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411 समाचार
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प्रथम रुहेला युद्ध

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प्रथम रुहेला युद्ध रोहिला युद्ध 250px रोहिला घुड़सवार १७७३-१७७४ रुहेलखण्ड रुहेलखण्ड राज्य का पतन तथा रामपुर रियासत का निर्माण। अंग्रेज और अवध रियासत की जीत, लालढांग की सन्धि 23px रुहेलखण्ड राज्य UKGBI 23px अवध राज्य 23px फैजुल्ला खान 23px हाफिज रहमत खान 23px मुहम्मद यार खान 23px वारेन हेस्टिंग्स 23px ब्रिगेडियर-जनरल अलेक्ज़ेंडर चैंपियन 23px शुजाउद्दौला प्रथम रुहेला युद्ध १७७३-१७७४ में मुगल सम्राट का प्रतिनिधित्व करते हुए अवध के नवाब, शुजा-उद-दौला द्वारा अफगान पहाड़ियों से उत्तर भारत के रोहिलखंड में आकर बसे रुहेलाओं के विरुद्ध एक दंडात्मक अभियान था। कर्ज में डूबे रुहेलाओं के विरुद्ध छेड़े गए इस सफल अभियान में नवाब को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भी समर्थन दिया था। पृष्ठभूमि मराठों द्वारा पहाड़ों में धकेल दिए जाने से कुछ वर्ष पूर्व रुहेलाओं ने शुजा-उद-दौला से, जो उस समय अंग्रेजों के सहयोगी थे, सहायता का अनुरोध किया था। युद्ध के बाद जब नवाब ने रुहेलाओं से सोने की ४० छड़ें वापस करने की मांग की, तो रुहेला प्रमुखों ने भुगतान करने से मना कर दिया। नवाब ने तब उनका राज्य हड़पने का निर्णय लिया, और सहायता के लिए वारेन हेस्टिंग्स से अनुरोध किया, जो चालीस लाख रुपये की राशि के भुगतान के बदले में सहायता के लिए मान गए।Rohilla 23 461 1 हेस्टिंग्स ने इस आधार पर अपनी कार्रवाई को उचित ठहराया कि रुहेला अंग्रेजों के लिए एक खतरा थे, क्योंकि वह अवध के एक हिस्से से लगे हुए थे।Rohilla 23 461 1 युद्ध हाफिज रहमत खानhttp://www.library.upenn.edu/collections/sasia/crafts1820/introduc.html Introduction to the Eleven Illustrations of Ghulam Yahya 29 नवंबर 2020 8 जून 2011 https://web.archive.org/web/20110608011910/http://www.library.upenn.edu/collections/sasia/crafts1820/introduc.html dead की अगुवाई वाली रुहेला सेना को २३ अप्रैल १७७४ को मीरांपुर कटरा की लड़ाई में ब्रिगेडियर-जनरल अलेक्ज़ेंडर चैंपियन के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। इस निर्णायक युद्ध में हाफिज रहमत खान की मृत्यु हो गई, और बची-खुची रुहेला सेना लालढांग के पास की पहाड़ियों में भाग गयी।Miranpur Katra in India गुरिल्ला युद्ध तथा घेराबंदी शेष बचे वफादार रुहेलाओं के साथ फैजुल्ला खान लालढांग की पहाड़ियों के जंगलों में चले गए। अंग्रेजों और अवध की संयुक्त सेनाओं ने उसी वर्ष अगस्त १७७४ के अंत से इस क्षेत्र की घेराबंदी की। अंततः दोनों पक्ष थक गए और शांति की कामना करने लगे। शाह शुजा, जो अपने पैर में कैंसर से पीड़ित थे, तुरन्त शांति चाहते थे और इस कारण रुहेला एकता को तोड़ने के कई प्रयासों के बाद, उन्होंने अंततः फैजुल्ला खान के अधिकार को कम करने के प्रयास में हाफिज रहमत खान के बेटे मुहब्बत खान को रिहा करने का फैसला किया, जबकि उसी समय उन्होंने फैजुल्ला के साथ भी निरंतर संचार बनाए रखा। उनकी रणनीति काम कर गई और ७ अक्टूबर १७७४ को फैजुल्ला ने लालढांग की संधि पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसके अनुसार उन्हें अपने चयन के क्षेत्र में एक रियासत दी गई, जिससे रामपुर रियासत का निर्माण हुआ।Prasad Alok 2012 Rohilla Resistance Against Colonial Intervention Under Nawab Faizullah Khan of Rampur (1774-1794) Proceedings of the Indian History Congress 73 563–572 44156249 परिणाम रुहेलखण्ड का पतन हो गया और इसे अवध द्वारा लूट और कब्जा लिया गया। अधिकांश रुहेला राज्य से निकल गए, एवं एक और गुरिल्ला युद्ध शुरू करने की इच्छा से गंगा के पार चले गए। ब्रिटिश सुरक्षा के तहत एक रुहेला रियासत रामपुर में स्थापित की गयी और फैजुल्ला खान इस नव निर्मित रामपुर रियासत के प्रथम नवाब बनने में सफल रहे। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे मुहम्मद अली खान रामपुर के नवाब हुए जिन्हें उनके छोटे भाई और फैजुल्ला खान के दूसरे बेटे गुलाम मुहम्मद खान बहादुर ने अपदस्थ कर दिया। गुलाम मुहमद के अधीन अफगान रुहेलाओं की आकांक्षाओं ने उन्हें १७९४ में द्वितीय रुहेला युद्ध में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, जिसका मूल उद्देश्य रुहेलाओं के पूर्ववर्ती क्षेत्रों को फिर से प्राप्त करना था।https://archive.org/details/hastingsrohillaw00strauoft Hastings and the Rohilla war Strachey John Clarendon Press 1892 280–281 1045958597 2019-08-27 हालांकि, गुलाम मुहम्मद का अपने भाई के विरुद्ध षड्यंत्र कर सिंहासन पर पहुंचना अंग्रेजों को पसंद नहीं आया, जिन्होंने उन्हें रामपुर रियासत के शासक के रूप में मान्यता नहीं दी। तब बड़ी संख्या में अफगान सैनिकों को लेकर उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया, जिसमें उनकी पराजय हुई और रामपुर को अंग्रेजों द्वारा मुहम्मद अली खान के नवजात पुत्र को सौंप दिया गया।Strachey John Hastings and the Rohilla war Clarendon Press 1892 1045958597 https://archive.org/details/hastingsrohillaw00strauoft 2019-08-27 280–281 यह युद्ध वॉरेन हेस्टिंग्स के महाभियोग के समय वेस्टमिंस्टर की राजनीति का एक विषय भी रहा था। एडमंड बर्क और बाद में थॉमस मैकाले द्वारा हेस्टिंग्स पर एक राष्ट्र को नष्ट करने के आरोप लगाए गए थे।Rohilla 23 461 1 संदर्भ जॉन स्ट्रेची (१८९२), हेस्टिंग्स और रुहेला युद्ध टिप्पणियाँ बाहरी कड़ियाँ सेंट जॉन चर्च परिसर कलकत्ता में रुहेला युद्ध स्मारक के चित्र https://web.archive.org/web/20120307144628/http://www.rangan-datta.info/photo/viewpic.php?gallery=41&id=206 7 मार्च 2012 श्रेणी:उत्तर प्रदेश का इतिहास