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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नरेश पांडेय चकोर

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डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर अंगिका 3 जनवरी 1938 देवधा,सुलतानगंज,भागलपुर,बिहार,भारत 2015 11 14 1938 01 03 पटना लेखक,कवि,संपादक,सांख्यिकी पदाधिकारी अंगिका, हिन्दी भारतीय अंगिका भाषा आंदोलन अंग माधुरी के 46 बरस तक संपादन द्रौपदी दिव्यांशु (निधन: 2016) डॉ. नरेश पाण्डेय 'चकोर' डॉ. नरेश पाण्डेय 'चकोर' (3 जनवरी 1938 – 14 नवंबर 2014) भारत के एक प्रमुख भारतीय साहित्यकार, संपादक, कवि और सांस्कृतिक कार्यकर्ता थे। उन्हें मुख्य रूप से अंगिका भाषा और उसके साहित्य के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए उनके अथक प्रयासों के लिए जाना जाता है। उन्हें अंगिका साहित्य आंदोलन का एक युगांतरकारी योद्धा और संस्थापक व्यक्तित्व माना जाता है, जिन्होंने लगभग पाँच दशकों तक भाषा की प्रमुख पत्रिका, अंग माधुरी, का प्रकाशन किया। वे अंगिका के अलावे हिन्दी के भी लेखक और कवि थे।https://www.prabhatkhabar.com/state/bihar/patna/689944- अंगिका के युगांतरकारी योद्धा थे डॉ.‘चकोर’ 2016-01-03 Prabhat Khabar hi 2025-11-06 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा नरेश पाण्डेय का जन्म 3 जनवरी 1938 को बिहार के भागलपुर जिले के सुलतानगंज से लगभग 15 किलोमीटर दक्षिण में स्थित देवधा गाँव में हुआ था। उनका जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री चन्द्रमोहन पाण्डेय और माता का नाम श्रीमती प्रजावती देवी था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव और आसपास के स्कूलों में हुई, जबकि उन्होंने उच्च शिक्षा भागलपुर विश्वविद्यालय के टीएनजे कॉलेज से प्राप्त की। व्यावसायिक जीवन और अंगिका आंदोलन सरकारी सेवा डॉ. पाण्डेय ने 1963 में सरकारी सेवा शुरू की। उन्होंने पटना स्थित बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में सांख्यिकी पदाधिकारी के रूप में अपनी नौकरी शुरू की और 1996 में वहीं से सेवानिवृत्त हुए। अंगिका भाषा का प्रचार-प्रसार सरकारी सेवा के साथ ही, डॉ. पाण्डेय अंगिका भाषा के संवर्धन और मान्यता के आंदोलन से गहराई से जुड़ गए। 1961: इसी वर्ष, उनकी पहली प्रकाशित कृति, अंगिका एकांकी 'किसान क॑ जगाबऽ' साहित्य जगत के सामने आई, जिसे आधुनिक अंगिका भाषा की पहली प्रकाशित पुस्तक माना जाता है। इसी साल, वह प्रचार मंत्री के रूप में 'अंग भाषा परिषद' से जुड़कर अंगिका भाषा आंदोलन की यात्रा में शामिल हो गए। 1963: उनकी एक अन्य पुस्तक, अंगिका नाटक 'सर्वोदय समाज' प्रकाशित हुई, जो किसी सरकारी विभाग द्वारा प्रकाशित अंगिका भाषा की पहली पुस्तक थी। 