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स्टेम कोशिका

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thumb|200px|मानव भ्रूण कोशिकाएं ए: अभी तक विभेदित नहीं हुई कोशिका समूह बी: तंत्रिका कोशिका स्टेम कोशिका या मूल कोशिका (अंग्रेज़ी:Stem Cell) ऐसी कोशिकाएं होती हैं, जिनमें शरीर के किसी भी अंग को कोशिका के रूप में विकसित करने की क्षमता मिलती है। इसके साथ ही ये अन्य किसी भी प्रकार की कोशिकाओं में बदल सकती है।स्टेम सेल https://web.archive.org/web/20150626184700/http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/gyan/67-75-89418.html 26 जून 2015 । हिन्दुस्तान लाइव। ६ जनवरी २०१० वैज्ञानिकों के अनुसार इन कोशिकाओं को शरीर की किसी भी कोशिका की मरम्मत के लिए प्रयोग किया जा सकता है।http://www.investinyorkshire.co.in/News---Features/Share-Our-News/News-Article-List/Bringing-new-life-to-the-terminally-ill.aspx गंभीर रूप से बीमार लोगों को नया जीवन प्रदान करते हुए 6 जनवरी 2010 https://web.archive.org/web/20120119165258/http://www.investinyorkshire.co.in/News---Features/Share-Our-News/News-Article-List/Bringing-new-life-to-the-terminally-ill.aspx 19 जनवरी 2012 dead इस प्रकार यदि हृदय की कोशिकाएं खराब हो गईं, तो इनकी मरम्मत स्टेम कोशिका द्वारा की जा सकती है। इसी प्रकार यदि आंख की कॉर्निया की कोशिकाएं खराब हो जायें, तो उन्हें भी स्टेम कोशिकाओं द्वारा विकसित कर प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इसी प्रकार मानव के लिए अत्यावश्यक तत्व विटामिन सी को बीमारियों के इलाज के उददेश्य से स्टेम कोशिका पैदा करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।स्टेम कोशिका से इलाज के बाद आंख की रोशनी लौटी https://web.archive.org/web/20150911175912/http://www.livehindustan.com/news/videsh/international/2-2-87513.html 11 सितंबर 2015 हिन्दुस्तान लाइव। २५ दिसम्बर २००९। लंदन-एजेंसी अपने मूल सरल रूप में स्टेम कोशिका ऐसे अविकसित कोशिका हैं जिनमें विकसित कोशिका के रूप में विशिष्टता अर्जित करने की क्षमता होती है। क्लोनन के साथ जैव प्रौद्योगिकी ने एक और क्षेत्र को जन्म दिया है, जिसका नाम है कोशिका चिकित्सा। इसके अंतर्गत ऐसी कोशिकाओं का अध्ययन किया जाता है, जिसमें वृद्धि, विभाजन और विभेदन कर नए ऊतक बनाने की क्षमता हो।मानव क्लोनिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता https://web.archive.org/web/20090708114304/http://www.bbc.co.uk/hindi/science/story/2005/05/050519_stem_clone.shtml 8 जुलाई 2009 । बीबीसी-हिन्दी पर सर्वप्रथम रक्त बनाने वाले ऊतकों से इस चिकित्सा का विचार व प्रयोग शुरु हुआ था। अस्थि-मज्जा से प्राप्त ये कोशिकाएं, आजीवन शरीर में रक्त का उत्पादन करतीं हैं और कैंसर आदि रोगों में इनका प्रत्यारोपण कर पूरी रक्त प्रणाली को, पुनर्संचित किया जा सकता है। ऐसी कोशिकाओं को ही स्टेम कोशिका कहते हैं। इन कोशिकाओं का स्वस्थ कोशिकाओं को विकसित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। १९६० में कनाडा के वैज्ञानिकों अर्नस्ट.ए.मुकलॉक और जेम्स.ई.टिल की खोज के बाद स्टेम कोशिका के प्रयोग को बढ़ावा मिला। स्टेम कोशिका को वैज्ञानिक प्रयोग के लिए स्नोत के आधार पर भ्रूणीय, वयस्क तथा कॉर्डब्लड में बांटा जाता है। वयस्क स्टेम कोशिकाओं का मनुष्य में सुरक्षित प्रयोग लगभग ३० वर्षो के लिए किया जा सकता है। अधिकांशत: स्टेम सेल कोशिकाएं भ्रूण से प्राप्त होती है।