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वालीबॉल

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Algeria and Japan women's national volleyball team at the 2012 Summer Olympics (7913959028).jpg 270px वालीबॉल का एक सामान्य दृश्य एफआईवीबी (FIVB) 1895, होलियोक, मैसाचुसेट्स, संयुक्त राज्य अमेरिका नहीं 6 एकल इनडोर, बीच (समुद्रतट), घास वालीबॉल वॉलीबॉल शब्दावली 1964 विश्वव्यापी (विशेषकर यूरोप और पूर्वी एशिया में लोकप्रिय) right|thumb|300px|वालीबॉल का खेल वालीबॉल (अंग्रेज़ी: Volleyball) एक टीम खेल है जिसमें छह-छह खिलाड़ियों की दो टीमें एक जाल (नेट) से अलग किए गए मैदान में आमने-सामने खेलती हैं। प्रत्येक टीम का उद्देश्य गेंद को नेट के ऊपर से विरोधी टीम के क्षेत्र में ऐसे भेजना है कि वह उनके फ़र्श पर गिरे, और साथ ही अपने क्षेत्र में गेंद को ज़मीन छूने से रोकना है।https://www.fivb.com/wp-content/uploads/2025/01/FIVB-Volleyball_Rules2025_2028-EN-v05.pdf Official Volleyball Rules 2025–2028 Fédération Internationale de Volleyball 2026-05-20 इस खेल का अंतर्राष्ट्रीय शासी निकाय फेडरेशन इंटरनेशनेल डि वॉलीबॉल (एफआईवीबी / FIVB) है, जिसकी स्थापना 1947 में हुई थी।https://www.fivb.com/volleyball/the-game/history/ History FIVB 2026-05-20 इतिहास वालीबॉल का आविष्कार विलियम जी. मॉर्गन (William G. Morgan) ने सन् 1895 में संयुक्त राज्य अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के होलियोक शहर स्थित YMCA (यंग मेन्स क्रिश्चियन एसोसिएशन) में किया था।https://www.britannica.com/biography/William-G-Morgan William G. Morgan Encyclopædia Britannica 2026-05-20 मॉर्गन उस समय होलियोक YMCA में शारीरिक शिक्षा के निदेशक थे। उन्होंने देखा कि चार वर्ष पहले (1891 में) पास के स्प्रिंगफील्ड में जेम्स नाइस्मिथ द्वारा अविष्कृत बास्केटबॉल अधेड़ उम्र के सदस्यों के लिए बहुत अधिक शारीरिक श्रमसाध्य था। इसलिए उन्होंने ऐसा खेल बनाने का प्रयास किया जो बास्केटबॉल जितना थकाने वाला न हो, परंतु जिसमें कौशल और टीम भावना दोनों हों।https://www.olympics.com/en/news/what-history-volleyball-game-origin-mintonette-ymca-fivb-olympics History of volleyball: From origins to the Olympics Olympics.com 2026-05-20 मॉर्गन ने अपने नए खेल को आरंभ में "मिंटोनेट" (Mintonette) नाम दिया था। इसकी रचना उन्होंने कई खेलों के तत्वों को जोड़कर की — गेंद बास्केटबॉल से, जाल टेनिस से, हाथों का प्रयोग हैंडबॉल से, और "इनिंग्स" (पाली) की धारणा बेसबॉल से ली गई। 1896 में जब मॉर्गन ने स्प्रिंगफील्ड कॉलेज में अपने खेल का प्रदर्शन किया, तो वहाँ उपस्थित प्राध्यापक अल्फ्रेड हालस्टेड ने टिप्पणी की कि खिलाड़ी गेंद को "वॉली" कर रहे हैं, और सुझाव दिया कि इसका नाम "वॉली बॉल" रखा जाए। यह नाम मॉर्गन और सम्मेलन ने स्वीकार कर लिया। बाद में 1952 में इसे एक शब्द "Volleyball" के रूप में लिखा जाने लगा। YMCA के विश्वव्यापी नेटवर्क के ज़रिए यह खेल बीसवीं शताब्दी के प्रथम दशक में कनाडा, क्यूबा, फ़िलीपीन्स, जापान, चीन और यूरोप तक पहुँच गया। 1916 में फ़िलीपीन्स में सेट और स्पाइक (आक्रामक शॉट) की तकनीक विकसित हुई।