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411 समाचार
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ग्रेव्स रोग

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ग्रेव्स रोग विषाक्त विसरित घेंघा रोग, फ्लाजानी-बेसेडो-ग्रेव्स रोग Proptosis and lid retraction from Graves' Disease.jpg ग्रेव्स रोग में एक्सोफ्थाल्मोस और पलक रिट्रैक्शन का क्लासिक लक्षण। अंतःस्राविकी थायरॉइड का बढ़ना, चिड़चिड़ापन, मांसपेशियों में कमजोरी, नींद की समस्या, तेज़ दिल की धड़कन, वजन कम होना, गर्मी सहन न कर पाना, चिंता, हाथों या उंगलियों में कंपन, गर्म और नम त्वचा, पसीना बढ़ना, घेंघा, मासिक धर्म चक्र में परिवर्तन, आसानी से चोट लगना, स्तंभन दोष, कामेच्छा में कमी, बार-बार मल त्याग, उभरी हुई आंखें ( ग्रेव्स ऑप्थाल्मोपैथी ), पिंडली या पैर के ऊपरी हिस्से पर मोटी लाल त्वचा ( प्रीटिबिअल मायक्सेडेमा ) Graves' disease https://www.autoimmuneregistry.org/graves-disease 15 जून 2022 ऑटोइम्यून रजिस्ट्री इंक. 15 जून 2022 https://web.archive.org/web/20220615210042/https://www.autoimmuneregistry.org/graves-disease dead ग्रेव्स नेत्र रोग अज्ञात मेनकोनी एफ, मार्कोसी सी, मारिनो एम Diagnosis and classification of Graves disease ऑटोइम्युनिटी रिव्यूज़। 13 4–5 398–402 2014 24424182 10.1016/j.autrev.2014.01.013 पारिवारिक इतिहास, अन्य स्वप्रतिरक्षित रोग रक्त परीक्षण, रेडियोआयोडीन अवशोषण ब्रेंट जी.ए. Clinical practice. Grave disease https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_2008-06-12_358_24/page/2594 द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन 358 24 2594–605 जून 2008 18550875 10.1056/NEJMcp0801880 रेडियोआयोडीन थेरेपी, एंटीथायरॉइड और बीटा ब्लॉकर दवाएं, थायरॉइड सर्जरी 0.5% (पुरुष), 3% (महिलाएं) ग्रेव्स रोग, जिसे विषाक्त विसरित गण्डमाला अथवा बेसेडॉ रोग भी कहा जाता है, एक स्वप्रतिरक्षी विकार है,https://www.google.ae/books/edition/Child_Health_Nursing_%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2_%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5/-n7EEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B8+%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97&pg=PA491&printsec=frontcover बाल स्वास्थ्य नर्सिंग डॉ. मालती लोधी डॉ. रंजनी प्रेमा डॉ. मनीष कुमार डॉ. रोशन लाल कहार ठाकुर पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड 9789354803819 2022 जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भूलवश थायरॉइड ग्रंथि पर आक्रमण करने लगती है। इस असामान्य प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप थायरॉइड ग्रंथि अत्यधिक सक्रिय हो जाती है और आवश्यकता से अधिक थायरॉइड हार्मोन का निर्माण करने लगती है। यही कारण है कि ग्रेव्स रोग अतिगलग्रंथिता (हाइपरथाइरॉयडिज़्म) का सबसे सामान्य कारण माना जाता है। बर्च एचबी, कूपर डीएस Management of Graves Disease: A Review https://archive.org/details/sim_jama_2015-12-15_314_23/page/2544 जेएएमए 314 23 2544–54 December 2015 26670972 10.1001/jama.2015.16535 इस रोग में प्रायः थायरॉइड ग्रंथि का आकार भी बढ़ जाता है, जिससे गर्दन के अग्र भाग में सूजन या गण्डमाला दिखाई दे सकती है। अतिगलग्रंथिता के कारण शरीर की उपापचयी प्रक्रियाएँ अत्यधिक तीव्र हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप अनेक लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। इनमें चिड़चिड़ापन, मांसपेशियों की कमजोरी, नींद संबंधी समस्याएँ, हृदय गति का तेज़ होना, गर्मी सहन न कर पाना, बार-बार मल त्याग या अतिसार, तथा अनैच्छिक रूप से वजन कम होना प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, रोगियों में थकान, घबराहट, अत्यधिक पसीना आना और हाथों में कंपन जैसी शिकायतें भी देखी जा सकती हैं। ग्रेव्स रोग की एक विशिष्ट विशेषता इसका शरीर के अन्य ऊतकों, विशेषकर आँखों और त्वचा, पर प्रभाव डालना है। कुछ रोगियों में पिंडलियों की त्वचा मोटी और सूजी हुई हो जाती है, जिसे प्रीटिबियल मिक्सीडेमा कहा जाता है। वहीं, इस रोग से पीड़ित लगभग 25 से 30 प्रतिशत व्यक्तियों में नेत्र संबंधी जटिलताएँ विकसित हो सकती हैं। Graves Disease https://www.niddk.nih.gov/health-information/endocrine-diseases/graves-disease?dkrd=hispt0296 Niddk.nih.gov 2015-04-02 अगस्त 10, 2012 live https://web.archive.org/web/20150402223830/http://www.niddk.nih.gov/health-information/health-topics/endocrine/graves-disease/Pages/fact-sheet.aspx अप्रैल 2, 2015 इनमें सबसे प्रमुख ग्रेव्स नेत्ररोग (ग्रेव्स ऑप्थैल्मोपैथी) है, जिसके कारण आँखें उभरी हुई दिखाई दे सकती हैं, आँखों में सूखापन, लालिमा, जलन, दोहरी दृष्टि अथवा दृष्टि संबंधी अन्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। कुछ मामलों में ये नेत्र संबंधी परिवर्तन रोगी के जीवन की गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। सन्दर्भ श्रेणी:स्व-प्रतिरक्षित रोग