असली दाँत गिरकर फिर मिल सकते हैं https://web.archive.org/web/20090707182841/http://www.bbc.co.uk/hindi/science/story/2004/05/040503_stem_teeth.shtml 7 जुलाई 2009 । बीबीसी-हिन्दी ये जन्म के समय ही सुरक्षित रखनी होती हैं। हालांकि बाद में हुए किसी छोटे भाई या बहन के जन्म के समय सुरक्षित रखीं कोशिकाएं भी सहायक सिद्ध हो सकती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इन कोशिकाओं को शरीर की किसी भी कोशिका की मरमस्त करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है प्रक्रिया 400px|thumb|right|प्लूरिपोटेन्ट भ्रूणीय कोशिकाएं ब्लास्टोसिस्ट के आंतरिक पदार्थ रूप में उपजती हैं। स्टेम कोशिका प्लेसेंटा के सिवाय शरीर का कोई भी भाग बन सकती हैं। केवल मोरुला कोशिकाएं ही प्लेसेन्टा समेत कोई भी ऊतक बन पाने में सक्षम होती हैं, अतः टोटीपोटेन्ट कहलाती हैं। भ्रूण विकास के दौरान डिम्ब वह एक कोशिका है, जो पूरे जीव को बनाने की पूर्ण क्षमता रखती है। ये कोशिकाएं कई बार विभाजित होकर ऐसी कोशिकाएं बनातीं हैं, जो पूर्ण सक्षम होतीं हैं अर्थात विभाजित होने पर प्रत्येक कोशिका पूरा जीव बना सकती है। कुछ और विभाजनों के पश्चात ये कोशिकाएं, एक विशेष गोलाकार रचना बनातीं हैं, जिसे ब्लास्टोसिस्ट कहते हैं, परंतु इस अवस्था में पृथक की गईं कोशिकाएं, पूर्ण जीव विकसित करने में सक्षम नहीं होती हैं। अतः इन्हें अंशतः सक्षम कोशिका कहा जाता है। भीतरी कोशिकाएं कई बार विभाजित और विभेदित होकर विशेष कोशिकाएं बनातीं हैं, जो प्रत्येक ऊतक को पुनर्जीवित करने की क्षमता रखतीं हैं। इन्हें बहु-सक्षम कोशिकाएं कहते हैं। ये कोशिकाएं प्रत्येक ऊतक में संरक्षित रहतीं हैं, तथा ऊतकों में कोशिका जनन तथा पुनः संरचना के लिए उपयोगी होती हैं। इनके स्थान पर आंशिक सक्षम कोशिकाएं भी प्रयोग की जा सकतीं हैं। इनका लाभ यह है कि किसी भी प्रकार के ऊतक विभेदन के लिए इन्हें प्रेरित किया जा सकता है, क्योंकि ये भ्रूण से प्राप्त की जातीं हैं, इसलिये इन्हें भ्रूणीय स्टेम कोशिका कहा जाता है। हृदय रोग तथा मधुमेह के निदान में, विभेदित कोशिकाओं का बड़ा महत्व है। तंत्रिका तंत्र के रोगों में भी विशेषतः तंत्रिकाओं का प्रत्यारोपण इनकी अवस्थाओं में सुधार लाने की क्षमता रखता है। क्षतिग्रस्त अंगों की मरम्मत भी इनसे की जा सकती है। रोगों का उपचार thumb|330px|रोग और स्थितियां जहां स्टेम कोशिका उपचार प्रभावी होता है:मधुमेह, र्यूमेटॉएड आर्थराइटिस, पार्किन्सन, अल्जाइमर रोग, ऑस्टियोआर्थराइटिस: Cell Basics: What are the potential uses of human stem cells and the obstacles that must be overcome before these potential uses will be realized? https://web.archive.org/web/20100519233625/http://stemcells.nih.gov/info/basics/basics6Stem 19 मई 2010. In Stem Cell Information World Wide Web site. Bethesda, MD: National Institutes of Health, U.S. Department of Health and Human Services, 2009. cited Sunday, April 26, 2009 Stroke and traumatic brain injury repair: Stem Cells Tapped to Replenish Organs https://web.archive.org/web/20100214065051/http://www.mult-sclerosis.org/news/Dec2000/StemCellDebatePartII.html 14 फ़रवरी 2010 thescientist.com, Nov 2000. By Douglas Steinberg Learning defects: ISRAEL21c > Israeli scientists reverse brain birth defects using stem cells https://web.archive.org/web/20090624003854/http://web.israel21c.net/bin/en.jsp?enDispWho=Articles%5El2394&enPage=BlankPage&enDisplay=view&enDispWhat=object&enVersion=0&enZone=Health& 24 जून 2009 December 25, 2008. (Researchers from the Hebrew University of Jerusalem-Hadassah Medical led by Prof. Joseph Yanai) Spinal cord injury repair: Kang KS, Kim SW, Oh YH, et al. 