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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

भद्रवर्मन प्रथम

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भद्रवर्मन अथवा फाम होदात चम्पा राज्य का एक शासक थे। जिन्होंने 380 ईसा से 413 ईसा तक शासन किया थे।http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-sundaymagazine/across-space-and-time/article661423.ece संग्रहीत प्रति https://web.archive.org/web/20160303045151/http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-sundaymagazine/across-space-and-time/article661423.ece 3 मार्च 2016 16 फ़रवरी 2016 livehttps://books.google.com/books?id=OswUZtL1_CUC Vakataka - Gupta Age Circa 200-550 A.D. मजुमदार रमेश चन्द्र अल्टेकर अनन्त सदाशिव मोतीलाल बनारसीदास 1986 978-81-208-0026-7 रमेशचन्द्र मजुमदार अनंत सदाशिव अल्तेकर भद्रवर्मन फान फो के पोत्र थे।Higham, C., 2014, Early Mainland Southeast Asia, Bangkok: River Books Co., Ltd., 9786167339443324सन् 380 ईस्वी में भद्रवर्मन ने आधिकारिक रूप से शासन आरम्भ किया और उन्होंने अपना नाम धर्ममहाराज श्री भद्रवर्मन प्रथम रखा।Maspero, G., 2002, The Champa Kingdom, Bangkok: White Lotus Co., Ltd., 974753499129–30,148–149 वो चम्पा के पहले राजा थे जिन्होंने अपने नाम के आगे वर्मन लगाया। नाम के साथ वर्मनजोड़ना पल्लव वंश के राजाओं में बहुत सामाय था जो कम्बोडिया से आया था।http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-sundaymagazine/Across-space-and-time/article15941294.ece Across space and time 29 March 2009 The Hindu 7 May 2018 www.thehindu.com इसी वर्ष उन्होंने राजधानी को क्वैंग नैम प्रान्त के सिंहपुर में स्थानान्तरित कर लिया। उन्होंने मी सान और त्रा कीव में मंदिर और महल बनाये जिनका मुख्य द्वार उत्तर की तरफ था।The Indianized States of Southeast Asia कोडेस जॉर्ज हवाई विश्वविद्यालय प्रेस trans.Susan Brown Cowing 1968 978-0-8248-0368-1 Walter F. Vella48 गौरतलब है कि भद्रवर्मन एक प्रसिद्ध विद्वान थे, जो चारों वेदों के अच्छे जानकार थे और संस्कृत में कई शिलालेखों के लेखक थे। उन्होंने भारत से विद्वान ब्राह्मणों को अपने राज्य में बसने के लिए आमंत्रित किया। सन् 399 में भद्रवर्मन उत्तर में सैन्य अभियान पर निकले और वियतनाम के रिनन एवं जिउझेन (vi Cửu Chân) प्रान्तों पर अधिपत्य स्थापित किया। उन्होंने अपने मंदिर निर्माण के अभियान को भी जारी रखा और उत्तर में समुद्र तट पर चाम टावर्स निर्मित किये। सन् 405 से 413 तक वो लगातार चीनी गर्वनर डु ज़ुई से लड़ते रहे। हालांकि उनके अंतिम टकराव में, गर्वनर से पराजित होने के बाद भद्रवर्मन बिना किसी निशान के गायब हो गया।https://books.google.com/books?id=Jskyi00bspcC A History of Vietnam: From Hong Bang to Tu Duc Chapuis Oscar 1 January 1995 Greenwood Press 978-0-313-29622-2 सन् 413 में उनके दो पुत्र चेन चेन एव्ं ना नेंग मारे गये जबकि अन्य पुत्र टी काई अपने माँ के पास भाग गया। भद्रवर्मन का पुत्र टी चेन, गंगराज ने सिंहासन को त्याग दिया और भारत में आ गये। इसके बाद राज्य में गृह युद्ध छिड़ गया।30,149 सन्दर्भ श्रेणी:चम्पा