411 REFERENCE · Wikipedia
हरी माकाजी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
नाईक हरीजी राव माकाजी (En: Hari Makaji Naik) भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी थे। इनका जन्म महाराष्ट्र के एक कोली परिवार मे हुआ था। हरी माकाजी के साथ छोटे भाई तांत्या माकाजी ने भी अंग्रेजों के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।https://books.google.co.in/books?id=t-WqXkeAH0gC&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80+%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80&source=gbs_navlinks_s Aadhunik Bharat Ka Itihas (in Hindi) Sengar Shailendra 2005 Atlantic Publishers & Dist 978-81-269-0455-6 hihttps://books.google.co.in/books?id=HBFuAAAAMAAJ The History and Culture of the Indian People Majumdar Ramesh Chandra 1951 G. Allen 8 Unwin enhttps://books.google.co.in/books?id=esAIAAAAQAAJ&dq=hari+makaji&source=gbs_navlinks_s Gazetteer of the Bombay Presidency: Poona (3 pts.) 1885 Government Central Press en
नाईक हरीजी राव माकाजी वंडकरी भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन हिन्दू कोली
माकाजी के साथ कालंवी गांव के रामा कृष्णा नाईक ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। माकाजी ने सतारा के रमोशी जाती के लोगों को एक करके ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। माकाजी का प्रभाव सतारा से पुणे तक बोहोत ज्यादा था।https://books.google.co.in/books?id=OzZuAAAAMAAJ Nineteenth century history of Maharashtra Sunthankar B. R. 1993 Shubhada-Saraswat Prakashan en
इतिहास एवं विद्रोह
१८७८ की सुरुआत मे माकाजी ने रमोसी लोगों के साथ मिल कर ब्रिटिश अधीन पूणे मे सरकारी दफ्तर, खजाना एवं कार्यालय पर हमला कर दिया। माकाजी ने लगातार १५ वार हमला किया और ब्रिटिश सरकार की कमर तोड के रख दी।http://jejuri.in/historical ऐतिहासिक jejuri.in 2020-04-20 18 अप्रैल 2019 https://web.archive.org/web/20190418162010/http://jejuri.in/historical deadhttps://books.google.co.in/books?id=434IAAAAQAAJ&dq=hari+makaji&source=gbs_navlinks_s REPORT ON THE ADMINSITRATION OF THE BOMBAY PRESIDENCY 77 1880 en
१८७९ के फरवरी महीने मे माकाजी ने बारामती के भीमथाडी मे माकाजी ने ब्रिटिश शासन को चुनौती पेश की और वहां भी ब्रिटिश अधीन पर आक्रमण किया। ब्रिटिश सरकार ने ८ फरवरी को माकाजी को पकड़ने के लिए सेना भेजी जहां माकाजी के क्रांतिकारी और सेना के बीच संघर्ष हुआ जिसमे जिसमे कुछ रमोसी पकड़े गए लेकिन सेना माकाजी को पकड़ने में असफल रही। माकाजी सेना के जवानों से आमने-सामने की लड़ाई करके उन्हें घायल करके निकल गए थे।
माकाजी ने मार्च महीने की सूरूआत मे फिर से क्रांतिकारी सिपाही एकित्र किए और विद्रोह का एलान कर दिया। माकाजी ने पूणे के इंदापुर मे फिर से ब्रिटिश अधीनो पर आक्रमण किया। इंदापुर मे ब्रिटिश सरकार को कामयाबी हाथ लगी। सोलापुर मे मुठभेड़ के दौरान माकाजी घायल हो गए और ब्रिटिश सरकार द्वारा बंदी बना लिए गये। हरी मकाकजी के भाई तांत्या माकाजी ने क्रांतिकारीयों का नेतृत्व किया। तांत्या ने पुरंदर और सिंहगढ़ को विद्रोही गतिविधियों का केंद्र बना दिया। वर्ष के आखिर में एक रमोशी अंग्रेजों का मूखवीर बन गया जिसके चलते १७ अक्टूबर को तांत्या माकाजी को गोलीयों से भुन दिया गया और कुछ साथी ब्रिटिश सेना ने बंदी बना लिए।
ख्याति और सम्मान
महाराष्ट्र के जेजुरी मे हुतात्मा हरी मकाजी नाईक नाम से स्मारक एवं पार्क बनाया हुआ है।https://maharashtratimes.com/citizen-reporter/pune-local-news/the-fate-of-hutatma-hari-makaji-naik-monument/articleshow/71018610.cms हुतात्मा हरी मकाजी नाईक स्मारकाची दुर्दशा! Maharashtra Times mr 2020-04-20
संदर्भ