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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर

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अक्टूबर 2026 UID योजना, यूपीए सरकार की एक बहुत ही महत्वकांशी योजना है। इस योजना के लिए योजना आयोग के तहत UID अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) का गठन होगा। ये संगठन सुनिश्चित करेगा कि इसका फायदा किसी भी तरह से गैर-सामाजिक तत्व न उठा पाएं। UID योजना के तहत देश के हर नागरिक को एक अद्वितीय नंबर दिया जाएगा। सरकार देश के हर नागरिक को एक यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर देने की प्रक्रिया में जोर-शोर से जुट गई है। सरकार की योजना के मुताबिक 2011 तक सभी नागरिकों को यूनिक आइडेंटिफिकेशन संख्या जारी कर दी जाएगी। और इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने इन्फोसिस के को-चेयरमैन नंदन नीलेकणी को चुन भी लिया है। thumb|right|200px|नंदन नीलेकणी यानी इस नए संगठन के प्रमुख हैं नंदन नीलेकणी। नंदन अब इन्फोसिस के को-चेयरमैन नहीं बल्कि कैबिनेट मंत्री के रूप में जाने जाएंगे। प्रत्येक आवश्यकता के लिये केवल 'एक कार्ड' इसके माध्यम से देश की आन्तरिक सुरक्षा से जुड़ी चिन्ताओं के समाधान के अलावा वस्तुओं और सेवाओं के सार्वजनिक बँटवारे के लिये एक व्यवस्थित तन्त्र भी विकसित किया जा सकेगा। प्रारम्भ में UID नम्बर राष्ट्रीय जनसङ्ख्या रजिस्टर या मतदाता सूची के आधार पर आवण्टित किया जायेगा। व्यक्ति की पहचान पर जालसाजी की संभावना समाप्त करने के लिये इसमें छवि और बायोमेट्रिक आँकड़े जोड़े जायेंगे। साथ ही, लोगों के लाभ के लिये इसके आसान पंजीकरण और जानकारियों में बदलाव की प्रक्रिया को आसान बनाने के तरीकों पर भी विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित आइडेंटिटी कार्ड ऐसे स्मार्ट कार्ड होंगे जिनपर व्यक्ति की पूरी जानकारी मिलेगी। शख्स के उंगलुइयों के निशान और तस्वीर। ऐसा नहीं है कि ये यूनीक आइडेंटिटी कार्ड वयस्कों को ही मिलेंगे। बल्कि ये उन्हें भी दिए जाएंगे जो 18 साल से कम उम्र के हैं। इसका लक्ष्य विभिन्न सरकारी विभागों के बीच पहचान के लिए प्रचलित अलग-अलग व्यवस्थाओं को खत्म करना है। इन स्मार्ट कार्ड्स पर सरकार 6 अरब डॉलर की रकम खर्च करेगी। कहां चलेगा पायलट प्रोजेक्ट? सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए कर्नाटक को बतौर पायलट राज्य चुना है। नैशनल अथॉरिटी फॉर युनीक आइडेंटिटी (NAUI), ने राज्य सरकार से छोटे पैमाने पर इस योजना को लागू करने को कहा है। कर्नाटक में इस योजना की जिम्मेदारी ई-गवर्नेस डिपार्टमेंट के हाथों में होगी। डिपार्टमेंट शहरी और ग्रामीण जिलों की पहचान कर डाटाबेस इकट्ठा करेगा और इसकी अनुकूलता को आंकेगा। तीन साल में पूरी होगी योजना इस योजना को पूरा होने में काफी समय लगेगा। कारण है जन्म, मौतें, शादियों, पासपोर्ट डाटा, बैंक अकाउंट और राशन आँकड़ो को एक डाटाबेस में डालना। और फिर, ऐसा करने से अलग-अलग कार्यालयों के लिए भी सहुलियत होगी। अपने खातों का अद्यतनीकरण करने के लिए सीधे केंद्रीय डाटाबेस का अन्वेषण कर सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना को पूरा होने में 3 साल का समय लग जाएगा। बाहरी कड़ियाँ UID को मिला नए नाम का 'आधार' और लोगो (इकनॉमिक टाइम्स) यूआईडी को मिला 'आधार'जून 2020 InternetArchiveBot (बिजनेस स्टैण्डर्ड) यूनिक पहचान पत्र : एक साल में बढ़े कुछ कदम (बिजनेस स्टैण्डर्ड) UIDnumber.org - For promoting UID India to launch 'ID card' scheme Govt downloads Infosys Nilekani, he says first unique ID card within 2 years What Nilekani will log on to in the ID project श्रेणी:भारत सरकार श्रेणी:पहचान दस्तावेज