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411 समाचार
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फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान

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250px|फूलों की घाटी का एक दृश्य प्राकृतिक vii, x 335 एशिया-प्रशांत 1988 12वां 2005 http://whc.unesco.org/en/list/335 फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान एक फूलों की घाटी का नाम है, जिसे अंग्रेजी में Valley of Flowers कहते हैं। यह भारतवर्ष के उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में है। यह फूलों की घाटी विश्व संगठन, यूनेस्को द्वारा सन् 1982 में घोषित विश्व धरोहर स्थल नन्दा देवी अभयारण्य नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान का एक भाग है। हिमालय क्षेत्र पिंडर घाटी अथवा पिंडर वैली के नाम से भी जाना जाता है, भौगोलिक स्थिति यह उद्यान 87.50  किमी² क्षेत्र में फैला हुआ है। इतिहास किंवदंती है कि रामायण काल में हनुमान संजीवनी बूटी की खोज में इसी घाटी में पधारे थे। इस घाटी का पता सबसे पहले ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस स्मिथ (अंग्रेजी: Frank S Smith) और उनके साथी आर एल होल्डसवर्थ (अंग्रेजी: R.L.Holdsworth) ने लगाया था, जो संंयोग से 1931 में अपने कामेट पर्वत के अभियान से लौट रहे थे। इसकी बेइंतहा खूबसूरती से प्रभावित होकर स्मिथ 1937 में इस घाटी में वापस आये और, 1938 में "वैली ऑफ फ्लॉवर्स" नाम से एक किताब प्रकाशित करवायी।फूलों की घाटी https://web.archive.org/web/20100626054815/http://www.readers-cafe.net/uttaranchal/category/tourism/page/2/ 26 जून 2010 । रीडर्स कैफ़े-उत्तरांचल हिमाच्छादित पर्वतों से घिरा हुआ और फूलों की 500 से अधिक प्रजातियों से सजा हुआ यह क्षेत्र बागवानी विशेषज्ञों या फूल प्रेमियों के लिए एक विश्व प्रसिद्ध स्थल बन गया।पादप एवं पशु जगतजून 2020 InternetArchiveBot । चारधाम भ्रमण का बेहतर माैसम फूलों की घाटी भ्रमण के लिये जुलाई, अगस्त व सितंबर के महीनों को सर्वोत्तम माना जाता है। सितंबर में ब्रह्मकमल खिलते हैं। आवागमन फूलों की घाटी तक पहुँचने के लिए चमोली जिले का अन्तिम बस अड्डा गोविन्दघाट 275 किमी दूर है। जोशीमठ से गोविन्दघाट की दूरी 19 किमी है। यहाँ से प्रवेश स्थल की दूरी लगभग 13 किमी है जहाँ से पर्यटक 3 किमी लम्बी व आधा किमी चौड़ी फूलों की घाटी में घूम सकते हैं। पायी जाने वाली पुष्प प्रजातियॉं नवम्बर से मई माह के मध्य घाटी सामान्यतः हिमाच्छादित रहती है। जुलाई एवं अगस्त माह के दौरान एल्पाइन जड़ी की छाल की पंखुडियों में रंग छिपे रहते हैं। यहाँ सामान्यतः पाये जाने वाले फूलों के पौधों में एनीमोन, जर्मेनियम, मार्श, गेंदा, प्रिभुला, पोटेन्टिला, जिउम, तारक, लिलियम, हिमालयी नीला पोस्त, बछनाग, डेलफिनियम, रानुनकुलस, कोरिडालिस, इन्डुला, सौसुरिया, कम्पानुला, पेडिक्युलरिस, मोरिना, इम्पेटिनस, बिस्टोरटा, लिगुलारिया, अनाफलिस, सैक्सिफागा, लोबिलिया, थर्मोपसिस, ट्रौलियस, एक्युलेगिया, कोडोनोपसिस, डैक्टाइलोरहिज्म, साइप्रिपेडियम, स्ट्राबेरी एवं रोडोडियोड्रान इत्यादि प्रमुख हैं। विभिन्न पुष्प चित्र सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ की घाटी राष्ट्रीय उद्यानजून 2020 InternetArchiveBot Full information about valley of flowers Full information about valley of flowers Official UNESCO website entry Pictures, Food, Guide, Prices & Acomodation at the Valley of Flowers Image Gallery of Journey to Valley of Flowers GMVN Trek details श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय उद्यान श्रेणी:उत्तराखण्ड में पर्यटन श्रेणी:भारत के विश्व धरोहर स्थल श्रेणी:उत्तराखण्ड का भूगोल श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान, भारत श्रेणी:भारत के वन्य अभयारण्य