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वैरनकोड भगवती मंदिर
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Vairankode Bhagavathy Temple वैरनकोड भगवती मंदिर Vairankode (1).jpg Sree Vairankode Bhagavathi Temple भगवती वैरानकोड़े उत्सव वैरानकोड तिरूर मलप्पुरम केरल भारत 10.886727 75.976351 type:landmark_region:IN inline,title Location in वैरानकोड केरल वास्तुकला यह मंदिर 524वीं शताब्दी के आसपास बनकर तैयार हुआ था परंपरा के अनुसार, अज़्वानचेरी थम्प्रक्कल http://vairankodetemple.in/
केरल के मलप्पुरम जिले के थिरुनावाया के पास स्थित श्री वैरनकोड भगवती मंदिर राज्य के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित भद्रकाली मंदिरों में से एक है।
यह मंदिर लगभग 1500 वर्ष पुराना माना जाता है, जिसका निर्माण केरल के प्राचीन और प्रतिष्ठित शाही घराने के मुख्य सदस्य अज़्वानचेरी थम्प्रक्कल (Azhvanchery Thamprakkal) द्वारा करवाया गया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ स्थापित देवी भद्रकाली, प्रसिद्ध कोडुंगल्लूर भगवती की बहन हैं। लोककथा है कि देवी भरतप्पुझा नदी को पार करके अझवनचेरी मन (शाही निवास) पहुंची थीं, जिसके बाद उन्हें वैरनकोड गाँव में पूरी निष्ठा के साथ स्थापित किया गया। इस मंदिर से जुड़ी एक अत्यंत अनोखी और जीवंत परंपरा यह है कि जब भी अज़्वानचेरी थम्प्रक्कल मंदिर परिसर में आते हैं, तो यह माना जाता है कि देवी स्वयं उनके सम्मान में खड़ी हो जाती हैं। माता के इस अलौकिक सम्मान और मर्यादा को बनाए रखने के लिए, थम्प्रक्कल परिवार के मुख्य सदस्य आज भी मंदिर के गर्भगृह के भीतर प्रवेश नहीं करते हैं; वे बाहर से ही दर्शन करते हैं और मंदिर का सारा प्रशासनिक व धार्मिक कार्यभार उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, जिन्हें 'कोइमा' (Koima) कहा जाता है, संभालते हैं।https://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9348237 വലിയ തീയാട്ട്ഉത്സവം ഇന്ന് 2024-02-22 Newspaper en 2024-02-25 24 फ़रवरी 2024 https://web.archive.org/web/20240224124816/https://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9348237 deadhttps://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9334003 തീയാട്ടുത്സവത്തിന് വൈരങ്കോട് ഒരുങ്ങി 2024-02-17 Newspaper en 2024-02-25 23 फ़रवरी 2024 https://web.archive.org/web/20240223115225/https://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9334003 deadhttps://www.thehindu.com/news/cities/kozhikode/goa-cm-visits-malappuram-temples/article29493071.ece Goa CM visits Malappuram temples Reporter Staff 2019-09-23 The Hindu 2024-04-29 en-IN 0971-751X
मंदिर उत्सव
यह प्रसिद्ध वार्षिक उत्सव, जिसे वैरनकोड वेला या थियाट्टुल्सवम कहा जाता है, हर साल मलयालम महीने कुंभम (फरवरी) में माता भद्रकाली के सम्मान में मनाया जाता है। इस त्योहार का इतिहास क्षेत्र की कृषि संस्कृति और शाही परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। उत्सव की शुरुआत कुंभम महीने के पहले रविवार को शाही परिवार द्वारा नियुक्त 'कोइमा' (प्रतिनिधि) की विशेष अनुमति और आशीर्वाद के बाद 'मरम मुरी' (कटहल के पेड़ की लकड़ी काटने की रस्म) से