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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मुनव्वर लखनवी

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मुनव्वर लखनवी बिशेश्वर प्रसाद 8 जुलाई 1897 लखनऊ, भारत 1970 5 25 1897 7 8 y दिल्ली, भारत नज़्म, ग़ज़ल, रुबाइयाँ और अनुवाद सरकारी सेवा – रेलवे लेखा कार्यालयमुनव्वर लखनवीur منور لکھنوی (8 जुलाई 1897 – 25 मई 1970) एक भारतीय उर्दू कवि थे जिन्होंने एक कवि और अनुवादक के रूप में ख्याति प्राप्त की। जीवनी 'मुनव्वर', बिशेश्वर प्रसाद का तखल्लुस (उपनाम) था, जिनका जन्म 1897 में लखनऊ के एक ऐसे परिवार में हुआ था जहाँ उर्दू, संस्कृत और फारसी के विद्वान थे। उनके पिता, द्वारकाप्रसाद उफ़ुक़ (1864–1913), गद्य और पद्य के प्रख्यात लेखक थे। उनकी शिक्षा लखनऊ में हुई और 1913 में वे लखनऊ के रेलवे लेखा कार्यालय में शामिल हो गए। 1927 में उनका तबादला लाहौर हो गया और फिर दिल्ली, जहाँ वे 1957 में सेवा से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने दिल्ली में ही रहने का फैसला किया, जहाँ उन्होंने एक घर खरीदा और एक प्रकाशन गृह - 'आदर्श किताब घर' की स्थापना की। 73 वर्ष की आयु में 1970 में दिल्ली में उनका निधन हो गया।https://books.google.com/books?isbn=8182201918 Encyclopaedic Dictionary of Urdu Literature 2 485 साहित्यिक जीवन मुनव्वर लखनवी पुरानी शैली के एक उर्दू कवि और अनुवादक थे। उन्होंने ग़ज़लें और नज़्में लिखीं। उन्हें अनुवादक के रूप में ख्याति 1936 में उर्दू पद्य में भगवद गीता के अनुवाद 'नसीम-ए-इरफ़ान' के प्रकाशन से मिली। 1952 में कालिदास के कुमारसंभवम् का अनुवाद और 1956 में 'दुर्गा सप्तशती' (यानी देवी महात्म्य) का अनुवाद, दोनों उर्दू पद्य में प्रकाशित हुए। उन्होंने कुरान की महत्वपूर्ण आयतों, हाफ़िज़ शिराज़ी के चुनिंदा फारसी शेरों और रवींद्रनाथ टैगोर की गीतांजलि का भी अनुवाद किया था। उर्दू पद्य में गौतम बुद्ध की शिक्षाओं का उनका अनुवाद, जिसका शीर्षक 'धम्मपद या सच्ची राह' था, 1954 में अंजुमन-ए-तरक्की (हिंद), अलीगढ़ द्वारा प्रकाशित किया गया था और इसे एक उत्कृष्ट कृति माना जाता है। इससे पहले उनके रुबाइयों और नज़्मों के दो संग्रह, 1929 में प्रकाशित 'नज़्र-ए-अदब' और 1939 में प्रकाशित 'कायनात-ए-दिल' ने उन्हें एक प्रतिष्ठित कवि के रूप में स्थापित कर दिया था। उनकी कविताओं के चयन को अमृतसर से प्रकाशित पुस्तक 'तीन शायर' और दिल्ली की उर्दू मासिक पत्रिका 'सीमैब' के अप्रैल 1952 के अंक में प्रमुखता से शामिल किया गया था।ज़िया फ़तेहाबादी का 4 अक्टूबर 1956 का लेख 'मुनव्वर लखनवी की शायरी', उर्दू मासिक 'शोला ओ शबनम', दिल्ली में प्रकाशित। शबाब ललित द्वारा उनके जीवन और साहित्यिक कार्यों का मूल्यांकन 'मुनव्वर लखनवी – एक मुताला' शीर्षक से 1996 में मॉडर्न पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित किया गया था।https://openlibrary.org/works/OL2601146W/Munavvar_Lakhnavi%CC%84_ek_mut%CC%A4a%CC%84la%CA%BBah Munavvar Lakhnavī, ek mut̤ālaʻah = (1996 edition) | Open Library राज नारायण राज द्वारा 'मुनव्वर लखनवी – शख्सियत और शायरी' नामक एक और मूल्यांकन नुसरत पब्लिशर्स, लखनऊ द्वारा प्रकाशित किया गया था। ग्रंथ सूची उर्दू कविता: नज़्र-ए-अदब कायनात-ए-दिल नवा-ए-कुफ़्र अदा-ए-कुफ़्र टिप्पणियाँ संदर्भ