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कहो ना प्यार है
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कहो ना प्यार है 2000 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फिल्म के निर्देशक और लेखक राकेश रोशन हैं। इस फिल्म के द्वारा ऋतिक रोशन और अमीषा पटेल ने फिल्मों में अपने अभिनय के सफर को शुरू किया था। इसमें ऋतिक रोशन रोहित और राज की दोहरी भूमिका निभाएँ हैं। यह फिल्म 2000 की सबसे सफल फिल्म थी। इसे बहुत अधिक पुरस्कार भी मिले। इस फिल्म के लिए राकेश रोशन को पहली बार निर्माता और निर्देशक के रूप में फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता के लिए ऋतिक रोशन को एक ही फिल्म में यह दोनों पुरस्कार भी मिल गया।
== कथानक ==
रोहित (ऋतिक रोशन) और उसका छोटा भाई अमित अनाथ हैं, जो लिली (फरीदा ज़लाल) और एंथोनि (सतीश शाह) के यहाँ रहते हैं। रोहित एक बहुत अच्छा गायक बनना चाहता है और कार बेचने वाले दुकान में काम करता है। सक्सेना (अनुपम खेर) एक दिन अपनी बेटी रोहिनी सक्सेना (अमीषा पटेल) के लिए कार लेते हैं। जब रोहित कार को उनके घर में देने जाता है तो उसे पता चलता है कि यह उसके जन्मदिन का तोहफा है। किसी को इस बात का पता नहीं होता है कि उस कार के दुकान का मालिक और सक्सेना मिल कर नशीली दवाइयों का गिरोह चला रहे हैं। इसमें दो पुलिस अफसर (मोहनीश बहल और आशीष विद्यार्थी) भी शामिल हैं।
रोहिनी और उसके दोस्त पार्टी करते रहते हैं और उसी के पास रोहित गाना गाते रहता है। उसके गाने को सुन कर अतुल (राजेश टंडन) उसे अपने पार्टी में बुला लेता है। गलती से रोहित और रोहिनी दोनों शराब पी लेते हैं और जीवन रक्षा नौका पर गिर जाते हैं। नाव धीरे धीरे चलने लगती है और बहुत दूर चले जाती है। दोनों एक द्वीप में कुछ समय साथ रहते हैं। इसी दौरान उन्हें प्यार हो जाता है। थोड़ी देर बाद सक्सेना उन्हें बचा लेता है। जब सक्सेना को दोनों के प्यार का पता चलता है तो वह अपने दोस्त को कहता है कि रोहित को काम से हटा दे। इसके बाद भी रोहिनी का रोहित के प्रति प्यार कम नहीं होता है। वह रोहित से बात करता है कि यदि वो कुछ बहुत बड़ा काम कर लेता है तो वह उसकी शादी करा देगा। इसके बात रोहित और उसके दोस्त कोन्सेर्ट का आयोजन करते हैं।
कोन्सेर्ट की शाम जब रोहित अमित को उसके विद्यालय से लाता है तो बीच में वो दोनों देखते हैं कि एक भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मी और मलिक (दलीप ताहिल) मिल कर कमिश्नर (राम मोहन) को मारते रहे हैं। क्योंकि उसे नशीली दवाइयों के बारे में पता चल चुका रहता है। उसके बाद उन दोनों को रोहित के होने का पता चल जाता है। रोहित वहाँ से भाग जाता है और पुलिया से होते हुए नदी में गिर जाता है। उसे तैरना नहीं आता है। रोहिनी और बाकी सब यही सोचते हैं कि उसकी मौत हो गई है।
रोहिनी को उसके पिता न्यूजीलैंड में उसके भाई के पास भेज देते हैं। वहाँ नीता (तनाज़ ईरानी) उसे रोहित को भूलने में मदद करती है। वह उसे अपने दोस्त राज चोपड़ा (ऋतिक रोशन) से मिलाती है। उसका चेहरा बिल्कुल रोहित की तरह होता है और वह अच्छा गायक भी होता है। राज के चेहरे के कारण रोहिनी और दुःखी हो जाती है। पूरी कहानी जानने के बाद राज भारत आ जाता है। वहाँ आते साथ एक पुलिस वाला उसे मारने की कोशिश करता है। इसके बाद राज को लगता है कि कोई रोहित को मारना चाहता था। इससे राज और रोहिनी को पता चल जाता है कि रोहित की हत्या हुई है।
