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411 समाचार
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अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस

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अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस अंतर्राष्ट्रीय Mumbaimaydayrally0645.JPG मुंबई में एक में दिन रैली अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस में डे (मई दिवस) काम करने वाले मजदूरों और उनके श्रम यूनियनों और ऐच्छिक व्यक्ति मई 1 आयोजित सड़क प्रदर्शनों मई दिवस अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस या मई दिन मनाने की शुरुआत १ मई १८८६ से मानी जाती है जब अमेरिका की मज़दूर यूनियनों ने काम का समय 8 घंटे से अधिक न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। इस हड़ताल के समय शिकागो की हे मार्केट में बम धमाका हुआ था। यह बम किस ने फेंका किसी का कोई पता नहीं। इसके निष्कर्ष के तौर पर पुलिस ने श्रमिकों पर गोली चला दी और सात श्रमिक मार दिए। "भरोसेमंद गवाहों ने तस्दीक की कि पिस्तौलों की सभी फलैशें गली के केंद्र की तरफ से आईं जहाँ पुलिस खड़ी थी और भीड़ की तरफ़ से एक भी फ्लैश नहीं आई। इस से भी आगे वाली बात, प्राथमिक अखबारी रिपोर्टों में भीड़ की तरफ से गोलीबारी का कोई उल्लेख नहीं। घटनास्थल पर एक टेलीग्राफ खंबा जो गोलियों के साथ हुई छेद से पुर हुआ था, जो सभी की सभी पुलिस की दिशा से आईं थीं।"Avrich The Haymarket Tragedy 208–209http://www.odmp.org/officer/3972-patrolman-mathias-j.-degan Patrolman Mathias J. Degan The Officer Down Memorial Page, Inc 1 मई 2013 https://web.archive.org/web/20080118084649/http://www.odmp.org/officer/3972-patrolman-mathias-j.-degan 18 जनवरी 2008 dead http://www.chicagohistory.org/dramas/act2/act2.htm Act II: Let Your Tragedy Be Enacted Here 2000 The Dramas of Haymarket Chicago Historical Society 1 मई 2013 https://web.archive.org/web/20080115030929/http://www.chicagohistory.org/dramas/act2/act2.htm 15 जनवरी 2008 dead चाहे इन घटनाओं का अमेरिकाhttp://www.ilo.org/global/lang--en/index.htm संग्रहीत प्रति 1 मई 2013 https://web.archive.org/web/20130501123208/http://www.ilo.org/global/lang--en/index.htm 1 मई 2013 live पर एकदम कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा था परन्तु कुछ समय के बाद अमेरिका में ८ घण्टे काम करने का समय निश्चित कर दिया गया था। वर्तमान में भारत और अन्य देशों में श्रमिकों के ८ घण्टे काम करने से संबंधित नियम लागू है। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक आंदोलन, अराजकतावादियों, समाजवादियों, तथा साम्यवादियों द्वारा समर्थित यह दिवस ऐतिहासिक तौर पर केल्त बसंत महोत्सव से भी संबंधित है।The Brief Origins of May Day http://www.iww.org/history/library/misc/origins_of_mayday IWW Historical Archives Industrial Workers of the World 2 May 2014 https://web.archive.org/web/20140430163611/http://www.iww.org/history/library/misc/origins_of_mayday 30 अप्रैल 2014 live इस दिवस का चुनाव हेमार्केट घटनाक्रम की स्मृति में, जो कि ४ मई १८८६ को घटित हुआ था, द्वितीय अंतरराष्ट्रीय के दौरान किया गया।Trachtenberg Alexander The History of May Day 1932 http://www.marxists.org/subject/mayday/articles/tracht.html January 19, 2008 March 2002 Marxists.org https://web.archive.org/web/20180715071802/https://www.marxists.org/subject/mayday/articles/tracht.html 15 जुलाई 2018 liveFoner, Philip S. (1986). May Day: A Short History of the International Workers' Holiday, 1886–1986. New York: International Publishers. pp. 41–43. ISBN 0-7178-0624-3. उद्देश्य किसी भी समाज, देश, संस्था और उद्योग में मज़दूरों, कामगारों और मेहनतकशों की अहम भूमिका होती है। उन की बड़ी संख्या इस की कामयाबी के लिए हाथों, अक्ल-इल्म और तनदेही के साथ जुटी होती है। किसी भी उद्योग में कामयाबी के लिए मालिक, सरमाया, कामगार और सरकार अहम धड़े होते हैं। कामगारों के बिना कोई भी औद्योगिक ढांचा खड़ा नहीं रह सकता।