'अंग माधुरी' पत्रिका के संपादक मासिक पत्रिका 'अंग माधुरी' के संपादक के रूप में उनका कार्य उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। उन्होंने दिसंबर 1970 में इसका प्रकाशन और संपादन शुरू किया और अपने जीवन के अंत तक, यानी 46 वर्षों तक, लगातार इस पत्रिका का संपादन किया। यह पत्रिका अंगिका लेखकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। उनके इस समर्पण की तुलना आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी (जिन्होंने सरस्वती का संपादन 18 वर्षों तक किया) जैसे महान संपादकों से की जाती है। उन्होंने हमेशा एक उच्च कोटि के संगठक और आंदोलनधर्मी की भूमिका निभाई। वह जीवनपर्यंत अंगिका और हिंदी के विकास के लिए कार्य करते रहे। पटना में, वह 'जाह्नवी अंगिका संस्कृति संस्थान' के तत्वावधान में हर साल 'अंगिका महोत्सव' का आयोजन करते थे।https://sahityakar.angika.com/2020/08/dr-naresh-pandey-chakor-angika.html साहित्यिक योगदान और विरासत डॉ. पाण्डेय अंगिका और हिंदी दोनों भाषाओं के एक विपुल लेखक थे। उन्होंने 80 किताबें (कुछ स्रोतों के अनुसार 71, जिनमें 8 संपादित हैं) लिखीं या संपादित कीं, जो कविता, नाटक, उपन्यासिका, सांस्कृतिक अध्ययन और अनुवाद जैसे विभिन्न विधाओं में फैली हुई हैं। उपाधियाँ और सम्मान उनके अथक प्रयास और गहन योगदान के कारण, उन्हें विद्वानों द्वारा कई प्रतिष्ठित नामों से पुकारा गया: अंगिका का भारतेन्दु हरिश्चन्द्र महावीर प्रसाद द्विवेदी तुलसी शेक्सपीयर कालिदास सहयोग और शोध उन्होंने सहकर्मी विद्वान डॉ. अभयकांत चौधरी के साथ मिलकर नौ किताबें लिखीं और संपादित कीं, जिनमें अंगिका साहित्य, लोकगीतों के सांस्कृतिक अध्ययन, अलंकार और रस व्यंजना के इतिहास जैसे विषयों पर गहन शोध शामिल है। उनके जीवन और योगदान पर विभिन्न विद्वानों द्वारा नौ पुस्तकें भी लिखी गईं।https://www.bhaskar.com/bihar/patna/news/angkika39s-rich-sadhak-poet-was-dr-naresh-pandey-chakor-044640-3577314.html निधन डॉ. नरेश पाण्डेय 'चकोर' का निधन पटना में 14 नवंबर 2014 को हुआ। यह महासंयोग था कि उनका निधन राम और तुलसीदास से संबंधित एक आलेख की प्रूफ रीडिंग करते हुए हुआ, जो साहित्य और राम-भक्ति के प्रति उनके आजीवन समर्पण को दर्शाता है। चयनित ग्रंथ सूची डॉ. पाण्डेय की कृतियों में विभिन्न विधाएँ शामिल हैं:https://rajbhasha.bihar.gov.in/Book_List/Book%20list%2024.pdf नाटक और एकांकी किसान क॑ जगाबऽ (अंगिका एकांकी) एक शाख : दो फूल (हिन्दी नाटक) सर्वोदय समाज (अंगिका नाटक) श्री राम जन्मोत्सव (अंगिका गीति-नाट्य) काव्य और गाथा भोरकऽ लाली (अंगिका काव्य) ययाति (अंगिका काव्य) हमरऽ संकीर्तन यात्रा (अंगिका काव्य) बाबा ठाकुर (अंगिका गाथा काव्य) सावन सलोनी (हिन्दी काव्य) मिलन (हिन्दी कविता) किसान: देशऽ के शान (अंगिका कविता संग्रह) भक्ति पुष्पांजलि (पहला और दूसरा भाग) उपन्यासिका और कथा संग्रह विशाखा (अंगिका लघु उपन्यास) एब्लिन (हिन्दी उपन्यास) तिलका सुन्दरी डार-डार (अंगिका कहानी संग्रह) दान एक मजबूरी (हिन्दी लघुकथा) सांस्कृतिक एवं शोध कार्य (एकल/संपादित) अंगिका जतसार (संपादित) अंगिका आन्दोलन का इतिहास अंगिका लोक साहित्य अंग जनपद गौरव: हलधर बाबा (जीवनी) अंगजनपद के वैवाहिक विधि विधान महात्मा भोली बाबा: भोला के अवतार अनुवाद अंगिका गीता (अनुवाद) रघुवंशम् (अनुवाद) सुखलऽ गाछवाला जंगल (अनुवाद) डॉ. अभयकांत चौधरी के साथ लिखित एवं संपादित अंगिका साहित्य का इतिहास (तीन भाग) अंगिका काव्य में रस व्यंजना अंगिका में अलंकार अंगिका लोकगीतों का सांस्कृतिक अध्ययन अंगिका लोकोक्ति संग्रह उद्धरण श्रेणी:लेखक श्रेणी:संपादक