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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

खण्डशृंखला

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thumb|150px|खंडशृंखला का निर्माण। मुख्य शृंखला (काली) में उत्पत्ति-शृंखला (हरी) से लेकर वर्तमान शृंखला तक सर्वाधिक लम्बी शृंखलाएँ हैं। अनाथ खण्ड (बैगनी) का अस्तित्व मुख्य शृंखला से बाहर होता है।thumb|Bitcoin network data खण्डशृंखला (Blockchain),https://www.economist.com/briefing/2015/10/31/the-great-chain-of-being-sure-about-things The great chain of being sure about things The Economist 2023-03-04 0013-0613https://fortune.com/2016/05/15/leaderless-blockchain-vc-fund/ Leaderless, Blockchain-Based Venture Capital Fund Raises $100 Million, And Counting Fortune en 2023-03-04https://books.google.com/books?id=uVbjDwAAQBAJ&newbks=0&printsec=frontcover&pg=PA6&hl=en Blockchain in Digital Marketing: A New Paradigm of Trust Johnsen Maria 2020-05-12 Maria Johnsen 979-8-6448-7308-1 en, लगातार बढ़ने वाली रिकॉर्डों की सूची को कहते हैं। इन रिकॉर्डों को 'ब्लॉक' कहा जाता है जो क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करके लिंक की गयीं और सुरक्षित की गयीं होती हैं।Narayanan Arvind Bonneau Joseph Felten Edward Miller Andrew Goldfeder Steven Bitcoin and cryptocurrency technologies: a comprehensive introduction https://archive.org/details/bitcoincryptocur0000nara 2016 Princeton University Press Princeton 978-0-691-17169-2Haber Stuart Stornetta W. Scott 1991-01-01 How to time-stamp a digital document https://doi.org/10.1007/BF00196791 Journal of Cryptology en 3 2 99–111 10.1007/BF00196791 1432-1378खण्डशृंखला (Blockchain) एक तकनीक है जो डिजिटल डेटा को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करती है। यह एक डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर होती है, जिसमें न केवल डेटा को संग्रहित किया जाता है, बल्कि यह डेटा के साथ साथ उसकी प्रतिष्ठिता भी सुनिश्चित करती है। खण्डशृंखला (Blockchain) एक विशेष प्रकार की तकनीक है, जिसे डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग किया जाता है। इस तकनीक का उपयोग आज के समय में विभिन्न क्षेत्रों में हो रहा है, जैसे कि बैंकिंग, स्टॉक मार्केट, वित्तीय संस्थाएं, वित्तीय संपत्ति, जमीन रजिस्ट्री आदि। खण्डशृंखला एक सुरक्षित तरीके से संग्रहित डेटा की ब्लॉकचेन में संग्रहित करती है, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक में पहले ब्लॉक से लिंक किए गए तर्क होते हैं। इसलिए, खण्डशृंखला में जोड़े गए डेटा का संपूर्ण इतिहास रिकॉर्ड किया जाता है। खण्डशृंखला के विकास की शुरुआत 2008 में सतोशी नाकामोटो नामक व्यक्ति ने की थी। उन्होंने बिटकॉइन (Bitcoin) नामक क्रिप्टोकरेंसी के लिए इस तकनीक का उपयोग किया था। बिटकॉइन एक ऑनलाइन मुद्रा है, जिसका उपयोग विभिन्न वित्तीय लेनदेनों में किया जाता है। और पड़ें https://web.archive.org/web/20230806175208/https://cryptowali.com/blockchain-technology-in-hindi/#more-871 6 अगस्त 2023 आधुनिक उपयोग और विकास हाल के वर्षों में खण्डशृंखला तकनीक का उपयोग केवल क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह विभिन्न उद्योगों के लिए एक मूलभूत ढांचा बनता जा रहा है। इस तकनीक की पारदर्शिता, अपरिवर्तनीयता और विकेन्द्रित संरचना के कारण इसका उपयोग पहचान सत्यापन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, डिजिटल मतदान, और डेटा साझाकरण जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है।