411 REFERENCE · Wikipedia
अमेरिकी भाषाएँ
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
अमरीकी भाषाओं के अंतर्गत अमेरीका महाद्वीप के सभी (उत्तरी, दक्षिणी और मध्य) भागों के मूल निवासियों द्वारा बोली जानेवाली भाषाएँ आती हैं।
ईसवी 15वीं सदी के अंत में यूरोप से एक जहाज भारतवर्ष की खोज करता हुआ, भ्रम से चक्कर खाकर अमरीका पहुँच गया और तभी से यहाँ के मूल निवासियों का नाम 'इंडियन' पड़ गया। अनुमान है कि कोलंबस के समय अमरीका के समस्त मूल निवासियों की संख्या चार-पाँच करोड़ रही होगी, जो अब घटते-घटते डेढ़ करोड़ रह गई है। इन लोगों में लिखने का कोई रिवाज नहीं था। विशेष घटनाओं की याद, रंग-बिंरगी रस्सियों में गाँठें बाँधकर रखी जाती थी। पत्थरों, घोंघों तथा चमड़े आदि पर भी भाँति-भाँति के चित्र और निशान भी हैं तो उसे मूल निवासी बताते नहीं। तथापि नहुअत्ल और मय भाषाओं में अब लिपि मिलती है। मय भाषा की पुस्तकों में साथ ही साथ स्पेनी भाषा में अनुवाद भी मिलता है।
तुलनात्मक व्याकरण के और बहुधा अन्य ब्योरेवार ग्रंथों के अभाव में इन भाषाओं के विषय में विशेष विवरण नहीं दिया जा सकता। इनमें क्लिक और महाप्राण ध्वनियाँ मिलती हैं। ऐसा अनुमान किया जाता है कि इन मूल निवासियों की जातियाँ इधर-उधर आती-जाती और एक दूसरे पर आधिपत्य जमाती रही हैं, इसीलिए भाषा संबंधी सामान्य लक्षणों के साथ विशेषताओं और अपवादों का बड़ा भारी मिश्रण मिलता है। कभी कभी कोई कोई बोली इतनी अधिक प्रभावशाली रही कि उसने विजित जातियों की बोलियों को बिलकुल नष्ट ही कर दिया। कोलंबस के आगमन के पहले दक्षिणी अमरीका में इंका नाम के साम्राज्य की राजभाषा कुइचुआ थी। स्पेनी विजेताओं ने इसी का प्रयोग मूल निवासियों के बीच ईसाई धर्म के प्रचार के निमित किया। इसी प्रकार विस्तृत क्षेत्र में होने के कारण, गुअर्नी तुपी का भी प्रयोग ईसाई पादरियों ने धर्मप्रचार के लिए किया। करीब और अरोवक भाषाएँ भी पारस्परिक जय-पराजय से प्रभावित हैं। अरोवक जाति पर करीब जाति ने विजय प्राप्त कर ली और उसके पुरूष वर्ग को या तो बीन बीनकर मार डाला या दूर भगा दिया। स्त्रियों को रख लिया। ये बराबर अरोवक ही बोलती रहीं। बाद की पीढ़ियाँ भी इसी प्रकार दोनों भाषाएँ आज तक बोलती चली आ रहीं हैं। और पुरुष वर्ग की करीब भाषा पर स्त्री वर्ग की अरोवक भाषा का प्रभाव पड़ता दिखाई देता है।
यद्यपि इन भाषाओं के बारे में अभी विशेष अनुसंधान नहीं हो पाया है, तब भी मोटे तौर पर इनको कई परिवारों में बाँटा जा सकता है। अनुमान है कि इन परिवारों की संख्या सौ-सवा सौ के लगभग है। प्राय: इन सभी भाषाओं में एक सामान्य लक्षण प्रश्लिष्ट योगात्मक के रूप में पाया जाता है। इनमें बहुधा पूरा-पूरा वाक्य ही एक लंबे शब्द द्वारा व्यक्त किया जाता है। यह संस्कृति की तरह विभिन्न पदों को जोड़कर समास के रूप में नहीं होता, बल्कि प्रत्येक पद का एक-एक प्रधान अक्षर या ध्वनि लेकर सबको एक साथ मिला दिया जाता है। चेरोकी भाषा के पद नधोलिनिन (हमारे लिए डोंगी लाओ) में इसी प्रकार तीन शब्द नतेन (लाओ), अमोरतोल (नाव, डोंगी) और निन (हमको) मिले हुए हैं। कभी-कभी इस प्रकार के एक दर्जन शब्दों तक के ध्वनि या वर्णसंकलन एक पद के रूप में संगठित मिलते हैं और उन सभी शब्दों का पदार्थ एक साथ वाक्यार्थ के रूप में श्रोता को मालूम हो जाता है। स्वतंत्र शब्दों का प्रयोग इन भाषाओं में बहुत कम है।
