति का विशेष स्थान है। हर वर्ष मणिमहेश यात्रा इनकी धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होती है। शिवरात्रि और अन्य पारंपरिक पर्व भी गद्दी समुदाय द्वारा उल्लासपूर्वक मनाए जाते हैं। इनकी वेशभूषा, लोक गीत और नृत्य पहाड़ी संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं।Gaddi Tribe – Culture and Traditions
वेशभूषा
गद्दी पुरुष पारंपरिक ‘‘चोला डोरा’’ पहनते हैं, जो विशेष रूप से ठंडे मौसम के अनुकूल होता है। महिलाएं ‘‘लुंचरी’’ नामक पारंपरिक परिधान पहनती हैं, जिसमें विशिष्ट पैटर्न और कढ़ाई होती है। शादी और मेलों जैसे अवसरों पर पुरुष पगड़ी और टोपी पर फूल और कलगी सजाते हैं, जिसकी बनावट कैलाश पर्वत से प्रेरित मानी जाती हैGaddi Traditional Dresses
प्रशासनिक मान्यता
अनुसूचित जनजाति: भरमौर क्षेत्र (चंबा जिला) और जम्मू-कश्मीर में गद्दी समुदाय अनुसूचित जनजाति के रूप में सूचीबद्ध है।
अन्य पिछड़ा वर्ग : समुदाय की राज पूत ,खत्री और ब्राह्मण जाति वर्ग।
अनुसुचित जाति: हिमाचल के अन्य क्षेत्रों में समुदाय की सिप्पी, लोहर, होली, राहडिया, डूम और काली जाति। HP Caste List
सन्दर्भ
श्रेणी:भारत की जनजातियाँ
श्रेणी:हिमाचल प्रदेश के सामाजिक समूह