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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

करम अपना अपना

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करम अपना अपना file:करम आपना आपना.jpg 576आई (एसडीटीवी) 24 मिनट बालाजी टेलीफिल्म्स निवेदिता बसु एकता कपूर और शोभा कपूर विकास शर्मा और मोहम्मद सलीम नीचे देखें करम अपना अपना प्रिया भट्टाचार्य द्वारा भारत हिन्दी स्टार प्लस 29 अगस्त 2006 27 मार्च 2009 कुल 603 करम अपना अपना एक भारतीय हिन्दी धारावाहिक है। जिसका प्रसारण स्टार प्लस पर 29 अगस्त 2006 से 27 मार्च 2009 तक हुआ। इसके निर्माता एकता कपूर और शोभा कपूर हैं।http://starplus.indya.com/serials/karam/index.html संग्रहीत प्रति 24 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20070817161517/http://starplus.indya.com/serials/karam/index.html 17 अगस्त 2007 dead कहानी शुरुआत गौरी (पल्लवी सुभाष) एक माध्यम वर्गीय लड़की है। जिसके पिता के अच्छे मित्र महेन कपूर हैं। महेन को गौरी और शशांक की जोड़ी अच्छी लगती है। वह उन दोनों की शादी तय कर देते हैं। शादी के दिन पता चलता ही की उसकी शादी महेन के दूसरे बेटे शिव समर कपूर से हो रही है। क्योंकि शशांक ने शादी से मना कर दिया था। इस कारण गौरी शादी के जगह से भाग जाती है। तभी उसकी मुलाक़ात अनुपम से होती है। वह उसे परेशानी का सामना करने के लिए कहता है। इसके बाद गौरी वापस लौट आती है। गौरी के लौटने से शिव क्रोधित हो जाता है, क्योंकि वह शादी नहीं करता चाहता है। इसके बाद शिव और गौरी की शादी हो जाती है। शिव गौरी से वादा करता है की वह उसकी जिंदगी को नर्क बना देगा। गौरी शिव से प्यार करने लगती है। इस बात को छोड़ कर की वह भी उससे प्यार करे। शादी के बाद गौरी को पता चलता है की शिव की कुंडली में एक दोष है। जिसके कारण उसकी पहली पत्नी की जल्द ही मौत हो जाएगी। इसी के कारण निखिला ने शशांक को सगाई तोड़ने और अपनी जगह शिव को बैठने कहा था। शिव अपनी दोस्त ईपशिता को प्यार करता था। लेकिन उसे इस दोष से बचाने के लिए उसने ऐसा किया। गौरी इस बात को जानकर भी शिव से अपना रिश्ता नहीं तोड़ती है। इस कारण शिव अपने आप को एक दोषी मानने लगता है। एक दिन गौरी के साथ हादसा हो जाता है। लेकिन वह उस हादसे में बच जाती है। निखिला ईपशिता को अनुपम के साथ सगाई के लिए मना लेती है। उसकी सगाई होने और गौरी के बचने के कारण ईपशिता असुरक्षित महसूस करती है। वह शिव को तलाक लेने के लिए मजबूर करती है। लेकिन शिव उसे तलाक नहीं देता क्योंकि वह उससे प्यार करने लगता है और वह उसके बच्चे की माँ बनने वाली रहती है। जब ईपशिता को लगता है की वह गौरी को नहीं छोड़ेगा तो वह अनुपम से शादी कर लेती है। पाँच वर्ष पश्चात पाँच वर्ष के पश्चात शिव और गौरी के दो जुड़वा बच्चे ओम और प्रियम रहते हैं। गौरी बच्चों के कारण व्यस्त रहने लगती है। शिव खुश रहता है, लेकिन वह ईपशिता को नहीं भूले रहता है। वह अब एक लेखिका बन गई होती है और अनुपम से अलग हो जाती है। निखिला ईपशिता को पुनः शिव की जिंदगी में लाना चाहती है। शिव के जैसे दिखने वाला एक उसका जुड़वा भाई समर का निखिला को पता चलता है। वह समर को शिव के रूप में उसके घर में जाने बोलती है और कुछ कागजात पर गौरी के हस्ताक्षर लेने को कहती है। वह उन जायदाद का कागजात रहता है जो निखिला चाहती है। इसके बाद निखिला, ईपशिता और महेन की बहन माया गौरी के वीरुध बोलते हैं और इसी दौरान ईपशिता इसका फायदा उठाकर शिव के साथ एक रात रहने की कोशिश करती है। गौरी निखिला के बुरे विचारों को सभी के सामने ले आती है। निखिला को घर से बाहर कर दिया जाता है। ईपशिता