ये सभी जातियाँ जंगली नहीं हैं। इन जातियों में से कुछ ने साम्राज्य स्थापित किए। मेक्सिको के साम्राज्य का अंत 16वीं सदी में यूरोपवालों ने वहाँ पहुँचकर किया। वहाँ की मय और नहुअत्ल भाषाएँ सुसंस्कृत हैं और उनमें साहित्य भी मिलता है। इन भाषाओं का वर्गीकरण प्राय: भौगोलिक आधार पर किया जाता है जो शास्त्रीय भले न हो, सुविधाजनक अवश्य है:
देशनाम -- भाषानाम
ग्रीनलैंड -- एस्किमो
उत्तरी अमरीका, कनाडा -- अथबक्सी (समूह)
संयुक्त राज्य -- अल्गोनकी (आदि), नहुअत्ल (प्राचीन)
मेक्सिको -- अज्ऱतेक (वर्तमान)
उत्तरी प्रदेश -- करीब, अरोवक
मध्य प्रदेश -- गुअर्नी तुपी
दक्षिणी अमेरिका पश्चिमी प्रदेश -- अरौकन, कुइचुआ (पेरू और चिली)
दक्षिणी प्रदेश -- चको, तियरादेलफूगो
दक्षिणी प्रदेश पेरू और चिली की भाषा चको, तियरादेलफूगी हैं। इनमें से तियरादेलफूगो भाषा और उसके बोलनेवाले लोग संसार में सबसे अधिक संस्कृतहीन माने जाते हैं। एस्किमो के बारे में कुछ विद्वानों का मत है कि यह उराल-अल्ताई परिवार की है।
संदर्भ ग्रंथ
बाबूराम सक्सेना : सामान्य भाषाविज्ञान;
मेइए : ले लांग दु मांद (पेरिस)
बाहरी कड़ियाँ
Catálogo de línguas indígenas sul-americanas
Diccionario etnolingüístico y guía bibliográfica de los pueblos indígenas sudamericanos
Towards a general typology of South American indigenous languages. A bibliographical database
South American Languages
Society to Advance Indigenous Vernaculars of the United States (SAIVUS)
Indigenous Peoples Languages: Articles, News, Videos
Documentation Center of the Linguistic Minorities of Panama
The Archive of the Indigenous Languages of Latin America
Indigenous Language Institute
The Society for the Study of the Indigenous Languages of the Americas (SSILA)
Southern Oregon Digital Archives First Nations Tribal Collection (collection of ethnographic, linguistic, & historical material)
Center for the Study of the Native Languages of the Plains and Southwest
Project for the Documentation of the Languages of Mesoamerica
Programa de Formación en Educación Intercultural Bilingüe para los Países Andinos
Native American Language Center (University of California at Davis)
Native Languages of the Americas
International Journal of American Linguistics
Our Languages (Saskatchewan Indian Cultural Centre)
Swadesh Lists of Brazilian Native Languages
श्रेणी:विश्व की भाषाएँ