https://ncva.com/info/general-info/history-of-volleyball/ History of Volleyball Northern California Volleyball Association 2026-05-20 https://web.archive.org/web/20190407203659/https://ncva.com/info/general-info/history-of-volleyball/ 7 अप्रैल 2019 dead 1918 में प्रति टीम छह खिलाड़ी की संख्या और 1920 में "तीन हिट" (एक तरफ अधिकतम तीन स्पर्श) का नियम तय हुआ। वालीबॉल को 1964 के टोक्यो ओलंपिक खेलों में पहली बार सम्मिलित किया गया, जहाँ मेजबान जापान की महिला टीम और सोवियत संघ की पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीते। बीच वॉलीबॉल (समुद्रतटीय वालीबॉल) को 1996 के अटलांटा ओलंपिक में सम्मिलित किया गया।https://www.britannica.com/story/olympics-volleyball Olympics: Volleyball Encyclopædia Britannica 2026-05-20 भारत में वालीबॉल भारत में वालीबॉल की शुरुआत बीसवीं शताब्दी के आरंभ में YMCA के माध्यम से हुई। भारतीय वालीबॉल संघ (Volleyball Federation of India) की स्थापना 1951 में हुई। यह खेल भारत में अत्यंत लोकप्रिय है और कई राज्यों, विशेषकर केरल, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा में व्यापक रूप से खेला जाता है। मैदान वालीबॉल का मैदान आयताकार होता है। इसकी लंबाई 18 मीटर एवं चौड़ाई 9 मीटर होती है। मैदान को नेट के नीचे खींची गई मध्य रेखा से दो बराबर हिस्सों (प्रत्येक 9 मीटर × 9 मीटर) में बाँटा जाता है। सीमारेखाओं की चौड़ाई 5 सेंटीमीटर होती है। मध्य रेखा के समानांतर, दोनों तरफ 3 मीटर की दूरी पर आक्रमण रेखा (attack line / 3-meter line) खींची जाती है। यह रेखा अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ियों और पिछली पंक्ति के खिलाड़ियों के क्षेत्र को अलग करती है — पिछली पंक्ति के खिलाड़ी इस रेखा के पीछे से ही नेट से ऊँचाई पर आक्रमण कर सकते हैं। मैदान की पिछली रेखा (एंड लाइन) के पीछे का पूरा 9 मीटर चौड़ा क्षेत्र सर्विस क्षेत्र (service area) कहलाता है, जहाँ से सर्विस की जाती है। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मैदान के चारों ओर कम से कम 5 मीटर का मुक्त क्षेत्र (free zone) होना चाहिए, और मैदान के ऊपर कम से कम 12.5 मीटर तक कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। नेट (जाल) मैदान के बीचों-बीच 9.50 मीटर लंबा और 1 मीटर चौड़ा एक जाल लगाया जाता है, जिसमें 10 × 10 सेंमी. के वर्गाकार छेद होते हैं। नेट को दोनों किनारों पर मज़बूत खंभों से बाँधा जाता है। नेट की ऊँचाई पुरुष और महिला वर्ग के लिए अलग होती है: पुरुष वर्ग के लिए: 2.43 मीटर (लगभग 7 फुट 11⅝ इंच) महिला वर्ग के लिए: 2.24 मीटर (लगभग 7 फुट 4⅛ इंच) नेट की ऊँचाई मैदान के केंद्र से नापी जाती है। दोनों किनारों (साइडलाइन के ऊपर) पर ऊँचाई बराबर होनी चाहिए, परंतु यह केंद्र की ऊँचाई से अधिकतम 2 सेंटीमीटर अधिक हो सकती है — कम कभी नहीं। नेट के दोनों किनारों पर एंटीना (antenna) नामक लचीली छड़ें लगी होती हैं, जो खेलने योग्य क्षेत्र की पार्श्व सीमा निर्धारित करती हैं। गेंद वालीबॉल की गेंद गोलाकार होती है और चमड़े या सिंथेटिक चमड़े के टुकड़ों से बनी होती है, जिसके भीतर रबर या इसी प्रकार की सामग्री का ब्लैडर होता है। एफआईवीबी के अनुसार आधिकारिक गेंद की