https://www.india.com/hindi-news/lifestyle/international-workers-day-2021-why-international-workers-day-is-celebrated-know-its-history-4627280/ International Workers' Day 2021: आखिर क्यों मनाया जाता है 'अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस', जानें इसका इतिहास Desk India com Hindi News www.india.com hi 2022-04-30 विचार भारत thumb|चेन्नई के मैरिना बीच पर मज़दूर की जीत भारत में एक मई का दिवस सब से पहले चेन्नई में १ मई १९२३ को मनाना शुरू किया गया था। उस समय इस को मद्रास दिवस के तौर पर प्रामाणित कर लिया गया था। इस की शुरुआत भारती मज़दूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार ने शुरू की थी। भारत में मद्रास के हाईकोर्ट सामने एक बड़ा प्रदर्शन किया और एक संकल्प के पास करके यह सहमति बनाई गई कि इस दिवस को भारत में भी कामगार दिवस के तौर पर मनाया जाये और इस दिन छुट्टी का ऐलान किया जाये। भारत समेत लगभग 80 मुल्कों में यह दिवस पहली मई को मनाया जाता है। इसके पीछे तर्क है कि यह दिन अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस https://web.archive.org/web/20220501003337/https://www.anandcircle.com/2022/04/International-Labour-Day-Why-this-day-is-celebrated-and-When-it-began-in-India.html 1 मई 2022 के तौर पर प्रामाणित हो चुका है। महात्मा गांधी महात्मा गांधी ने कहा था कि किसी देश की तरक्की उस देश के कामगारों और किसानों पर निर्भर करती है। उद्योगपति, मालिक या प्रबंधक समझने की बजाय अपने-आप को ट्रस्टी समझने लगे। लोकतन्त्रीय ढांचो में तो सरकार भी लोगों की तरफ़ से चुनी जाती है जो राजनीतिक लोगों को अपने देश की बागडोर ट्रस्टी के रूप में सौंपते हैं। वह प्रबंध चलाने के लिए मज़दूरों, कामगारों और किसानों की बेहतरी, भलाई और विकास, अमन और कानूनी व्यवस्था बनाऐ रखने के लिए वचनबद्ध होते हैं। मज़दूरों और किसानों की बड़ी संख्या का राज प्रबंध में बड़ा योगदान है। सरकार का रोल औद्योगिक शान्ति, उद्योगपतियों और मज़दूरों दरमियान सुखदायक, शांतमयी और पारिवारिक संबंध कायम करना, झगड़े और टकराव की सूरत में उन का समझौता और सुलह करवाने का प्रबंध करना और उन के मसलों को औद्योगिक ट्रिब्यूनल कायम कर कर निरपेक्षता और पारदर्शी ढंग से कुदरती न्याय के उसूल के सिद्धांत अनुसार इंसाफ़ प्रदान करना और उन की बेहतरी के लिए समय -समय से कानूनी और विवरण प्रणाली निर्धारित करना है। गुरु नानक और भाई लालो भारतीय संदर्भ में गुरु नानक देव जी ने किसानों, मज़दूरों और कामगारों के हक में आवाज़ उठाई थी और उस समय के अहंकारी और लुटेरे हाकिम ऊँट पालक भागों की रोटी न खा कर उस का अहंकार तोड़ा और भाई लालो की काम की कमाई को सत्कार दिया था। गुरु नानक देव जी ने ‘काम करना, नाम जपना, बाँट छकना और दसवंध निकालना का संदेश दिया। गरीब मज़दूर और कामगार का विनम्रता का राज स्थापित करने के लिए मनमुख से गुरमुख तक की यात्रा करने का संदेश दिया। 1 मई को भाई लालो दिवस के तौर पर भी सिक्ख समुदाय में मनाया जाता है। महाराष्ट्र इसी दिन (1 मई) को महाराष्ट्र में महाराष्ट्र दिवस मनाते है। महाराष्ट्र के सभी ज़िलों में मज़दूर दिवस' मनाया जाता है। यहाँ जितने भी व्यापारी , कारीगर होते हैं वे सभी छुट्टी रखते हैं। चित्रशाला सन्दर्भ श्रेणी:मई के पर्व श्रेणी:श्रम अधिकार श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय दिवस