https://www.exobloc.com/blockchain-expertise/ ब्लॉकचेन तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और विशेषज्ञता Exobloc अंग्रेज़ी 2025-10-09 नई पीढ़ी की ब्लॉकचेन प्रणालियाँ, जैसे प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) और रोल-अप्स, लेन-देन की गति और ऊर्जा दक्षता में सुधार कर रही हैं। इन प्रणालियों में डेटा को सुरक्षित रूप से साझा करने और सत्यापित करने की क्षमता होती है, जिससे विश्वसनीय डिजिटल बुनियादी ढाँचा निर्मित किया जा सकता है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट आधारित अनुप्रयोग अब विभिन्न वित्तीय और व्यावसायिक प्रक्रियाओं को स्वचालित करने में मदद कर रहे हैं। इससे न केवल धोखाधड़ी की संभावना घटती है, बल्कि लागत और समय दोनों की बचत होती है। उपयोग पहचान सत्यापन और डिजिटल पहचान प्रबंधन ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग डिजिटल पहचान सत्यापन (Identity Verification)https://www.exobloc.com/blockchain-identity-verification/ ब्लॉकचेन आधारित पहचान सत्यापन का तकनीकी विवरण आधिकारिक ब्लॉकचेन पहचान पृष्ठ अंग्रेज़ी 12 फ़रवरी 2026 और पहचान प्रबंधन प्रणालियों में तेजी से बढ़ रहा है। पारंपरिक पहचान सत्यापन प्रणाली प्रायः केंद्रीकृत डेटाबेस पर आधारित होती है, जहाँ उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी किसी एक संस्था के नियंत्रण में रहती है। इसके विपरीत, ब्लॉकचेन आधारित पहचान प्रणालियाँ विकेंद्रीकृत संरचना पर कार्य करती हैं, जिससे डेटा में छेड़छाड़ की संभावना कम हो जाती है तथा सत्यापन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनती है। ब्लॉकचेन आधारित पहचान सत्यापन में क्रिप्टोग्राफिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है। प्रत्येक पहचान से संबंधित जानकारी को डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) के माध्यम से सुरक्षित किया जाता है। जब किसी पहचान का सत्यापन किया जाता है, तो नेटवर्क के माध्यम से उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जाती है। इस प्रकार किसी एक केंद्रीय सर्वर पर निर्भरता कम हो जाती है। विकेंद्रीकृत पहचान (Decentralized Identity) विकेंद्रीकृत पहचान, जिसे प्रायः Decentralized Identity या Self-Sovereign Identity (SSI) कहा जाता है, एक ऐसी प्रणाली है जिसमें उपयोगकर्ता अपनी डिजिटल पहचान पर स्वयं नियंत्रण रखता है। इस मॉडल में पहचान संबंधी जानकारी किसी केंद्रीय प्राधिकरण के बजाय वितरित नेटवर्क में सुरक्षित रहती है। इस प्रणाली में "विकेंद्रीकृत पहचान पहचानकर्ता" (Decentralized Identifier या DID) का उपयोग किया जाता है। DID एक विशिष्ट डिजिटल पहचान होती है जिसे ब्लॉकचेन या अन्य वितरित लेजर प्रणाली पर पंजीकृत किया जा सकता है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता अपनी पहचान की जानकारी साझा करने या सीमित रूप से प्रदर्शित करने का निर्णय स्वयं ले सकता है। सत्यापन योग्य प्रमाणपत्र (Verifiable Credentials) सत्यापन योग्य प्रमाणपत्र (Verifiable Credentials) डिजिटल प्रमाणपत्र होते हैं जिन्हें क्रिप्टोग्राफिक विधियों द्वारा सुरक्षित किया जाता है और जिनकी प्रामाणिकता स्वतंत्र रूप से सत्यापित की जा सकती है। उदाहरण के लिए, शैक्षणिक डिग्री, पेशेवर लाइसेंस, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र या सरकारी पहचान पत्र को डिजिटल रूप में जारी किया जा सकता है। इन प्रमाणपत्रों को ब्लॉकचेन पर सीधे संग्रहीत करना आवश्यक नहीं होता; प्रायः केवल उनका हैश (Hash) या सत्यापन संदर्भ ब्लॉकचेन में दर्ज किया जाता है। इससे मूल दस्तावेज़ की गोपनीयता बनी रहती है, जबकि उसकी सत्यता की पुष्टि किसी भी समय की जा सकती है। यह प्रणाली धोखाधड़ी को कम करने और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाने में सहायक होती है। संभावित लाभ और चुनौतियाँ ब्लॉकचेनhttps://www.exobloc.com/ ब्लॉकचेन आधारित पहचान और डिजिटल सत्यापन संबंधी जानकारी आधिकारिक ब्लॉकचेन पहचान वेबसाइट अंग्रेज़ी 12 फ़रवरी 2026 आधारित पहचान प्रणालियों के प्रमुख लाभों में डेटा की अखंडता (Integrity), पारदर्शिता और छेड़छाड़-प्रतिरोध शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ता को अपनी पहचान संबंधी जानकारी पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होता है। हालाँकि, इन प्रणालियों के समक्ष कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे डेटा गोपनीयता संबंधी प्रश्न, तकनीकी जटिलता, कानूनी और नियामक ढाँचे की आवश्यकता, तथा बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन से जुड़ी समस्याएँ। इसलिए पहचान सत्यापन में ब्लॉकचेन के उपयोग का मूल्यांकन तकनीकी, सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण से किया जाता है। सन्दर्भ ब्लॉकचेन तकनीक क्या है । Blockchain Technology In Hindi https://web.archive.org/web/20230806175208/https://cryptowali.com/blockchain-technology-in-hindi/#more-871 6 अगस्त 2023 CryptoWali श्रेणी:डेटाबेस प्रबन्धन प्रणाली