Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

इलियोप्सोआस

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|कूल्हे और जांघ के अग्र भाग की मांसपेशियां। इलियोप्सोआस मांसपेशी मानव शरीर की एक महत्त्वपूर्ण और शक्तिशाली मांसपेशीय संरचना है, जो प्सोआस मेजर तथा इलियाकस मांसपेशियों के संयुक्त रूप से निर्मित होती है। इसका नाम लैटिन शब्द इल अर्थात् “जंघा-मूल” तथा प्राचीन यूनानी शब्द प्सोआ अर्थात् “कमर की मांसपेशी” से व्युत्पन्न माना जाता है। यद्यपि ये दोनों मांसपेशियाँ उदर क्षेत्र में अलग-अलग स्थित रहती हैं, किंतु जाँघ के समीप पहुँचकर सामान्यतः एकीकृत हो जाती हैं और सामूहिक रूप से “इलियोप्सोआस” कहलाती हैं। यह मांसपेशी फीमर अर्थात् जांघ की अस्थि से उसके “लेसर ट्रोकैन्टर” नामक भाग पर जुड़ी होती है। शरीर की गतिशीलता में इसकी अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि यह कूल्हे को मोड़ने वाली सबसे शक्तिशाली मांसपेशी मानी जाती है। चलने, दौड़ने, बैठने से उठने तथा पैरों को ऊपर उठाने जैसी अनेक दैनिक क्रियाओं में इलियोप्सोआस मांसपेशी सक्रिय रूप से कार्य करती है। तंत्रिका आपूर्ति की दृष्टि से प्सोआस भाग को कटि क्षेत्र की मेरुदण्डीय तंत्रिकाओं एल–1 से एल–3 तक से संकेत प्राप्त होते हैं, जबकि इलियाकस भाग को फीमोरल तंत्रिका नियंत्रित करती है। यही तंत्रिकीय समन्वय इस मांसपेशी को शरीर की गति और संतुलन बनाए रखने में सक्षम बनाता है। संरचना इलियोप्सोआस मांसपेशी एक संयुक्त अथवा मिश्रित मांसपेशीय संरचना है, जो मुख्यतः प्सोआस मेजर और इलियाकस मांसपेशियों से मिलकर बनती है। प्सोआस मेजर मांसपेशी वक्षीय कशेरुका टी–12 तथा कटि कशेरुकाओं एल–1 से एल–3 और उनसे संबंधित अंतःकशेरुकी चक्रों की बाहरी सतहों से उत्पन्न होती है।स्मिथ हॉवर्ड एस. Chapter 5 - Physical Examination of the Patient with Pain 2009-01-01 https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/B9780323040198000056 दर्द प्रबंधन रहस्य (तीसरा संस्करण) 32–41 आर्गॉफ चार्ल्स ई. फिलाडेल्फिया मोस्बी en 10.1016/b978-0-323-04019-8.00005-6 978-0-323-04019-8 2021-03-08 डबिन एंड्रयू मैक्लीन गैरी subscription दूसरी ओर, इलियाकस मांसपेशी श्रोणि प्रदेश में स्थित इलियाक फोसा से प्रारम्भ होती है। ये दोनों मांसपेशियाँ इंगुइनल लिगामेंट के स्तर पर एक-दूसरे से मिलकर इलियोप्सोआस संरचना का निर्माण करती हैं। इसके पश्चात यह मांसपेशी कूल्हे के जोड़ को पार करते हुए ऊर्विका की “लेसर ट्रोकैन्टर” नामक अस्थीय उभार पर जाकर जुड़ती है। अपनी स्थिति और कार्य के कारण इलियोप्सोआस को सामान्यतः “अग्र कूल्हा मांसपेशी” अथवा “आंतरिक कूल्हा मांसपेशी” की श्रेणी में रखा जाता है। Thieme Atlas of Anatomy थीमे मेडिकल पब्लिशर्स 3131421010 2006 422–423 कुछ व्यक्तियों में इलियोप्सोआस माइनर नामक एक अतिरिक्त छोटी मांसपेशी भी इस संरचना में योगदान करती है। इंगुइनल लिगामेंट के नीचे स्थित इसका निचला भाग फीमोरल त्रिभुज के तल का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनाता है। यही क्षेत्र जांघ की प्रमुख रक्तवाहिनियों, तंत्रिकाओं और अन्य संरचनाओं के लिए एक महत्त्वपूर्ण मार्ग प्रदान करता है, जिससे इलियोप्सोआस मांसपेशी का शरीर की संरचनात्मक तथा क्रियात्मक व्यवस्था में विशेष स्थान सिद्ध होता है। सन्दर्भ