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हस्तशिल्प
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हस्तकला ऐसे कलात्मक कार्य को कहते हैं जो उपयोगी होने के साथ साथ सजाने के काम आता है तथा जिसे मुख्यतः हाथ से या सरल औजारों की सहायता से ही बनाया जाता है। ऐसी कलाओं का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व होता है। इसके विपरीत ऐसी चीजें हस्तशिल्प की श्रेणी में नहीं आती जो मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर बनाये जाते हैं।right|thumb|250px|हस्तशिल्प
right|thumb|250px|भारत के दिल्ली में हस्तकला की एक दुकान
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right|thumb|250px|बांस से हस्तनिर्मित सोफा सेट (कोलकाता)
thumb|हस्तशिल्प
भारतीय हस्तशिल्प
भारत हस्तशिल्प का सर्वोत्कृष्ट केन्द्र माना जाता है। यहाँ दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुएँ भी कोमल कलात्मक रूप में गढ़ी जाती हैं। यह हस्तशिल्प भारतीय हस्तशिल्पकारों की रचनात्मकता को नया रूप प्रदान करने लगे हैं। भारत का प्रत्येक क्षेत्र अपने विशिष्ट हस्तशिल्प पर गर्व करता है। उदाहरणार्थ— कश्मीर कढ़ाई वाली शालों, गलीचों, नामदार सिल्क तथा अखरोट की लकड़ी के बने उपस्कर (फर्नीचर) के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान बंधनी काम के वस्त्रों, कीमती हीरे-जवाहरात जरे आभूषणों, चमकते हुए नीले बर्त्तन और मीनाकारी के काम के लिए प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश के महेश्वर के खत्री, मोमिन,बलाई इत्यादि बुनकरों द्वारा बनाई जाने वाली महेश्वरी साड़ी।आंध्रप्रदेश अपने बीदरी के काम तथा पोचमपल्ली की सिल्क साड़ियों के लिए प्रख्यात है। तमिलनाडु ताम्र मूर्त्तियों एवं कांजीवरम साड़ियों के लिए जाना जाता है तो मैसूर रेशम और चंदन की लकड़ी की वस्तुओं के लिए तथा केरल हाथी दाँत की नक्काशी व शीशम की लकड़ी के उपस्कर के लिए प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश की चंदेरी और कोसा सिल्क, लखनऊ की चिकन, बनारस की ब्रोकेड़ और जरी वाली सिल्क साड़ियाँ तथा असम का बेंत का उपस्कर, बांकुरा का टेराकोटा तथा बंगाल का हाथ से बुना हुआ कपड़ा, भारत के विशिष्ट पारम्परिक सजावटी दस्तकारी के उदाहरण हैं। ये आधुनिक भारत की विरासत के भाग हैं। ये कलाएँ हजारों सालों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी पोषित होती रही हैं और हजारों हस्तशिल्पकारों को रोजगार प्रदान करती हैं। इस प्रकार देखा जा सकता है भारतीय शिल्पकार किस तरह अपने जादुई स्पर्श से एक बेजान धातु, लकड़ी या हाथी दाँत को कलाकृति में बदलकर भारतीय हस्तशिल्प को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अतुलनीय पहचान दिलाते हैं।
हस्तकला की शाखाओं की सूची
कुछ प्रमुख हस्तकलाओं की सूची निम्नवत है -
–संयोजन - तीन आयामों में कोलाज
बीएडवर्क
हड्डी पर नक्काशी भैंस, ऊंट, हाथी की हड्डी पर नक्काशी।
भैंस, गैंडे सींग नक्काशी
कैबिनेट बनाना
चिप नक्काशी (Chip carving)
कोलाज में संभवतः बीज, कपड़ा, कागज, फोटोग्राफ और/या पाई गई वस्तुएं शामिल हों (Collage)
क्रोशियाकारी (Crochet)
Embossed aluminum or silver
बागवानी
बुनाई (Knitting)
Lathart
Marquetry
धातुशिल्प (Metalwork)
Scale model
मोज़ेक (Mosaic)
Needlework
मृद्भाण्ड (Pottery) तथा सिरैमिक
Pressed flower craft — uses real flowers and leaves
कठपुतली कला (Puppetry)
Quilting - also reference Quilt and Art quilts
सिलाई
जूता निर्माण
Spinning
Stained glass
Wood burning
Wood carving
Woodturning
काष्ठकारी
List of handicraft manufacturers
इन्हें भी देखें
हस्तशिल्पकार (Artisan])
कला एवं शिल्प (Arts and crafts)
कमलादेवी चट्टोपाध्याय - जिन्होने भारत में हस्तशिल्प के पुनरुत्थान में महान भूमिका निभायी।
बाहरी कडियाँ
गुलामी को तोड़ती दस्तकारी
केंद्रीय कुटीर-उद्योग इम्पोरियम
भारत का हस्तशिल्प
कश्मीरी दस्तकारी
श्रेणी:कला
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