होती है, जिसका उपयोग अंतिम दिन सुलगते अंगारों की आग तैयार करने के लिए किया जाता है। इस उत्सव के मुख्य आकर्षणों में तीसरे दिन चेरिया थियाट्टू (छोटा उत्सव) और छठे दिन वलिया थियाट्टू (बड़ा उत्सव) शामिल हैं, जिसमें आसपास के गांवों से पूथन, थिरा, कट्टालन और पुलीकली (बाघ नृत्य) जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की भव्य झांकियां निकलती हैं। इस त्योहार की ऐतिहासिक विशिष्टता यह है कि इसमें केरल के अन्य उत्सवों की तरह हाथियों का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि किसान अपनी मवेशियों की समृद्धि के लिए 'इरट्टा काला' (सजाए गए बैलों के विशाल पुतले) माता को समर्पित करते हैं। उत्सव का समापन आधी रात को होने वाले 'कनलाट्टम' (श्रद्धालुओं द्वारा धधकते अंगारों पर चलने की रस्म) और शानदार आतिशबाजी के साथ होता है, जिसे देखने हर साल विभिन्न जातियों और धर्मों के हजारों लोग यहाँ जुटते हैं।
इस उत्सव की अनूठी विशेषता यह है कि इसमें हाथियों का प्रयोग नहीं होता, बल्कि 'इरट्टा काला' (सजाए गए बैलों के पुतले), 'पुलीकली' (बाघ नृत्य), और 'कनलाट्टम' (धधकते अंगारों पर चलने की रस्म) मुख्य आकर्षण होते हैं। पारंपरिक केरल वास्तुकला में बने इस मंदिर में दर्शन का समय आमतौर पर सुबह 5:30 से 11:00 बजे और शाम 5:00 से 7:00 बजे तक रहता है।, तो निकटतम रेलवे स्टेशन तिरुर (10 किमी) और मुख्य मार्ग हिंदू मंदिर यात्रा के जरिए सड़क परिवहन आसानी से उपलब्ध है।https://vairankodetemple.in/about About - Sree Vairankode Bhagavathy Temple vairankodetemple.in 2024-04-19https://www.holyprasadam.com/temples/details/109 Holy Prasadam www.holyprasadam.com 2024-04-19https://www.keralatourism.org/1000festivals//index.php/preview/festival_info?fest_id=241 Festival Info Festival Information System www.keralatourism.org 2024-04-19 24 फ़रवरी 2024 https://web.archive.org/web/20240224124623/https://www.keralatourism.org/1000festivals//index.php/preview/festival_info?fest_id=241 deadhttps://welcomekeralaonline.com/religious-rituals/valiya-theeyattu-festival-vairankodu-bhagavathy-kshethram-malappuram-district Valiya Theeyattu Festival at Vairankodu Bhagavathy Kshethram, Malappuram District Welcome Kerala Online welcomekeralaonline.com en 2026-09-04https://keralakaumudi.com/en/india/general/god-has-no-caste-supreme-court-1442653 God has no caste: Supreme Court Daily Keralakaumudi Keralakaumudi Daily en 2026-09-04
त्यौहार
वार्षिक थेयट्टुलसवम या वैरनकोड वेला मलयालम महीने कुंभम (फरवरी) में मनाया जाता है।
परिवहन
निकटतम हवाई अड्डेः कालीकट (सी. सी. जे.) और कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
निकटतम नगरपालिकाः तिरूर
निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन तिरुन्नावाया रेलवे स्टेशन 4 किमी, तिरूर रेलवे स्टेशन 10 किमी, कुट्टीपुरम रेलवे स्टेशन 11 किमी
निकटतम बस स्टेशनः तिरूर 10 किमी, कुट्टीपुरम 11 किमी, पुथानथानी 10 किमी
यह भी देखें
वैरानकोड वेला
वैरानकोड
अज़वांचेरी थाम्प्रक्कल
थुनचथ्थु एझुथाचन
मेलपथुर नारायण भट्टथिरी
श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक