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राव जोधा
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राव जोधा जोधपुर के संस्थापक 180px 1438-1489 राव रणमल राठौड़ राव रणमल रानी अखेरकंवर
(हलवद के राजा जैतसिंह झाला की पुत्री) २८ मार्च, १४१६ १५४५
राव जोधा राठौड़ (28 मार्च 1416 – 6 अप्रैल 1489) राठौड़ वंश के 15वें शासक थे, जिन्होंने वर्तमान राजस्थान राज्य में स्थित मारवाड़ रियासत पर शासन किया। वे राव रणमल (रिडमल) के ज्येष्ठ पुत्र थे। उन्हें उनकी गौरवशाली सैन्य उपलब्धियों और 1459 में जोधपुर नगर की स्थापना लिए जाना जाता है। जोधपुर बाद में मंडोर के स्थान पर मारवाड़ की नई राजधानी बनी।https://rajasthanhistory.com/jodhas-long-term-struggle/ राव जोधा का संघर्ष Gupta Dr Mohanlal 2020-05-25 राजस्थान - शूरवीरों, संतों एवं सुरों की धरती en-US 2025-05-31 इन्होंने ही जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग बनवाया था।
इतिहास
मेवाड़ का शासन कार्य भी इनकी सहमति से चलता था अतः मेवाड़ के कुछ सरदार इनसे अप्रसन थे और इन्होने मेवाड़ नरेश महाराणा कुम्भा व उनकी माता सोभाग्य देवी को राव रणमल जी के विरुध बहका दिया। वि॰सं॰ 1495(1438 AD) में एक साजिश के तहत गहरी निंद में सोये राव रणमल को मार डाला गया व रावत चुडा लाखावत सिसोदिया के नेत्रत्व में मेवाड़ की सेना मंडोर पर आक्रमण कर मारवाड़ राज्य पर अधिकार जमा लिया। अपने पिता के निधन के साथ ही राव जोधा का पेत्रक राज्य भी हाथ से निकल गया, लेकिन राव जोधा ने यह कभी नहीं भुला की धरती वीरों की वधु होती है और युद्ध क्षत्रिय का व्यवसाय ।
वसुन्धरा वीरा रि वधु, वीर तीको ही बिन्द ।
रण खेती राजपूत रि, वीर न भूले बाल ।।
जोधा का जन्म 1 अप्रैल 1416 को हुआ था।
वीर साहसी व पराक्रमी राव जोधा ने मारवाड़ राज्य को पुनः विजय करने हेतु निरंतर संघर्ष जरी रखा और अंत में अपने भाईयों के सक्रिए सहयोग से मंडोर, कोसना व चौकड़ी पर विजय ध्वज लहराकर मारवाड़ में पुनः राठौर राज्य वि॰सं॰ 1510 स्थापित कर अपने पैत्रिक राज्य को मेवाड़ से मुक्त कर लिया |इस विजय के बाद राव जोधा व उनके भाईयों राव चांपा जी व अन्य ने सोजत, पाली, खैरवा, नाडोल, नारलोई आदि पर हमला कर जीत लिया।
राव जोधा ने अपने भाईयों व पुत्रों के सहयोग से अपने राज्य को मंडोर,मेड़ता, फलोदी,पोकरण, भाद्रजुन,सोजत,पाली, सिवाना,साम्भर,अजमेर,नागौर,डीडवाना तक बड़ा कर एक विशाल राठौर राज्य स्थापित कर दिया।
इनके वीर पुत्रों में दुदोजी ने मेड़ता, राव बीका जी ने जाग्लुदेश (बीकानेर) व बिदाजी ने छापर विजय कर अलग अलग स्व्तांतर राठोड़ राज्यों की स्थापना की |मंडोर को असुरक्षित समझ कर जेस्ठ शुक्ला 11 शनिवार वि॰सं॰ 1515 में राव जोधा ने जोधपुर के किले मेहरानगढ़की नीवं दल कर जोधपुर नगर बसाया। राव जोधा जी ने अपने राज्य का शासन सुव्यवस्थित चलाने हेतु राज्य के अलग अलग भाग अपने भाईयों व पुत्रों को बाँट दिया.वि॰सं॰ 1545 में राव जोधा जी का निधन हुआ ।Majumdar Ramesh Chandra R. C. Majumdar Pusalker A. D. Majumdar A. K. 1960 The History and Culture of the Indian People VI: The Delhi Sultanate Bombay Bharatiya Vidya Bhavan 355–357 "The death of Jodha in 1488 was followed by a struggle among his sons for succession ... [the nobles] consecrated Satal ... Shortly afterwards, however, Satal died ... another brother, Suja, secured the throne ... History repeated itself when Suja died in 1515 ... [Satal] fell mortally wounded in the battlefield (1491)."
राव जोधा की रानी जसमादे ने जोधपुर में रानीसर झील का निर्माण कराया, मारवाड़ में राव जोधा केे पश्चात् राव सातल तथा राव सूजा का नाम आता है, लेकिन इन दोनों शासकों के बाद 1515 ई. मेंं एक महत्वपूर्ण शासक राव गांगा हुुुआ |
टिप्पणी
दशरथ शर्मा (1970). राजपूत इतिहास और संस्कृति पर एक व्याख्यान, दिल्ली:मोतीलाल बनारसीदास.
सोर्स फ़ॉर प्रोजेनी'
सोर्स फ़ॉर प्रोजेनी
बाहरी कड़ियाँ
History of the Dynasty
सन्दर्भ
श्रेणी:मेवाड़ के शासक
मंडौर, जोधा
श्रेणी:राजस्थान के लोग
श्रेणी:क्षत्रिय योद्धा
श्रेणी:राजस्थान का इतिहास
श्रेणी:राठौड
श्रेणी:भारत का इतिहास
श्रेणी:१५वीं सदी के भारतीय सम्राट