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स्कार्न
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स्कार्न, जिसे टैक्टाइट भी कहा जाता है, एक मोटे दाने वाली रूपांतरित चट्टान है। इसका निर्माण मुख्य रूप से तब होता है जब भूगर्भिक मैग्मा या जल-तापीय (हाइड्रोथर्मल) तरल पदार्थ कार्बोनेट युक्त चट्टानों के संपर्क में आते हैं, जिससे रासायनिक प्रतिस्थापन (मेटासोमैटिज़्म) की प्रक्रिया होती है।Einaudi, M. T.; Meinert, L. D.; Newberry, R. J. (1981). "Skarn Deposits". Seventy-Fifth Anniversary Volume, Society of Economic Geologists. doi:10.5382/av75.11. स्कार्न चट्टानें कैल्शियम, मैग्नीशियम, लोहा, मैंगनीज और एल्यूमीनियम के सिलिकेट खनिजों से समृद्ध होती हैं, जिन्हें 'कैल्क-सिलिकेट खनिज' भी कहा जाता है।Einaudi, Marco T.; Burt, Donald M. (1982). "Introduction; terminology, classification, and composition of skarn deposits". Economic Geology, 77(4), 745–754. यदि किसी स्कार्न चट्टान में खनिजों या अयस्कों की इतनी प्रचुरता हो कि उसका वाणिज्यिक खनन लाभप्रद हो, तो उसे 'स्कार्न निक्षेप' कहा जाता है।
नाम की उत्पत्ति
'स्कार्न' मूल रूप से एक पुराना स्वीडिश खनन शब्द है। प्राचीन काल में स्वीडन के पर्सबर्ग खनन जिले में, लौह-अयस्क और सल्फाइड निक्षेपों के साथ पाई जाने वाली बेकार सिलिकेट चट्टानों (गैंग) को खनिकों द्वारा 'स्कार्न' कहा जाता था।Burt, Donald M. (1977). "Mineralogy and petrology of skarn deposits". Societa Italiana Mineralogia Petrolgia Rendiconti, 33(2), 859–873.
शैलविज्ञान और खनिज संरचना
स्कार्न का निर्माण मुख्य रूप से दो आसन्न चट्टानी परतों के बीच रासायनिक विनिमय के माध्यम से होता है। यह शेल, ग्रेनाइट या बेसाल्ट जैसी किसी भी चट्टान में बन सकता है, लेकिन इसके अधिकांश भंडार चूना-पत्थर और डोलोमाइट वाली कार्बोनेट चट्टानों में पाए जाते हैं।Meinert, L.D. (1992). "Skarns and Skarn Deposits". Geoscience Canada, 19(4), 145-162.
स्कार्न की खनिज संरचना में मुख्य रूप से गार्नेट और पायरॉक्सीन का प्रभुत्व होता है। इसके अलावा इसमें आइडोक्रेज, वोलास्टोनाइट, एक्टिनोलाइट, मैग्नेटाइट, हेमेटाइट और एपिडोट भी पाए जाते हैं। चूंकि स्कार्न का निर्माण सिलिका और असंगत तत्वों से भरपूर जलीय तरल पदार्थों से होता है, इसलिए इसमें कई दुर्लभ खनिज भी पाए जाते हैं, जैसे: टूमलाइन, पुखराज, बेरिल, कोरंडम, फ्लोराइट, एपेटाइट, बेराइट और टैंटलाइट।"Hydrothermal and Skarn Deposits". www.geol-amu.org (2018).
