411 REFERENCE · Wikipedia
श्री आँगन नरसंहार
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
श्री आँगन नरसंहार Bangladesh 23.60 89.82 श्री आँगन, फरीदपुर फरीदपुर, पूर्वी पाकिस्तान बंगाली हिंदू 23.60 N 89.82 E region:BN_type:event title,inline २१ अप्रैल १९७१ UTC+6:00 ८ पाकिस्तान सेनाश्री आँगन नरसंहार २१ अप्रैल १९७१ मे बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान पूर्वी पाकिस्तान के फरीदपुर मे स्थित श्री आँगन आश्रम मे बंगाली हिंदू साधुओं का नरसंहार था। उस दिन पाकिस्तानी सैनिकों ने ८ हिंदू साधुओं की हत्या कर दी थी।Khan Abu Saeed Sahitya Bikash 2013 9848320857 Dhaka 149–150 Bengali bn:মুক্তিযুদ্ধে ফরিদপুর
पृष्ठभूमि
श्री आँगन आश्रम बांग्लादेश के फरीदपुर शहर के गोलचमाट इलाके मे स्थित वैष्णव संप्रदाय के महानाम उपसम्प्रदाय का एक आश्रम है।
हत्याकांड
२१ अप्रैल को, पाकिस्तानी सेना फरीदपुर में पहुचे। ढाका से वे गोलूनडो घाट पर पद्मा नदी पार कर फरीदपुर की ओर बढ़े। http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=74778$date=2009-12-05&dateCurrent=2009-12-06 Innocent devotees could not escape the wrath of Pak army 6 December 2009 4 February 2015 Bangladesh Sangbad Sangstha Dhaka 4 फ़रवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150204200329/http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=74778$date=2009-12-05&dateCurrent=2009-12-06 dead http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=451724&date=2014-11-29 Innocent devotees could not escape wrath of Pak army 29 November 2014 4 February 2015 Bangladesh Sangbad Sangstha Dhaka 4 फ़रवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150204184842/http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=451724&date=2014-11-29 dead शाम के आस-पास जैसे ही वे फरीदपुर में प्रवेश कर रहे थे, वे गोलचमाट इलाके से गुजर रहे थे। उसी समय उनके बिहारी सहयोगी ने उन्हें श्री श्री आँगन आश्रम के पास रोक कर उसपर हमला करने का इशारा दिया। पाकिस्तानी सेना ने आश्रम को घेर लिया और बिहारी सहयोगियों और रजाकारों की मदद से आश्रम के परिसर में प्रवेश किया। उनके आने की खबर पर, कुछ निवासी साधु मठ से भाग गए। लेकिन ९ प्रमुख साधुओं ने आश्रम छोड़ने से इनकार कर दिया। उस समय मंदिर के प्रार्थना कक्ष में कीर्तन चल रहा था। कीर्तन में “जय जगतबंधु हरी! जय जय जगतबंधु हरी!" का उच्चारण हो रहा था । ऐसा कहा जाता है कि पाकिस्तानी सैनिकों ने मंत्रों को "जय बंगबंधु" के रूप में गलत समझा और बिहारी सहयोगियों ने उन्हें भी आश्वस्त किया कि भिक्षु शेख मुजीबुर रहमान की जीत के लिए जप कर रहे थे। Khan Abu Saeed Sahitya Bikash 2013 9848320857 Dhaka 149–150 Bengali bn:মুক্তিযুদ্ধে ফরিদপুর
पाकिस्तानी सैनिकों ने तुरंत ही मंदिर के प्रार्थना कक्ष मे जबरन अंदर घुसा और अंदर बैठे साधुओं को खीचके मंदिर के बाहर चालता के पेड़ के नीचे लाए। उनमे से एक साधु, नबकुमार ब्रह्मचारी, वहाँ से भागकर सीढ़ियों के नीचे एक कक्ष के अंदर छुप गया था। बाकी ८ साधुओं को पाकिस्तानी सैनिकों के सामने एक पंक्ति मे खड़ा कर दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक-एक कर १२ गोलियां चलाई गई थी। गोली लगते वक्त वे साधु "जय जगतबंधु हरी!" चिल्लाकर अपने प्राण त्याग दिए।