राज, रोहित के घर जाता है जहाँ उसे पता चलता है कि अमित को रोहित के हत्यारों के बारे में पता है। राज उन हत्यारों को पकड़ने के लिए जाल बनाने के बारे में सोचता है। उसके राज होने की सच्चाई केवल उसे और रोहिनी को ही पता थी। वह फिर से कोन्सेर्ट करने की घोषणा करता है ताकि वहाँ हत्यारे भी आयें और अमित उन्हें पहचान ले। वह ये भी बोलता है कि उसे जो मारने की कोशिश कर रहे थे, वह उनका भी नाम लेगा। रोहित को जीवित देख कर उसके हत्यारे डर जाते हैं। सक्सेना को यह सच्चाई रोहिनी बता देती है कि वो रोहित नहीं राज है। इसके बाद सक्सेना उसी समय मलिक और उस भ्रष्ट अफसर को सच्चाई बता देता है। मलिक को लगता है कि सक्सेना उन लोगों को फंसा रहा है, क्योंकि रोहित ने सक्सेना को नहीं देखा इसलिए वह उसका नाम नहीं लेगा लेकिन उन दोनों का ले लेगा। इस कारण वह रोहित को गोली मार देता है। लेकिन वह सुरक्षा का इंतजाम पहले से किए रहता है। इस कारण वह बच जाता है।
उसके बाद भ्रष्ट अफसर रोहिनी का अपहरण कर लेता है। लेकिन राज उसे बचाने में सफल हो जाता है। मलिक वहाँ आ जाता है और वो सक्सेना के बारे में रोहिनी और राज को बताने वाला रहता है कि सक्सेना उसे गोली मार देता है। अमित बताता है कि मलिक किसी सरजी से फोन पर बात कर रहा था। राज मलिक के फोन से सरजी को फोन करता है। उसी समय सक्सेना का मोबाइल बजने लगता है। इसके बाद राज को सब कुछ समझ में आ जाता है। सक्सेना सबसे सामने अपना गुनाह काबुल कर लेता है।
रोहिनी और राज, अमित को लेकर न्यूज़ीलैंड चले जाते हैं और वहीं उनकी सगाई भी हो जाती है।
== मुख्य कलाकार ==
ऋतिक रोशन - रोहित/राज चोपड़ा
अमीशा पटेल - रोहिनी सक्सेना
अनुपम खेर - रोहन सक्सेना
दलीप ताहिल - शक्ति मलिक
मोहनीश बहल - इंस्पेक्टर कदम
आशीष विद्यार्थी - इंस्पेक्टर शिंदे
सतीश शाह - रोहित के मकानमालिक
फरीदा ज़लाल - लिली
राजेश टंडन - अतुल मलिक
तनाज़ ईरानी - नीता सक्सेना
व्रजेश हीरजी - रोहित का दोस्त
जॉनी लीवर - इंस्पेक्टर
राम मोहन - पुलिस कमिश्नर
== संगीत ==
संगीत राजेश रोशन द्वारा दिया गया है और गानों में नृत्य संयोजन फराह खान द्वारा किया गया है। यह एल्बम वर्ष की सबसे ज्यादा बिकने वाली एल्बम थी।
== रोचक तथ्य ==
कहो ना प्यार है फिल्म में पहले करीना कपूर खान को कास्ट किया गया था। करीना की माँ बबीता का राकेश रोशन से कोई मतभेद हुआ और करीना ने वो फिल्म छोड़ दी। फिर राकेश जी ने एक नयी लड़की को कास्ट कर शुटिँग शुरू की। इस प्रकार ये फिल्म करीना की डेब्यु फिल्म न होकर अमीषा की डेब्यु फिल्म हुई।
== नामांकन और पुरस्कार ==
2001 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार - राकेश रोशन
2001 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार - राकेश रोशन
2001 - फ़िल्मफ़ेयर पुरुष प्रथम अभिनय पुरस्कार - ऋतिक रोशन
2001 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार - ऋतिक रोशन
2001 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार - लकी अली
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
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