भूवैज्ञानिक वर्गीकरण
स्कार्न को उसके निर्माण के आधार पर कई श्रेणियों में बांटा जाता है:
एक्सोस्कार्न: यदि मूल चट्टान (प्रोटोलिथ) अवसादी प्रकृति की हो, तो बनने वाले स्कार्न को एक्सोस्कार्न कहा जाता है। यह सबसे आम प्रकार है और घुसपैठ करने वाले मैग्मा के बाहरी हिस्से में बनता है।
एंडोस्कार्न : यदि मूल चट्टान आग्नेय प्रकृति की हो, तो इसे एंडोस्कार्न कहा जाता है। यह मैग्मा कक्ष के भीतर दरारों और जोड़ों में बनता है।
मैग्नेशियन स्कार्न: यदि मूल चट्टान डोलोमाइट हो, तो बनने वाले स्कार्न में ओलिविन, सर्पेन्टाइन, और स्पिनेल खनिजों की प्रचुरता होती है।
कैल्सीक स्कार्न: यह चूना-पत्थर के प्रतिस्थापन से बनता है और इसमें गार्नेट, पायरॉक्सीन और वोलास्टोनाइट खनिजों की प्रधानता होती है।Ray, G.E., and Webster, I.C.L. (1991). "An Overview of Skarn Deposits". Ore Deposits, Tectonics and Metallogeny in the Canadian Cordillera.
एक 'स्कार्नॉयड' बारीक दाने वाली चट्टान होती है, जो 'हॉर्नफेल्स' और मोटे दाने वाले स्कार्न के बीच की मध्यवर्ती भूवैज्ञानिक अवस्था का प्रतिनिधित्व करती है।Zharikov, V. A. (1970). "Skarns (Part I)". International Geology Review, 12(5), 541–559.
निर्माण प्रक्रिया
अधिकांश विशाल स्कार्न निक्षेप दो चरणों में बनते हैं।
प्रारंभिक रूपांतरण: मैग्मा के संपर्क में आने से आस-पास की चट्टानों का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे क्षेत्रीय या संपर्क रूपांतरण होता है। इसके परिणामस्वरूप हॉर्नफेल्स और स्कार्नॉयड का निर्माण होता है।
मेटासोमैटिज़्म: जब मैग्मा ठंडा होने लगता है, तो उसमें से खनिज-युक्त जलीय तरल पदार्थ बाहर निकलते हैं। ये तरल पदार्थ (जो मैग्मैटिक, समुद्री या उल्कापिंडीय हो सकते हैं) कार्बोनेट चट्टानों के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं (उबाल प्रक्रिया), जिससे मूल्यवान धातुओं वाले मोटे दाने के स्कार्न निक्षेप बनते हैं।Whitley, Sean et al. (2020). "Magmatic and Metasomatic Effects of Magma–Carbonate Interaction". Journal of Petrology, 61(4).
प्रमुख अयस्क निक्षेप और खदानें
स्कार्न निक्षेप वैश्विक स्तर पर मूल्यवान धातुओं के सबसे बड़े स्रोत हैं। इनसे मुख्य रूप से तांबा (Cu), टंगस्टन (W), लोहा (Fe), टिन (Sn), मोलिब्डेनम (Mo), जस्ता-सीसा (Zn-Pb) और सोना (Au) प्राप्त किया जाता है। इसके अतिरिक्त, कुछ निक्षेपों से यूरेनियम, चांदी, बोरॉन और दुर्लभ-पृथ्वी तत्व भी निकाले जाते हैं।Hammarstrom, J.M. et al. (1995). "Cu, Au, and Zn-Pb Skarn Deposits, Chapter 12". United States Geological Survey.
विश्व की कुछ प्रमुख और ऐतिहासिक स्कार्न खदानें निम्नलिखित हैं:
लौह स्कार्न: दशकेसन खदान, अज़रबैजान
तांबा स्कार्न: बिंघम कैन्यन खदान, यूटा, अमेरिका
टंगस्टन स्कार्न: सेंगडोंग खदान, दक्षिण कोरिया
स्वर्ण स्कार्न: हेडली मैस्कॉट खदान, ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा
जस्ता-सीसा स्कार्न: सांता यूलालिआ, चिहुआहुआ, मैक्सिको
मोलिब्डेनम स्कार्न: यांगचियाचांगत्ज़े खदान, चीन
इन्हें भी देखें
आग्नेय चट्टान
खनिजों की सूची
भूविज्ञान
सन्दर्भ
श्रेणी:भूविज्ञान