और माया एक गलत कागजात जिसमें ईपशिता को गर्भवती दिखाया गया है, बनाते हैं। इसके बाद वह एक और कागजात में गौरी के दिमाग में टीयूमर है कहते हैं। इसके बाद गौरी को यह पता लगता है की शिव एक रात ईपशिता के साथ था और ईपशिता गर्भवती है। वह शिव को ईपशिता के साथ शादी करने के लिए कहती है। उसे इसमें जब धोके का एहसास होता है तो वह समर के साथ मिलकर ईपशिता के झूठे गर्भवती होने आदि का सच सभी के सामने लाती है। इसके बाद उसे घर से बाहर कर दिया जाता है। निखिला का ह्रदय परिवर्तन होने के बाद वह पुनः घर में आ जाती है। महेन के दूर के रिश्तेदार मोक्ष और असीम एक दिन शशांक के कहने पर आते हैं और शिव को मार देते हैं। समर को शिव की आत्मा उसके हत्यारों के बारे में बताती है। समर उन लोगों से बदला लेने का वादा करता है। समर और गौरी मोक्ष और असीम को पकड़ लेते हैं, लेकिन शशांक भागने में सफल हो जाता है। इसके बाद शिव की आत्मा अदृश्य हो जाती है। परिवार वाले समर और गौरी को शादी करने के लिए कहते हैं लेकिन वह दोनों मना कर देते हैं। इसी दौरान निखिला की भी हत्या हो जाती है। समर को लगता है की यह हत्या गौरी ने की है। गौरी वहाँ से भाग जाती है। कुछ वर्ष के बाद समर एक बहुत बड़ा व्यापारी बन जाये रहता है और गौरी अपनी स्मृति खो चुकी होती है। वह एक दूसरे शहर में शिवांगी के नाम से रहती है। समर गौरी से नफरत करते रहता है। क्योंकि उसे लगता है की उसकी माँ की हत्या गौरी ने ही की है। अनुपम की बहन निशा आती है। और अनुपम को लकवा हो जाता है, क्योंकि ईपशिता उसे शिव के साथ रहने के लिए मारना चाहती थी। निशा इस बात का बदला कपूर के परिवार से लेना चाहती है। वह अपने भाई के इस हालत का जिम्मेदार उस परिवार को मानती है। निशा समर को अपनी जाल में फँसा कर उससे सगाई कर लेती है। इसी दौरान गौरी की स्मृति वापस लौट आती है। गौरी को निशा के इरादों का पता चलता है। वह समर और निशा के शादी के दिन निशा का अपहरण कर लेती है। शादी हो जाती है लेकिन जब वह देखता है की वह निशा नहीं गौरी है तो वह चौंक जाता है। इसके बाद उन दोनों में बहुत लड़ाई होती है और उसके बाद यह पता चलता है की निखिला की हत्या किसी ओर ने की है। इसके बाद गौरी और समर के मध्य दूरी कम होने लगती है और समर को ट्यूमर का पता चलता है। वह उसके दोस्त प्रतीक के द्वारा ठीक हो जाता है। समर के साथी विवान और ध्रुव पूरी जायदाद हड़प करना चाहते हैं। वह समर और गौरी को घर से निकाल देते हैं। इसके बाद गौरी और समर तीनों बच्चों के साथ कोलकाता चले जाते हैं। वह वहाँ खुशी से रहते है। जबतक की एक अमीर लड़की काम्य को समर से प्यार नहीं हो जाता है। वह समर को अपना बनाने के लिए उसके मन में यह बात डालती है की उसका किसी ओर के साथ चक्कर चल रहा है। गौरी समर के बच्चे की माँ बनने वाली होती है लेकिन समर को लगता है की यह किसी ओर का बच्चा है। गौरी समर के विश्वास न करने के कारण अलग रहने लगती है। इसके बाद काम्या की सच्चाई सामने आ जाती है और गौरी एक बच्ची को जन्म देती है। इसके बाद वह दोनों लंडन में चले जाते हैं और अपना व्यापार स्थापित करते हैं। वहीं ध्रुव और विवान जायदाद के लिए एक दूसरे से लड़ते रहते हैं। और अंत में समर और गौरी भारत में आकर यह झगड़ा समाप्त कर देते हैं। इसके बाद पूरा परिवार एक हो जाता है और कहानी समाप्त हो जाती है। कलाकार पल्लवी सुभाष - गौरी कपूर इकबाल खान / यश टोंक - शिव समर कपूर / समर कपूर संदीप बसवाना - डॉ प्रतीक वैष्णवी धनराज - आस्था कपूर सुमीत सचदेव - शशांक सलिल अंकोला - महेन कपूर अचिंत कोर - निखिला कपूर अपरा मेहता - महेन की माँ सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