2005 A 37-year-old spinal cord-injured female patient, transplanted of multipotent stem cells from human UC blood, with improved sensory perception and mobility, both functionally and morphologically: a case study Cytotherapy 7 4 368–73 10.1080/14653240500238160 16162459 Heart infarction: Strauer BE, Schannwell CM, Brehm M 2009 Therapeutic potentials of stem cells in cardiac diseases Minerva Cardioangiol 57 2 249–67 19274033 April Anti-cancer: Stem Cells Tapped to Replenish Organs https://web.archive.org/web/20100214065051/http://www.mult-sclerosis.org/news/Dec2000/StemCellDebatePartII.html 14 फ़रवरी 2010 thescientist.com, Nov 2000. By Douglas Steinberg Baldness: Hair Cloning Nears Reality as Baldness Cure https://web.archive.org/web/20051028011207/http://my.webmd.com/content/article/96/103836.htm?z=3734_00000_1000_qd_01 28 अक्तूबर 2005 WebMD November 2004 Replace missing teeth: Yen AH, Sharpe PT 2008 Stem cells and tooth tissue engineering Cell Tissue Res. 331 1 359–72 10.1007/s00441-007-0467-6 17938970 January Repair hearing: Gene therapy is first deafness 'cure' - health - 14 फ़रवरी 2005 - New Scientist https://web.archive.org/web/20080914114532/http://www.newscientist.com/article.ns?id=dn7003 14 सितंबर 2008 Restore vision: BBC NEWS | England | Southern Counties | Stem cells used to restore vision https://web.archive.org/web/20090222070707/http://news.bbc.co.uk/1/hi/england/southern_counties/4495419.stm 22 फ़रवरी 2009 Amyotrophic lateral sclerosis: Drs. Gearhart and Kerr of Johns Hopkins University. April 4, 2001 edition of JAMA (Vol. 285, 1691-1693) Crohn's disease: http://www.genengnews.com/articles/chitem.aspx?aid=2508 Osiris Trumpets Its Adult Stem Cell Product Querida Anderson 2008-06-15 Genetic Engineering & Biotechnology News 2008-07-06 Mary Ann Liebert, Inc. 13 (subtitle) Procymal is being developed in many indications, GvHD being the most advanced Wound healing: Gurtner GC, Callaghan, MJ and Longaker MT. 2007. Progress and potential for regenerative medicine. Annu. Rev. Med 58:299-312 अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण ही, २००९ तक ज्ञात, स्टेम कोशिका का एकमात्र घोषित अनुप्रयोग होता है। चित्र किसी कारण गायब हो गया है। मूल चित्र हेतु: यह देखें स्टेम सेल उपचार के अंतर्गत विभिन्न रोगों के निदान के लिए स्तंभ कोशिका का प्रयोग किया जाता है। भारत में भी इसका प्रयोग होने लगा है। इसकी सहायता से कॉर्निया प्रत्यारोपण में और हृदयाघात के कारण क्षतिग्रस्त मांसपेशियों के उपचार में सफलता मिली है। अधिकांशत: रोग के उपचार में प्रयुक्त स्टेम कोशिका रोगी की ही कोशिका होती है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि बाद में चिकित्सकीय असुविधा न हो। पार्किसन रोग में भी इसका प्रयोग किया जा रहा है।क्लोन चूहे से पार्किंसन्स का इलाज https://web.archive.org/web/20090708233426/http://www.bbc.co.uk/hindi/science/story/2003/09/030922_parkinsons.shtml 8 जुलाई 2009 । बीबीसी-हिन्दी। २२ सितंबर २००३ न्यूरोमस्कलर रोग, आर्थराइटिस, मस्तिष्क चोट, मधुमेह, डायस्ट्रोफी, एएलएस, पक्षाघात, अल्जाइमर जैसे रोगों के लिए स्टेम सेल उपचार को काफी प्रभावी माना जा रहा है। प्रयोगशाला में बनाई गई स्टेम कोशिकाएँ निकट भविष्य में कई प्रकार के रक्त कैंसर का उपचार कर सकती हैं। इस प्रक्रिया द्वारा दांत का उपचार भी संभव है।