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रघुवरन
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रघुवरन (मलयालम: രഘുവരന്; तमिल: ரகுவரன்; कन्नड़: ರಘುವರನ್; तेलुगू రఘువరన్) (1958 – 19 मार्च 2008) एक भारतीय अभिनेता थे जिन्होंने मुख्य रूप से दक्षिण भारत में बनी फिल्मों में काम किया।
वे तमिल फिल्मों में खलनायक और चरित्र-भूमिकाएं करने के कारण प्रसिद्ध हो गये।
उन्होंने 150 से अधिक मलयालम, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में काम किया है।
हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, "इस अभिनेता ने अपनी विशेष शैली और आवाज़ के साथ अपने लिए एक खास स्थान बना लिया था।"
एक तमिल धारावाहिक, ओरु मानिदानिन कदाई में वे नायक की भूमिका के लिए प्रसिद्ध हो गए थे, जिसमें एक भला आदमी शराबी बन जाता है। मलयालम फिल्म दैवातिन्टे विक्रितिकल में उनकी भूमिका के लिए उनकी बहुत प्रशंसा की गयी। इस फिल्म का निर्देशन लेनिन राजेंद्रन ने किया था और यह एम मुकुन्दन के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी।
== निजी जीवन ==
उनका जन्म 1958 में केरल के पालक्काड़ ज़िलापलक्कड़ जिले में कोलेंगोड़े नामक स्थान में हुआ।[उद्धरण चाहिए] वे श्री एन. राधा कृष्णा मेनन और सत्यवती अम्मा के पोते और श्री वेलायुद्धन और श्रीमती कस्तूरी के पुत्र थे।[उद्धरण चाहिए]
वे कोयंबटूर में (सरकारी आर्ट्स कॉलेज) से अपनी बैचलर ऑफ आर्ट्स की शिक्षा प्राप्त कर रहे थे, जिसे बीच में ही छोड़ कर उन्होंने अभिनय के कैरियर की शुरुआत की. शुरू में उन्होंने मलयालम फिल्म उद्योग में काम करने की कोशिश की, परन्तु तभी उन्होंने यह जाना कि इसमें उन्हें ज्यादा फायदा नहीं होगा और इस उद्योग में अपनी जगह बनाने के लिए पैसे की जरुरत है। उन्होंने कन्नड़ फिल्म स्वप्ना तिंगलगल में एक छोटी सी भूमिका के साथ शुरुआत की, जिसमें एक कन्नड़ अनुभवी कलाकार अम्ब्रारीश मुख्य भूमिका निभा रहे थे।
उन्होंने तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में छोटी छोटी भूमिकाओं के साथ काम करना शुरू किया, इसमें उदय में दो मिनट का एक दृश्य भी शामिल है, जिसमें उन्होंने एक बलात्कारी की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में कन्नड़ अभिनेता विष्णुवर्धन ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
1979 से 1983 तक उन्होंने चेन्नई में ड्रामा मंडली, चेन्नई किंग्स में काम किया, इसमें भी लोकप्रिय कन्नड़/तमिल अभिनेता नस्सर शामिल थे। उन्होंने एज़ावाथू मनिथन में एक भूमिका निभाई, यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी भूमिका थी। उसके बाद वे सफलता पर सफलता प्राप्त करते चले गए।
उन्होंने मलयालम अभिनेत्री रोहिणी (मगलिर मट्टुम से प्रसिद्ध) से विवाह किया। उन्हें एक पुत्र है, जिसका नाम साईं ऋषिवरन है।
बाद में यह दंपती अलग हो गया और उनके बीच तलाक हो गया।
रघुवरन की कई बुरी आदतों ने उनके कैरियर को प्रभावित किया और उन्होंने बार बार अस्पतालों में रहना पडॉ॰
== कैरियर ==
मंच पर शुरुआत के बाद, 1982 में रघुवरन ने तमिल फिल्म एलावाथू मानिथम (सेवन्थ मेन) के साथ फिल्म जगत में प्रवेश किया। तमिल, मलयालम और तेलुगू फिल्मों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें कई राज्य स्तरीय और फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्होंने तमिल में कई फिल्मों में एक सहायक अभिनेता के रूप में काम करते हुए अपने कैरियर की शुरुआत की थी। इसमें मणिरत्नम् की फिल्म अंजलि शामिल है, जिसमें उन्होंने एक स्वलीन बालक के पिता की भूमिका निभाई थी। एक सहायक अभिनेता के रूप में उनकी इस भूमिका को उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक माना जाता है। हालांकि वह बाद में उन्होंने एक मंजे हुए खलनायक की यादगार भूमिकाएं निभायीं, जैसे बाशा में मार्क एंथोनी की भूमिका, मुधालवन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की भूमिका, शिवा और मुथु रजनीकांत के भतीजे इलेमरण की भूमिका. इसके बाद भी कभी कभी उन्होंने अलाई (सिम्बस का पिता), यारादी नी मोहिनी (धनुष का पिता), तिरुमलाई (विजय का मित्र और गुरु) और बाला (श्याम का गुरु) जैसी फिल्मों में पिता की या गुरु की सहायक भूमिकाएं निभाई.
उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में भी अभिनय किया, जैसे कि लाल बादशाह .
रघुवरन की आवाज़ अद्वितीय है और कई बार इसकी नक़ल भी की गयी है।
उन्होंने कई पुरस्कार भी जीते हैं।
रजनीकांत, जिन्होंने रघुवरन के साथ कई सफल फिल्मों में अभिनय किया है, उन्हें अपने लिए एक भाग्यशाली अभिनेता मानते है।
रजनीकांत ने दावा किया कि फिल्म बाबा सफल नहीं हुई होती अगर रघुवरन ने इसमें काम नहीं किया होता.
बाद में फिल्म शिवाजी के लिए रजनीकांत ने निर्देशक एस. शंकर से कहा कि रघुवरन को भी इसमें कोई भूमिका दी जानी चाहिए; यह फिल्म बहुत अधिक सफल हुई.
== मृत्यु ==
19 मार्च 2008 को सूर्य ग्रहण के दौरान सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर दिल का दौरा पड़ने से रघुवरन की मृत्यु हो गई। ऐसा कहा जाता है कि लम्बे समय से बहुत अधिक शराब पीने के कारण उन्हें जिगर की बीमारी हो गई थी। नींद में ही उनकी मृत्यु हो गई।
उनके निधन के समय वे कई फिल्मों में काम कर रहे थे, इनमें उंचे बजट की तमिल फिल्म कांथास्वामी शामिल थी। इसमें रघुवरनने दिए हुए अभिनय का उपयोग नहीं किया गया, उनकी जगह आशीष विद्यार्थी ने काम किया, जिसके कारण फिल्म की रिलीज़ में देरी हुई. उनकी मृत्यु से दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग को बहुत बड़ा झटका लगा.
== फिल्मों की सूची ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
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== सन्दर्भ ==