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कर्नाटक का राज्य चिह्न
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thumb|कर्नाटक का राज्य चिह्न
कर्नाटक का राज्य चिह्न भारत के कर्नाटक राज्य में आधिकारिक रूप से प्रयुक्त होने वाला एक प्रतीक/चिह्न है। इसे विशेष तौर पर कर्नाटक के सरकारी मंत्रालय और कार्यालय में प्रयोग किया जाता है, साथ ही कर्नाटक सरकार द्वारा प्रकाशित किए गए सभी आधिकारिक पत्राचारों पर इसे देखा जा सकता है। यह प्रतीक भारत के मैसूर साम्राज्य के सैन्य प्रतीक से प्रेरित है।BhaKarnataka https://www.hubert-herald.nl/BhaKarnataka.htm www.hubert-herald.nl 30 जून 2023
विवरण
कर्नाटक के राज्य चिह्न के मध्य भाग में एक लाल ढाल बना हुआ है, जिस पर दो सिर वाला सफेद पक्षी गंडभेरुंड की आकृति बनी हुई है। ढाल की सीमा नीले रंग की बनी हुई है। प्रतीक/चिह्न के शिखा पर अशोक स्तम्भ को दर्शाया गया है, जिसे भारत सरकार के प्रतीक के रूप में भी उपयोग में लाया जाता है। अशोक स्तम्भ पर बने सिंह के ठीक नीचे एक नीले गोलाकार पट्टी पर अशोक चक्र बना हुआ है, जिसके बाईं ओर एक सरपट दौड़ते घोड़े का चित्र अंकित है। घोड़े के आगे धर्मचक्र की रूपरेखा दिखाई देती है। इसी प्रकार अशोक चक्र के दायीं ओर एक बैल का चित्र अंकित है, जिसके पीठ की कूबड़ निकली हुई है। बैल के पीछे भी धर्मचक्र की रूपरेखा दिखाई देती है। ढाल के दोनों तरफ लाल और पीले रंग का एक जीव बना हुआ है, जो आधा सिंह और आधा हाथी है। इसके शरीर का ढांचा कुछ-कुछ मानव के समान है। कर्नाटक के राज्य चिह्न का यह जीव एक पौराणिक चरित्र गजकेसरी है, जिसे पुराणों में एक शुभ, आनन्द दायक और ताकतवर जीव बताया गया है, जिसे अधिकार के संकेत के रूप में और मजबूत धार्मिकता को कायम रखने के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। यह दो बुद्धिमान और शक्तिशाली जीव शेर और हाथी का एक संकर रूप है। हिंदू ज्योतिष विज्ञान में भी गजकेसरी एक भाग्यशाली प्रारब्ध और ऊर्जा को संदर्भित करता है। ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति के ज्योतिष रेखा में गजकेसरी योग होता है, वह हिंदू मान्यता के अनुसार पूरी दुनिया पर विजय प्राप्त करता है। एक विजेता की सभी विशेषताएँ होने के कारण ही गजकेसरी को कई प्रतीकों/चिह्नों में देखा जा सकता है, जिनमें कर्नाटक का राज्य चिह्न भी शामिल है। कर्नाटक के राज्य चिह्न में गजकेसरी को हरे, पत्तेदार संरचना पर खड़ा दिखाया गया है। इस संरचना के ठीक नीचे देवनागरी लिपि में सत्यमेव जयते लिखा हुआ है, जो भारत देश का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है, जिसका अर्थ होता है- सत्य की ही जीत होती है।http://www.karunadu.gov.in/Pages/Default.aspx Government of Karnataka, India 2013-09-17 dead https://web.archive.org/web/20131005085933/http://karunadu.gov.in/Pages/Default.aspx 2013-10-05
इन्हें भी देखें
अशोक स्तम्भ
अशोक चक्र
सन्दर्भ
श्रेणी:चिन्ह
श्रेणी:प्रतीक