एम्स में अब स्टेम सेल प्रणाली से लगेगा नया दांतमई 2025 InternetArchiveBot एक जापानी स्टेम कोशिका वैज्ञानिक युकियो नाकामुरा के अनुसार एप्लास्टिक एनीमिया यानि लाल रक्त कणिकाओं की कमी और थैलीसीमिया का स्टेम कोशिका तकनीक से उपचार संभव है।स्टेम कोशिका से ब्लड कैंसर का उपचार । वेब दुनिया। सेहत समाचार इस तकनीक में भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं का उपयोग नहीं होता, अतएव यह नैतिक विवादों से परे है। कैंसर-रोधी तत्वों के माध्यम से रक्त कैंसर कोशिकाओं को समाप्त करने के साथ सामान्य हीमेटोपायोटिक कोशिकाओं (एचएससी) को भी समाप्त कर दिया जाता है। एप्लास्टिक एनीमिया और थलेसेमिया मरीजों को बार-बार रक्त के घटकों की आवश्यकता रहती है, व सामान्यतया रोगी के समान रक्त समूह वाले दाता हर समय उपलब्ध होना मुश्किल होता है। इसलिये उनके दल ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे प्रयोगशाला में अन्य कोशिकाओं से लाल रक्त कणिकाओं का उत्पादन किया जा सकता है। इसे पशुओं में सुरक्षित और प्रभावी तरीके से साबित किया जा चुका है। कैलिफोर्निया के स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं की टीम ने एसएनपी जीनोटाइप नामक उपकरण के उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने एक सरल तकनीक खोजी है। इस तकनीक से मानव की भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं की लाइन का निर्धारण संभव होगा।स्टेम कोशिकाओं की लाइन का पता लगाने की नयी तकनीकजून 2020 InternetArchiveBot । समय लाइव। १ जनवरी २०१०। दीप्ति प्रकाश स्टेम कोशिकाओं की लाइनों के जातीय मूल ज्ञात करने हेतु एक नयी तकनीक अविष्कृत की है, जिससे विभिन्न रोगों के इलाज के लिए प्रभावी दवाओं तथा चिकित्सा पद्धतियों को तैयार करना संभव होगा। स्टेम कोशिका लाइन लगातार विभाजित होने वाली कोशिकाओं का एक समूह है जो स्टेम कोशिकाओं के एकल पैतृक समूह से निर्मित होता है। अभी तक प्रयोगशालाओं में प्रयोग हो रहे स्टेम कोशिका समूह अधिकतर काकेसियन और पूर्वी एशियाई आबादियों से हैं जबकि अफ्रीकी मूल के लोगों का प्रतिशत बहुत कम है। जातीय मूल के अंग दाताओं और प्राप्तकर्ताओं के बीच असंगति से ऊतक प्रत्यारोपण संबंधी चिकित्सकीय परिणाम प्रभावित होते हैं एवं जातीय पृष्ठभूमि के आधार पर विशिष्ट दवाइयों की क्षमता और उनके सुरक्षित उपयोग की जानकारी भी प्राप्त होती है। जातीय मूल की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण होती है, जिसे हर स्टेम कोशिका लाइन के साथ उपलब्ध किया जाना चाहिए। जो कोई भी स्टेम कोशिका के साथ काम करने वाला हो उसे इस प्रकार का विश्लेषण करना चाहिए। दीर्घा 200 2 Human embryonic stem cell colony phase.jpg मूषक भ्रूणीय फाइब्रोब्लास्ट फीडर पर्त पर मानव भ्रूणीय स्टेम कोशिका कौलोनी Mouse embryonic stem cells.jpg मूषक भ्रूणिय स्टेम कोशिका, फ्ल्यूरोसेंट मार्कर सहित Cancer stem cells.svg कैंसर स्टेम कोशिकाएं सन्दर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ Stem cells स्टेम कोशिकाएं स्टेम कोशिका अनुसंधान को हरी झंडी-बीबीसी हिन्दी पर स्टेम कोशिका अनुसंधान पर विधेयक जल्द स्टेम कोशिका से प्रयोगशाला में बना ट्रेकिया प्रत्यारोपितसितंबर 2021 InternetArchiveBot कान्स समारोह में स्टेम कोशिका शोध आधारित फिल्म https://web.archive.org/web/20080416181221/http://www.robotstxt.org/ 16 अप्रैल 2008 एक नवजात की गर्भनाल से ली गई स्टेम कोशिका स्टेम सेल दृष्टि पुनर्स्थापित करने के लिए- वीडियो देखें श्रेणी:जैव प्रौद्योगिकी श्रेणी:अनुवांशिकी श्रेणी:मानव जीनोम परियोजना श्रेणी:कोशिका जीवविज्ञान श्रेणी:विकासशील जीवविज्ञान श्रेणी:क्लोनन