पाकिस्तानी सैनिकों और बिहारी सहयोगियों ने आश्रम से कीमती सामान और ज़ेवर लूट ली। http://sorejominbarta.com/national/article/18603#.VNEUD52Ufpc ফরিদপুর শ্রীঅঙ্গনের ৮ সাধু হত্যা দিবস সোমবার 21 April 2014 sorejominbarta.com 3 February 2015 Bengaliफ़रवरी 2023 InternetArchiveBot अगली सुबह, फरीदपुर नगर पालिका के ट्रक से लाशों को ले जाया गया। २६ अप्रैल को, पाकिस्तानी सेना ने डायनामाइट का उपयोग करके मंदिर के शिखर को नष्ट कर दिया।
परिणाम
पाकिस्तानी सेना के पहले ही दिन नृशंस हत्याओं की खबरों ने फरीदपुर के हिंदू नागरिकों में दहशत पैदा कर दी। http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=74778$date=2009-12-05&dateCurrent=2009-12-06 Innocent devotees could not escape the wrath of Pak army 6 December 2009 4 February 2015 Bangladesh Sangbad Sangstha Dhaka 4 फ़रवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150204200329/http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=74778$date=2009-12-05&dateCurrent=2009-12-06 dead उनमें से कई लोग ग्रामीण इलाकों के लिए शहर छोड़ गए। दो जीवित साधुओं, अमर बंधु और हरिप्रिया ब्रह्मचारी, ने भगवान जगतबंधु के पवित्र अवशेष को बरामद किया और उन्हें एक सन्दूकषी के अंदर रखकर भारत ले गए। http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=451724&date=2014-11-29 Innocent devotees could not escape wrath of Pak army 29 November 2014 4 February 2015 Bangladesh Sangbad Sangstha Dhaka 4 फ़रवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150204184842/http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=451724&date=2014-11-29 dead
इतिहासकार रबींद्रनाथ त्रिवेदी के अनुसार, कैप्टन जमशेद, जिसने नरसंहार और मंदिर के विनाश की कमान संभाली थी, १६ दिसंबर १९७१ को पाकिस्तानी सेना के आत्मसमर्पण से कुछ दिन पहले भगवान जगतबंधु सुंदर की वेदी के सामने आत्महत्या कर ली थी। Trivedi Rabindranath 28 May 2007 April 1971: 'Recalling Massacres of Those Days in Faridpur' http://www.asiantribune.com/index.php?q=node/5902 Asian Tribune Hallstavik World Institute For Asian Studies 12 1017 4 February 2015 4 फ़रवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150204184446/http://www.asiantribune.com/index.php?q=node%2F5902 dead सूत्रों के अनुसार कैप्टन जमशेद को साहियोगियों ने श्री आँगन आश्रम के परिसर के भीतर शिव मंदिर के तालाब के पास दफनाया था। स्वतंत्रता सेनानी प्रबोध कुमार सरकार की गवाही के अनुसार, कैप्टन जमशेद अपनी मृत्यु से पहले अपने मानसिक संतुलन खो दिए थे। बांग्लादेश की मुक्ति के बाद सब साधु वापस लौट आए। उन्होंने पवित्र अवशेष को बहाल किया और क्षतिग्रस्त मंदिर का पुनर्निर्माण किया। http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=451724&date=2014-11-29 Innocent devotees could not escape wrath of Pak army 29 November 2014 4 February 2015 Bangladesh Sangbad Sangstha Dhaka 4 फ़रवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150204184842/http://www.bssnews.net/newsDetails.php?cat=0&id=451724&date=2014-11-29 dead
शहिद स्मारक
१९९६ में आश्रम प्राधिकरण द्वारा श्री आँगन के परिसर में एक स्मारक बनाया गया था। ८ मृतक साधुओं के लिए आठ काली पट्टियाँ उठाई गईं। सजीले टुकड़े में एक वर्ग आधार के साथ छंटित शुंडाकार स्तंभ का आकार है, जिसकी ऊंचाई ४० वर्ग सेंटीमीटर और ९५ सेंटीमीटर है। Khan Abu Saeed Sahitya Bikash 2013 9848320857 Dhaka 180 Bengali bn:মুক্তিযুদ্ধে ফরিদপুর
श्रीश्री महानम अंगन, कोलकाता, भारत में एक स्मारक भी बनाया गया है। यहां हम उत्कीर्ण मार्बलों के 8 टुकड़ों में लिखे गए 8 भिक्षुओं के नाम देख सकते हैं।
संदर्भ