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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

२०००० वरुण

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हिन्दी में अक्सर नॅप्टयून ग्रह को भी वरुण कहा जाता है। ध्यान दें कि २०००० वरुण इस से बिलकुल भिन्न खगोलीय वस्तु है। thumb thumb|यम (प्लूटो) की अंडाकार कक्षा (ऑरबिट) की तुलना में २०००० वरुण की कक्षा ज़्यादा गोलाकार है २०००० वरुण (20000 Varuna, 16px) हमारे सौर मण्डल के काइपर घेरे में स्थित एक खगोलीय वस्तु है। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के नियमों के तहत यदी ग्रह से छोटी कोई वस्तु इतना द्रव्यमान रखती हो कि स्वयं को गोलाकार कर सके तो उसे बौना ग्रह का दर्जा दिया जाता है। २०००० वरुण पृथ्वी से इतना दूर है कि उसका आकार सही रूप से अनुमानित नहीं हो पाया है, इसलिये यह ज्ञात​ नहीं कि यह बौना ग्रह है या नहीं। फिर भी अधिकतर खगोलशास्त्रियों का अनुमान है कि और जानकारी मिलने पर अंततः यह बौना ग्रह ही निकलेगा।Tancredi, G. (2010). "Physical and dynamical characteristics of icy "dwarf planets" (plutoids) https://web.archive.org/web/20200325175952/https://www.cambridge.org/core/services/aop-cambridge-core/content/view/S1743921310001717 25 मार्च 2020 ". Icy Bodies of the Solar System: Proceedings IAU Symposium No. 263, 2009. Retrieved 17 January 2012. नामोत्पत्ति २०००० वरुण का नाम हिन्दु धर्म के देवता वरुण पर रखा गया था। कक्षा और परिक्रमा २०००० वरुण सूरज से लगभग ४३ खगोलीय इकाईयों (यानि क़रीब ६ अरब किमी) की दूरी पर है, जो एक और सम्भवित बौना ग्रह, ५०००० क्वावार से मिलता-जुलता है हालांकि क्वावार की कक्षा (ऑरबिट) अधिक अंडाकार है और २०००० वरुण की गोल है। इसे सूरज की एक परिक्रमा पूरा करने में लगभग २८३ वर्ष लग जाते हैं, और यह भी क्वावार से मिलता-जुलता काल है। रूप-रंग thumb|२०००० वरुण का काल्पनिक चित्रण - तेज़ घूर्णन (रोटेशन) से इसका आकार पिचका हुआ है २०००० वरुण तेज़ी से अपने अक्ष (ऐक्सिस) पर घूर्णन (रोटेशन) कर रहा है, जिस से यह अपने ध्रुवों पर थोड़ा-सा पिचका हुआ है। जहाँ पृथ्वी एक घूर्णन पूरा करने में २४ घंटे लगाती है, वहाँ २०००० वरुण एक घूर्णन केवल ६.३४ घंटों में पूरा कर लेता है। २०००० वरुण के अलावा, एक और बौना ग्रह हउमेया भी तेज़ी से घूर्णन करने के कारण पिचका हुआ मिला है। २०००० वरुण के व्यास (डायामीटर) पर सही मापन सम्भव नहीं हो पाया है और इसके अंदाज़े ५०० किमी से लेकर १,०६० किमी तक लगाए जाते हैं। तुलना के लिये हमारे चंद्रमा का व्यास लगभग ३,४७५ किमी है।J. Stansberry et al. (2007). "Physical Properties of Kuiper Belt and Centaur Objects: Constraints from Spitzer Space Telescope https://web.archive.org/web/20170701231355/https://arxiv.org/abs/astro-ph/0702538 1 जुलाई 2017 ". arXiv:astro-ph/0702538 [astro-ph].E. Lellouch et al. (2002). "Coordinated thermal and optical observations of Trans-Neptunian object (20 000)Varuna from Sierra Nevada". Astronomy & Astrophysics 391 (3): 1133–1139. arXiv:astro-ph/0206486 https://web.archive.org/web/20190113232113/https://arxiv.org/abs/astro-ph/0206486 13 जनवरी 2019 . Bibcode:2002A&A...391.1133L. doi:10.1051/0004-6361:20020903. इन्हें भी देखें बौना ग्रह काइपर घेरा ५०००० क्वावार यम (प्लूटो) वरुण-पार वस्तुएँ सन्दर्भ 2 श्रेणी:वरुण-पार वस्तुएँ श्रेणी:सौर मंडल श्रेणी:सम्भावित बौने ग्रह