विशेषताएँ इस प्रकार हैं: परिधि: 65 से 67 सेंटीमीटर वज़न: 260 से 280 ग्राम आंतरिक वायुदाब: 0.30 से 0.325 किग्रा/सेमी² (लगभग 4.26 से 4.61 psi) परंपरागत रूप से गेंद सफ़ेद रंग की होती थी, परंतु आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तीन रंगों (नीला, पीला और सफ़ेद) वाली गेंद का प्रयोग होता है, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों को गेंद की गति को पहचानने में आसानी हो। खिलाड़ी और स्थिति प्रत्येक टीम में एक समय में 6 खिलाड़ी मैदान में होते हैं, परंतु पूरी टीम में 12 खिलाड़ी (कुछ प्रतियोगिताओं में 14) तक रखे जा सकते हैं। खिलाड़ियों की स्थिति इस प्रकार होती है: अग्रिम पंक्ति (front row): 3 खिलाड़ी — बायाँ, मध्य, दायाँ पिछली पंक्ति (back row): 3 खिलाड़ी — बायाँ, मध्य, दायाँ जब भी कोई टीम विरोधी से सर्विस का अधिकार जीतती है, तो उसके खिलाड़ी घड़ी की दिशा में एक स्थान आगे घूम जाते हैं — इसे रोटेशन (rotation) कहते हैं। लिबरो (Libero) आधुनिक वालीबॉल में लिबरो एक विशेषज्ञ रक्षात्मक खिलाड़ी होता है, जिसे 1998 में अंतर्राष्ट्रीय नियमों में सम्मिलित किया गया। यह नियम विशेष होते हैं: लिबरो की जर्सी का रंग बाकी खिलाड़ियों से अलग होता है, ताकि उसे पहचानना आसान हो। वह केवल पिछली पंक्ति में खेलता है। वह सर्विस नहीं कर सकता (कुछ क्षेत्रीय नियमों को छोड़कर), ब्लॉक नहीं कर सकता, और नेट से ऊँचाई पर आक्रमण नहीं कर सकता। लिबरो को बिना औपचारिक परिवर्तन के बार-बार पिछली पंक्ति के किसी भी खिलाड़ी के स्थान पर लाया जा सकता है। अंक प्रणाली (स्कोरिंग) सन् 1999 में एफआईवीबी ने अंक प्रणाली में बड़ा परिवर्तन करते हुए "रैली पॉइंट सिस्टम" अपनाया।https://en.wikipedia.org/wiki/Volleyball Volleyball Wikipedia 2026-05-20 इसके अनुसार: हर रैली पर अंक मिलता है — चाहे सर्विस करने वाली टीम जीते या रिसीव करने वाली टीम। पहले की पुरानी "साइड आउट" प्रणाली में केवल सर्विस करने वाली टीम ही अंक बना सकती थी। एक मैच पाँच सेट (पाली) का होता है। तीन सेट जीतने वाली टीम मैच जीत जाती है (बेस्ट ऑफ़ फ़ाइव)। पहले चार सेट 25 अंक तक खेले जाते हैं। विजेता बनने के लिए कम से कम 2 अंक का अंतर होना अनिवार्य है, और अंकों की कोई अधिकतम सीमा नहीं होती (24-24 के बाद खेल तब तक चलता है जब तक एक टीम 2 अंक की बढ़त न बना ले)। पाँचवाँ (निर्णायक) सेट 15 अंक तक खेला जाता है, उसमें भी 2 अंक की बढ़त ज़रूरी है। पाँचवें सेट में जब कोई टीम 8 अंक पर पहुँचती है, तब टीमें मैदान के पाले बदल लेती हैं। खेल का संचालन टॉस: मैच की शुरुआत में दोनों टीमों के कप्तान निर्णायक (रेफ़री) की उपस्थिति में सिक्के के टॉस द्वारा यह तय करते हैं कि कौन-सी टीम पहले सर्विस करेगी और कौन-से पाले में खेलेगी। अधिकारी: एक अंतर्राष्ट्रीय वालीबॉल मैच में आम तौर पर निम्न अधिकारी होते हैं — पहला रेफ़री, दूसरा रेफ़री, स्कोरर (गणक) और दो से चार लाइन जज (रेखा निरीक्षक)। टाइम आउट: प्रत्येक टीम को हर सेट में 2 टाइम आउट (प्रत्येक 30 सेकेंड का) मिलते हैं। FIVB की विश्व और ओलंपिक प्रतियोगिताओं में पहले चार सेटों में 8 और 16 अंक पर "तकनीकी टाइम आउट" भी होते हैं। मूल कौशल खेल में छह बुनियादी कौशल हैं: सर्व (Serve) — रैली शुरू करने