411 REFERENCE · Wikipedia
मूलभद्र
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मूलभद्र या मूलभद्रि मध्यकाल में त्रावणकोर साम्राज्य के शाही जासूसों द्वारा अपनाया जाने वाला संचार का एक गुप्त तरीका था।Pattompatāṃ nūt̲t̲āṇṭile Kēraḷaṃ: paṭhanaṃ (പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിലെ കേരളം) Bhaskaranunni Pi. 1988 Kerala Sahitya Akademi Thrissur, Kerala, India 670 Malayalam Kerala in the Nineteenth Century 91904280 इस योजना को बोलचाल की भाषा में मूलपत्र भी कहते थे। यह वास्तव में कूटलेखन की एक योजना थी जिसमें मलयालम वर्णमाला के अक्षरों का आंशिक स्थानान्तरण किया जाता था। इस योजना का व्यापक रूप से त्रावणकोर साम्राज्य के राजा मार्तण्ड जासूसों द्वारा मौखिक और लिखित संदेशों के संचार के लिए उपयोग किया गया था।
योजना
निम्नलिखित तालिका मूलभद्र कोड में उपयोग की जाने वाली स्थानांतरण योजना बताती है।Pattompatāṃ nūt̲t̲āṇṭile Kēraḷaṃ: paṭhanaṃ (പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിലെ കേരളം) Bhaskaranunni Pi. 1988 Kerala Sahitya Akademi Thrissur, Kerala, India 670 Malayalam Kerala in the Nineteenth Century 91904280Bhaskaranunni, Pi. (1988). Pattompatāṃ nūt̲t̲āṇṭile Kēraḷaṃ: paṭhanaṃ (പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിലെ കേരളം) [Kerala in the Nineteenth Century] (in Malayalam). Thrissur, Kerala, India: Kerala Sahitya Akademi. p. 670. LCCN 91904280.
श्रेणी:CS1 Malayalam-language sources (ml)
स्वर
स्पष्ट पाठ അആഇഈഉഊഋഎഏഐഒഓഔഅംഅഃकूट पाठ കകാകികീകുകൂകൃകെകേകൈകൊകോകൌകംക:
व्यंजन
स्पष्ट पाठകഖഗഘങചഛജഝഞടഠഡഢണതഥദധനപഫബഭമ कूट पाठഅഗഖങഘടഠഡഢണചഛജഝഞപഫബഭമതഥദധന
स्पष्ट पाठ:യരലവശഷസഹളന कूट पाठശഷസഹയരലവക്ഷറ
चिलु
स्पष्ट पाठ:ല്ന്ര്ള് कूट पाठപ്മ്ഷ്ക്ഷ്
स्मरण-सहायक (Mnemonic)
इस योजना भाषा को सीखने के लिये प्रयोक्ताओं ने एक स्मरणविधि विकसित कर ली थी। स्मरण विधि एक श्लोक की तरह थी।
അകോഖഗോഘങശ്ചൈവ
ചടോഞണതപോമനഃ
യശോരഷോലസശ്ചൈവ
देवनागरी में
अकोखगोघङश्चैव
चटोञणतपोमनः
यशोरषोलसश्चैव
उदाहरण
स्पष्ट पाठപല്മനാഭപുരംരാമന്ആള്ക്കാര് कूट पाठതസ്നറാധതുഷംഷാനമ്കാക്ഷ് ആഷ്
देवनागरी के माध्यम से उपरोक्त नियमों का विवेचन
अआइईउऊऋऎएऐऒओऔअंअःककाकिकीकुकूकृकॆकेकैकॊकोकौकंकः
उदाहरण : अकं = कअं
ख - गघ - ङच - टछ -ठज - झञ - णड - ढत - पद - धथ - फब - भम - नय - शर - षल - सव - हक्ष - ळऴ - ऱ
ङ्क - ञ्चण्ट - न्तम्प - न्नन्ऱ - ऱ्ऱन् - ल्र् - ळ्क्क - अअ
१ - २३ - ४५ - ६७ - ८९ - ०
सूत्ररूप में नियम
अको खगो घङश्चैव
चटो ञण तपो नमः
जझो डढो दधश्चैव
बभो थफ छठेति च
यशो रषो लसश्चैव
वह क्षळ ऴऱ क्रमाल्
ङ्कञ्च ण्टन्त म्पन्न न्ऱऱ्ऱ न्ल् र्ळ्
उदाहरण
मलयाळं = नसशाक्षं
विक्किपीडिय = हिअइतीढिश
२०१० = १९२९
ऒरु संस्कृतश्लोकवुं मूलभद्रीपरिभाषयुं नल्कुन्नु:
श्लोकं:
नमश्शिवाय शान्ताय शुद्धाय परमात्मने
सच्चिदानन्तरूपाय दक्षिणामूर्त्तये नमः
मूलभद्रि:
मनय्यिहाश याण्टाश युध्दाश तषनाप्नमे
लट्टिधामंधषूताश धळिञानूळ्प्पशे मनः
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
बीजलेखन या कूटलेखन
म्लेच्छित विकल्प
श्रेणी:त्रवनकोर राज्य
श्रेणी:सैन्य संचार