के लिए पिछली रेखा के पीछे से गेंद को नेट के ऊपर से विरोधी क्षेत्र में भेजना। पास (Pass) — विरोधी की सर्विस या आक्रमण को नियंत्रित करना, सामान्यतः दोनों हाथ जोड़कर ("बंप" या "फ़ोरआर्म पास")। सेट (Set) — पास के बाद गेंद को आक्रमणकर्ता के लिए सही ऊँचाई और स्थान पर रखना, सामान्यतः उँगलियों से। अटैक / स्पाइक (Attack / Spike) — कूदकर गेंद को विरोधी क्षेत्र में ज़ोर से नीचे की ओर मारना। ब्लॉक (Block) — नेट पर कूदकर विरोधी के स्पाइक को रोकना। डिग (Dig) — विरोधी के स्पाइक के बाद गेंद को ज़मीन छूने से पहले उठाना। मुख्य त्रुटियाँ (फ़ाउल) खेल में निम्न त्रुटियाँ होती हैं, जिन पर विरोधी टीम को अंक मिलता है: चार स्पर्श — एक टीम गेंद को एक तरफ़ अधिकतम तीन बार ही स्पर्श कर सकती है (ब्लॉक स्पर्श को इस गिनती में नहीं जोड़ा जाता)। दोहरा स्पर्श (Double contact) — एक खिलाड़ी द्वारा लगातार दो बार गेंद को छूना (पहले स्पर्श / रिसेप्शन को छोड़कर)। होल्डिंग / लिफ़्टिंग — गेंद को थामना, उठाना, या उँगलियों में रोकना। नेट टच — खेल के दौरान नेट को छूना (कुछ अपवादों के साथ, जो नियम 11 के अंतर्गत आते हैं)। मध्य रेखा का उल्लंघन — पूरी तरह से विरोधी क्षेत्र में पैर रखना। पिछली पंक्ति का आक्रमण — पिछली पंक्ति का खिलाड़ी 3-मीटर रेखा के सामने से कूदकर नेट से ऊँचाई पर गेंद मारे। गलत रोटेशन / पोज़िशन फ़ॉल्ट — सर्विस के समय खिलाड़ियों का अपने रोटेशनल क्रम में न होना। सर्विस फ़ॉल्ट — सर्विस करते समय पिछली रेखा को छूना या पार करना, सर्विस का सीमा के बाहर जाना, या एंटीना के बाहर से जाना। गेंद का सीमा के बाहर गिरना (आउट)। दो बार से अधिक टाइम आउट लेना। (टिप्पणी: सन् 2001 से सर्विस के समय गेंद का नेट को छू जाना अब त्रुटि नहीं माना जाता, बशर्ते गेंद विरोधी क्षेत्र में जाकर गिरे — इसे "लेट सर्व" कहते हैं।) खिलाड़ियों का व्यवहार और पोशाक यदि किसी खिलाड़ी को रेफ़री के निर्णय के विरुद्ध कुछ कहना हो, तो वह केवल अपने टीम कप्तान के माध्यम से कह सकता है। किसी भी खिलाड़ी को रेफ़री से कटु शब्द कहने, विरोधी टीम पर व्यंग करने, या अनुशासनहीनता का अधिकार नहीं है। नियमों के उल्लंघन पर पीला कार्ड (चेतावनी), लाल कार्ड (एक अंक और सर्विस विरोधी टीम को) और गंभीर मामलों में निष्कासन (expulsion) तक की कार्रवाई हो सकती है। खिलाड़ियों की पोशाक में जर्सी, हाफ़ पैंट (शॉर्ट्स), मोज़े और बिना एड़ी या कील वाले रबर/सिंथेटिक तले के जूते होते हैं। प्रत्येक खिलाड़ी की जर्सी के वक्षस्थल और पीठ पर एक संख्या (नंबर) स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए। प्रकार वालीबॉल के मुख्य प्रकार: इनडोर वालीबॉल — बंद हॉल में 6-6 खिलाड़ियों के बीच, यही ओलंपिक रूप है। बीच वालीबॉल — रेत पर 2-2 खिलाड़ियों के बीच, मैदान का आकार 16 × 8 मीटर। 1996 से ओलंपिक खेल। सिटिंग वालीबॉल (बैठा वालीबॉल) — पैरालंपिक खेल, जिसमें खिलाड़ी फ़र्श पर बैठकर खेलते हैं। ग्रास वालीबॉल — घास के मैदान पर अनौपचारिक रूप। इन्हें भी देखें वॉलीबॉल नियम बीच वॉलीबॉल विलियम जी. मॉर्गन फेडरेशन इंटरनेशनेल डि वॉलीबॉल ओलंपिक खेलों में वालीबॉल सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ FIVB की आधिकारिक वेबसाइट श्रेणी:खेल श्रेणी:ओलंपिक खेल